मंगलवार, 19 मई 2020

बढ़ते कोरोना सक्रमण के चलते दिए अधिकार अब उपखण्ड मजिस्ट्रेट जारी करेंगे कर्फ्यु


बाड़मेर, 19 मई। जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट को अपने-अपने क्षेत्र में जीरो मॉबिलिटी (कर्फ्युु) की निषेधाज्ञा जारी करने हेतु अधिकृत किया गया है।
    जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद में निरन्तर वृद्धि हो रही है। उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर उस जगह के आस-पास तत्काल जीरो मॉबिलिटी की निषेधाज्ञा जारी किया जाना अति आवश्यक है। जिला मजिस्ट्रेट ने जिले के समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है कि वे अपने उपखण्ड क्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर प्रभावित क्षेत्र के कम से कम क्षेत्र में प्रोटोकॉल अनुसार जीरो मॉबिलिटी की निषेधाज्ञा जारी करेंगे।
     जिला कलेक्टर ने बताया कि इस निर्णय के कारण उपखंड मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का मामला संज्ञान में आते ही तुरंत कार्यवाही करते हुए संबंधित क्षेत्र में कर्फ्यु लगा कर पूरे क्षेत्र को सील कर सकेंगे, इससे पॉजिटिव मरीज की कांटेक्ट ट्रेसिंग के जरिए संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकेगा
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सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख की आर्थिक सहायता


बाडमेर, 19 मई। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने तथा उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मृतकों के परिवार जनों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विश्राम मीणा ने बताया कि सिणधरी तहसील क्षेत्र में सारणों का तला होडू निवासी स्व. पूनमाराम पुत्र उमाराम जाट, सिणधरी चौसीरा निवासी स्व. हवादेवी पत्नी मांगाराम भील, सिणधरी चौसीरा निवासी स्व. थानाराम पुत्र मांगाराम भील तथा पचपदरा तहसील क्षेत्र में वार्ड संख्या 1 बालोतरा निवासी स्व. विकास गौड पुत्र मोहनलाल गौड की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो होने के कारण उनके परिवार जनों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
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अनुसूचित जाति तथा जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता स्वीकृत


बाडमेर, 19 मई। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधित अधिनियम के अन्तर्गत दर्ज प्रकरणों में अनुसूचित जाति, जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा ने बताया कि बाडमेर ग्रामीण पुलिस थाना में दर्ज मु.नं. 40/2013 अन्तर्गत धारा 147, 148, 341, 323, 324, 307, 149 भादस एवं 3(1)(10), 3(2)(5)एससीएसटी एक्ट में परिवादी चुतराराम पुत्र विंजाराम भील निवासी सुरा जागीर को 1,20,000 रूपये तथा पुलिस थाना कोतवाली बाडमेर में दर्ज अन्तर्गत धारा 341, 323, 327 भादस एवं 3(1) (10), 3(2)(5) एसएसटी एक्ट में परिवादी फरसाराम पुत्र चन्दनाराम भील निवासी सणाऊ को 1,20,000 रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। उक्त दोनों प्रकरणों में प्रत्येक पीडित व्यक्ति को स्वीकृत राशि का सम्पूर्ण भुगतान एक मुश्त किया जाएगा।
इसी प्रकार शिव पुलिस थाना में दर्ज मु.नं0 107/2013 अन्तर्गत धारा 447, 427, 341, 323, 354 भादस एवं 3 (1) (10) (11) एससीएसटी एक्ट में परिवादी पांचाराम पुत्र शेराराम मेघवाल निवासी जसे का गांव को रूपये 60,000 रूपये सहायता राशि स्वीकृत की गई है जिसमें से आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत होने पर 25 प्रतिशत राशि 15000 रूपये का भुगतान तत्काल किया जाएगा तथा शेष 75 प्रतिशत राशि न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोषसिद्ध किए जाने पर किया जाएगा। पुलिस थाना शिव में दर्ज मु.नं0 208/2014 धारा 302, 323 भादस एवं 3(1)(10)(11) एससीएसटी एक्ट में परिवादीनी श्रीमती मेमोदेवी पत्नी स्व. मंगलाराम भील निवासी आकली को 7,50,000 रूपये सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के कारण 75 प्रतिशत राशि 5,62,500 का भुगतान तत्काल एवं शेष 25 प्रतिशत राशि दोषसिद्धी पश्चात् संदाय किया जाएगा।
उन्होने बताया कि धोरीमना पुलिस थाना में दर्ज मु.नं. 214/2014 अन्तर्गत धारा 323, 427 भादस एवं 3 (1)(10)एससीएसटी एक्ट में परिवादी कुम्भाराम पुत्र देवाराम जटिया निवासी मैन बाजार धोरीमना को 90000 रूपये सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धी जारी की जा चुकी है जिस कारण सम्पूर्ण भुगतान एक मुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार समदडी पुलिस थाना में दर्ज मु0नं0 73/2016 अन्तर्गत धारा 147, 148, 149, 458, 323, 457, 380भादस एवं 3(1)(10)3(2)(5) एससीएसटी एक्ट में परिवादी भंवरलाल पुत्र दानाराम जटिया निवासी समदडी को 400000 रूपये सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि एफआईआर दर्ज होने पर, 50 प्रतिशत राशि आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत होने पर एवं शेष 25 प्रतिशत राशि अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किये जाने पर संदाय होगा। पुलिस थाना रामसर में दर्ज मु.नं. 114/2016 में परिवादी प्रहलादराम पुत्र नखतुराम मेघवाल निवासी गिराब को 4,00,000 रूपये की संशोधित सहायता राशि स्वीकृत की गई है जिसमे से 25 प्रतिशत राशि एफआईआर दर्ज होने पर, 50 प्रतिशत राशि आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत होने पर एवं शेष 25 प्रतिशत राशि दोषसिद्धी पश्चात् संदाय की जाएगी। उन्होने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है कि उपर्युक्त समस्त प्रकरणों में राशि का दोहरा भुगतान न हो।
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सोमवार, 18 मई 2020

जिले में फसल रहन ऋण का होगा वितरण

रहन ऋण के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों को किया अधिकृत
किसानों को 3 फीसदी ब्याज पर रहन ऋण मिलेगा


बाड़मेर, 18 मई। सहकारिता मंत्री, श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में किसानों को कम दामों पर फसल नही बेचनी पडे, इसके लिए उपज रहन ऋण को 3 प्रतिशत ब्याज दर पर देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के फैसले को अमलीजामा देते हुए एक जून को सभी जिलों में किसानों को एक साथ फसल रहन ऋण वितरण का शुभारंभ किया जाएगा।
आंजना ने कहा कि प्रतिवर्ष कृषक कल्याण कोष से 50 करोड रूपये का अनुदान इस योजना के लिए किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना में 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त किसानों को 1.50 लाख रूपये तथा बड़े किसानों को 3 लाख रूपये रहन ऋण के रूप में मिलेंगे।
किसान को अपनी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा। बाजार में अच्छे भाव आने पर किसान अपनी फसल को बेच सकेगा। इस योजना से किसान की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताएं पूरी होगी।
प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री नरेश पाल गंगवार ने सोमवार को वीडियों कान्फ्रेंसिंग के दौरान जिले में पदस्थ अधिकारियों एवं व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता मंत्री राज्य में सहकारिता के ढांचे को सार्थक एवं उपादेय बनाना चाहते है। मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना में अनुदान देने से किसानों का सीध जुडाव अब सहकारी समितियों से और मजबूत होगा और उनकी मदद भी बेहतर होगी।
श्री गंगवार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रतिवर्ष 2 हजार करोड़ रूपये रहन ऋण के रूप में किसानों की मदद की जाए। यह देश की एक यूनिक योजना है। जिसे मूर्त रूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लगे कार्मिकों के लिए भी प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। अभी इस कार्य के लिए 4 हजार जीएसएस को अधिकृत किया गया है आने वाले समय में अन्य जीएसएस को भी इस कार्य में जोड़ा जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि असक्रिय गौण मंडियों को भी शीघ्र सक्रिय किया जाए। जीएसएस एवं केवीएसएस घोषित 400 गौण मंडियां कार्य कर रही है। इन्हें लगातार सक्रिय कर स्थायित्व प्रदान करे।
प्रबंध निदेशक, राजफैड़ श्रीमती सुषमा अरोड़ा ने कहा कि सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर 2 लाख 8 हजार से अधिक मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। अधिकतर खरीद केन्द्र सक्रिय है। उन्होंने कहा कि जहां कही भी तकनीकी समस्या है हमें तुरन्त अवगत करायें ताकि किसानों को परेशानी का सामना नही करना पड़े। उन्होंने कहा कि 52 हजार 921 किसानों को 4.91 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि ईडब्लयूआर शीघ्र भिजवायें ताकि किसानों को 3 से 4 दिवस में भुगतान हो सके।
इससे पहले अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम श्रीमती रश्मि गुप्ता ने वीसी के एजेंडा की शुरूआत कर बिन्दुवार चर्चा की। मार्केटिंग बोर्ड के निदेशक श्री ताराचंद मीणा ने कहा कि मंडी सचिव गौण मंडी से लेकर किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल जीएसएस एवं केवीएसएस की मदद करे।
  प्रबंध निदेशक अपेक्स बैंक श्री परशुराम मीणा ने कहा कि 7 लाख 82 हजार से अधिक किसानों को 2 हजार 377 करोड़ रूपये से अधिक का फसली ऋण वितरित हो चुका है। उन्होंने कम फसली ऋण वितरण वाले जिलों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह में ऋण वितरण में गति लाए अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहे। अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय श्री जी.एल. स्वामी एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार बैंकिग श्री भोमाराम ने भी संबंधित बिन्दुओं पर चर्चा की।
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कोरोना महामारी के बीच टिड्डी प्रकोप बड़ी चुनौती, बेहतर समन्वय के साथ करें प्रभावी नियंत्रण

कृषि मंत्री ने टिड्डी नियंत्रण की समीक्षा की
बाडमेर, 18 मई। कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कोरोना महामारी के बीच टिड्डी प्रकोप को बड़ी चुनौती बताते हुए विभागीय अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय एवं किसानों के सहयोग से प्रभावी नियंत्रण करने के निर्देश दिए। श्री कटारिया सोमवार को यहां निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ टिड्डी नियंत्रण, खरीफ आदान व्यवस्था एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा कर रहे थे।
कृषि मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन ने इस साल व्यापक पैमाने पर टिड्डी प्रकोप की आशंका जताते हुए गत वर्ष की तुलना में दो से तीन गुना अधिक प्रभाव की चेतावनी दी है। इस साल पिछले वर्ष प्रभावित हुए 12 जिलों के अलावा अन्य जिलों में भी टिड्डी के पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले साल बहुत ही बढ़िया तरीके से टिड्डी पर नियंत्रण किया था, लेकिन इस साल और ज्यादा प्रभावी सर्वेक्षण एवं नियंत्रण प्रणाली अपनाने की आवश्यकता होगी।
श्री कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र के साथ पूरा समन्वय स्थापित कर टिड्डी नियंत्रण के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर रही है। उन्होंने जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। अधिकारी मौके पर पर्याप्त कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित करें। व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर सांसद तक सभी जनप्रतिनिधियों को जोड़ें, ताकि समय पर टिड्डी की तुरंत सूचना मिल सकें और प्रभावी नियंत्रण किया सके। उन्होंने किसानों का पूरा सक्रिय सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि टिड्डी प्रभावित जिलों में रिक्त पदों पर अन्य जिलों से कार्मिक नियुक्त किए गए हैं और शीघ्र ही नई भर्ती से चयनित सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षकों को नियुक्ति दी जाएगी जिसके कार्मिकों की कोई कमी नहीं रहेगी। कृषि मंत्री ने अच्छी बरसात होने की भविष्यवाणी को विभाग और किसानों के लिए खुश खबरी बताते हुए काश्तकारों के लिए समय पर बीज एवं खाद की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
फसल बीमा ऋणी किसानों के लिए भी वैकल्पिकश्री कटारिया ने बताया कि इस वर्ष से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऋणी किसानों के लिए भी वैकल्पिक कर दी है। ऋणी किसान यदि स्वयं को बीमा से अलग रखना चाहता है तो उसे आगामी 8 जुलाई तक संबंधित बैंक शाखा को सूचित करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने रबी फसल कटाई प्रयोग के आंकड़े जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि नुकसान का आंकलन किया जा सके। उन्होंने तकनीकी वजह से पुराने सालों के अटके कुछ क्लेम भी शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए।
सभी जिले बनाएं कंटीनजेंसी प्लान, ड्रोन से भी होगा कीटनाशक छिड़कावप्रमुख शासन सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने बताया कि गत वर्ष 12 जिले टिड्डी से प्रभावित हुए थे, वहां के लिए काफी पहले ही कंटीनजेंसी प्लान तैयार कर लिया है। इस साल नए जिले जुड़ने की आशंका के कारण शेष जिले भी जिला कलक्टर से कंटीनजेंसी प्लान स्वीकृत कराकर मुख्यालय भिजवाएं। उन्होंने सोयाबीन बीज का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि टिड्डी नियंत्रण के लिए जहां गाड़ियां पहुंचने में मुश्किल होती है वहां ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।  
टिड्डी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की प्रभावी योजनाकृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इस वर्ष पहली बार 11 अप्रेल को राज्य में टिड्डी दलों का प्रवेश हुआ था और अब तक जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, सिरोही एवं भीलवाड़ा जिलों में लगभग 37 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी का प्रभाव रहा है। यहां प्रभावी ढंग से नियंत्रण कर भविष्य के लिए राज्य सरकार की ओर से योजनाबद्ध ढंग से प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डियों के नियंत्रण एवं सर्वेक्षण के लिए 70 बोलेरो, 45 बोलेरो केम्पर यूटिलिटी वाहन, 600 ट्रेक्टर माउंटेड स्प्रेयर मय ट्रेक्टर एवं 3 हजार 200 ट्रेक्टर मय पानी के टैंकरों के उपयोग की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वाहनों का किराये पर संचालन के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। किसानों को शत प्रतिशत अनुदान पर पौध संरक्षण रसायन उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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सोमवार को 1170 प्रवासियों का आगमन


अब तक कुल 46539 प्रवासियों का आगमन वहीं 7223 ने किया प्रस्थान


बाड़मेर, 18 मई। लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों को प्राथमिकता के साथ अपने गन्तव्य स्थान पर पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में सोमवार को जिले में कुल 1170 श्रमिकों एवं प्रवासियों का आगमन हुआ, वहीं 431 अन्य राज्यों के प्रवासियों को अपने गन्तव्य स्थानों के लिए प्रस्थान करवाया गया।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में सोमवार को गुजरात, महाराष्ट्र, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू, तेलंगाना, केरल, दमन द्वीप एवं गोवा से राज्य के प्रवासियों एवं श्रमिकों को जिले की सीमा में प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में सोमवार को गुजरात से 331, महाराष्ट्र से 327, उतरप्रदेश से 2, मध्यप्रदेश से 11, आन्ध्रप्रदेश से 97, कर्नाटक से 230, तमिलनाडु से 79, तेलंगाना से 44, केरल से 4, दमन द्वीप से 4 एवं गोवा से 41 को मिलाकर कुल 1170 प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहन से जिले में प्रवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 46539 प्रवासियों का आगमन हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिले से अन्य राज्यों के प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहनों के द्वारा भेजा भी जा रहा है। जिले से सोमवार को मध्यप्रदेश के लिए 131, उत्तर प्रदेश के लिए 215, महाराष्ट्र के लिए 2, बिहार के लिए 16, गुजरात के लिए 35, दिल्ली के लिए 2, कर्नाटक के लिए 9 एवं तेंलगाना के लिए 21 को मिलाकर कुल 431 प्रवासियों को जिले की सीमा से प्रस्थान करवाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले से 7223 लोगों को अपने मूल राज्यों के लिए प्रस्थान हेतु अनुमति दी गई है।
जिला कलक्टर मीणा ने जिले में प्रवेश करने वालों की सघन चिकित्सकीय जांच एवं स्क्रिीनिंग की जा रही है। साथ ही किसी व्यक्ति के संदिग्ध संक्रमित पाए जाने पर उसे तुरंत क्वारेंटाईन कर उसके सेंपल लेने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्हांेने चैक पोस्ट पर निजी वाहनों में आने वाले सभी यात्रियों के मोबाईल नम्बर अंकित करने को कहा, ताकि क्वारेंटाईन के दौरान ट्रेसिंग सुनिश्चित हो सके। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में बाहर से आने प्रवासियों को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरीयड का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।  
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जिले में 8345 हेक्टेयर क्षेत्र पर हुआ टिड्डी नियंत्रण

सोमवार को सिणधरी एवं धोरीमन्ना क्षेत्र में किया छिडकाव

बाड़मेर, 18 मई। जिले में चल रहे टिड्डी दल के हमले पर जिला प्रशासन ने रोकथाम के लिए सोमवार को कुल 715 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया। अब तक कुल 8345 हेक्टेयर में छिडकाव कार्य किया जा चुका है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में टिड्डी नियंत्रण के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई है। उन्होने बताया कि टिड्डी हमले की प्रारम्भिक जानकारी के लिए जिले में सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि हमले की सूचना मिलते ही तुरंत सर्वे कार्य सम्पादित किया जाकर रोकथाम सुनिश्चित किया जा सके। जिला कलक्टर ने बताया कि कृषि उप निदेशक एवं टिड्डी नियंत्रण अधिकारी को परस्पर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही करते हुए आमजन को टिड्डी से राहत दिलाने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिला कलक्टर ने बताया कि ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत बनाकर प्रतिदिन टिड्डी हमले की सूचना के अनुसार सर्वे कार्य सम्पादित कर त्वरित छिडकाव कार्य सम्पन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होने आमजन को टिड्डी हमले से संबंधित सूचना कृषि विभाग में स्थापित कन्ट्रोल रूम को देने की अपील की है ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। साथ ही तहसील स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम स्थापित किए गए है ताकि सूचना तंत्र मजबूत हो।
कृषि उपनिदेशक जे.आर.भाखर ने बताया कि जिले में सोमवार को सिणधरी तहसील में डबलीनाडी एवं ऊचिया गांव में 492 हैक्टेयर तथा धोरीमन्ना तहसील में सदरपुरा, सरणे का सरा एवं बुढे का तला में 223 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण के लिए छिडकाव किया गया। उन्होने बताया कि जिले में अब तक गडरारोड़, चौहटन, गिड़ा, बाड़मेर, बायतु, सेडवा, सिणधरी, शिव, पचपदरा, गुडामालानी एवं धोरीमन्ना तहसील क्षेत्र में कुल 8345 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई है।
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मण्डली, पतासर, परालिया सांसण, बागलोप, बांकियावास खुर्द, मूल की ढ़ाणी, भाटों की ढ़ाणी में कर्फ्यु

कोरोना संक्रमण रोकथाम
कोरोना संक्रमित पाए जाने के चलते जीरो मोबिलिटी घोषित
बाड़मेर, 18 मई। जिले की ग्राम पंचायत घड़ोई चारणान के राजस्व ग्राम बागलोप, ग्राम पंचायत देवरिया के राजस्व ग्राम बांकियावास खुर्द, ग्राम पंचायत मूल की ढाणी के राजस्व ग्राम मूल की ढाणी एवं परालिया सांसण, ग्राम पंचायत नागाणा के राजस्व ग्राम भाटों की ढ़ाणी, ग्राम पंचायत मण्डली के राजस्व ग्राम मण्डली तथा ग्राम पंचायत पतासर के राजस्व ग्राम पतासर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाये जाने से यहां संक्रमण बढ़ने की आशंका के मद्देनजर नागरिकों के स्वास्थ्य, मानव जीवन की सुरक्षा एवं लोक शांति बनाये रखने की दृष्टि से जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा द्वारा उक्त क्षेत्रों के चारों ओर की समस्त राजस्व सीमा को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि उक्त क्षेत्रों में अत्यधिक संक्रमण बढ़ने की आशंका है, जिससे इन क्षेत्रों के आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य, मानव जीवन एवं लोकशांति को खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा ग्राम पंचायत घड़ोई चारणान के राजस्व ग्राम बागलोप, ग्राम पंचायत देवरिया के राजस्व ग्राम बांकियावास खुर्द, ग्राम पंचायत मूल की ढाणी के राजस्व ग्राम मूल की ढाणी एवं परालिया सांसण, ग्राम पंचायत नागाणा के राजस्व ग्राम भाटों की ढ़ाणी, ग्राम पंचायत मण्डली के राजस्व ग्राम मण्डली तथा ग्राम पंचायत पतासर के राजस्व ग्राम पतासर की राजस्व सीमा में निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षार्थ एवं केन्द्रीय लोक प्रशान्ति बनाये रखने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत उक्त राजस्व ग्रामों के चारों ओर की समस्त राजस्व सीमा को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
उन्होेने बताया कि उक्त जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में जनसाधारण के लिए सख्ती से आवागमन- निर्गमन निषेध किया गया है। उन्होने सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने एवं अवहेलना नहीं करने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, 269, 270 एवं राजस्थान एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1957 तथा अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजित किया जा सकेगा। यह आदेश अग्रिम आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
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अब 31 मई तक जारी रहेगी निषेधाज्ञा

कोरोना से बचाव
बाडमेर, 18 मई। कोरोना वायरस संक्रमण से आमजन को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षार्थ बाडमेर जिले की सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में जारी की गई निषेधाज्ञा की अवधि को जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बढ़ाया है, अब यह निषेधाज्ञा 31 मई की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगी।
जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से आमजन को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षार्थ उक्त संक्रमण के फैलाव को रोकने हेतु 31 मई तक राष्ट्रीय लॉकडाउन की अवधि का बढाया गया है। भारत सरकार के उक्त आदेश के अनुसरण में राज्य सरकार द्वारा भी राज्य में पालना किए जाने के निर्देश दिए गए है। उन्होने बताया कि उक्त निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त निषेधाज्ञा को 31 मई, 2020 की मध्य रात्रि तक के लिए को बढाया गया है। पूर्व आदेश में वर्णित शेष निर्देश यथावत कायम रहेंगे।
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भोजासर में कर्फ्यू आंशिक रूप से प्रत्याहरित


बाड़मेर, 18 मई। बायतु तहसील क्षेत्र की भोजासर ग्राम पंचायत में 4 मई को जीरो मोबेलिटी क्षेत्र घोषित कर धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगाया गया था। जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा ने आदेश जारी कर उक्त कर्फ्यू को आंशिक रूप से हटाया है।
जिला मजिस्टेªट विश्राम मीणा द्वारा जारी आदेशानुसार जिले में बायतु तहसील क्षेत्र की भोजासर ग्राम पंचायत से कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के पश्चात वहां दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जीरो मोबेलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यू लगाया गया था। आदेशानुसार उपखण्ड अधिकारी बायतु से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 18 मई,2020 की मध्यरात्री के पश्चात उक्त कर्फ्यू आंशिक रूप से प्रत्याहरित (विड्रो) किया गया है। उन्होने बताया कि जिले में दिनांक 5 मई के द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के जारी आदेश लागू रहेंगे।
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बालोतरा स्थित सिवाणची मालानी क्षेत्रीय तैरा पंथ संस्थान भवन अधिग्रहित

कोविड केयर सेन्टर हेतु
बाड़मेर, 18 मई। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं उत्पन्न स्थिति को मद्देनजर कोरोना वायरस के मरीजों के ठहराव हेतु असाडा रोड बालोतरा पर स्थित सिवाणची मालानी क्षेत्रीय तैरा पंथ संस्थान भवन अधिग्रहित किया गया है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विश्राम मीणा ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी बालोतरा द्वारा कोविड-19 से संबंधित कोरोना वायरस के मरीजों के ठहराव हेतु उक्त भवन को अधिग्रहण करने हेतु निवेदन किया गया है, जिस पर जिला कलक्टर मीणा द्वारा आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के नियम 65 (2) (ग) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त भवन को 15 मई से अग्रिम आदेश तक के लिए अधिग्रहित किया गया है। उन्होने तहसीलदार पचपदरा को उक्त भवन के स्वामी, कब्जाधारी से भवन का कब्जा प्राप्त कर उपखण्ड अधिकारी बालोतरा को सुपुर्द करते हुए पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  
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कोरोना की आपदा में लोक कलाकारों को मिली राहत

एक लाख बासठ हजार की राशि का हस्तान्तरण

बाडमेर, 18 मई। लॉकडाउन की स्थिति के मद्देनजर विषम परिस्थतियों में राज्य सरकार द्वारा जिले के लोक कलाकारों को एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये की राशि का हस्तांतरण कर राहत प्रदान की गई।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए विषम परिस्थितियों में जिले के लोक कलाकारों के कुल 65 परिवारों को प्रति परिवार तत्काल सहायता एक हजार रूपये तथा अनुग्रह सहायता के रूप में एक हजार पांच सौ रूपये (कुल दो हजार पांच सौ रूपये प्रति परिवार) की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र बाडमेर में एक, पंचायत समिति चौहटन में 7, बाडमेर में 5, शिव में 34, सेडवा में 7, रामसर में 3, गडरारोड में 2, धोरीमना में 2 एवं धनाऊ में 4 परिवारों सहित कुल 65 परिवारों को कुल एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये की राशि हस्तान्तरण करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होने बताया कि इनमें से 64 परिवारों को डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में तथा शेष एक परिवार को संबंधित विकास अधिकारी के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई गई है।
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समय पर पेयजल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता जलापूर्ति समय अंतराल कम करने की हिदायत


आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा

बाड़मेर, 18 मई।  जिले में गर्मियों के मौसम में समय पर तथा पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने सोमवार प्रातः कलेक्ट्रेट में जिले में पानी, बिजली तथा चिकित्सा सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।
     इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में भीषण गर्मी पड़ रही है, साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लॉक डाउन भी चल रहा है, ऐसे में आमजन को पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग रणनीति के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें ।
कंटीजेंसी कार्यो को शीघ्र पूरा करेविभाग को गर्मियों के कंटीन्जेसी प्लान के तहत स्वीकृत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करवाने की हिदायत दी गई। साथ ही कलेक्टर ने समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए पेयजल परिवहन के भी निर्देश दिए। उन्होंने मरम्मत अभियान के दौरान जिले में खराब सभी हैंडपंप को दुरुस्त करने को कहा, भले ही वह किसी भी योजना या एजेंसी द्वारा लगाया गया हो। जिला कलेक्टर ने जलापूर्ति अंतराल को कम करने तथा पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति को भी कहा। उन्होंने विशेषकर सिवाना क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान के निर्देश दिया।
अबाध बिजली आपूर्ति होजिला कलेक्टर ने जिले में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखना के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में गर्मियों के दौरान बिजली की कटौती नहीं की जाए। साथ ही उन्होंने आंधी से क्षतिग्रस्त बिजली तंत्र को भी दुरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल स्रोतों पर नियमित बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए ताकि पानी की आपूर्ति बिजली के अभाव में बाधित नहीं हो। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत बकाया कार्य अविलंब पूर्ण करने को कहा।
प्रभावी क्वरेंटीन पर जोरजिले में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मध्य नजर जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग को सभी एहतियाती उपायों के साथ सेंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में मुंबई से आए प्रवासीयों के सैंपल का परिणाम आने तक उन्हें पूरी तरह से क्वारेंटीन करने को कहा। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोगो के परिणाम आने तक उन्हें हर हालत में संस्थागत क्वॉरेंटाइन में रखा जाए ताकि वायरस का प्रसार ना हो सके।
फ्लैगशिप योजनाओं की भी समीक्षाजिला कलेक्टर ने साप्ताहिक बैठक प्रत्येक बुधवार को आयोजित करने को कहा। साथ इस बैठक में जिले में संचालित राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना की भी सप्ताहिक समीक्षा करने को कहा ताकि जिले में इनकी बेहतरीन मॉनिटरिंग हो सके।
      इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू, अधीक्षण  अभियंता  मांगीलाल  जाट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कमलेश चौधरी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ बीएल मंसूरिया समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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रविवार, 17 मई 2020

बाड़मेर शहर के इंदिरा कॉलोनी में कर्फ्यु

कोरोना संक्रमित पाए जाने के चलते जीरो मोबिलिटी घोषित

बाड़मेर, 17 मई। जिले में बाड़मेर शहर के वार्ड संख्या 44 इंद्रा कॉलोनी में कोरोना वायरस का संक्रमण पाये जाने से अत्यधिक संक्रमण बढ़ने की आशंका के मद्देनजर नागरिकों के स्वास्थ्य, मानव जीवन की सुरक्षा एवं लोक शांति बनाये रखने की दृष्टि से जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा द्वारा  इंदिरा कॉलोनी में  संक्रमित क्षेत्र के चारों ओर की सीमा को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि उक्त क्षेत्र में अत्यधिक संक्रमण बढ़ने की आशंका है, जिससे इस क्षेत्र के आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य, मानव जीवन एवं लोकशांति को खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिला कलक्टर द्वारा बाडमेर शहर वार्ड संख्या 44 इंदिरा कॉलोनी  (जिसकी सीमा उत्तर मे अणदराम सुथार के मकान से पीर सिंह रावणा राजपूत का मकान होते हुए जीवराज सिंह अध्यापक के मकान तक तक, पूर्व में जीवराज सिंह अध्यापक के मकान से तेज दान के मकान तक, दक्षिण में प्रकाश माली के मकान से अणदाराम का मकान एवं पदमदान के बाड़ा होते हुए पदमदान के मकान तक, पश्चिम में लोन सिंह के मकान से अणदाराम सुथार के मकान तक) की सीमा में निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षार्थ एवं केन्द्रीय लोक प्रशान्ति बनाये रखने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यु लगाया गया है।
उन्होेने बताया कि उक्त जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में जनसाधारण के लिए सख्ती से आवागमन- निर्गमन निषेध किया गया है। उन्होने सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने एवं अवहेलना नहीं करने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, 269, 270 एवं राजस्थान एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1957 तथा अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजित किया जा सकेगा। यह आदेश अग्रिम आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
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52 हजार प्रवासियों का हुआ आवागमन

अब तक कुल 45369 प्रवासियों का आगमन वहीं 6792 ने किया प्रस्थान

बाड़मेर, 17 मई। लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों को प्राथमिकता के साथ अपने गन्तव्य स्थान पर पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में रविवार को जिले में कुल 2130 श्रमिकों एवं प्रवासियों का आगमन हुआ, वहीं 472 अन्य राज्यों के प्रवासियों को अपने गन्तव्य स्थानों के लिए प्रस्थान करवाया गया।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में रविवार को गुजरात, महाराष्ट्र, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, तमिलनाडू, तेलंगाना, केरल, उतराखण्ड, गोवा, दादर नगर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड  एवं उड़ीसा से राज्य के प्रवासियों एवं श्रमिकों को जिले कि सीमा में प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में रविवार को गुजरात से 527, महाराष्ट्र से 650, उतरप्रदेश से 11, मध्यप्रदेश से 8, आन्ध्रप्रदेश से 37, दिल्ली से 18, कर्नाटक से 521, हरियाणा से 14, बिहार से 3, तमिलनाडु से 147, तेलंगाना से 127, केरल से 6, उतराखण्ड से 2, गोवा से 52, दादर नगर से 3, हिमाचल प्रदेश से 1,  झारखंड से 1  एवं उड़ीसा से 2 को मिलाकर कुल 2130 प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहन से जिले में प्रवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 45369 प्रवासियों का आगमन हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिले से अन्य राज्यों के प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहनों के द्वारा भेजा भी जा रहा है। जिले से रविवार को मध्यप्रदेश के लिए 15, उत्तर प्रदेश के लिए 176, बिहार के लिए 1, पश्चिम बंगाल के लिए 182, हरियाणा के लिए 24, गुजरात के लिए 38, दिल्ली के लिए 8, पंजाब के लिए 6, कर्नाटक के लिए 3, तेलंगाना के लिए 10, तमिलनाडू के लिए 4 एवं असम के लिए 5 को मिलाकर कुल 472 प्रवासियों को जिले की सीमा से प्रस्थान करवाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले से 6792 लोगों को अपने मूल राज्यों के लिए प्रस्थान हेतु अनुमति दी गई है।
जिला कलक्टर मीणा ने जिले में प्रवेश करने वालों की सघन चिकित्सकीय जांच एवं स्क्रिीनिंग की जा रही है। साथ ही किसी व्यक्ति के संदिग्ध संक्रमित पाए जाने पर उसे तुरंत क्वारेंटाईन कर उसके सेंपल लेने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्हांेने चैक पोस्ट पर निजी वाहनों में आने वाले सभी यात्रियों के मोबाईल नम्बर अंकित करने को कहा, ताकि क्वारेंटाईन के दौरान ट्रेसिंग सुनिश्चित हो सके। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के बाहर से आने प्रवासियों को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरीयड का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। 
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गांधीनगर में लगाए कर्फ्यू की सीमा में संशोधन


बाड़मेर 17, मई। हाल ही में शहर के वार्ड नंबर 25 गांधीनगर में कोविड-19 के संक्रमित व्यक्ति के पाए जाने से यहां कर्फ्यू लगा कर जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया गया। जिला कलेक्टर द्वारा आदेश जारी कर उक्त क्षेत्र में लगाए कर्फ्यू की सीमा में संशोधन किया गया है।
जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि शहर के गांधीनगर क्षेत्र में लगाए गए कर्फ्यू की सीमा में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार गांधीनगर मे आईनाथ किराना स्टोर के पास बैरिकेटिग पर, मयूर स्कूल के आगे बैरीकेटिंग, मयूर स्कूल के उत्तर की तरफ आईनाथ किराना स्टोर, अगराराम का मकान पूर्व बैरीकेटिंग, राणाराम सुथार व प्रहलाद राम चौधरी मकान पूर्व में बैरकेटिंग क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यू लागू रहेगा एवं अन्य शर्ते पूर्व तक जारी आदेश अनुसार लागू रहेंगी।

शनिवार, 16 मई 2020

अब तक 6745 हेक्टेयर क्षेत्र पर हुआ टिड्डी नियंत्रण गुडामालानी, पचपदरा एवं गिड़ा तहसील क्षेत्र में किया छिड़काव



बाड़मेर, 16 मई। जिले में चल रहे टिड्डी दल के हमले पर जिला प्रशासन ने रोकथाम के लिए शनिवार को कुल 885 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया। अब तक कुल 6745 हेक्टेयर में छिडकाव कार्य किया जा चुका है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में टिड्डी नियंत्रण के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई है। उन्होने बताया कि टिड्डी हमले की प्रारम्भिक जानकारी के लिए जिले में सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि हमले की सूचना मिलते ही तुरंत सर्वे कार्य सम्पादित किया जाकर रोकथाम सुनिश्चित किया जा सके। जिला कलक्टर ने बताया कि कृषि उप निदेशक एवं टिड्डी नियंत्रण अधिकारी को परस्पर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही करते हुए आमजन को टिड्डी से राहत दिलाने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिला कलक्टर ने बताया कि ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत बनाकर प्रतिदिन टिड्डी हमले की सूचना के अनुसार सर्वे कार्य सम्पादित कर त्वरित छिडकाव कार्य सम्पन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होने आमजन को टिड्डी हमले से संबंधित सूचना कृषि विभाग में स्थापित कन्ट्रोल रूम को देने की अपील की है ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। साथ ही तहसील स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम स्थापित किए गए है ताकि सूचना तंत्र मजबूत हो।
कृषि उपनिदेशक जे.आर.भाखर ने बताया कि जिले में शनिवार को गुडामालानी तहसील क्षेत्र में 805, पचपदरा तहसील क्षेत्र में 45 एवं गिडा तहसील में 35 हेक्टेयर क्षेत्र पर टिड्डी नियंत्रण के लिए छिडकाव कार्य किया गया। उन्होने बताया कि जिले में अब तक गडरारोड़, चौहटन, गिड़ा, बाड़मेर, बायतु, सेडवा, बालोतरा, सिणधरी, शिव, पचपदरा, गुडामालानी एवं धोरीमन्ना तहसील क्षेत्र में कुल 6745 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई है।
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जिले की सीमा से 49500 प्रवासियों का हुआ आवागमन अब तक कुल 43228 प्रवासियों का आगमन वहीं 6320 ने किया प्रस्थान



बाड़मेर, 16 मई। लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों को प्राथमिकता के साथ अपने गन्तव्य स्थान पर पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में शनिवार को जिले में कुल 2549 श्रमिकों एवं प्रवासियों का आगमन हुआ, वहीं 830 अन्य राज्यों के प्रवासियों को अपने गन्तव्य स्थानों के लिए प्रस्थान करवाया गया।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में शनिवार को गुजरात, महाराष्ट्र, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, तमिलनाडू, तेलंगाना, असम, छतीसगढ, केरल, उतराखण्ड, हिमाचल प्रदेश एवं झारखण्ड से राज्य के प्रवासियों एवं श्रमिकों को जिले की सीमा में प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में शनिवार को गुजरात से 541, महाराष्ट्र से 844, उतरप्रदेश से 11, मध्यप्रदेश से 12, आन्ध्रप्रदेश से 77, दिल्ली से 12, कर्नाटक से 816, हरियाणा से 12, तमिलनाडु से 163, तेलंगाना से 25, असम से 2, छतीसगढ से 10, केरल से 15, उतराखण्ड से 1, हिमाचल प्रदेश से 2 एवं झारखण्ड से 6 को मिलाकर कुल 2549 प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहन से जिले में प्रवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 43228 प्रवासियों का आगमन हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिले से अन्य राज्यों के प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहनों के द्वारा भेजा भी जा रहा है। जिले से शनिवार को मध्यप्रदेश के लिए 393, उत्तर प्रदेश के लिए 203, महाराष्ट्र के लिए 30, बिहार के लिए 86, पश्चिम बंगाल के लिए 7, हरियाणा के लिए 7, गुजरात के लिए 90, कर्नाटक के लिए 2, तेंलगाना के लिए 4, तमिलनाडू के लिए 3 एवं असम के लिए 5 को मिलाकर कुल 830 प्रवासियों को जिले की सीमा से प्रस्थान करवाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले से 6320 लोगों को अपने मूल राज्यों के लिए प्रस्थान हेतु अनुमति दी गई है।
जिला कलक्टर मीणा ने जिले में प्रवेश करने वालों की सघन चिकित्सकीय जांच एवं स्क्रिीनिंग की जा रही है। साथ ही किसी व्यक्ति के संदिग्ध संक्रमित पाए जाने पर उसे तुरंत क्वारेंटाईन कर उसके सेंपल लेने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्हांेने चैक पोस्ट पर निजी वाहनों में आने वाले सभी यात्रियों के मोबाईल नम्बर अंकित करने को कहा, ताकि क्वारेंटाईन के दौरान ट्रेसिंग सुनिश्चित हो सके। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में बाहर से आने प्रवासियों को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरीयड का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।  
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सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम बीस करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना का प्रस्ताव



बाडमेर, 16 मई। जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम अन्तर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक विडियो कांफ्रेसिंग के जरिये सम्पन्न हुई। बैठक में सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम अन्तर्गत बाडमेर जिले की चार वर्षीय कार्ययोजना (वर्ष 2020-21 की वार्षिक कार्ययोजना सहित) के प्रस्तावों पर विस्तृत विचार विमर्श पश्चात् बाडमेर जिले के 2020-21 के लिए 13 करोड 10 लाख रूपये के प्रावधान के विरूद्ध डेढ गुणा लगभग 20 करोड की वार्षिक कार्ययोजना के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने कहा कि इस वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार जिले की गडरारोड, रामसर, चौहटन, धनाऊ एवं सेडवा पंचायत समितियों के अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से 0-10 किलोमीटर के गांवों में पेयजल, सडक, चिकित्सा, शिक्षा सहित आधारभूत विकास के कार्य करवाए जाएगे।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्रस्ताव भिजवाए जाए ताकि बोर्डर पर रहने वाले लोगों को फायदा मिल सकें। उन्होने कहा कि आने वाले 4 वर्षो में दिखे कि लोगों को लाभ मिला है। उन्होने कहा कि टिड्डी के प्रकोप के मद्देनजर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसी प्रकार शिव विधायक अमीन खां ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होने लोगों का हौसला बुलन्द रखने तथा बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा क्षेत्र के प्रस्ताव प्राथमिकता के साथ भिजवाए जाए। विधायक चौहटन पदमाराम मेघवाल ने चौहटन विधानसभा क्षेत्र के पेयजल, सडक, मूलभूल सुविधाओं सहित विकास कार्यो से जुडे प्रस्ताव शामिल कर भिजवाने को कहा।    
इस दौरान जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने कहा कि नई मार्गदर्शिका के प्रावधानों के अनुसार प्राप्त प्रस्तावों को शामिल किए जाने का प्रयास किया गया है। उन्होने भरोसा दिलाया कि जन प्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों एवं सुझावों पर तत्परता से कार्यवाही कर उनका क्रियान्वयन किया जाएगा।
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वाटर कन्टिजेन्सी प्लान पर चर्चा, गर्मी में पानी बिजली की सुचारू आपूर्ति जरूरी


बाडमेर, 16 मई। जिला स्तरीय प्रबन्धन समिति की शनिवार को ऑनलाइन  बैठक के दौरान जिले के पेयजल कन्टिजेन्सी प्लान पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
    इस अवसर पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने जिले का वाटर कन्टिजेन्सी प्लान तत्काल राज्य सरकार को भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि गर्मी के मौसम के मद्देनजर विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होने कहा कि पेयजल परियोजनाओं पर सुचारू विद्युत आपूर्ति के साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग लिया जाए।
इस दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने गडरारोड, रामसर, चौहटन एवं अन्य क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति करने तथा आवश्यकता होने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल परिवहन करने का सुझाव दिया। इस दौरान शिव विधायक अमीन खां ने कहा कि गडरारोड क्षेत्र में पेयजल की गम्भीर समस्या है।
     जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को अनुमोदिन दरों पर टैंकरों के माध्यम से तत्काल पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होने अनुमोदित पेयजल आपूर्ति ठेकेदारों द्वारा पानी की आपूर्ति समय पर नहीं की जाने पर उसी अनुमोदित दरों पर अन्य ठेकेदारों से तत्काल पेयजल की आपूर्ति कराने के निर्देश दिए।
    इसी प्रकार बाडमेर विधायक मेवाराम जैन ने सुझाव दिया कि मोहनगढ लिफ्ट कैनाल से बाडमेर को मिलने वाले पानी की क्षमता 80 एमएलडी से 100 एमएलडी बढाया जाए ताकि अन्तिम छोर तक पानी प्राप्त हो सकें। चौहटन विधायक पदमाराम मेघवाल ने चौहटन तहसील के गांवों में नर्मदा नहर का पेयजल उपलब्ध कराने की बात कहीं। वहीं सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल ने सिवाना विधानसभा क्षेत्र में पानी की गम्भीर समस्या के मद्देनजर पोकरण-फलसूण्ड पेयजल परियोजना तथा उम्मेदसागर धवा समदडी परियोजना के अपूर्ण कार्यो को शीध्र पूर्ण कराने तथा टैंकरों द्वारा पेयजल परिवहन प्रारम्भ कराने को कहा।
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प्रवासियों की बड़ी संख्या के कारण सतर्कता पर जोर

जिला स्तरीय क्वारनटीन प्रबन्धन समिति की बैठक
क्वारनटीन ही संक्रमण से बचाव का प्रभावी उपाय

बाडमेर, 16 मई। राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज ऑर्डिसेंस 2020 के अन्तर्गत अनिवार्य क्वारनटीन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय क्वारनटीन प्रबन्धन समिति की बैठक विडियो कांफ्रेसिंग के जरिये आयोजित हुई।
इस दौरान राजस्व मंत्री एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री एवं बाडमेर-जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी, शिव विधायक अमीन खां, बाडमेर विधायक मेवाराम जैन, सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, चौहटन विधायक पदमाराम मेघवाल, पचपदरा विधायक मदन प्रजापत द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा, सफाई व्यवस्था से जुडे अधिकारियों एवं कार्मिकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आमजन को सुरक्षित रखने के लिए बेहतरीन प्रबन्धों से जुड़े सुझाव दिए।

प्रभावी हो मोनिटरिंग
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रवासियों के आगमन के मद्देनजर पूर्ण सतर्कता एवं मनोबल के साथ प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा किसी प्रकार की कौताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि वार्ड लेवल से लेकर जिला स्तरीय क्वारनटीन प्रबन्धन समितियां मुश्तैदी के साथ प्रवासियों के होम क्वारनटाइन की पालना सुनिश्चित कराए। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार कोई भी भूखा नहीं सोए इसके पुख्ता इन्तजाम किए जाए। राजस्व मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एएनएम की नियुक्ति की है, जिससे चिकित्सा संस्थानों में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होने मोबाइल चिकित्सा युनिट के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

समन्वय से हो कार्य
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान केन्द्र एवं राज्य सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास किए है, जिससे संक्रमण का फैलाव मन्द हुआ है। उन्होने मास्क एवं सैनेटाईजर का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा सोशियल डिस्टेंसिंग की पालना करने के निर्देश दिए। उन्होनें महामारी के दौरान व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा जरूरतमंदों की हर संभव मदद करने को कहा।

होटलो का चिन्हीकरण
बाडमेर विधायक मेवाराम जैन ने शेष प्रवासियों को शीघ्र लाने तथा अन्य राज्यों के लोगों को उनके गन्तव्य स्थानों पर  भेजने की व्यवस्था करने की बात कही। उन्होने पोजिटिव मरीजों को जिला मुख्यालय पर होटल अधिग्रहण कर रखने तथा वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का सुझाव दिया ताकि जिला चिकित्सालय में अन्य मरीजों को चिकित्सकीय फायदा मिल सकें। सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल,शिव विधायक अमीन खां, चौहटन विधायक पदमाराम मेघवाल एवं पचपदरा विधायक मदन प्रजापत ने क्वारंनटाइन व्यवस्था से जुडे महत्वपूर्ण सुझाव रखें।

जिला प्रशासन तत्पर जिला कलक्टर मीणा ने जिले में कोविड-19 के संबंध में किए गए प्रबन्धों की जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 42 हजार प्रवासी अन्य राज्यों से बाडमेर जिले में आ चुके है। उन्होने बताया कि जिले में 5 चौक पोस्ट स्थापित की जाकर प्रवासियों के प्रभावी स्क्रीनिंग एवं सघन चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था की गई है। उन्होने क्वारनटीन व्यवस्था को बचाव का मुख्य स्त्रोत बताते हुए कहा कि जिले में 26 क्वारनटीन सेन्टर चिन्हित किए जाकर उनका प्रभावी तरीके से संचालन किया जा रहा है। साथ ही क्वारनटीन केन्द्रों पर भोजन, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई सहित मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होने बताया कि चिकित्सकीय जांच एवं स्क्रीनिंग के दौरान संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर तत्काल कोविड केयर सेन्टर में रखने की व्यवस्था की गई है। उन्होने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रत्येक प्रवासी को 14 दिन के होम क्वारनटाईन का सख्ती से पालन करवाने के लिए निगरानी दलों को निर्देशित किया गया है।
इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
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बुधवार, 22 अप्रैल 2020

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के प्रयासों से बायतू व धोरीमन्ना में चिकित्सकिय सेवाओं का होगा विस्तार

बायतू मे 30 बेड से 75 की स्वीकृति, धोरीमन्ना को भी 50 बेड

बाड़मेर, 22 अप्रैल। लम्बे समय से चिकित्सकीय सुविधाओं के आभाव से जूंझ रहे बायतू क्षेत्रवासियो के लिए अब खुश खबरी आई है।
राज्य सरकार ने आदेश जारी कर राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बायतू मे वर्तमान मे 30 बेड से बढ़ाकर 75 बेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। बायतू उपखण्ड क्षेत्र का  भू-भाग भी क्षेत्रफल के लिहाज से विस्तृत होने के कारण मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। राष्ट्रीय राजमार्ग भी कस्बे के बीच मे से गुजरने के कारण आये दिन सड़क दुर्घटनाऐ भी घटित होने के कारण आपातकालीन मामले भी बढ़ जाते है मगर उसके अनुरूप मे उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित इस अस्पताल मे सुविधाऐ नहीं है। ओपीडी के हिसाब से स्टॉफ की भी भारी कमी होने के कारण यहाँ आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब राजस्व मंत्री हरीश चौधरी की अनुशंषा पर राज्य सरकार ने राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बायतू को 30 बेड से बढ़ा कर 75 बेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी कर दी है। इस अस्पताल मे बेड की संख्या बढ़ने के साथ ही यहाँ कार्यरत चिकित्सको समेत अन्य सभी कार्मिको के पद भी बढ़ जायेंगे।
34 से बढ़कर 65 होंगे पद - राजकीय सामुदायिक चिकित्सा केंद्र बायतू मे राज्य सरकार के आदेशानुसार 75 बेड का अस्पताल हो जाने के बाद यहाँ चिकित्सकीय सुविधाओ का भी विस्तार हो जायेगा जिसमे मुख्य रूप से कार्मिको की संख्या बढ़ जायेगी। वर्तमान मे इस अस्पताल मे कुल 34 पद स्वीकृत है जो बढ़कर अब 65 हो जायेंगे।
धोरीमन्ना मे पचास बेड का होगा अस्पताल - राजस्थान  सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (ग्रुप2) द्वारा आदेश जारी कर बाड़मेर जिले मे बायतू सीएचसी को 75 बेड करने के साथ ही धोरीमन्ना सीएचसी मे भी बेड की संख्या बढ़ाते हुऐ 50 कर दी है। वर्तमान मे वहाँ पर भी 30 बेड का अस्पताल है।
बाड़मेर जिले मे भी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार बहुत ही आवश्यक है इसके लिए बायतू व धोरीमन्ना अस्पतालो मे बेडो की संख्या बढ़ाई गईं है।
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टिड्डी नियंत्रण संगठन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में किया सर्वे,कही नही मिली टिड्डी

बाड़मेर, 22 अप्रैल। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुधवार को टिड्डी नियंत्रण संगठन ने सर्वे कर टिडडी का जायजा लिया।
         कृषि उपनिदेशक जे आर भाखर ने बताया कि केंद्रीय टिडडी नियंत्रण संगठन द्वारा बी.ओ.पी सुंदरा, पांचला, रोहिली, बारमेरवाला, मुनाबा तथा गडरा क्षेत्रो का सर्वे किया गया। इस दौरान इन क्षेत्रों में टिडडी नही पाई गई।
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कितनोरिया में कर्फ्यू आंशिक रूप से प्रत्याहरित


बाड़मेर, 22 अप्रैल। सेडवा तहसील क्षेत्र की कितनोरिया ग्राम पंचायत में 8 अपै्रल को जीरो मोबेलिटी क्षेत्र घोषित कर धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगाया गया था। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने आदेश जारी कर उक्त कर्फ्यू को आंशिक रूप से हटाया है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा द्वारा जारी आदेशानुसार जिले में एकमात्र कोरोना पॉजिटव कितनोरिया ग्राम पंचायत से प्राप्त होने के पश्चात वहां दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जीरो मोबेलिटी क्षेत्र घोषित कर कर्फ्यू लगाया गया था। आदेशानुसार उपखण्ड अधिकारी चौहटन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाड़मेर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 22 अप्रैल की मध्यरात्री के पश्चात उक्त कर्फ्यू आंशिक रूप से प्रत्याहरित (विड्रो) किया गया है। उन्होने बताया कि जिले में 5 मई तक पूर्ववत अनुसार निषेधाज्ञा जारी रहेगी।  
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बालोतरा में कोरोना फाइटर्स एवं कर्मवीरों का किया सम्मान


बाड़मेर, 22 मार्च। स्थानीय नाहटा चिकित्सालय बालोतरा में कोरोना फाइटर्स, कर्मवीर चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों की हौसला हफजाई के लिए कोविड-19 वॉलिंटियर्स टीम बालोतरा द्वारा साफा एवं माला पहनाकर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर पीएमओ बलराज सिंह पवार ने कहा कि इस समय स्वास्थ्य कर्मियों एवं प्रशासनका शुक्रिया अदा करने का सबसे सही तरीका घर पर रह कर साथ देना है। उन्होने मास्क एवं सेनेटाइजर का उपयोग करने तथा घर पर एयर कंडीशनर का उपयोग नहीं करते हुए सामाजिक दूरी एवम् सरकार के निर्देशों की पालना करने का आह्वान किया।
इससे पूर्व कोविड-19 वॉलिंटियर्स टीम बालोतरा के सुनील डीरा चौहान ने बताया कि देश एवं प्रदेश में करोना वायरस के खिलाफ जंग में सबसे आगे की पंक्ति में खड़े चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मियों का हौसला हफजाई करते हुए उनका माला एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया है।
ओम बांटिया एवम् रूप चन्द सालेचा ने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कहा कि गर्व होता है जिस तरह सेना सीमा पर देश की रक्षा करती है, उसी तरह आज स्वास्थ्य सेवाओं से जुडें चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मी देश के योद्धा की तरह दिन रात सेवा कर रहे है। वहीं अनिल जैन ने बालोतरा के स्वस्थ योद्धाओं में डॉ. आर.एल. खत्री, डॉ कमल मूंदड़ा, डॉ गणपत कछवाहा एवं नर्सिंग कर्मियों में मुकेश चौहान, कांतिलाल, सुखदेव पटेल, गौरव, दिनेश, नरेश चितारा, मीरा, रामू लेगा, ममता आदि का सेवा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कोविड-19 वॉलिंटियर्स टीम के जेठाराम माली, किशोर महाराज, भमसा पालीवाल, महेंद्र बॉस, जीतू, प्रकाश सोलंकी, शाहरुख सोनारा आदि उपस्थित थे।
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कोरोना को मात देगा राजस्थान, कोरोना रोकथाम के लिए गत दो माह में 312.17 करोड़ रुपये जारी


बाड़मेर, 22 अप्रैल। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री मा. भंवरलाल मेघवाल के नेतृत्व एवं निर्देशानुसार कॉविड-19 जैसी भीषण आपदा की रोकथाम एवं बचाव के लिए जनहित में प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रतिबद्धता दिखाते हुए गत दो माह में 312.17 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं ।
मा. भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि विभाग द्वारा त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए मार्च एवं अप्रैल माह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 248.37 करोड़ एवं समस्त जिला कलक्टर्स को 63.8 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 312.17 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जारी की गई राशि का उपयोग कोरोना को मात देने के लिए राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देशानुसार किया जाएगा।
  उन्होंने बताया कि लेबोरेट्री, वेंटिलेटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण हेतु मार्च माह में 62.15 करोड़ एवं माह अप्रेल में 149.12 करोड़ रुपये राज्य के सभी 13 मेडिकल कॉलेजों एवं सम्बद्ध चिकित्सालय के लिये सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित किए गए हैं।
श्री मेघवाल ने बताया कि मास्क एवं पीपीई किट एवं अन्य सामग्री क्रय करने के लिए मार्च माह में 2.10 करोड़ एवं माह अप्रेल में रैपिड टेस्टिंग किट्स क्रय करने हेतु 35 करोड़ रुपये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को आंवटित किए गए हैं।  
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि जिला कलक्टर्स को राज्य में संचालित समस्त क्वारेंटीन केन्द्रों तथा राहत शिविरों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थायी आवास, भोजन, कपडे, मेडिकल सुविधाएं तथा संदिग्धों की जांच व स्क्रीनिंग के साथ-साथ कोविड-19 की रोकथाम में लगे स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों एवं सफाईकर्मियों की निजी सुरक्षा के उपकरण इत्यादि के लिए मार्च माह में 8.70 करोड़ रुपये, निर्बन्ध कोष के लिए 4.10 करोड़ एवं अप्रेल में 51 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। इस प्रकार समस्त जिला कलक्टरों को कुल 63.8 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।
मास्क नहीं पहनने पर सजा व जुर्माना -
आपदा प्रबंधन मंत्री श्री मेघवाल ने बताया कि विभाग द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं लॉकडाउन की पालना हेतु आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के अनुसार सभी नागरिकों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है, जिसकी पालना नहीं करने पर 1 साल की सजा, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जनहित में सभी मकान मालिकों को पाबन्द किया गया है कि सभी डाक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ एवं मेडिकल टेक्निशियन, श्रमिकों एवं मजदूरों से जबरन मकान खाली नहीं करवाया जाए।
चारा-पानी की व्यवस्था के निर्देश -
आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव हेतु संवदेनशील है। टिड्डी प्रभावित प्रदेश के 8 जिले बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, पाली व सिरोही एवं सूखे से प्रभावित 4 जिले जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, हनुमानगढ़ में पशुओं के संरक्षण हेतु पशु-शिविर खोले जाने एवं अनुदानित दर पर चारा उपलब्ध कराये जाने के साथ ही सूखा प्रभावित समस्त जिलों को आवश्यकतानुसार पेयजल परिवहन के निर्देश भी संबंधित जिला कलक्टर्स को दिये गये हैं।
लॉकडाउन का पालन करें -
श्री मेघवाल ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि लॉकडाउन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें तथा घरों में ही रहते हुए इस संक्रमण से स्वयं व अन्य लोगों को बचाएं। उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा है कि हर व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे एवं जरूरत होने पर बिना मास्क पहने घर से बाहर नहीं निकले।
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प्रदेश में होगी 2 हजार नए चिकित्सकों की भर्ती, 9500 नर्सिंगकमियों को भी मिलेगी जल्द नियुक्ति


बाड़मेर, 22 अप्रैल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है कि कोरोना से लड़ाई में मैनपावर की कमी नहीं आने दी जाएगी। पिछले दिनों 735 नए चिकित्सकों को जिलों में नियुक्ति दे दी गई है और अब 2000 नए चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर न्यायालय में अटकी 12 हजार 500 हजार जीएनएम और एएनएम की भर्ती का रास्ता साफ करते हुए 9 हजार एएमएम और जीएनएम को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और चिकित्सा संस्थानों को सभी चिकित्सा सुविधाएं से युक्त करने के लिए भी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रदेश में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सा संस्थानों में वर्तमान में 4700 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है व आने वाले दिनों में इसकी भी संख्या 10 हजार होगी। सभी जिला मुख्यालयों पर भी जांच की सुविधाएं विकसित करने पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा जांचें कर कोरोना की वास्तविकता का पता लगाने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए देश में सबसे पहले राजस्थान में ही रेपिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल किया गया। राजस्थान सरकार की सतर्कता की वजह से ही रेपिड किट्स की सच्चाई का पता चल सका। रेपिड टेस्ट किट पर भी राजस्थान ने ही सबसे पहले इसकी शुद्धता (एक्यूरेसी) की जांच की और आईसीएमआर को देश भर में इससे की जाने वाली जांचों पर रोक लगानी पड़ी।
कोरोना फोर्स से अभद्रता बर्दाश्त नहीं -
उन्होंने बताया कि कोरोना से लड़ रही फोर्सेज का स्वस्थ रहना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस बल, प्रशासक, पत्रकार और अन्य सेवाओं के लोग इस लड़ाई में मुस्तैदी से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनके साथ किसी भी सूरत में बदतमीजी या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।  
चिकित्सा सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के लिए 400 मेडिकल वैन -
शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित, कर्फ्यूग्रस्त व ऐसे क्षेत्र जो लॉकडाउन की वजह से सामान्य चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं, वहां 400 मेडिकल मोबाइल वाहनों द्वारा सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। ये एंबूलेंस सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सभी उपखंड मुख्यालयों व अन्य चिन्हित स्थानों पर चिकित्सा उपचार सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। कोई भी व्यक्ति जो किसी आम या विशेष बीमार से ग्रस्त है वह इस सेवा के अंतर्गत निःशुल्क उपचार ले सकेगा। इन मोबाइल वाहनों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी की गई है ताकि घरों में रह रहे लोगों को इसकी सूचना आसानी से मिल सके।
पत्रकारों की होगी कोविड-19 जांच -  
शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की तरह ही पत्रकार बिरादरी अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन को कोरोना संबंधी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से पत्रकारों के पॉजीटिव आने की सूचना मिली है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने निर्देश पर राज्य के पत्रकारों की कोरोना जांच करवाई जाएगी ताकि वे बेफिक्र होकर अपनी ड्यूटी निभा सकें।
चिकित्सकीय सामग्री की हो केंद्रीय खरीद व्यवस्था -
उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए काम आने वाले पीपीई किट, वेंटिलेटर्स, एन-95 मास्क, टेस्टिंग किट्स सहित सभी चिकित्सकीय सामग्री खरीद की केंद्रीय व्यवस्था होनी चाहिए। आईसीएमआर द्वारा तय कंपनियों द्वारा राज्य सामग्री खरीद रहे हैं। केंद्र सरकार यदि केंद्रीय खरीद व्यवस्था में इसे ले लेती है तो राज्यों को मांग के अनुसार आपूर्ति हो सकती है।
राज्य सरकारों को मिले पर्याप्त मात्रा में गेहूं व खाद्यान्न ं-
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश और देश में कोरोना के चलते गेहूं की कमी आ रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले जरूरतमंद लोगों के अलावा मध्यमवर्ग एक बड़ा तबका है जो किसी भी योजना के दायरे में नहीं आता। ऐसे जरूरतमंदों को गेहूं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। तमाम राज्यों के जरूरतमंदों तक पर्याप्त मात्रा में गेहूं पहुंचे केद्र सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए।
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जरूरतमंद गरीब परिवारों को 27500 रूपये की सहायता


बाडमेर, 22 अप्रेल। लॉकडाउन की स्थिति के मद्देनजर गडरारोड पंचायत समिति के जरूरतमंद गरीब 11 परिवारों के खाते में कुल सताइस हजार पांच सौ रूपये की राशि हस्तान्तरण करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विश्राम मीणा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए विषम परिस्थितियों में गडरारोड पंचायत समिति के जरूरतमंद गरीब 11 परिवारों को 1000 रूपये प्रति परिवार तत्काल सहायता एवं 1500 रूपये प्रति परिवार अनुग्रह सहायता सहित कुल 2500 रूपये प्रति परिवार की दर से 22 हजार पांच सौ रूपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तान्तरण की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष 2 परिवारों के खाता संख्या नहीं होने से पांच हजार रूपये का चैक विकास अधिकारी गडरारोड को भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित व्यक्तियों के खाते में राशि हस्तान्तरण करना सुनिश्चित करेंगे।
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जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक 29 को


बाड़मेर, 22 अप्रैल। जिला पैरोल सलाकार समिति की मासिक बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में 29 अप्रेल को दोपहर तीन बजे आयोजित की जाएगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को वांछित सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है।
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पंचायतीराज विभाग के अभियन्ताओं की डयूटी कोविड-19 कार्यो हेतु नहीं लगाने के निर्देश


बाडमेर, 22 अप्रेल। जिला परिषद एवं पंचायत समितियों में पदस्थापित विभागीय अभियन्ताओं की डयूटी कोविड-19 कार्यो हेतु नहीं लगाने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विश्राम मीणा ने बताया कि गृह विभाग के आदेश द्वारा राज्य में 3 मई तक की अवधि के लिए लॉकडाउन के संबंध में क्रियान्वयन गाइड-लाईन जारी की गई है जिसमें महानरेगा तथा केन्द्रीय और राज्य योजनाओं के कार्यो को अनुमत श्रेणी में रखा गया है। उक्त आदेश के अनुरूप अनुमत गतिविधियों के समस्त कार्य 20 अप्रेल से प्रारम्भ किए गए है, जबकि जिला परिषद एवं पंचायत समिति में पदस्थापित विभागीय अभियन्ताओं की डयूटी निर्माण कार्यो एवं विभागीय कार्यो के अलावा कोविड-19 से संबंधित कार्यो मे लगाई हुई है। उन्होने बताया कि विभागीय अनुमत कार्य यथा महात्मा गांधी नरेगा, सांसद एवं विधायक स्थानीय विकास योजना सहित सभी प्रकार के सड़कों, सिंचाई परियोजना, भवनों, जल संरक्षण कार्यो को प्रारम्भ करने के कारण निर्माण कार्यो की देखरेख, कार्यो की माप, मूल्यांकन, ग्रुप मेनेजमेन्ट इत्यादि सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुंए कार्य करवाने में अभियन्ताओं की जिम्मेदारी और बढ जाती है।
जिला कलक्टर मीणा ने विभागीय योजनाओं के निर्माण कार्यो का सफल क्रियान्वयन करवाये जाने हेतु जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अति. जिला कार्यक्रम समन्वयक नरेगा, समस्त उपखण्ड अधिकारियों एवं समस्त विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अभियन्ताओं की सेवाएं कोविड-19 से संबंधित कार्यो के लिए नहीं ली जावे तथा कोविड-19 से संबंधित कार्यो हेतु किए गए आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए विभागीय अभियन्ताओं को विभागीय अनुमत कार्य सम्पादन कराये जाने हेतु निर्देशित करे।
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जिला कलक्टर मीणा ने की सामान्य सावधानियों की अपील, दुकानों एवं ऑफिसों में सोशल डिस्टेंश अनिवार्य


बाड़मेर, 22 अप्रेल। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं मानव जीवन की रक्षार्थ आमजन से मॉडिफाईड लॉकडाउन की सख्ती से पालना करने तथा सार्वजनिक स्थलों एवं समस्त सरकारी, निजी कार्यालयों में भ्रमण एवं कार्य सम्पादन करते समय मास्क का प्रयोग करने की अपील की है।
जिला कलक्टर ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। उन्होने बताया कि किसी उपभोक्ता ने मास्क नही पहन रखा है, उसको दुकानदार द्वारा बिक्री नही की जायेगी और न ही दुकान में प्रवेश दिया जायेगा। छोटी दुकान में दो व बड़ी दुकान में पांच से अधिक उपभोक्ताओं को प्रवेश की अनुमति नही होगी तथा सामाजिक दूरी की पालना करनी होगी। उन्होने बताया कि सार्वजनिक स्थनों पर पांच से ज्यादा व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थल पर थूकना दण्डनीय होगा। शराब, गुटका, तम्बाकू की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। विवाह आदि कार्यक्रमों और अन्त्येष्टि के लिए संबंधित मजिस्टेªेट की अनुमति अनिवार्य है।
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बुधवार, 15 अप्रैल 2020

16 हजार से अधिक लाइव जुड़े लोग, ऑनलाइन पठन -पाठन को और अधिक प्रभावी किया जाएगा - शिक्षा मंत्री


फेसबुक लाइव से शिक्षा मंत्री ने किया संवाद

बाड़मेर, 15 अप्रैल। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे लॉकडाउन की पालना करें और सरकार द्वारा इस संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों की पूर्ण पालना करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने प्रोजेक्ट स्माइल के अंतर्गत 20 हजार अभिभावकों के ग्रुप बनाकर कक्षा 1 से 12 तक की पठन-पाठन सामग्री प्रतिदिन व्हाट्सएप के जरिये भेजे जाने की व्यवस्था की है। राज्य के शिक्षा अधिकारी, शिक्षक व्हाट्सएप से जुडे ऑनलाइन घर पर ही विद्यार्थियों की शिक्षा सतत जारी रखने को प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई और अधिक प्रभावी हो, इसके लिए राज्य सरकार निरन्तर अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह राज्यों को ऑनलाइन शिक्षा घर बैठे उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहयोग करे।
श्री डोटासरा बुधवार को फेसबुक लाइव के जरिये कोरोनाकाल में शिक्षा विभागीय तैयारियों और किये जा रहे कार्यों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों की सराहना की तथा कहा कि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक विभिन्न स्तरों पर इस समय में जिला प्रशासन को अपनी सेवाएं दे रहे हैं और व्यक्तिगत भी आम जन के हितार्थ जो कार्य कर रहे हैं, वह अनुकरणीय हैं। उन्होंने ऐसे सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान कोरोना से पूर्ण सतर्क और सुरक्षित है। मुख्यमंत्री का प्रयास है कि प्रदेश में इस संकट के समय कम से कम हानि हो और जल्द से जल्द कोरोना पर हम विजय प्राप्त करें। उन्होंने आम जन से भी मास्क पहन कर रहने, सोशल डिस्टेंस बनाये रखने, घरों में ही रहने और साबुन से निरन्तर हाथ धोने आदि की पालना कर कोरोना से बचाव पर जोर दिया।
श्री डोटासरा ने कहा कि निजी विद्यालय तीन महीने की फीस देने का दबाव अभिभावकों पर नहीं डाले। फीस नहीं देने की स्थिति में भी यह सुनिश्चित करे कि बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं हो। इसकी पालना नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों पर सरकार कार्यवाही करेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोचिंग संस्थाओं से भी वह आग्रह कर रहे हैं कि ऑनलाइन में पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
शिक्षा मंत्री श्री डोटासरा से फेसबुक लाइव के अंतर्गत बुधवार को 16 हजार से अधिक लोग सीधे जुड़े। इस दौरान 53 हजार से अधिक कमेंट आये। शिक्षा राज्य मंत्री ने कमेंट के जवाब लाइव भी दिए तथा कहा कि वह सोशल मीडिया, ईमेल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिये भी लोगों से जुड़ कर शिक्षा विभाग से संबंधित प्रश्नों का समाधान करते रहेंगे। उन्होंने कहा यह राज्य सरकार लोगों के साथ है, बच्चे राज्य और देश का भविष्य हैं, उनकी स्माइल हम सभी मिलकर बरकरार रखें। उन्होंने लोगों को घर पर रहने, सुरक्षित रहने का आह्वान किया।  
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मुख्यमंत्री की किसानों को बड़ी राहत, मिलेंगे मुफ्त बीज


बाड़मेर, 15 अप्रैल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के लाखों किसानों को कोरोना संकट के दौर में बड़ी राहत देते हुए खरीफ सीजन 2020 के लिए मक्का और बाजरा के प्रमाणित बीज निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। श्री गहलोत ने इसके लिए राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम से प्रमाणित बीजों की खरीद के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।
वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में 5 लाख किसानों को मक्का के प्रमाणित बीज के 5 किलोग्राम के मिनीकिट और सभी बाजरा उत्पादक जिलों के 10 लाख किसानों को 1.5 किलोग्राम के बाजरा के प्रमाणित बीज के मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने राज्य बीज निगम को राष्ट्रीय बीज निगम से खरीफ सीजन 2020 के लिए सोयाबीन के 26 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज और 14 हजार क्विंटल सोयाबीन के आधार बीज की खरीद के लिए भी स्वीकृति दे दी है।
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आपदा की घड़ी में निजी अस्पतालों को अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान


बाड़मेर, 15 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के बीच प्रदेश के निजी अस्पतालों को अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि मरीजों का इलाज नहीं करने वाले कुछ निजी अस्पतालों को आज नोटिस दिया गया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से यह बात सामने आई थी कि कुछ निजी अस्पताल मरीजों के इलाज में असमर्थता दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी हो या सरकारी, सभी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मरीजों का उचित उपचार उनकी जिम्मेदारी है, सरकार यह सुनिश्चित भी करेगी।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना के कुचक्र को तोड़ने में सैंपलिंग की अहम भूमिका है। जितने ज्यादा सैंपल लिए जाएंगे उतने की वास्तविक केस सामने आएंगे और हम समय रहते ऐसे लोगों का उपचार कर कोरोना को कम्यूनिटी स्प्रेड होने से रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 35000 सैंपल लिए जा चुके हैं। अधिकारियों से बात कर क्वारेंटाइन और आइसोलेशन की सुविधा और बढ़ाने पर विभाग काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जयपुर सहित राज्य की सभी मेडिकल कॉलेजों में 3000 जांचें प्रतिदिन की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जयपुर सहित कुछ जिलों को छोड़कर कहीं भी पॉजीटिव केसेज के बढ़ने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक 147 लोग पॉजीटिव से नेगेटिव हुए हैं, जिनमें से 74 को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
डॉ. रघु नेे कहा कि सरकार आमजन के लिए घर-घर जाकर सूखी भोजन सामग्री और खाने के पैकेट पहुंचा रही है। क्षेत्र में कोरोना के प्रकोप को कम करने के लिए हॉट स्पॉट चिन्हित कर क्लस्टर बेस्ड और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग बेस्ड दोनों तरह के सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामंगज में 418 सैंपल में से 345 सैंपल पॉजीटिव आए हैं।
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डोर-टू-डोर वितरित हो रही राशन सामग्री

बाड़मेर, 15 अप्रैल। जिले में लॉक डाउन की अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को तत्परता पूर्वक राशन सामग्री मुहैया कराने तथा समाजिक दूरी के निर्देशों की पूर्ण पालना के लिए प्रत्येक उचित मुल्य दुकान से राशन सामग्री की होम डिलीवरी की जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत लाभार्थियों को निःशुल्क गेंहू भी होम डिलीवरी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था कि गई है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि लॉक डाउन की अवधि के दौरान जिले की सभी 489 ग्राम पंचायतों में लोगों के लिए उचित मुल्य दुकान से राशन सामग्री की होम डिलीवरी की व्यवस्था संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा की गई है।  उन्होने बताया कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक वाहन की व्यवस्था की गई है जिससे वितरण का कार्य त्वरित गति से सम्पादित किया जा सके। इस दौरान ट्रेक्टर ट्रोली अथवा पिकअप वाहन के साथ राशन डीलर, उसका सहायक, वाहन चालक एवं ग्राम पंचायत द्वारा नियुक्त दो कार्मिक साथ रहते है। उन्होने बताया कि राशन सामग्री के वितरण के दौरान सोशन डिस्टेंसिंग के निर्देश दिए गए है। साथ ही समस्त कार्मिकों को मास्क एवं सैनेटाईजर का आवश्यक रूप से उपयोग करने हेतु पाबंद भी किया गया है।
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बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले बीडीओं के निलम्बन की अनुशंसा


बाड़मेर, 15 अप्रैल। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने लॉक डाउन के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ कोरोना संवेदनशील क्षेत्र जैसलमेर एवं पोकरण की यात्रा कर लौटने वाले गडरारोड पंचायत समिति के विकास अधिकारी गणपत लाल सुथार को निलम्बित करने की अभिशंसा की है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि गडरारोड़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी गणपत लाल सुथार ने 3 अप्रैल को बिना सक्षम स्तर अनुमति के मुख्यालय छोडकर जैसलमेर एवं पोकरण स्थित अपने गांव की यात्रा की तथा 7 अप्रैल की सुबह पुनः गडरारोड लौट आए। उन्होने बताया कि जैसलमैर जिले में पोकरण संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। विकास अधिकारी संक्रमित क्षेत्र यात्रा पश्चात लौटे परन्तु अपनी स्क्रीनिंग नहीं करवाई और न ही क्वारेंटाईन में रहे।
जिला कलक्टर ने बताया कि उक्त लापरवाही के लिए संबंधित विकास अधिकारी को 12 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उन्होने अब तक नहीं दिया है। उन्होने बताया कि विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण औहदे पर रहते हुए इस प्रकार कोरोना महामारी के समय लापरवाही बरतना स्वीकार्य नहीं है। जिला कलक्टर मीणा द्वारा निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान जयपुर को उक्त विकास अधिकारी के विरूद्व सख्त कार्यवाही करते हुए तत्काल निलम्बित करने अथवा एपीओ करने की अनुशंषा प्रेषित की गई है।
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जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने लॉकडाउन के तहत विद्युत उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए, मुख्यमंत्री के निर्णय की पालना में दिए निर्देश

बाडमेर, 15 अप्रैल। जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक अविनाश सिंघवी ने लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में विद्युत उपभोक्ताओं को राहत पहुुंचाने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लिए गए निर्णयों की पालना के डिस्कॉम अधिकारियों को निर्देश जारी किए है।
प्रबंध निदेशक ने लॉक डाउन के तहत आपातकालीन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विद्युत वितरण निगम जोधपुर 24 घंटे सेवारत है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा उपभोक्ताओं के लिए जो निर्णय लिए गए उनकी शत प्रतिशत पालना के निर्देश दिए गए है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि कोरोना के संक्रमण के खतरे को देखते हुए कर्मचारियों को मीटर रीडिंग के लिए भेजना संभव नहीं है, माह अप्रैल 2020 में सभी उपभोक्ताओं को औसत के आधार पर प्रोविजनल बिल जारी किए जा रहें है, जिनके उपयोग, बिल राशि का समायोजन मीटर रीडिंग उपलब्ध होने पर कर दिया जाएगा।
उन्होने बताया कि कृषि उपभोक्ताओं के मार्च 2020 में जारी बिल अप्रैल व मई 2020 में जारी होने वाले बिल की राशि का भुगतान 31 मई 2020 तक स्थगित किया गया है। 31 मई तक भुगतान न करने पर कोई विलम्ब शुल्क नहीं लगेगा, न कनेक्शन काटा जाएगा।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि घरेलू श्रेणी के 150 युनिट माह तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के उपयोग माह मार्च-अप्रैल के बिल जो क्रमशरू अप्रैल व मई माह में जारी होंगे उनकी राशि का भुगतान 31 मई 2020 तक स्थगित रहेगा। न तो अवधि के बिलों की राशि 31 मई 2020 तक भुगतान न करने पर कोई विलम्ब शुल्क नहीं लगेगा न ही कनेक्शन कटेगा। उन्होंने बताया कि 150 युनिट माह में अधिक उपभोग वाले उपभोक्त के बिल की राशि में यह छुट नहीं होगी।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि लॉकडाउन से मुक्त औद्योगिक व व्यावसायिक (अघरेलू) प्रतिष्ठानों को छोड़कर शेष सभी औद्योगिक व्यावसायिक (अघरेलू) प्रतिष्ठानों के बिल में स्थाई शुल्क की राशि का भुगतान लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई 2020 तक स्थागित रहेगा, यह स्थगित (डेफर्ड) की राशि बिल में अंकित तो होगी, परंतु देय राशि में शामिल नहीं होगी।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि कृषि व अघरेलू उपभोक्ता द्वारा माह अप्रैल व मई के बिलों की जितनी राशि का भुगतान माह अप्रैल व मई में जमा करवाया जाएगा उतनी राशि पर 5 प्रतिशत छुट आगामी माह के बिल में समायोजित हो जाएगी। उन्होनें बताया कि एमनेस्टी योजना में कृषि व घरेलू उपभोक्ता जिनमें कनेक्शन 31 मार्च 2019 से पूर्व कटे हुए है, उनके लिए एमनेस्टी योजना 30 जून 2020 तक बढ़ा दी गई है। ऐसे उपभोक्ता बिना ब्याज व बिना विलंब शुल्क मूल राशि ऑनलाइन नेट बैंकिग, पेटीएम, अजेजन-पे, जेडीवीवीएनएल कंजूमर एप, बिल डेस्क आदि द्वारा जमा करा सकते है या भुगतान योग्य राशि सहायक अभियंता कार्यालय में दे सकते है।
उपभोक्ताओं को यह सुविधा -
प्रबंध निदेशक ने बताया कि विद्युत कर्मचारियों द्वारा मीटर पठन व वितरण के लिए लॉकडाउन के चलते उपभोक्ता के यहां जाना संभव नहीं हो सकेगा, इससे बिल औसत के आधार पर बना कर ऑनलाइन, एसएमएस से भेजे जाएंगे, जबकि प्रिंटेड प्रति संबंधित एईएन कार्यालय में उपलब्ध रहेगा या निकटतम सब स्टेशन पर रखवा दी जाएगी। इन्होंने बताया कि उपभोक्ता को विकल्प होगा कि वह अपने मीटर की फोटो मय के नंबर खींच कर अपने जोन के संबंधित वरिष्ठ लेखाधिकारी को ई-मेल आईडी या मोबाइल नंबर पर भेजना चाहे तो बिल मीटर रीडिंग के आधार पर बन या ठीक कर भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताय कि बाड़मेर जोन ई-मेल sraobmz@gmail.com मे व मोबाइल नं. 9414031579 पर भेज सकते है। उन्होंनें बताया कि उपभोक्ता जेडीवीवीएनएल कंजूमर एप डाउनलोड कर बिल देख सकते है। डुप्लीकेट कॉपी निकाल सकते है, बिल का भुगतान कर सकते है। 
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता जिनके फोन नंबर, ईमेल आईडी विद्युत निगम में रजिस्टर्ड है उन्हें एसएमएस, ईमेल भी भेजा जाएगा। जिसमें बिल की राशि से संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी। उपभोक्ता सेवा केंद्र टोल फ्री नं. 18001806045 या 1920 या 0291-2741912 पर कॉल करके भी अपने बिल की राशि जान सकता है व किसी प्रकार की विद्युत संबंधी  कर सकता है। उपभोक्ता अपने मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी https://bit.ly/3a48mie पर अपडेट कर सकते है व उक्त लिंक पर ईमेल पर आईडी व मोबाइल नंबर होने पर बिल से संबंधित जानकारी ई-मेल व मोबाइल पर भेज दी जाएगी।
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प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रशासन बना सहारा


बाडमेर, 15 अप्रेल। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के मद्देनजर बेघर एवं बेसहारा लोगों तथा प्रवासी मजदूरों के लिए जिला प्रशासन द्वारा खोले गये 22 आश्रय स्थल वरदान साबित हो रहे है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बेघर, बेसहारा एवं प्रवासी मजदूरों के जिला प्रशासन द्वारा जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर आश्रय स्थल खोले गए है, जहां प्रशासन द्वारा खाना, पानी एवं सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। कोई भी बेसहारा अथवा प्रवासी मजदूर इन आश्रय स्थलों में रूक सकता है। जिले में वर्तमान में 6 आश्रय स्थलों में कुल 157 बेसहारा लोग एवं प्रवासी मजदूर शरण लिये हुए है। उन्होने बताया कि वर्तमान में बाडमेर में महावीर टाउन हॉल एवं ग्राम पंचायत खारिया तला में संचालित आश्रय स्थलों में कुल 34, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खानजी का तला एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बायतु पनजी में कुल 65, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालोतरा में 27 एवं राजकीय माध्यमिक विद्यालय नवोडा बेरा महादेव नगर समदडी स्टेशन में 31 बेसहारा एवं प्रवासी मजदूरों ठहरे हुए है। उन्होने बताया कि जिले में 22 आश्रय स्थलों में कुल 2025 प्रवासियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होने बताया कि आश्रय स्थलों में लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को आने वाली समस्याओं के निराकरण एवं प्रवासियों के समुचित भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
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बिना सक्षम अनुमति मुख्यालय छोडा, अब आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक को नोटिस


बाड़मेर,15 अप्रैल। सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना मुख्यालय छोड़ने पर आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक सुरेश कुमार शर्मा को कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस से लोगों की जीवन रक्षा के लिए प्रदेश में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। उप निदेशक 14 अप्रेल को अपने मुख्यालय पर नहीं पाए गए, इस संबंध में तहसीलदार शिव से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार उप निदेशक गांव उण्डू में अपने निवास पर मरीजों को देख रहे थे जबकि राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु लगाये गये लॉकडाउन के दौरान किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी को मुख्यालय छोडने की अनुमति नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर के आदेशानुसार समस्त आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउण्डर की सेवाएं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को सौपी गई है। उक्त आदेश की अनुपालना में उप निदेशक द्वारा आदिनांक तक अपनी उपस्थिति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पास दर्ज नहीं करवाई गई है।
जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि उप निदेशक शर्मा का यह कृत्य राज्य सरकार के आदेशों के विपरीत सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना मुख्यालय छोडने एवं स्वयं के घर पर रह कर राजकीय डयुटी के बिना सक्षम अनुमति गायब होना तथा अपने घर पर मरीजों को देखना घोर लापरवाही एवं कर्तव्य विमुखता को प्रदर्शित करता हैं। इसके लिए जिला कलक्टर मीणा ने उप निदेशक शर्मा को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है कि क्यों नहीं इसके लिए उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जावें। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में यह मानते हुए कि आपको कुछ नहीं कहना है, नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाएगी।
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कोविड 19 के मध्यनजर प्रशासन सख्त, मुख्यालय छोडने पर होगी कड़ी कार्यवाही


बाडमेर, 15 अप्रेल। वर्तमान में कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश एवं मुख्यालय छोडने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि ऐसा ध्यान में आया है कि कतिपय जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किये बिना मुख्यालय छोड़ा जा रहा है, जो वर्तमान स्थिति को देखते हुए कतई उचित नहीं है। उन्होने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे भविष्य में जिला कलक्टर की अनुमति प्राप्त किये बिना अथवा अत्यावश्यक होने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर की बिना अनुमति अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेगे। साथ ही अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पाबन्द किया गया है कि वे संबंधित नियंत्रण अधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त करने के पश्चात् ही अपना मुख्यालय छोडेंगे।
जिला कलक्टर मीणा ने सख्त हिदायत दी है कि आदेश की अवहेलना किये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ ही कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी।
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रविवार, 12 अप्रैल 2020

कार्मिकों एवं वाहनों के आवागमन के लिए ई-पास

बाड़मेर, 12 अप्रैल। लॉकडाउन के दौरान जरूरी सेवाओं के संचालन एवं वस्तुओं की आपूर्ति में लगे कार्मिकों एवं वाहनों के आवागमन के लिए ई-पास की सुविधा आरम्भ की गई है। सम्बंधित कम्पनी एवं फर्म  epass.rajasthan.gov.in URL पर अपने कार्मिकों के लिए लॉकडाउन पास के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमण के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं के संचालन एवं जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए सम्बंधित कम्पनी एवं फर्म की ओर से अपने कार्मिकों एवं वाहनों के आवागमन के लिए जिला प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, उद्योग विभाग आदि को पास हेतु आवेदन किया जा रहा है। संक्रमण रोकने में सबसे महत्वपूर्ण सोशल डिस्टेंसिंग के दृष्टिकोण के मध्यनजर तथा आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में ई-पास की सुविधा आरम्भ की गई है। सम्बंधित कम्पनी एवं फर्म  epass.rajasthan.gov.in URL पर अपने कार्मिकों के लिए लॉकडाउन पास के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के मंजूर होने पर आवेदक को उसकी ईमेल पर ई-पास दो भागों में प्राप्त होगा। वाहन के लिए ई-पास जिसमें आवेदक की फोटो एवं क्यूआर कोड होगा जिसे वाहन पर लगाया जा सकेगा तथा पास के दूसरे भाग में कार्मिकों का व्यक्तिगत विवरण मय वाहन संख्या के होगा। उपरोक्त ई-पास को फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा अपने मोबाइल एप द्वारा डिजिटल रूप से जांचा जा सकेगा।
यह सुविधा राजकोप सिटीजन मोबाइल एप पर भी उपलध है। ऑनलाइन लॉकडाउन पास के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न  https://police.rajasthan.gov.in/RajCopCitizenFAQ.html  लिंक पर उपलब्ध हैं।
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लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...