बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

सहकारी भूमि विकास बैंकों में ऋण आवेदन की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन


गोल्ड लोन एवं एग्रो प्रोसेसिंग क्षेत्र में कार्य करेंगे बैंक
बाड़मेर, 19 फरवरी। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रशासक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय जी.एल. स्वामी ने कहा कि भूमि विकास बैंकों के माध्यम से किसानों के ऋण आवेदन की प्रक्रिया को शीघ्र ही पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऋण वसूली एवं विधिक कार्यवाही को भी पोर्टल के माध्यम से सम्पन्न किया जायेगा। इससे ऋण प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता आएगी तथा मॉनिटंरिग भी प्रभावी हो सकेगी।
उन्होेंने कहा कि सहकारी भूमि विकास बैंकों में भर्ती के लिए शीघ्र ही सहकार भर्ती बोर्ड आवेदन आमंत्रित करेगा। उन्होंने कहा कि भूमि विकास बैंकों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
राष्ट्रीय सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक्स फैण्डरेशन, मुंबई के प्रबंध निदेशक श्री के.के. रविन्द्रन ने कहा कि बदलते समय में ऋण वितरण की प्रक्रिया को सरल करते हुए किसान पर कम किस्त अदायगी का शेड्यूल बनाना चाहिए ताकि वह समय पर ऋण की अदायगी कर सके। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा व्यवसायिक विविधिकरण की ओर आगे बढ़ते हुए मल्टी सर्विस देने पर जोर दिया जाए ताकि तरलता की समस्या नही आये तथा बैंक प्रबंधन को भी ऑन फंड क्रियेट करने पर ध्यान देना होगा।उन्होंने कहा कि जिन भूमि विकास बैंकों की स्थिति अच्छी है उन्हें गोल्ड लोन एवं एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में कार्य करना चाहिए। राजस्थान के सहकारी भूमि विकास बैंकों को कर्नाटक, केरल, तेलगांना जैसे राज्यों के मॉडल को अपनाते हुए कार्य करना होगा ताकि ऋण असंतुलन जैसी स्थितियों से सहकारी भूमि विकास बैंकों को उभारा जा सके। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्राथमिक भूमि विकास बैंकों का अध्ययन कर उनके अनुरूप योजनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकों को ऋण वसूली पर ध्यान देना चाहिए।
प्रबंध निदेशक एसएलडीबी जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि भूमि विकास बैंकों द्वारा फसली ऋण वितरण के लिए नाबार्ड से आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमि विकास बैंकों के सदस्यों को 3 लाख रूपये तक के व्यक्तिगत ऋण देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक विविधिकरण की ओर बढ़ते हुए ऋणों का नियमित चुकारा करने वाले ऋणी सदस्यों को नकद साख सीमा ऋण उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य योजना बनाई जा रही है।
शर्मा ने कहा कि भूमि विकास बैंकों से ऋण वितरण की प्रक्रिया को नया लुक दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऋण वितरण की पुरानी अवधि में समय के अनुसार फेरबदल किया जा रहा है। उन्होेंने कहा कि नाबार्ड की ऋण नीति के अनुसार ऋण वितरण में विविधता को प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि नाबार्ड पुनर्वित्त की ब्याज दरों में कमी लाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में 230 करोड़ का दीर्घकालीन कृषि ऋण किसानों को वितरित किया जा रहा है।
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सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को त्वरित गति से निपटाने के लिए कृत संकल्पित


प्रक्रियाधीन भर्तियों की समीक्षा

बाड़मेर, 19 फरवरी। राज्य सरकार भर्तियों के संबंध में अत्यंत गम्भीर है और मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने विभिन्न विभागों में भर्तियों की प्रक्रियाओं को त्वरित गति से निपटाने को अपनी प्राथमिकता में रखा है।  
मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने विभिन्न विभागों के सचिवों से उन भर्तियों पर चर्चा की जिनका परीक्षा परिणाम जारी हुए तीन माह या उससे अधिक समय हो गया लेकिन उन पर अभी तक नियुक्ती नहीं हुई। उन्होंने नर्सरी अध्यापक, महिला सुपरवाइजर, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अध्यापक, आर्थिक अन्वेषक जैसे पदों के लिए तुरन्त नियुक्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द आरम्भ करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने वेयर हाउस मैंनेजर, आर.ए.एस, आर.टी.एस, कर सहायक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक पदों के लिए परीक्षा आयोजित हुए 3 माह से अधिक समय हो जाने के बावजूद परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किये जाने पर आरपीएससी एवं राज.कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिवों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रियाओं में आने वाली अड़चनों का संबंधित विभाग के साथ तालमेल बैठाते हुए तुरंत निस्तारण करें। उन्होंने उन भर्तियों के मामले भी शीघ्र निपटाने के लिए कहा जिनके वाद न्यायालय में लम्बित हैं। मुख्य सचिव ने आरपीएससी के अधिकारीयों को शीघ्र भर्ती संबंधी कैलेण्डर बनाने के निर्देश भी दिए। कार्मिक विभाग कि सचिव श्रीमती रोली सिंह ने राज्य में प्रक्रियाधीन भर्तियों की वर्तमान स्थिति की विस्तार से जानकारी दी।
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बाड़मेर में स्वरूप सिंह एवं जैसलमेर में सुभान खान जिला उपभोक्ता मंच में सदस्य नियुक्त


बाड़मेर, 19 फरवरी। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच हेतु उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 (1986 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 68) की धारा 10 (1क) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 17 पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की गई हैं।
आदेशानुसार जिला मंच बांसवाड़ा में भावना मेहता, बाड़मेर में स्वरूप सिंह, बूंदी में संतोष भाकल, चित्तौड़गढ़ में राजेश्वरी मीणा एवं अरविंद कुमार भट्ट, चूरू में संतोष मासूम, दौसा में माया खंडेलवाल, डूंगरपुर में जय दीक्षित एवं दीप्ति पांचाल, जैसलमेर में सुभान खान, जालौर में ममता जैन, झालावाड़ में शीला मीना, जोधपुर प्रथम में अफसाना खान, करौली में चंदा शर्मा, पाली में मेहनाज सम्मा, सीकर में मोहम्मद शाकिर एवं ज्योति जोशी को जिला मंच का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है।
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मोर पंखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का विचार


बाड़मेर, 19 फरवरी। वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि मोर को शिकार से बचाने के लिए उसके पंखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सारस, गिद्ध, गोडावण, मोर जैसे पक्षियों के संरक्षण के लिए गंभीरता से प्रयास किये जा रहे है।
उन्होंने कहा कि सारस एवं गिद्ध की कैप्टिव ब्रीडिंग करने के अतिरिक्त गोडावण के नये अंडे एकत्रित कर चूजे तैयार कर इन पक्षियों के संरक्षण का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पक्षियों के घायल या बीमार होने की सूचना मिलने पर तत्काल टीम द्वारा उन्हें बचाने का प्रयास किया जाता है। इसके अतिरिक्त शिकार करने की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही कर मुकदमा दर्ज करने, चालान पेश करने तथा गिरफ्तारी का काम किया जाता हैं।
विश्नोई ने बताया कि गत वर्ष प्रदेश के कुछ वन मण्डलों में जहरीला दाना डालकर पक्षियों के मारे जाने के प्रकरण सामने आये हैं। इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम हेतु अधिनस्थ स्टाफ द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित गश्त की जाती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का प्रकरण संज्ञान में आने पर वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के प्रावधानों के अंतर्गत अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा आमजन में जागरुकता लाने के लिए पक्षी महोत्सव एवं वन्यजीव सप्ताह के आयोजन किये गये हैं। विश्नोई ने बताया कि वर्तमान में राज्य के जिलों में ऑनररी वाइल्ड लाइफ वार्डन नियुक्त नहीं किये हुये हैं। इसका परीक्षण किया जा रहा है।
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मदरसों में लगे पैराटीचर्स का स्थानान्तरण करने के संबंध में नियम बनाये जाएंगे


विधायक अमीन खान का प्रश्न

बाड़मेर, 19 फरवरी। अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि मदरसों में लगे पैराटीचर्स का स्थानान्तरण करने के संबंध में नियम बनाये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पैराटीचर्स संविदाकर्मी होते है और इनका स्थानान्तरण नहीं किया जा सकता है।  विभाग द्वारा इस संबंध में 20 दिसम्बर 2017 को आदेश जारी किये गये थे। कुछ पैराटीचर्स ऐसे है जो गंभीर बीमारी से पीड़ित है या जो महिलाएं दूर-दराज में लगी हुई, उनका स्वयं के प्रार्थना पत्र पर कार्य व्यवस्था की दृष्टि से उसी जिले अथवा अन्य जिलों में समायोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पैराटीचर्स के स्थानान्तरण के संबंध में कोई नियम बने हुये नहीं है।
इससे पहले विधानसभा में विधायक अमीन खां के प्रश्न के जवाब में मोहम्मद ने बताया कि 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत विगत एक वर्ष में 92 बैठकें जिला स्तर पर आयोजित की गई तथा अल्पसंख्यक कल्याण हेतु संचालित योजनाओं से 731767 अल्पसंख्यकों को लाभान्वित किया गया। भविष्य में भी इसी प्रकार अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के अन्तर्गत अल्पसंख्यकों को लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मदरसों में लगे पैराटीचर्स को दूसरे जिले में स्थानान्तरित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केवल गम्भीर रोग से पीडित, विधवा, परित्यक्ता, विवाहित महिलायें, डिरजिस्ट्रर्ड एवं शून्य नामांकन वाले मदरसों में कार्यरत कुल 212 शिक्षा सहयोगी को स्वयं के प्रार्थना पत्र पर उसी जिले अथवा अन्य जिलों में कार्य व्यवस्था की दृष्टि से समायोजित किये गये है।
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खनिज बजरी के अवैध खनन, निर्गमन एवं भण्डारण की रोकथाम हेतु विशेष जाॅच दल गठित


बाडमेर, 19 फरवरी।  जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में खनिज बजरी के अवैध खनन, निर्गमन एवं भण्डारण की रोकथाम एवं न्यायालय के आदेशों की पालना में सभी संभावित कदम उठाये जाने हेतु पूर्व आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए पुलिस थाना स्तर पर खान, वन, राजस्व, परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के विशेष जांच दल गठित किए गए है।
जिला कलक्टर अंशदीप की ओर से जारी आदेश के अनुसार विशेष जांच दल के प्रभारी संबंधित उपखंड अधिकारी होंगे। संयुक्त जांच दल खनिज बजरी के अवैध खनन, निर्गमन एवं भंडारण के विरूद्ध प्रभावी रोकथाम के लिए कार्यवाही करेंगे। उन्होने बताया कि जिला एवं प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी कार्यालय स्तर पर खनिज बजरी के अवैध खनन, निर्गमन, भण्डारण के संबंध में एक रजिस्टर का संधारण किया जाकर खनिज बजरी के अवैध खनन, निगर्मन, भण्डारण की शिकायतों एवं परिवादों को दर्ज कर उस पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उन्हांेने सख्त हिदायत दी है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर अत्यन्त गंभीरता से लिया जाकर अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जिला कलक्टर अंशदीप ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए खनि अभियन्ता खान विभाग बाड़मेर नोडल अधिकारी होंगे तथा संयुक्त जांच दलांे की ओर से की गई कार्यवाही की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट खान विभाग राजस्थान जयपुर को भिजवाते हुए जिला कार्यालय को अवगत कराएंगे।
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निर्वाचक नामावली तैयार किये जाने हेतु पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित


बाड़मेर, 19 फरवरी। परिसीमन से प्रभावित ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली तैयार किये जाने हेतु पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में परिसीमन से प्रभावित होने वाली ग्राम पंचायतों में निर्वाचक नामावलियों को नए सिरे से तैयार किया जाना हैं। उन्होने बताया कि परिसीमन से प्रभावित ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली तैयार किए जाने हेतु घोषित पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावलियों का प्रारूप प्रकाशन 26 फरवरी को किया जाकर इसी दिन निर्वाचक नामावलियों का वार्डों, मतदान केन्द्रों पर पठन किया जाएगा। एक मार्च विशेष अभियान की तिथी निर्धारित की गई है। 6 मार्च को दावें एवं आक्षेपों को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथी होगी तथा 13 मार्च तक दावें एवं आक्षेपों का निस्तारण किया जा सकेगा। उन्होने बताया कि 20 मार्च तक पूरक सूचियों की तैयारी की जाकर 23 मार्च को निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।  
प्रभावित होने वाली निर्वाचक नामावलियों से संबंधित ग्राम पंचायतें-
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में प्रभावित होने वाली निर्वाचक नामावलियों से संबंधित ग्राम पंचायतें यथा बाडमेर पंचायत समिति मेें ग्राम पंचायत गरल एवं मीठड़ा, चैहटन में तारातरा, भोजारिया, चैहटन, केरनाडा, पौशाल, चैहटन आगोर एवं कोनरा विलायतशाह, धोरीमना में खारी एवं कातरला खिलेरियान, शिव में स्वामी का गांव एवं नेगरड़ा, सिवाना में देवन्दी, महिलावास एवं अर्जियाणा, पाटोदी में साजियाली रूपजी राजाबेरी एवं डउकियों का तला, धनाऊ में सांवा, नवातला राठौड़ान एवं सारणों की नाडी, सेड़वा में गुले की बेरी तथा आडेल में आसुओं की ढाणी एवं खारड़ी बेरी है, जिसके लिए पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया है।
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कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता शिविर 26 फरवरी को


बाड़मेर, 19 फरवरी। जिला प्रशासन एवं कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के तत्वाधान में एक दिवसीय कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता शिविर का आयोजन 26 फरवरी को प्रातः 10 बजे से नेहरू युवा केन्द्र बाड़मेर में किया जाएगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि शिविर में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठान, प्रशिक्षण एवं स्व-रोजगार प्रदान करने वाले संस्थानों को आमंत्रित किया गया है। शिविर में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थान, उद्योग केन्द्र, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास निगम, आरसेटी, भारतीय जीवन बीमा निगम के अलावा राजवेस्ट लि., सोडक्सो फूड सोल्यूशन इंडिया प्रा.लि., साउथ वेस्ट माईिनिंग लि., वेदान्ता लि. को भी आमंत्रित किया गया है।
उन्होने बताया कि इच्छुक युवा अपने मूल प्रमाण-पत्रों की फोटोप्रति, पासपोर्ट साईज फोटो के साथ उक्त शिविर में उपस्थित होकर उपलब्ध विभागों एवं संस्थानों से सम्पर्क कर लाभान्वित हो सकते है।
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उपखण्ड अधिकारी अधीनस्थ कार्मिकों के विरूद्ध कार्यवाही को सशक्त


बाडमेर, 19 फरवरी। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर सभी उपखण्ड अधिकारियों को उनके उपखण्ड में कार्यरत समस्त अधीनस्थ सेवाओं एवं मंत्रालयिक सेवाओं के कार्मिकों के विरूद्ध लघु शास्तियां अधिरोपित करने के लिए विशेष रूप से सशक्त किया गया है।
संयुक्त शासन सचिव कार्मिक क-3 विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1958 के नियम 15 के उप नियम 1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत सभी उपखण्ड अधिकारियों को उनके उपखण्ड में कार्यरत समस्त अधीनस्थ सेवाओं एवं मंत्रालयिक सेवाओं के कार्मिकों के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1958 के नियम 17 के अधीन लघु शास्तियां अधिकतम दो वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने तक अधिरोपित करने लिए विशेष रूप से सशस्त किया गया है। आदेशानुसार उपखण्ड अधिकारी के दण्डादेश के विरूद्ध नियम 23 में निर्दिष्ट प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत की जा सकेगी।
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गिड़ा में छात्रावास निर्माण हेतु तीन बीघा भूमि आवंटित


बाड़मेर, 19 फरवरी। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी की घोषण के अनुसार राज्य सरकार द्वारा ग्राम गिडा के खसरा नम्बर 112 में छात्रावास निर्माण हेतु मेघवाल शिक्षा एवं विकास संस्थान बालोतरा को तीन बीघा भूमि का आवंटन किया गया है।
जिला कलक्टर अंशदीप ने बताया कि शासन उप सचिव राजस्व गु्रप 3 विभाग द्वारा ग्राम गिडा के खसरा नम्बर 112 की भूमि मे से तीन बीघा भूमि राजस्थान भू राजस्व (स्कूलों, कॉलेजो, औषधालयों एवं सार्वजनिक उपयोग के अन्य भवनों हेतु राजकीय भूमि का आवंटन) नियम 1963 के तहत मेघवाल शिक्षा एवं विकास संस्थान बालोतरा को छात्रावास हेतु निःशुल्क आवंटन की स्वीकृति प्रदान की गई है। आदेशानुसार संस्था उक्त छात्रावास में अनुसूचित जाति के सभी वर्गो के विद्यार्थियों को भी प्रवेश में प्राथमिकता प्रदान करेगी।
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मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

सड़क दुर्घटना मे मृत/घायल व्यक्तियों को आर्थिक सहायता स्वीकृत


बाडमेर, 18 फरवरी। जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा अंशदीप ने बताया कि सिणधरी तहसील क्षेत्र में खारडी बेरी आडेल निवासी थानाराम पुत्र दुर्गाराम जाट, शिव तहसील क्षेत्र में भंवरीसर निवासी मुख्तार खान पुत्र जानू खान मुसलमान, पचपदरा तहसील क्षेत्र में कल्याणपुरा निवासी जालाराम पुत्र पदमाराम चौधरी, बायतु तहसील क्षेत्र में छितर का पार निवासी संजय कुमार पुत्र गुलाबराम दिशान्तरी एवं बाडमेर तहसील क्षेत्र में सनावडा निवासी माया पत्नी श्रवण देशान्तरी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपये आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार सेडवा तहसील क्षेत्र में सडक दुर्घटना में घायल शेरपुरा निवासी चौथाराम पुत्र शेराराम कोली को बीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
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विद्यार्थी दुर्घटना बीमा दावा के तहत एक-एक लाख रूपये की राशि स्वीकृत


बाडमेर, 18 फरवरी। जिले मेे गुडामालानी क्षेत्र के धोरीमना रोड़ पर सड़क हादसे में विद्यार्थियों की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने से विद्यार्थी दुर्घटना बीमा दावा की एक-एक लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के सहायक निदेशक रविन्द्र पंवार ने बताया कि धोरीमना रोड़ पर सड़क दुर्घटना में विद्यार्थी पारस कुमारी पुत्री प्रभूराम, पुरों पुत्री सांवलाराम एवं गोरखाराम पुत्र बांकाराम की मृत्यु हो गई थी, जिनके परिजनों के बैंक खाते में एक-एक लाख रूपये की दावा राशि जमा हेतु बिल कोष कार्यालय में भिजवाया गया है।
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केंद्रीय अंतर मंत्रालयिक दल को दिया फ़ीड बैक


बाड़मेर,18 फरवरी। केंद्रीय अंतर मंत्रालयिक टीम का बायतु पहुंचने पर उपखण्ड अधिकारी विवेक व्यास ने जिला प्रशासन की तरफ  से स्वागत कर टिड्डी हमले का का प्रारंभिक फिड बेक दिया।
    जिला कलेक्टर अंशदीप के निर्देशानुसार टीम लीडर केंद्रीय दल डा. जे पी सिंह निदेशक व अन्य सदस्य अनिल ढिल्लन डी जी एम, मोतीराम सहायक आयुक्त का उपखंड अधिकारी बायतू विवेक व्यास ने स्वागत किया । उन्होंने इस दौरान बायतु के गिड़ा क्षेत्र में टिड्डी हमले की जानकारी दी एवं किसानों की मांगों से अवगत कराया।

अंतर मन्त्रालयिक केंद्रीय दल ने टिड्डी हमले के नुकसान पर चर्चा की


बाड़मेर, 18 फरवरी । अंतर मंत्रालयिक केन्द्रीय दल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल में  बैठक के दौरान बाड़मेर जिले मंे टिड्डी दल के हमले से फसलांे मंे हुए नुकसान के बारे मंे जानकारी ली। केन्द्रीय दल पौध संरक्षण संगरोध एवं भंडारण निदेशालय फरीदाबाद के संयुक्त निदेशक डॉ जे.पी.सिंह, भारतीय खाद्य निगम के उप महाप्रबंधक अनिल ढिल्लन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहायक आयुक्त मोतीराम शामिल थे।
इस दौरान जिला कलक्टर अंशदीप एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बाड़मेर जिले मंे टिड्डी दल का प्रथम आक्रमण 29 जून 2019 को हुआ था। इसके उपरांत लगातार टिडडी दल का हमला होता रहा। उन्हांेने बताया कि बाड़मेर जिले मंे इसकी वजह से अब तक की गिरदावरी रिपोर्ट के मुताबिक 43 हजार 466 हैक्टेयर मंे फसल मंे खराबा हुआ है। इसमंे गेहूं की 515 हैक्टेयर, चने की 2, अरंडी की 13, रायड़ा की 217, तारामीरा 465, जीरा 27129 एवं इसबगोल की 15126 हैक्टेयर मंे खड़ी फसल खराब हुई।
    बैठक मंे पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, बायतू उपखंड अधिकारी विवेक व्यास, कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा, जीवण राम भाखऱ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. कमलेश चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल ने लिया टिड्डी हमले से ख़राबे का जायजा


ग्रामीणों ने केंद्रीय दल को टिड्डी से हुए नुकसान से अवगत कराया

बाड़मेर, 18 फरवरी। अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल ने मंगलवार को बाड़मेर जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर टिड्डी हमले से फसल ख़राबे का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने टिड्डी से हुए नुकसान से अवगत कराया। उन्होंने केंद्रीय दल से अधिकाधिक राहत दिलाने का अनुरोध किया।
   अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल में शामिल पौध संरक्षण निदेशालय के सयुक्त निदेशक डॉ जे पी सिंह, एफसीआई के डीजीएम अनिल ढिल्लन, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहायक आयुक्त मोतीराम ने मंगलवार को  धोरीमन्ना तथा सेड़वा क्षेत्रो में टिड्डी हमले की स्थिति का जायजा लिया। केंद्रीय दल ने ग्रामीणों से व्यक्तिशः रूबरू होकर टिड्डी हमले से उत्पन्न स्थिति विशेषकर फसल ख़राबे का आंकलन किया तथा इससे निपटने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने विस्तार से टिड्डी हमले की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने केंद्रीय दल से प्रति हैक्टेयर मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देय प्रति हेक्टेयर मुआवजा राशि से कहीं अधिक बुआई की लागत आ जाती है। किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा दो हैक्टेयर तक मुआवजा दिया जाता है जबकि बाड़मेर जिले में जोत का आकार बड़ा हें। इसलिए केंद्र सरकार मुआवजा राशि के मानक बदले।
       धोरीमन्ना के कोजा पंचायत के बोला का डेर में किसान हनुमान राम ने बताया कि मकर सक्रांति के दिन सूरज के उत्तरायण में  आते ही उन पर टिडडी ने कहर बरपाया। एक माह पुरानी जीरे की फसल चट कर टिडडी उड़ गई। कुल 17 बीघा में फसल बर्बाद होने से हनुमान का पूरा परिवार सदमे में है। वही बोला का ढेर में ही महिला काश्तकार पीपों देवी ने केंद्रीय दल को बताया कि उसके 20 बीघा के खेत पर टिड्डी आठ दिन तक हमला करती रही एवं स्प्रे का कोई असर नही हुआ क्योंकि स्प्रे से टिड्डी मरती नही बल्कि उड़ती और लौट कर पुनः आ जाती। कुछ इसी प्रकार की व्यथा भलीसर के काश्तकार तुलछा राम तथा राणासर के मोटाराम ने भी केंद्रीय दल को कही तो सेड़वा के सदराम की बेरी के सुखराम भी टिड्डी हमले से दुःखी थे। यही पर भैरा राम ने  भी टिड्डी से भयंकर पीड़ा की दास्तान केंद्रीय दल को सुनाई।
     राणासर में केंद्रीय अध्ययन दल की तरफ से डॉ. जे पी सिंह ने किसानों से इस प्राकृतिक आपदा के प्रति पूरी सहानुभूति जताते हुए कहा कि वो केंद्र सरकार से अपनी विस्तृत रिपोर्ट में सभी पहलुओं को ब्यौरा देंगे। सेड़वा में पूर्व प्रधान गफूर अहमद ने टिड्डी हमले से हुए नुकसान से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि कई खेतों में टिड्डी हमला एक से अधिक बार हुआ। एक बार फसल चौपट हो जाने के बाद टिड्डी पीछे से दुबारा आ गई। खेतो में टिड्डो से जीरे की फसल को सर्वाधिक नुकसान पँहुचा । वही इसबगोल एवं अरण्डी भी टिड्डी हमले से साबुत नही रही तो गेंहू पर भी असर आया। किसानों ने तात्कालिक सहायता के रूप में बिजली के बिल माफ़ करने की मांग की।
          भृमण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार शर्मा, उपखण्ड अधिकारी कुसुम लता चौहान, विरमाराम एवं कृषि विभाग के सयुंक्त निदेशक वी आर सोंलकी, उपनिदेशक जीवणा राम भाखऱ, किशोरीलाल वर्मा समेत कृषि  एवं राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद थे।















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बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

जिला स्तरीय जन सुनवाई गुरूवार को

बाड़मेर, 12 फरवरी। आमजन की परिवेदनाआंे की सुनवाई एवं समस्याआंे के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय जन सुनवाई का आयोजन गुरूवार 13 फरवरी को प्रातः 11 बजे से जिला कलक्टर कार्यालय स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र मंे किया जाएगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिला स्तरीय जन सुनवाई मंे संबंधित अधिकारियांे को उपस्थित होकर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार परिवेदनाआंे एवं समस्याआंे का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सतर्कता समिति की बैठक स्थगित

बाड़मेर, 12 फरवरी। गुरूवार को आयोजित होने वाली जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक स्थगित कर दी गई है।
कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर नीरज मिश्र ने बताया कि विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक स्थगित की गई है।
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जिला टास्क फोर्स की बैठक गुरूवार को

बाडमेर, 12 फरवरी। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना के क्रियान्वयन एवं सूत्रण हेतु जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठक जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में गुरूवार 13 फरवरी को सायं 5 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।
महिला अधिकारिता विभाग उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित ने जिला टास्क फोर्स के सभी सदस्यों से निधारित समय पर बैठक में भाग लेने का आग्रह किया है।
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पीएम किसान निधि योजना

लाभार्थी किसानों को मिलेगा तीन लाख का केसीसी


बाड़मेर, 12 फरवरी । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रथम वर्षगांठ के मौके पर लाभार्थी  सभी किसानों को तीन लाख तक का किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जाएंगे।
       जिला कलेक्टर अंशदीप ने बताया कि 24 फरवरी 2020 को पीएम किसान योजना को एक वर्ष पूर्ण हो रहा है। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी 24 फरवरी तक अभियान चलाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थियों को तीन लाख लिमिट तक के किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जाएंगे।
        लीड बैंक अधिकारी राजकुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत किसानों को बिना किसी गारंटी के केसीसी के तहत एक लाख साठ हजार रूपए तक का ऋण स्वीकृत किया जा सकता है तथा ऋण की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है। उन्होने बताया कि अब बिना किसी गारंटी के ही ऋण प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही किसान यदि समय से ऋण चुकता कर देते है तो उन्हें तीन लाख रूपए तक का ऋण सिर्फ चार फीसदी ब्याज (ब्याज अनुदान सहित) पर मिल सकेगा। किसानों की आय दोगुना करने, साहुकारों के चंगुल से छुड़ाने के लिए गांव-गांव कैंप लगाकर केसीसी दिया जाएगा। जिसके लिये पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी अपने बैंक शाखा से संपर्क कर सकते है।  
        उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पहले से केसीसी बनवा रखा है परन्तु खाता अनएक्टिव हो चुका है वे भी अपना खाता एक्टिव करा सकते है साथ ही ऋण सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है।
अग्रणी बैंक अधिकारी ने बताया कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन व मत्स्य पालन के लिए भी केसीसी के तहत अतिरिक्त ऋण सीमा निर्धारित कर सकते है। इसके लिए एक पृष्ठ का सामान्य आवेदन पत्र तैयार कर सभी बैंकों की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा सभी पात्र किसान परिवारों को 24 फरवरी, 2020 तक केसीसी जारी करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें सभी बैंक इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए इस दौरान प्राप्त पूर्ण आवेदनों पर निस्तारण 14 दिवस के अंदर करेंगे।
       उन्होंने बताया कि इसके लिए 14 दिन का विशेष अभियान चला कर किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही इस अभियान के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति  बीमा योजना से भी किसानों को लाभान्वित किया जाएगा ।
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टिड्डी से प्रभावित काश्तकारों को सरकार हर संभव मदद करेगी

53 हजार काश्तकारों को 98 करोड़ का कृषि आदान अनुदान वितरित


बाड़मेर, 12 फरवरी। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री मास्टर भवंरलाल मेघवाल ने  बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि टिड्डी के आक्रमण से प्रभावित काश्तकारों को राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी।
मेघवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य राहत आपदा कोष के नियमों के तहत 75 प्रतिशत केन्द्र सरकार तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्तीय राशि आंवटित की जाती है। उन्होने कहा कि टिड्डी आक्रमण से प्रभावित 77 हजार 676 किसानों के लिए10 फरवरी तक 89 करोड़ रुपये जिलों से संबधित जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले 2 दिन में राशि बढ़ाकर 106 करोड़ 21 लाख कर दिए गए है, जिनमें जिला कलेक्टरों द्वारा 98 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि काश्तकारों के बैंक खाते में डाले जा चुके है तथा दिन प्रतिदिन काश्तकारों के खातों में राशि जमा करवाई जा रही है।
आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री ने कहा कि रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 49 काश्तकार टिड्डी आक्रमण से प्रभावित हुए है जिनके खातों में 4 लाख 56 हजार रुपये जमा करा दिए गए है। उन्होंने बताया कि जैसे ही विभाग को किसी भी प्रभावित काश्तकार की सूचना जिला कलक्टर से प्राप्त होती है, तत्काल विभाग द्वारा वित्तीय सहायता उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है।
मास्टर मेघवाल ने बताया कि टिड्डी आक्रमण से 8 जिलों के 77 हजार 676 प्रभावित किसानों में से 53 हजार 915 किसानों को 89.93 करोड़ रूपये का कृषि आदान अनुदान वितरित किया जा चुका  है।
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संस्कृत शिक्षा में किए गए नवाचार ऐतिहासिक

संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने को राज्य सरकार बेहद गम्भीर


बाड़मेर, 12 फरवरी।  संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए नवाचार ऐतिहासिक है।
डॉ गर्ग प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य में पहली बार संस्कृत शिक्षा के 69 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया है तथा 50 अतिरिक्त विद्यालय खोला जाना प्रकियाधीन है, जो कि एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्ष में शिक्षा के लिए जो कार्य किये उससे भी अधिक कार्य हमारी सरकार ने पिछले एक वर्ष में किए है। गत सरकार द्वारा एक भी संस्कृत का विद्यालय क्रमोन्नत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रिक्त पदों पर 350 संस्कृत के शिक्षक लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बेहद गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन संस्कृत विद्यालय का भवन नहीं है उनके लिए बजट आवंटन की प्रकिया जारी है। इसके अतिरिक्त बालोतरा में हाल ही में 8 संस्कृत के शिक्षक लगाए गए हैं।
इससे पहले विधायक श्री मदन प्रजापत के मूल प्रश्न के जवाब में डॉ. गर्ग ने संस्कृत शिक्षा को बढावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का विवरण तथा संस्कृत शिक्षा का विगत तीन वर्षों का बजट प्रावधान एवं व्यय का वर्षवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा के विभिन्न स्तर के 1 हजार 766 राजकीय संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने इन विद्यालयों में विभिन्न श्रेणीयों के स्वीकृत एवं पदों की स्थिति का श्रेणीवार, जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि प्राध्यापक विद्यालय के विभिन्न विषयों के 286 पदों के क्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा  264 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु विज्ञापन जारी कर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा चुके हैं। शेष 22 पदों की भर्ती हेतु कार्यवाही आयोग के स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 718 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा  प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाकर दिनांक 3 फरवरी 2020 से 6 फरवरी 2020 तक काउंसलिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक प्रवेशिका के 100 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग के स्तर पर विज्ञप्ति जारी किये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
डॉ गर्ग ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक के 177 पदों को भरने हेतु राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्तमान में 718 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् अर्थना भिजवाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक तृतीय ग्रेड के 60 पद, पुस्तकालयाध्यक्ष तृतीय ग्रेड के 31 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु अर्थना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भिजवाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अध्यापक के 226 पदों पर विभागीय स्तर पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा कनिष्ठ सहायकों के 131 पदों की अर्थना प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाई हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त पदों पर सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने पर अध्यापकों से रिक्त पदों को भरा जा सकेगा ।
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आगजनी से पीड़ित परिवारों को केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही राहत प्रदान

बाड़मेर, 12 फरवरी। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि आगजनी से पीड़ित परिवारों को केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही राज्य सरकार राहत प्रदान करती है।
मेघवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि आगजनी की घटनाओं में पटवारी तथा तहसीलदार द्वारा जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाती है जिस पर विभागीय अधिकारी स्वीकृति कर पीड़ित को वित्तीय राशि आंवटित करते है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में जांच से लेकर स्वीकृति एवं वित्तीय राशि का आवंटन सहित सभी कार्य ऑनलाइन प्रकिया के द्वारा किये जाते हैं। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही आगजनी की घटनाओं में राज्य सरकार राहत प्रदान करती हैं।
मेघवाल ने कहा कि एसडीआरएफ नोर्म्स के अनुसार प्राकृतिक आपदा घटित होने पर प्रभावितों द्वारा आवेदन की प्रक्रिया अब जनवरी 2020 से ऑनलाइन कर दी गई है। आवश्यक प्रक्रिया की पूर्ति करते ही जिला कलक्टर द्वारा विभाग से ऑनलाइन बजट प्राप्त कर तत्काल सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
उन्होने ने बताया कि प्राकृतिक आपदा घटित होने पर प्रभावितों को भारत सरकार के एसडीआरएफ नोमर्स 8 अप्रैल 2015 के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिनमें संशोधन भारत सरकार द्वारा ही किया जा सकता है।
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मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

अगस्त माह में रीट की परीक्षा कराना प्रस्तावित शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा

बाड़मेर,  11 फरवरी। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में शिक्षकों के रिक्त पदों को राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा तथा पदोन्नति के द्वारा शीघ्र भरा जाएगा।
डोटासरा प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा है कि शिक्षित बेरोजगारों को शीघ्र ही भर्ती का लाभ दिया जाए इसलिए राज्य सरकार द्वारा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 हजार पदों पर 2 अगस्त को रीट परीक्षा आयोजित करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा  कि गत सरकार द्वारा आनन - फानन में द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के 9 हजार पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अब हमारी सरकार द्वारा इन भर्तियों का अंतिम परिणाम जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी तथा गणित विषय के द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के रिक्त पदों को आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले भर दिया जाएगा। राजस्थान लोक सेवा आयोग में प्रकियाधीन भर्ती परीक्षा द्वारा तथा अप्रैल-मई माह में डीपीसी कर रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रथम बजट घोषणा के तहत 1200 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया है जिससे बालक- बालिका अधिक संख्या में पढ़ाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा एयरटेल से एमओयू किया गया था जो कि जल्द ही खत्म हो गया ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति से भरा जा रहा है। श्री डोटासरा ने सदन को आश्वस्त किया कि विद्यालयों में किसी भी कारण से बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
इससे पहले विधायक श्रीमती मीना कंवर के मूल प्रश्न के जवाब में श्री डोटासरा ने प्रदेश में शिक्षकों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का श्रेणीवार विवरण देेते हुए बताया कि राज्य में प्रधानाचार्य के 10 हजार 847 स्वीकृत पदों में से 685 रिक्त पद है तथा प्रधानाध्यापक एवं समकक्ष के 3650 स्वीकृत पदों में 967 रिक्त पद है। उन्होंने बताया कि व्याख्याता स्कूल शिक्षा एवं समकक्ष के राज्यभर में 52 हजार 699 स्वीकृत पदों में 10 हजार 965 रिक्त पद है तथा शारीरिक शिक्षा ग्रेड- प्रथम के 265 स्वीकृत पदों में 229 पद रिक्त है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि कोच एवं समकक्ष के 40 स्वीकृत पदों में 13 पद रिक्त तथा अध्यापक श्रेणी द्वितीय व वरिष्ठ अध्यापक के 91 हजार 150 स्वीकृत पदों में 21 हजार 755 पद रिक्त है। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक द्वितीय ग्रेड के 3 हजार 374 पदों में 654 पद तथा तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 एवं समकक्ष के 1 लाख 62 हजार 451 स्वीकृत पदों में 17 हजार 966 पद रिक्त है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने सदन में बताया कि तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-2 एवं समकक्ष के 1 लाख 5 हजार 130 स्वीकृत पदों में 13 हजार 527 रिक्त पद तथा शारीरिक शिक्षक तृतीय ग्रेड एवं समकक्ष के 19 हजार 639 स्वीकृत पदों में 4  हजार 232 पद रिक्त है। श्री डोटासरा ने बताया कि राज्य में शिक्षकों के कुल 4 लाख 49 हजार 245 स्वीकृत पद है जिनमें 70 हजार 993 पद रिक्त है।
डोटासरा ने गत पांच वर्षो में शिक्षकों की भर्ती हेतु जारी विज्ञापन, प्रदत्त नियुक्तियों का श्रेणीवार एवं वर्षवार संख्यात्मक विवरण प्रारम्भिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न श्रेणियों की प्रक्रियाधीन नियुक्तियों का श्रेणीवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। विधानसभा क्षेत्र शेरगढ में शिक्षा विभाग अन्तर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक एवं राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के रिक्त पदों का पंचायत समितिवार विवरण सदन के पटल रखा।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत रिक्त पदों को भरने की एक सतत् प्रक्रिया है। स्टाफिंग पैटर्न हेतु विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश 28 मई 2019 के अनुसार विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर शैक्षणिक कार्मिकों के पदों का निर्धारण व आवंटन किया जा चुका है, जिससे अधिशेष हुए अध्यापकों व कार्मिको को आवश्यकता वाले विद्यालयों के रिक्त पदों पर लगाये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। प्रारम्भिक शिक्षा विभाग अन्तर्गत उपलब्ध रिक्त पदों को समय-समय पर वित्त विभाग से प्राप्त स्वीकृतियों के अनुसार सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाता है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजस्थान लोक सेवा आयोग, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर एवं विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा चयनित पात्र आशार्थी उपलब्ध कराये जाने पर रिक्त पदों को भरा जाता है।
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प्रदेश में 400 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोलना प्रस्तावित

बाड़मेर, 11 फरवरी। पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि वर्ष 2019-20 में बजट घोषणा अन्तर्गत प्रदेश में 400 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले जाने प्रस्तावित हैं, जिसके तहत वर्तमान में 226 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र स्वीकृत किये जा चुके हैं।
कटारिया प्रश्नकाल में विधायक रामलाल शर्मा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि पशु उपकेन्द्र खोलने के लिए मानदण्ड निर्धारित है। उन्होंने पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोलने के मानदण्ड की जानकारी सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में नव स्वीकृत पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों के अक्रियाशील होने के कारण बजट आवंटन व्यय नहीं हुआ है।
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शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा मृत पशुओं को उठाने का दायित्व नगरीय निकायों का

बाड़मेर, 11 फरवरी। स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई तथा मृत पशुओं को उठाने का दायित्व नगरपालिकाओं का है। उन्होंने कहा कि इन कामों में आम आदमी को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को पाबंद किया जाएगा तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धारीवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि नगरपालिकाओं के दायित्व स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं कि मृत पशुओं को उठाने अथवा इसी प्रकार के अन्य कार्यों को करने के लिए पूरी तरह से नगरपालिका उत्तरदायी है तथा इसके लिए किसी भी अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।
इससे पहले विधायक पानाचंद मेघवाल के मूल प्रश्न के जवाब में धारीवाल ने प्रदेश के नगरीय निकायों में अधिकारियों व कर्मचारियों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का जिलेवार विवरण, रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती के सम्बंध में विवरण तथा प्रदेश की नगरीय निकायों को विगत 05 वर्षों में आवंटित की गई राशि का योजनावार विवरण सदन के पटल पर रखा।  
उन्होंने बताया कि कतिपय नगरीय निकायों में कर्मचारियों के वेतन भत्तों का भुगतान समय पर नहीं हो पाता है, उनमें कुछ समय पश्चात चुंगी पुनर्भरण अनुदान मद से राशि का आवंटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा पंचम राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत दी गई अनुदान राशि में से पहली बार वर्ष 2019-20 से निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भत्तों का भुगतान किये जाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
धारीवाल ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए विभाग द्वारा किये गये प्रयासों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिये नियमों में व दिशा-निर्देशों में कई संशोधन एवं परिवर्तन किये गये हैं।
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मुख्यमंत्री ने दी ‘राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना’ में 10 करोड़ के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी

बाड़मेर, 11 फरवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 10 करोड़ रूपये के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अतिरिक्त बजट प्रावधान का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के लिए वर्ष 2019-20 में 18 करोड़ रूपये का मूल बजट प्रावधान किया था। इसके बाद 5 करोड़ रूपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया था। कुल 23 करोड़ के बजट में से अभी तक 22.77 करोड़ रूपये का व्यय हो चुका है। विभिन्न जिलों से पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत आए करीब 7 करोड़ रूपये भुगतान के आवेदन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास लंबित है। ऐसे में तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रूपये के अतिरिक्त प्रावधान को मंजूरी दी है।
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संत कबीर पुरूस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

बाड़मेर, 11 फरवरी। बुनकर सेवा केन्द्र जयपुर द्वारा हाथ करघा बुनकरों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, संत कबीर पुरस्कार एवं राष्ट्रीय मेरिट सर्टिफिकेट अवार्ड वर्ष 2018 के लिए 20 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए है।
जिला उद्योग केन्द्र बाड़मेर के महाप्रबंधक एस आर देवासी ने बताया कि उक्त प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक हाथ करघा बुनकर अपना आवेदन बायोडेटा, कलाकृतियां, प्रोपर डोक्यूमंेटेशन, फोटोग्राफी, प्रोसेसिंग विडियोग्राफी एवं मार्केटिंग सहित बुनकर सेवा केन्द्र सिविल लाईन्स, अजमेर रोड़, जयपुर में अंतिम तिथि 20 फरवरी से पूर्व जमा करवा सकते है। उन्होने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी ूूूण्ींदकसववउण्दपबण्पद पर उपलब्ध है।
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ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक 24 को

बाडमेर, 11 फरवरी। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया उक्त बैठक में बीएडीपी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
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सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना

बाड़मेर के संविदा कार्मिकों के भुगतान को बजट आवंटित


बाड़मेर, 10 फरवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोमवार को विधान सभा में कहा कि सरकार संविदाकर्मियों के प्रति पूर्णतया संवेदनशील है।
      चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाडमेर में 113 कार्मिकों का वित्तीय वर्ष 2018-19 का 30 लाख रुपए बकाया था, जिसका भुगतान इस वित्तीय वर्ष में किया गया, जिसके कारण इस वित्तीय वर्ष 2019-20 में सितम्बर 2019 से बाडमेर जिले के कार्मिकों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डूंगरपुर के अधीन 52 कार्मिकों का नवम्बर 2019 से, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर-द्वितीय के अधीन सांगानेर ब्लॉक के 39 कार्मिकों का अगस्त 2019 से एवं बालोतरा उप जिला चिकित्सालय में 5 कार्मिकों का जुलाई 2019 से वेतन बकाया है। उन्होंने बताया कि जिला बाड़मेर, जयपुर-द्वितीय एवं डूंगरपुर को आवश्यकता अनुसार बजट आंवटित कर दिया गया है। उक्त कार्मिकों का बकाया भुगतान अतिशीघ्र कर दिया जाएगा।
      डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झुन्झुनू में 149 कार्मिकों का अक्टूबर 2019 से, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीगंगानगर में 7 कार्मिकों का अप्रेल 2019 से एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी श्रीगंगानगर में  8 कार्मिकों का मार्च 2018 से मानदेय बकाया है। इसके लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा चुका है, जिससे कार्मिकों को बकाया राशि का भुगतान अतिशीघ्र कर दिया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि संविदाकर्मी और प्लेसमेन्ट एजेन्सी द्वारा कार्यरत व्यक्तियों में फर्क है। उन्होंने बताया कि संविदाकर्मियों को 1 साल के लिए 10 अंक, 2 साल के लिए 20 अंक और 3 साल के लिए 30 अंकों का लाभ नई भर्ती में देते हुए नियमित करने का काम किया गया है। इसके अलावा जो शेष रहे हैं उन संविदाकर्मियों के मानदेय में जो बढ़ोतरी की जा सकती  है उस पर मंत्रीमंडलीय समिति विचार कर रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में जो संविदाकर्मी लगे हुए हैं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 2019 में एक मंत्रीमंडलीय समिति का गठन किया गया था, जिसकी पांच बैठकें हो चुकी हैं। विभिन्न विभागों से संविदाकर्मियों के बारे में मिल रहे आंकड़ों और उनकी मांगों पर मंत्रीमंडलीय समिति लगातार विचार कर रही है। अभी इस बारे में सुझाव आ रहे हैं। एक-दो बैठकें होने के बाद कोई निर्णय पर पहुंच पाएंगे। इससे पहले विधायक श्री संदीप शर्मा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में विभाग में कुल 24303 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विगत पांच वर्षो में विभाग द्वारा किसी भी संविदा कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने एवं अन्य समस्याओं पर विचार के लिए राज्य सरकार द्वारा मंत्रीमंडलीय समिति गठित है।

पूर्व पॉलोटेक्निक छात्रों को डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक और अवसर

बाड़मेर, 10 फरवरी। राजकीय पॉलोटेक्निक महाविद्यालय के पूर्व के शिक्षा सत्र 2010-11 तथा 2011-12 में नामांकित छात्रों में से अपूर्ण डिप्लोमा वाले छात्रों को अपना डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक और अवसर प्रदान किया गया है।
प्राचार्य राजीव कुमार जयसवाल ने बताया कि राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बाड़मेर के प्राविधिक शिक्षा मण्डल राजस्थान जोधपुर के ऐसे समस्त विद्यार्थी जो कि शिक्षा सत्र 2010-11 व 2011-12 में प्रवेशित हो तथा सत्र 2012-13 में पार्श्व प्रवेशित विद्यार्थी जो मण्डल में नामांकित है तथा जिनका नामांकन चैक पाइण्ट 6.4 के अन्तर्गत निरस्त हुआ है ऐेसे विद्यार्थीयों को डिप्लोमा पूर्ण करने के लिए चालू सत्र की परीक्षा में विशिष्ट अवसर प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होने बताया कि विद्यार्थी के लिए सत्र 2020-21 वार्षिक पद्वति की इस परीक्षा में विशिष्ट प्रश्नपत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया है। प्रश्नपत्र में 30 अंकों के वस्तुनिष्ठ तथा 40 अंको के वर्णात्मक प्रश्न होंगे। सभी संबंधित छात्र उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी प्राविधिक शिक्षा मण्डल राजस्थान जोधपुर की वैबसाईट अथवा महाविद्यालय से प्राप्त कर सकते है।
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उद्यमिता प्रोत्साहन पर होगा केन्द्रित

जिले में दो दिवसीय उद्यम समागम 19 व 20 फरवरी को


बाड़मेर, 10 फरवरी। जिले में दो दिवसीय उद्यम समागम 19 तथा 20 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। जिला कलक्टर अंशदीप ने इसके लिए उद्यमिता प्रोत्साहन तथा जागरूकता पर विशेष जोर देकर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए है। वह सोमवार सांय तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।
इस अवसर पर जिला कलक्टर अंशदीप ने बताया कि दो दिवसीय उद्यम समागम में अधिकाधिक उद्यमियों के भाग लेने तथा उन्हे वित्तीय साक्षरता मुहैया कराने पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होने बताया कि जिले में यह हैण्डीक्राफ्ट तथा हैण्डलूम पर आधारित समागम होगा, जो कि जिले की कला एवं उद्यमिता के मध्यनजर आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन जिला मुख्यालय पर रीको औद्योगिक क्षेत्र में आरसेटी परिसर में आयोजित किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस तरह भाग लेने वाले उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग तथा वितीय सा़क्षरता पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाए। उन्होने इसके लिए अलग-अलग सेशन रख कर दक्ष प्रशिक्षक आमंत्रित करने के निर्देश दिए है। उन्होने उद्यमिता प्रोत्साहन पर आधारित राज्य तथा केन्द्र सरकार की योजनाओं का विशेष प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को मध्यनजर रखते हुए लघु तथा मध्यम उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं तरासने को कहा।  
इस मौके पर जिला कलक्टर ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को उद्यमों की ओर आकर्षित करने और सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए प्रस्तावित जिला उद्यम समागमों के लिए सरकार ने हर जिले की संभावनाओं के आधार पर उस जिले के लिए एक उद्यम सेक्टर चिन्हित किया है। इसमें बाड़मेर जिले के लिए हैण्डीक्राफ्ट तथा हैण्डलूम का चयन किया गया है। दो दिवसीय इस समागम इस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है, इसके लिए 30-40 स्टॉलें लगाकर इस विषय पर आधारित उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।  
इससे पूर्व जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एस आर देवासी ने बताया कि उद्योग विभाग ने सभी जिलों में समितियां गठित कर अधिकारियों को समन्वयक बनाया है। उन्होने बताया कि इस तरह सेक्टर विशेष के एमएसएमई में नवीनतम डिजाईन और नवाचारों का ज्ञान कराया जाएगा तथा उद्यमियों की वित तक पहुंच एंव डिजीटल मार्केटिंग तक पहुंच के बारे में जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, सहकारिता विभागों की जानकारी भी दी जाएगी।
बैठक में उद्यमी गनी मोहम्मद सुमरो ने जिले के औद्योगिक हब बालोतरा में भी इस तरह के आयोजन का सुझाव दिया। वहीं उद्यमी पुरषोतम खत्री, श्रवण माहेश्वरी ने अन्य क्षेत्रों के उद्यमियों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया।
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किसानों की फसल खराबे का मुआवजा एनडीआरएफ-एसडीआरएफ नियमों के अनुसार -राजस्व मंत्री

बाड़मेर, 10 फरवरी। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि पाली जिले की रोहट तहसील में प्राकृतिक कारणों से हुए फसल खराबे का मुआवजा एनडीआरएफ-एसडीआरएफ नियमों के अनुसार सभी किसानों को दिया जाएगा।  
चौधरी प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायक ज्ञान चन्द पारख की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि आदान का मुआवजा देने के लिए पटवारी से लेकर राज्य सरकार के स्तर तक प्रक्रिया पूरी करनी होती है और इसे डीएमआईएस पोर्टल पर भी अपलोड करना होता है। इसमें समय अधिक लग रहा है जिसे कम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 की तुलना में बाद के वर्षों में समय कम लग रहा है। वर्ष 2016-17 तक यह कार्य ऑफलाइन किया जाता था। इसके बाद इसे ऑनलाइन किया जा रहा है। इसे ऑफ लाइन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की प्रक्रिया की वजह से भी समय लगा है।  उन्होंने बताया कि जिन किसानों के जरूरी दस्तावेज पहले से जमा हैं उनका पुनःसत्यापन कराया जा रहा है। यह कार्य पूरा होते ही कृषि आदान मुआवजा सीधा उनके खाते में डाल दिया जाएगा।
इससे पहले विधायक पारख के मूल प्रश्न के जवाब में चौधरी ने पाली जिले की रोहट तहसील के पटवार सर्कलवार-गांववार वर्ष 2019 में कृषि जिन्स का प्राकृतिक कारणों से नुकसान का विवरण, गिरदावर क्षेत्रवार गिरदावरी रिपोर्ट एवं फसल कटाई रिपोर्ट का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि रोहट तहसील में प्राकृतिक कारणों (बाढ़) से हुए फसल खराबे पर 80 गांवों के 15 हजार 662 लघु एवं सीमान्त काश्ताकारों के लिए 22 करोड़ 78 लाख 48 हजार रुपए एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के नियमों के अनुसार विभागीय डीएमआईएस पोर्टल द्वारा दी जानी है। इस पोर्टल पर तहसील रोहट के 11 हजार 39 प्रभावित काश्तकारों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। प्रभावित काश्तकारों को कृषि आदान अनुदान सहायता देने के लिए पाली जिले को 13 करोड़ 73 लाख 35 हजार 163 रुपए का आवंटन कर दिया गया है जिनके कृषि आदान अनुदान के वितरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
राजस्व मंत्री ने खराबे के विरूद्ध दिये जाने वाले अनुदान के लिए प्रभावित काश्तकारों द्वारा जमाबन्दी, खातेदार का बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा का आईएफएससी कोड, आधार कार्ड, काश्तकार का वर्ग इत्यादि उपलब्ध करवाने पर डाटा डीएमआईएस पोर्टल पर इन्द्राज किया जाता है। पोर्टल पर जिलों द्वारा ऑनलाइन बजट की मांग करने पर बजट उपलब्धता अनुसार जिलों को कृषि आदान अनुदान आंवटित किया जाता है। उन्होंने बताया कि बजट प्राप्त होते ही प्रभावित काश्तकारों को अनुदान वितरण पोर्टल के माध्यम से कर दिया जाता है।
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प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में 920 रिक्त पदों को भरने के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी - उच्च शिक्षा मंत्री

बाड़मेर, 10 फरवरी। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि वर्ष 2019 की बजट घोषणा के तहत प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में कुल रिक्त पदों में से 920 पदों को भरने के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इन पदों को भरने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को अभ्यर्थना भी भेज दी गई है तथा भर्ती की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी कर ली जाएगी।
भाटी प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 38 नये महाविद्यालय खोले गये हैं। इनमें शैक्षणिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए प्रतिनियुक्ति पर शिक्षकों को लगाया गया है। लक्ष्मणगढ़ राजकीय महाविद्यालय में रिक्त पड़े पदों के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि महाविद्यालय में अधिकांश पद भरे हुये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में कुल 6 हजार 940 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 4 हजार 574 पद भरे हुये हैं तथा 2 हजार 364 पद वर्तमान में रिक्त हैं। इससे पहले विधायक रामलाल शर्मा के मूल प्रश्न के जवाब में श्री भाटी ने प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक वर्ग के स्वीकृत, कार्यरत व रिक्त पदों का महाविद्यालयवार विवरण, भवन रहित राजकीय महाविद्यालयों का जिलेवार विवरण, जिन राजकीय महाविद्यालयों को भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित नहीं की गयी है उनका विवरण तथा वर्ष 2019 में खोले गये 38 नवीन महाविद्यालयों को संवेतन व अन्य मदों में बजट आवंटन का विवरण सदन के पटल पर रखा।
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दो दिन तक रहेगी जलापूर्ति बाधित

बाड़मेर, 10 फरवरी। मरम्मत कार्यों के चलते शहर में 11 तथा 12 फरवरी को जलापूर्ति बाधित रहेगी।
जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियन्ता हजारीराम बालवां ने बताया कि बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के अन्तर्गत पम्प हाउस व पाईप लाईन पर मरम्मत कार्यो की वजह से बाड़मेर शहर क्षेत्र में 11 एवं 12 फरवरी को जलापूर्ति बाधित रहेगी।

गौरव सैनानियो के लिये समस्या समाधान के लिए शिव, गडरारोड एवं बालोतरा में लगेंगे शिविर

बाड़मेर, 10 फरवरी। गौरव सैनानियों एवं उनके आश्रितों के लिये 12 फरवरी को शिव पंचायत समिति परिसर में प्रातः 10.30 बजे, 13 फरवरी को गडरारोड में प्रातः 11.30 बजे तथा 14 फरवरी को बालोतरा पंचायत समिति परिसर में दोपहर 1 बजे से समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस. गंगवार ने बताया कि उक्त शिविर में पूर्व सैनिकों की पेन्शन समस्या समाधान, राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा जारी नये आदेशों की जानकारी देना, पूर्व सैेनिकों के बच्चों के भाग दो आदेश, रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाना, पीपीओं में पत्नि का नामाकंन, पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति योजना आदि कार्य सम्पादित किये जावेगे। उन्होने बताया कि शिविर में सभी गौरव सैनानियों एवं उनके आश्रितों को अपनी डिसचार्ज बुक, बैंक पास बुक, पीपीओ, आधार कार्ड की फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है ।
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विख्यात तिलवाड़ा पशु मेला 19 मार्च से

व्यापक तैयारियों की समीक्षा, समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश


बाड़मेर, 10 फरवरी। जिले का प्रसिद्व श्री मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा में 19 मार्च से 4 अप्रेल तक आयोजित किया जाएगा। जिले के सबसे बड़े इस राज्य स्तरीय पशु मेले की व्यापक तैयारियों तथा समुचित व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए प्रबंधकारिणी की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
      इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रतनू ने कहा कि तिलवाड़ा पशु मेले मंे समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। मेला अवधि के दौरान सफाई, पानी, बिजली, चारा एवं यातायात व्यवस्थाआंे के साथ पशुपालकों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराए। बैठक के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तिलवाड़ा पशु मेले मंे पशुओं की संभावित आवक एवं क्रय विक्रय, पेयजल एवं परिवहन समेत पशु चिकित्सा इंतजामों की विस्तार के साथ जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता लगाया जाएगा। उन्होने मेले के दौरान पशुओं के लिए चारे, पानी एवं यात्रियों के लिए भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बालोतरा उपखंड अधिकारी रोहित कुमार को मेला मैदान की साफ सफाई, झांडियों की कटाई, पशु खेलियों की मरम्मत, मैदान लेवलिंग, पशु चिकित्सा, पेयजल सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। उन्होने ले आउट के बाहर कोई दुकान नहीं लगाने के निर्देश दिए। उन्होने ने डिस्कॉम के अधिशाषी अभियन्ता को मेला मैदान पर बिजली के ढीले तार दुरस्त करवाने एवं विद्युत पोल के सपोर्ट लगाने के साथ ही अस्थाई बिजली का कनेक्शन करने के निर्देश दिए।
उन्होने रेल गाड़ियों के तिलवाड़ा स्टेशन पर ठहराव, मेले के लिए अतिरिक्त बसें लगाने, एसबीआई बैंक की अस्थाई शाखा तथा मोबाईल एटीएम लगाने, आर.ओ. प्लान्ट से पेयजल आदि की व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होने मेलार्थियों के प्रेरणा स्वरूप कृषि, पशुपालन, साक्षरता, परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा विभाग से संबंधित प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि वाहनों में निर्धारित क्षमता में ही पशुओं का परिवहन सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही पशुओं की रवानगी की जाए।
  बैठक के दौरान उपखण्ड अधिकारी बालोतरा रोहित कुमार ने बताया कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मेला आयोजन का कार्यक्रम: पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गजानंद शर्मा ने बताया कि श्री मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा का आयोजन 19 मार्च से 4 अप्रेल, 2020 तक किया जाएगा। मेले के लिए दुकानांे की नीलामी 4 व 5 मार्च,  चौकियांे की स्थापना 25 मार्च, झंडारोहण 19 मार्च तथा पुरस्कार वितरण 23 मार्च को होगा। इसके अलावा पशुआंे की संभावित रवानगी 25 मार्च से  रहेगी।

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

सेन्ट्रल सेक्टर बन्धक श्रम पुर्नवास योजना के संबंध में बैठक 26 को

बाडमेर, 6 फरवरी। सेन्ट्रल सेक्टर बन्धक श्रम पुर्नवास योजना के अन्तर्गत पुनर्भरण के संबंध में जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन 26 फरवरी को सायं 5 बजे किया जाएगा।
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अत्याचार निवारण समिति की बैठक 20 फरवरी को

बाडमेर, 6 फरवरी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के व्यक्तियों पर अत्याचार निवारण समिति एवं जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक 20 फरवरी को दोपहर 3 बजे जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

पेंशन रिविजन के आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक

बाडमेर, 6 फरवरी। प्री 2016 के पेंशन रिविजन के आवेदन पत्र कोष कार्यालय में प्रस्तुत करने की अन्तिम तिथि 15 फरवरी, 2020 निर्धारित की गई है।
कोषाधिकारी दिनेश बारहठ ने बताया कि एक जनवरी, 1991 से 31 दिसम्बर 2015 तक सेवानिवृत पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स के पेंशन रिविजन का कार्य कोष कार्यालय बाडमेर द्वारा किया जा रहा है। 6 फरवरी, 2020 तक कोष कार्यालय द्वारा 3810 पेंशनरों के प्रकरण रिविजन कर रिवाईज्ड पीपीओ जारी किये जा चुके है। उन्होने बताया कि उक्त अवधि में सेवा निवृत हुए पेन्शनर्स, पारिवारिक पेंशनर्स जो बाडमेर जिले के किसी भी बैंक शाखा सें अपनी पेंशन आहरित कर रहे है तथा उन्होने यदि अभी तक पेंशन रिविजन हेतु आवेदन पत्र कोष कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है तो वे अपने आवेदन पत्र 15 फरवरी, 2020 तक कोष कार्यालय बाडमेर में आवश्यक रूप से प्रस्तुत कर सकते है। उन्होने बताया कि इसके पश्चात् आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जाएंगे।

1 लाख 45 हजार 973 बालिकाओं को मिलेगा गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहना पुरस्कार

जिला मुख्यालयों एवं पंचायत समिति मुख्यालयों पर होंगे आयोजन


बाड़मेर 6 फरवरी।  राज्य में शुक्रवार को गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण समारोहों का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
डोटासरा ने बताया कि राज्य के पंचायत समिति मुख्यालयों एवं जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले इन समारोहों में इस बार 1 लाख 45 हजार 973 बालिकाओं को 56.79 करोड़ रूपये की राशि का वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक, प्रवेशिका, उच्च माध्यमिक एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा 2019 में 75 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत किया जायेगा।
डोटासरा ने बताया कि पुरस्कत होने वाली बालिकाओं के आवेदन पत्र शाला दर्पण पर ऑन लाईन भरवाये गये थे। गार्गी पुरस्कार में तीन हजार एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में  पांच हजार रूपये की राशि बालिकाओं के बैंक खातों में स्थानान्तरित की जायेगी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए जायेगे। उन्होंने बताया कि समारोहों में माध्यमिक परीक्षा 2018 की 37 हजार 312 बालिकाओं को द्वितीय किस्त के चैक भी प्रदान किये जायेगे।
शिक्षा मंत्री डोटासरा ने बताया कि पुरस्कार समारोहों में कक्षा-10वीं की 80 हजार 996 तथा कक्षा-12वीं की 64 हजार 977 बालिकाओं को 56.79 करोड़ रूपये की राशि का वितरण किया जायेगा।

जिले में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को मिलेंगे इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार

कक्षा 12 की बालिकाओं को पुरस्कार राशि के अतिरिक्त 
स्कूटी भी मिलेगी


बाड़मेर 6 फरवरी। शुक्रवार को राज्य के जिला मुख्यालयों एवं पंचायत मुख्यालयों में आयोजित होने वाले गार्गी पुरस्कार समारोह के दौरान ही जिला स्तर पर संकाय एवं वर्गवार सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार भी दिये जाएंगे। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार पाने वाली बालिकाओं को अपने जिलों में वर्गवार सर्वोच्च अंक प्राप्त कर पुरस्कार विजेता रहने पर उनकी सराहना करते हुए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार के तहत सत्र 2019-20 में कक्षा-8 की 254, कक्षा-10 की 275 एवं कक्षा-12 की 701 बालिकाओं को लाभान्वित कर 13.71 करोड़ रूपये की राशि का वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कक्षा-12 की बालिकाओं को पुरस्कार राशि के अतिरिक्त स्कूटी भी दी जायेगी।
डोटासरा ने बताया कि इन्दिरा प्रियदर्शिनी योजना के अंतर्गत  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा-8 ,कक्षा-10 एवं कक्षा-12 (तीनो संकायो में अलग-अलग) की परीक्षा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, निःशक्त, सामान्य तथा विशेष पिछड़ा वर्ग एंव बी.पी.एल, वर्गो में जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओ को यह पुरस्कार दिया जायेगा।
शिक्षा मंत्री डोटासरा ने बताया कि इसी प्रकार संस्कृत शिक्षा में इन वर्गो में राज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी यह पुरस्कार दिया जायेगा। पुरस्कार स्वरूप कक्षा-8 की बालिका को 40 हजार, कक्षा-10 की बालिका को 75 हजार एवं कक्षा-12 की बालिका को एक लाख रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। पुरस्कार की राशि बालिकाओं के खातों में स्थानान्तरित की जायेगी।

जिला उद्यम समागम समिति की बैठक 10 को

बाडमेर, 6 फरवरी। सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास हेतु बाडमेर जिले में जिला उद्यम समागम समिति की बैठक जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में 10 फरवरी को सायं 4.30 बजे जिला कलक्टर कार्यालय में आयोजित की जाएगी।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक एस.आर. देवासी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय पर बैठक में उपस्ािित होने का अनुरोध किया है।

प्रभारी सचिव डा. वीणा प्रधान शुक्रवार को

बीस सूत्री कार्यक्रम सहित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक करेगी
बाडमेर, 6 फरवरी। जिले की प्रभारी सचिव डा. वीणा प्रधान शुक्रवार 7 फरवरी को बीस सूत्री कार्यक्रम सहित विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक करेंगी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि प्रभारी सचिव डा. वीणा प्रधान 7 फरवरी को दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रट कांफ्रेन्स हॉल में बीस सूत्री आर्थिक कार्यक्रम के तहत आवंटित लक्ष्यों के विरूद्ध माह जनवरी, 2020 तक अर्जित उपलब्धियों तथा विभागीय गतिविधियों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी। समीक्षा बैठक में समस्त विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है। उन्होने बताया कि प्रत्येक विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं को उक्त बैठक में भाग लेना आवश्यक है, यदि किसी कारण वश स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते हो तो इसके लिए पूर्व में जिला कलक्टर की अनुमति प्राप्त करके ही अपने स्थान पर अन्य अधिकारी को भेज सकेंगे।

प्रभारी सचिव डा. प्रधान शुक्रवार को करेगी जन सुनवाई

बाडमेर, 6 फरवरी। जिले की प्रभारी सचिव डा. वीणा प्रधान शुक्रवार 7 फरवरी को आम जन की परिवादों की सुनवाई करेगी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि प्रभारी सचिव डा. प्रधान 7 फरवरी को दोपहर एक बजे जिला कलेक्ट्रेट में आम जन की सुनवाई करेंगी। कोई भी परिवादी अपना परिवाद प्रभारी सचिव के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। उन्होने बताया कि जन सुनवाई के दौरान सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...