गुरुवार, 27 मई 2021

सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना के ख़ात्मे को सरहद पर पहुंचे कलेक्टर

सीमा के प्रहरियों को मानवता के दुश्मन से सतर्क रहने की अपील

चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाओं की सरहदी क्षेत्रों में की पड़ताल
बाड़मेर, 27 मई। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना के  ख़ात्मे के लिए जिला कलेक्टर लोक बंधु गुरुवार को सरहद पर पहुंचे। उन्होंने अंर्तराष्ट्रीय सीमा पर सिथत मुनाबाव, रोहिड़ी, जैसिंधर, गडरा रोड़ समेत रामसर उपखण्ड के दूर दराज सरहदी इलाकों में पहुंच कर कोरोना सक्रमण की स्थिति एवं रोकथाम के उपायों की धरातल पर पड़ताल की एवं चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाओं को खंगाला।
     इस दौरान जिला कलेक्टर बंधु ने कहा कि अब कोरोना संक्रमण के प्रसार में लगातार कमी आ रही है लेकिन कमी के बावजूद सरहद के लोग और हमारे सीमा प्रहरी मानवता के इस दुश्मन रूपी शत्रु कोरोना को हल्के में नहीं ले तथा गाइडलाइन की पूरी पालना करते हुए सतर्कता एवं सजगता के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों को कोविड से मुक्त करें। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर सर्वे का तीसरा चरण पूर्ण हो चुका है। इस दौरान बच्चों में आई एल आई लक्षणों एवं ब्लैक फंगस की भी जाँच की जा रही हैं।

उपखंड स्तरीय ग्रुप से संवाद
जिला कलेक्टर ने गडरा रोड  में बैठक लेकर उपखंड स्तरीय कोर कमेटी के कार्यो की समीक्षा की। उन्होने कोर कमेटी सदस्यों से डोर टू डोर सर्वे, आईएलआई लक्षण वाले व्यक्तियों का चयन, मेडिकल किट वितरण, प्रवासियों की आरटीपीसीआर जांच, होम आईसोलेशन सहित चैक लिस्ट आाधारित विभिन्न कार्यो की समीक्षा की।
 उन्होने कहा कि होम आईसोलशन में रह रहे लोगों की नियमित रूप से निगरानी रखी जाए। उन्होने आईएलआई लक्षण एवं पॉजिटिव मरीजों पर विशेष फोकस करने को कहा। उन्होंने कोर कमेटी सदस्यों की बैठक लेकर पाजिटिव मरीजों के होम आईसोलेशन एवं बाहर से आए लोगों के होम क्वारंटाइन की पालना, कोरोना पोजिटिव के सम्पर्क में आए व्यक्तियों की आरटीपीसीआर जांच की स्थिति, चिकित्सा विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए मेडिकल किट की उपलब्धता एवं वितरण के बारे में पूछा।

मुख्यमंत्री चिरंजीव स्वास्थ्य योजना
जिला कलेक्टर ने कहा कि ज़िले में रामसर ब्लॉक इस योजना में रजिस्ट्रेशन में सबसे पीछे हैं, इसलिए इसमें तेजी से कार्य करे। उन्होने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में अधिकाधिक पंजीयन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना कोरोना एवं ब्लैक फंगस समेत सभी बीमारियों में निःशुल्क उपचार होता  हैं

सरहदी क्षेत्रों में पहुंचे पर्याप्त पानी
जिला कलेक्टर ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों की प्रमुख समस्या पेयजल की अनियमित आपूर्ति है, इस पर उन्होंने मौके पर ही जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को हर हाल में सीमावर्ती क्षेत्रों में समुचित मात्रा में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।साथ ही समस्या ग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए पेयजल परिवहन पहूंच ने को कहा।
उन्होंने पशु खेलियो एवं सार्वजनिक टांको में भी पर्याप्त पानी रखने को कहा ताकि पशुधन को भी पानी मिल सके। साथ ही प्रतिदिन पहुंचने वाले टेंकरों को सत्यापन विकास अधिकारी ओर तहसीलदार करंगे।
 जिला कलेक्टर ने आँधियों से रेत से अवरुद्ध रोड़ पर तुरंत मिटटी हटने के लिए निर्देश दिए।

  इस दौरान जिला कलेक्टर ने जैसिंधर में निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया।
 निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू, उपखण्ड अधिकारी रामसर सुनील पंवार, तहसीलदार रामसर,  समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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राजस्व मंत्री चौधरी ने ग्राम स्तरीय कोर कमेटियों से चर्चा कर दिए निर्देश

बाड़मेर, 27 मई। राजस्व मंत्री चौधरी ने गुरूवार को सोमेसरा, बूठसरा, नोसर, भोजासर, सेवनियाला, बाड़वा, सनपा मानजी, खरण्टिया एवं गोदारों का सरा ग्राम पंचायतों का दौरा कर यहां ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं आमजन के स्वास्थ्य के सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

इस दौरान राजस्व मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में आईएलआई सर्वे एवं वैक्सीनेशन का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होनें कहा कि आईएलआई सर्वे के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तरीय कोर कमेटी की सक्रियता आवश्यक है। उन्होनें इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होनें कहा कि सर्वे के दौरान ही लोगों को स्वास्थ्य संबंधित अन्य जानकारी दी जाए। उन्होनें कहा कि ग्रामीण क्षत्रों में जानकारी के अभाव में लोगों द्वारा स्टेरॉइड दवाईयां ली जाती है, जिनका भविष्य में दुष्प्रभाव देखने को मिलता है। उन्हानेें कहा कि इसके दुष्प्रभाव का ब्लैक फंगस एक उदाहरण है। उन्होनें कहा कि लोगों को ब्लैक फंगल के लक्षण, कारण एवं उपचार के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होनें कहा कि लोगों को यह बताया जाए की एक ही मास्क का उपयोग लम्बे समय तक न किया जाए तथा मास्क को नियमित रूप से धोकर ही उपयोग में लिया जाए।
उन्होनें कहा कि संभावित तीसरी लहर का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ सकता है। इसके लिए पूर्व सुरक्षात्मक उपाय अपनाने होंगे। साथ की आमजन केा इसके प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होनें कहा कि अधिक उम्र के लोगों से अलग बच्चों में उम्र एवं वजन के अनुपात में दवाईयां लेनी होती है। इसलिए लोगों को समझाएं कि बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को दवाईयां न दी जाए। उन्होनें कहा कि ग्राम स्तर पर कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए ग्राम स्तरीय कोर कमेटी को सौपें गए कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होनें कमेटी के सदस्यों का पूर्ण निष्ठा एवं सक्रियता से कार्यशील रहने के निर्देश दिए। उन्होनें स्थानीय जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण लोगों में इस संबंध में जागरूकता लाने के लिए ग्राम स्तरीय कोर कमेटी का पूर्ण सहयोग करने की अपील की।
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जनानुशासन लॉकडाउन की अवहेलना पर 875 लोगों पर लगा जुर्माना

बाड़मेर, 27 मई। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही करते हुए बुधवार 26 मई को जिले में 875 व्यक्तियों से कुल 1,77,100 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट लोक बन्धु ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में बुधवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर पुलिस विभाग द्वारा 582 व्यक्तियों से 1,09,200 रुपये, उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर में 1 व्यक्ति से 1000 रूपये, बायतु में 5 व्यक्तियों से 1600 रूपये, चौहटन में 19 व्यक्तियों से 10,700 रूपये, सेड़वा में 17 व्यक्तियों से 5700 रूपये, सिणधरी में 17 व्यक्तियों से 3100 रूपये, शिव में 5 व्यक्तियों से 600 रूपये, गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200 रूपये, बालोतरा में 120 व्यक्तियों से 18,600 रूपयेे, गुडामालानी में 4 व्यक्तियों से 1400 रूपये, धोरीमन्ना में 8 व्यक्तियों से 7100 रूपये तथा सिवाना में 96 व्यक्तियों से 17,900 को मिलाकर कुल 875 व्यक्तियों से 1,77,100 रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है। उन्होने बताया कि जिले में बुधवार तक 74,113 व्यक्तियों से 1,26,77,076 रूपये की वूसली की जा चुकी है।
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अभावग्रस्त क्षेत्रों में मिलेगी बड़ी राहत, 24 स्थानों पर खुलेंगे पशु शिविर, 3849 पशुओं का हो सकेगा संरक्षण

बाड़मेर, 27 मई। जिले की शिव, चौहटन एवं गड़रारोड़ तहसीलों के अभाव ग्रस्त गांवो में पशुधन के संरक्षण के लिए 24 चारा शिविर खोले जाएंगे। जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि संवत 2077 में अभावग्रस्त घोषित क्षेत्रों में लघु एवं सीमांत कृषकों द्वारा अभव अवधि के दौरान छोडे गये पशुओं के संरक्षण हेतु शिव, चौहटन एवं गडरारोड तहसील क्षेत्रों मे कुल 24 स्थानों पर पशु शिविर खोले जाने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पशु शिविरों में 2711 बड़े एवं 1138 छोटे पशुओं सहित कुल 3849 पशुओं का संरक्षण हो सकेगा।

जिला ने शिव तहसील क्षेत्र में ग्राम भंवरीसर एवं तालों का गांव, चौहटन तहसील क्षेत्र में सेवरों की बस्ती, बांकाणा एवं रामजी की ढाणी तथा गडरारोड तहसील क्षेत्र में रोहिडाला, मुनाबाव, रोहिडाला, बालाकर, पीथाकर, दूधोड़ा, रामदेव नगर, मौसेरी, भूणी, समद का पार, हरसाणी, केलनली, आचारनियांे की ढाणी, फांगली, हरसाणी, खारची, जैसिन्धर गांव, बाण्डासर एवं डाबड ग्राम में पशु शिविर खोले जाने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
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बुधवार, 26 मई 2021

जिला कलक्टर के निर्देशन में सेक्टर अधिकारियों ने किया ग्राम्यांचलों

ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी से डोर-टू-डोर सर्वे की समीक्षा की

बाड़मेर, 26 मई। जिला कलक्टर लोक बंधु के निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने, गाईडलाईन की पालना कराने, डोर-टू-डोर सर्वे कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग करने, होम आईसोलेट मरीजों द्वारा कोरोना प्रॉटोकॉल की पालना कराने के लिए नियुक्त सेक्टर अधिकारियों ने बुधवार को उन्हें आवंटित ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर कोरोना संक्रमण के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की तथा ग्राम पंचायत स्तरीय कमेटी के सदस्यों को आवश्यक निर्देश दिए।
सेक्टर अधिकारियों ने ग्राम पंचाायत स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक लेकर उन्हें निर्देशित किया कि वे कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए सक्रिय रहकर कार्य करें एवं डोर-टू-डोर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की कौताही न बरतें। उन्होनें कोरोना लक्षण से ग्रसित लोगों की आरटी-पीसीआर जांच कराने, होम आईसोलेट में रह रहे लोगों के परिवार के सदस्यों से अलग रहकर कोरोना प्रॉटोकॉल की पालना कराने को कहा ताकि वे अपने परिवार को अन्य सदस्यों को कोरोना से बचा सकें।
उन्होनें कोर कमेटी के सदस्यों से कहा कि वे डोर-टू-डोर सर्वे में गांव का एक भी व्यक्ति कोरोना के सर्वे से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कोरोना संभावित लक्षण वाले लोगों को आईएलआई मेडिकल किट लेने के लिए प्रेरित करने को भी कहा ताकि वे कोरोना के बुरे प्रभाव से बच सकें। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों से आहवान किया कि वे त्रि-स्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा कोरोना प्रसार के रोकथाम के लिए जो गाईडलाईन जारी की है उसकी भी पूरी पालना करें। उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि वे 30 जून तक विवाह समारोह, अन्य सामाजिक समारोह आदि नहीं करें। इसके साथ ही वेबजह घर से बाहर नहीं निकलें, अनिवार्य रूप से मास्क पहने, सामाजिक दूरी की पालना करें एवं बार-बार हाथों को साबुन से धोते रहें ताकि वे कोरोना संक्रमण से बच सकें एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।
भ्रमण के दौरान इन अधिकारियों ने गांव में कोरोना के संबंध में आरटी-पीसीआर एवं रेपिड एंटीजन जांच कार्य का भी अवलोकन किया एवं एएनएम को निर्देश दिए की वे इस कार्य को प्रभावी ढंग से करें, जिससे गांव को कोरोना संक्रमण से बचा सकें। भ्रमण के दौरान कोर कमेटी के साथ ही ग्रामीणों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की विस्तार से जानकारी दी एवं बताया कि इसमें सामान्य से गंभीर बीमारी में उपचार के लिए 50 हजार से 5 लाख रुपये तक की राशि का बीमा होता है एवं ऐसे रोगी निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते है। उन्होंने नॉन-एनएफएसए परिवार जिन्होंने अभी तक इस योजना में पंजीकरण नहीं कराया है, उनका अधिक से अधिक पंजीकरण 31 मई तक कराने के निर्देश दिए, ताकि वे लोग निःशुल्क उपचार का लाभ ले सकें।
सिणधरी उपखण्ड अधिकारी वीरमा राम ने गुडामालानी में निरीक्षण के दौरान नियमाविरूद्ध खुली दो दुकानों को सीज करने की कार्यवाही की। वहीं शिव विकास अधिकारी धनदान देथा ने कानासर एवं शिवजी नगर, समदड़ी विकास अधिकारी नरपतसिंह भाटी ने सांवरडा, फूलण एवं देवडा ग्राम पंचायत समेत विभिन्न सेक्टर अधिकारियों ने उनको आवंटित ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर कोरोना संक्रमण रोकथाम गतिविधियों का जायजा लिया।
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राजस्व मंत्री चौधरी ने गिडा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों का किया दौरा

ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी के कार्यो की समीक्षा की

बाड़मेर, 26 मई। राजस्व मंत्री चौधरी ने बुधवार को गिड़ा पंचायत समिति में खोखसर, खोखसर पश्चिम, खोखसर पूर्व, सोहड़ा, निम्बा की ढाणी, जाखड़ा, दानपुरा, हीरा की ढ़ाणी, सवाऊ मूलराज, सवाऊ पदमसिंह एवं पुनियों का तला ग्राम पंचायतों का दौरा कर यहां ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में डोर-टू-डोर सर्वे सहित विभिन्न कार्यो की समीक्षा कि तथा आवश्यक निर्देश दिए।
राजस्व मंत्री चौधरी ने ग्राम स्तरीय कोर कमेटी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सवांद कर कहा कि बीते कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण में कमी आई है, परन्तु अभी भी पूर्ण सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होनें डोर-टू-डोर सर्वे के कार्य की महता पर प्रकाश डाला। उन्होनें कहा कि ग्राम स्तर पर कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए ग्राम स्तरीय कोर कमेटी को सौपें गए कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होनें कमेटी के सदस्यों का पूर्ण निष्ठा एवं सक्रियता से कार्यशील रहने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि संक्रमण की रोकथाम एवं लोगों के उचित उपचार के लिए समय पर ईलाज प्रारम्भ करना जरूरी है। उन्होनें कहा कि कोविड के साथ-साथ ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों का भी चयन किया जाए, ताकि उचित समय पर इसका इलाज प्रारम्भ किया जा सके। उन्होनें कोरोना एवं ब्लेक फंगस के बारे में आमजन को लक्षण, प्रभाव, कारण एवं ईलाज के बारे में विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होनें स्थानीय जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण लोगों में इस संबंध में जागरूकता लाने के लिए ग्राम स्तरीय कोर कमेटी का पूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होने कहा कि सभी के सहयोग से कोरोना संक्रमण को जड़ से खत्म कर लोगों को स्वस्थ जीवन मुहैया कराने का प्रयास किया जाए।
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जनानुशासन लॉकडाउन की अवहेलना पर 788 लोगों पर लगा जुर्माना

बाड़मेर, 26 मई। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही करते हुए मंगलवार 25 मई को जिले में 788 व्यक्तियों से कुल 1,07,700 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट लोक बन्धु ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में मंगलवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर पुलिस विभाग द्वारा 483 व्यक्तियों से 51,600 रुपये, उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर में 4 व्यक्तियों से 3500 रूपये, बायतु में 6 व्यक्तियों से 600 रूपये, चौहटन में 32 व्यक्तियों से 10,200 रूपये, सेड़वा में 18 व्यक्तियों से 7800 रूपये, सिणधरी में 15 व्यक्तियों से 1500 रूपये, शिव में 6 व्यक्तियों से 1500 रूपये, गडरारोड़ में 7 व्यक्तियों से 2000 रूपये, रामसर में 1 व्यक्ति से 500 रूपये, बालोतरा में 107 व्यक्तियों से 12,900 रूपयेे, गुडामालानी में 2 व्यक्तियों से 600 रूपये, धोरीमन्ना में 9 व्यक्तियों से 3300 रूपये तथा सिवाना में 98 व्यक्तियों से 11,700 को मिलाकर कुल 788 व्यक्तियों से 1,07,700 रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है। उन्होने बताया कि जिले में मंगलवार तक 73,241 व्यक्तियों से 1,25,01,076 रूपये की वूसली की जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में नोन-एनएफएसए के परिवारों का अधिक से अधिक 31 मई तक करावें पंजीकरण

जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश

बाड़मेर, 26 मई। जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अंतर्गत 31 मई तक नामांकन करवाने पर लाभार्थी परिवार को विशेष लाभ दिया जा रहा है।
जिला कलक्टर ने इस सम्बन्ध में जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 31 मई तक विशेष अभियान चलाकर सभी नोन- एनएफएसए परिवारों का अधिक से अधिक संख्या में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकरण करावें, ताकि ऐसे परिवारों का सामान्य एवं गम्भीर बीमारी के लिए 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज हो सके एवं वे बीमारी का निःशुल्क उपचार का लाभ ले सके। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गम्भीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए।
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विभिन्न माध्यमों से प्राप्त मेडिकल उपकरणों की प्रविष्टि “ई-उपकरण” पोर्टल पर करने के जिला कलक्टर ने दिए निर्देश

बाड़मेर, 26 मई। राज्य सरकार, सांसद, एवं विधायक निधि, स्वयंसेवी संस्थाओं, कम्पनी सीएसआर एवं भामाशाहों इत्यादि को विभिन्न माध्यमों द्वारा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन सिलेण्डर, ऑक्सीजन फ्लो मीटर, ऑक्सीमीटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराये गये है।

जिला कलक्टर लोक बंधु ने इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे प्राप्त मेडिकल उपकरणों को “ई-उपकरण” पोर्टल पर इन्द्राज कर अविलम्ब पालना रिपोर्ट भिजवाया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने अभी तक मेडिकल उपकरणों की प्रविष्टि ई-उपकरण पोर्टल पर नहीं करने को गम्भीरता से लिया एवं सख्त निर्देश दिए कि वे प्राप्त मेडिकल उपकरणों को ‘‘ई-उपकरण पोर्टल‘‘ पर इन्द्राज कर अविलम्ब पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
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इन्दिरा रसोईयों के माध्यम से लॉकडाउन अवधि में जरूरतमंदों के लिए रहेगी निःशुल्क भोजन की व्यवस्था

जिला कलक्टर ने नगरीय निकाय के अधिकारियों को व्यवस्था के दिए निर्देश

बाड़मेर, 26 मई। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लगाए गए कोविड-19 लॉकडाउन की अवधि के दौरान शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को “कोई भूखा न सोए” की अवधारणा को लेकर जिला कलक्टर लोक बंधु द्वारा इन्दिरा रसोईयों के माध्यम से निःशुल्क भोजन पेकेट्स वितरण के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों की निरन्तरता रखते हुए 8 जून तक लगाये गए लॉकडाउन में जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार भोजन पैकेट (लंच/डिनर) निःशुल्क उपलब्ध कराये जाएंगे। जिसमें नगरीय निकायों द्वारा सर्वप्रथम स्वयंसेवी संस्थाओं, दानदाताओं तथा एनजीओ को अधिकाधिक प्रोत्साहित कर लाभार्थी अंशदान राशि 8 रुपये प्रति पैकेट एवं भोजन पैकेटस की पैकिंग लागत का आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही यह राशि नगरिय निकायों द्वारा प्राप्त कर भोजन पैकेट तैयार करने के लिए इन्दिरा रसोईयों को हस्तान्तरित की जाएगी।
निःशुल्क भोजन के लिए दानदाताओं का ले सहयोग
भोजन वितरण में स्थानीय जिला प्रशासन एवं निकायों के कार्मिकों की सेवाएं ली जाएगी। स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ और दानदाताओं से भोजन वितरण व्यवस्था का कार्य नहीं कराया जाएगा। इसके साथ ही निःशुल्क भोजन पैकेट वितरण का ऑफलाईन डाटा नगरीय निकायों द्वारा संधारित किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसी क्रम में जरूरतमंदों को वितरित भोजन पैकेट का इन्द्राज इन्दिरा रसोई पोर्टल पर नहीं किया जाएगा, इसका विवरण पूर्व में दिए गए निर्देशानुसार नगरीय निकाय अपने यहो ऑफलाईन संधारित करना सुनिश्चित करेंगे।
जरूरतमंद को मिले निःशुल्क भोजन, कोई भी भूखा न रहे
जरूरतमंदों को इन्दिरा रसोईयों से आवश्यकतानुसार भोजन पैकेटस (लंच/डिनर) उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवी संस्था, एनजीओं तथा दानदाता द्वारा लाभार्थी अंशदान की राशि प्रति भोजन पैकेट 8 रुपये एवं पैकिंग शुल्क सहित दोनो राशि के भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना सुनिश्चित करें। यदि दानदाताओं द्वारा लाभार्थी की अंशदान राशि 8 रुपये प्रति पैकेट का भुगतान किया जाता है। लेकिन पैकिंग शुल्क नही दिया जाता है तो ऐसी स्थिति में पैकिंग लागत राशि का भुगतान संबंधित नगरीय निकायों द्वारा अपने स्तर से किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन्दिरा रसोईयों में भोजन करने वाले जरूरतमंदों से लाभार्थी अंशदान राशि 8 रुपये नहीं ली जाकर निःशुल्क भोजन व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी। इसी प्रकार लाभार्थी अंशदान राशि 8 रुपये प्रति थाली का भुगतान दानदाताओं को प्रोत्साहित कर प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे, दानदाता उपलब्ध नहीं होने पर यह भुगतान संबंधित नगरीय निकाय/निदेशालय (इन्दिरा रसोई योजना मद से) द्वारा किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने बताया कि इन्दिरा रसोई में बैठकर भोजन करने वाले लाभार्थियों का विवरण योजना की गाईडलाईन के अनुरूप पूर्व की भांति इन्दिरा रसोई पोर्टल पर इन्द्राज किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में 23 मई 2021 को जारी आदेशों के अनुसार इन्दिरा रसोई में भोजन बनाने एवं उसके वितरण का कार्य रात्रि 9 बजे तक कोरोना गाईडलाईन के अनुसार अनुमत किया गया है। इस संबंध में कोविड गाईडलाईन की भी पूर्णतया पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
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घर-घर योजना के तहत उपलब्ध कराये जायेंगे औषधीय पौधे

 कोरोना से रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ को मिलेगा बढ़ावा

बाड़मेर, 26 मई। जिले में कोरोना से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को घर-घर मे तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। जिला कलक्टर लोक बन्धु ने योजना की क्रियान्वयन के लिए वन विभाग को पूरी तैयारी करने को कहा है।
    जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021-22 के बजट भाषण में घोषणा की गई कि ‘‘ राजस्थान औषधीय पौधों की विविधता तथा गुणवता के लिए प्रसिद्ध है। इसको बढ़ावा देने के लिए घर-घर औषधि योजना शुरू की जाएगी। जिसके अन्तर्गत औषधीय पौधों की पौधशालाएं विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा इत्यादि पौधे नर्सरी से उपलब्ध कराये जायेंगे।‘‘ उक्त घोषणा के अनुसरण में राज्य में औषधीय पौधों के संरक्षण एवं नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षण हेतु घर घर औषधि योजना के अन्तर्गत औषधीय पौधों की पौधशालायें विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के पौधे वन विभाग की पौधशालाओं में उपलब्ध कराये जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
पर्यावरण मित्र
वर्तमान परिस्थितियों में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण एवं जीवन शैली में परिवर्तन जैसे कारणों से स्थानीय लोग अनेक प्रकार के रोगों से ग्रस्त होते रहते है। आयुर्वेद तथा स्थानीय परम्परागत ज्ञान एवं वनों में उपलब्ध औषधियों को लोगों के घरों, खेतो और निजी जमीनों के समीप उगाने हेतु सहायता करने से राज्य के निवासियों के स्वास्थ्य में सुधार करना इस योजना का मुख्य ध्येय है। इस योजना से राजस्थान में पाई जाने वाली वनोषधियों एवं औषधीय पौधों का संरक्षण भी होगा।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने उप वन संरक्षक बाड़मेर को योजना की क्रियान्विति के संबंध में प्रमुख शासन सचिव वन एवं पर्यावरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
योजना के उदे्श्य
राज्य में औषधीय पौधों को उगाने के इच्छुक परिवारों को स्वास्थ्य रक्षण हेतु बहु उपयोगी औषधीय पौधे वन विभाग की पौधशालाओं में उपलब्ध कराया जाना, मानव स्वास्थ्य रक्षण और व्याधिक्षमत्व बढ़ाने तथा चिकित्सा हेतु बहु उपयोगी औषधीय पौधों की उपयोगिता के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए जन चेतना का विस्तार करना, औषधीय पौधों के प्राथमिक उपयोग तथा संरक्षण संवर्धन हेतु आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग के सहयोग से प्रमाण आधारित जानकारी उपलब्ध कराना तथा जिला प्रशासन एवं वन विभाग के नेतृत्व में जन प्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, विभिन्न राजकीय विभागों तथा संस्थानों, विद्यालयों और औद्योगिक घरानों इत्यादि का सहयोग लेकर जन अभियान के रूप में क्रियान्वित करना है।
योजना का क्रियान्वयन
योजना के क्रियान्वचन हेतु वन विभाग नोडल विभाग होगा। योजना को एक जन अभियान के रूप में संचालित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन हेतु जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन कर जिला प्रशासन के नेतृत्व में जन प्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, विभिन्न राजकीय विभागों एवं संस्थानों, विद्यालयों और औद्योगिक घरानों इत्यादि का सहयोग लेकर वृहद स्तर पर अभियान चलाया जायेगा। उप वन संरक्षक जिला स्तरीय टास्क फोर्स के सदस्य सचिव होंगे। जिले में योजना का क्रियान्वयन जिला स्तरीय कार्य योजना बनायी जाकर किया जाएगा। कार्य योजना में वितरण स्थलों का चिन्हीकरण, वितरण व्यवस्था, विभिन्न विभागों से सहयोग प्राप्त करने की व्यवस्था, प्रचार प्रसार की रणनीति, वितरण एवं प्रचार प्रसार हेतु अतिरिक्त वितीय संसाधनों की व्यवस्था इतयादि विषय सम्मिलित होंगे।
योजना की अवधि
यह योजना 5 वर्षो (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिये लागू की जाएगी।
योजना का लक्ष्य
पांच वर्षो में राज्य के लगभग 1 करोड़ 26 लाख परिवारों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2021-22 में उप वन संरक्षक बाड़मेर द्वारा 450624 परिवारों को लाभान्वित करने के लिए 1982746 पौधे तैयार किये जायेंगे। प्रत्येक परिवार को चार प्रकार की औषधीय प्रजातियों तुलसी, गिलाय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के दो दो पौधे अर्थात् कुल 8 पौधे थैलियों में इस वर्ष सहित कुल पांच वर्षो में तीन बार वन विभाग की पौधशालाओं से निःशुल्क उपलब्ध कराये जायेंगे।
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मंगलवार, 25 मई 2021

जनानुशासन लॉकडाउन की अवहेलना पर 814 लोगों पर लगा जुर्माना

बाड़मेर, 25 मई। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही करते हुए सोमवार 24 मई को जिले में 814 व्यक्तियों से कुल 1,19,100 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट लोक बन्धु ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में सोमवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर पुलिस विभाग द्वारा 814 व्यक्तियों से 55,800 रुपये, उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर में 3 व्यक्तियों से 2500 रूपये, बायतु में 7 व्यक्तियों से 700 रूपये, चौहटन में 16 व्यक्तियों से 2400 रूपये, सेड़वा में 9 व्यक्तियों से 2100 रूपये, सिणधरी में 6 व्यक्तियों से 1000 रूपये, शिव में 9 व्यक्तियों से 3000 रूपये, गडरारोड़ में 2 व्यक्तियों से 1000 रूपये, बालोतरा में 150 व्यक्तियों से 33,800 रूपयेे, धोरीमन्ना में 11 व्यक्तियों से 4700 रूपये तथा सिवाना में 112 व्यक्तियों से 12,100 को मिलाकर कुल 814 व्यक्तियों से 1,19,100 रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है। उन्होने बताया कि जिले में सोमवार तक 72,453 व्यक्तियों से 1,23,93,376 रूपये की वूसली की जा चुकी है।
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राजस्व मंत्री ने बायतु एवं गिडा कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया

बायतु कोविड केयर सेंटर से 13 मरीज हुए डिस्चार्ज

बाड़मेर, 25 मई। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने मंगलवार को बायतु एवं गिडा के कोविड केयर सेंटर्स का निरीक्षण कर मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बायतु कोविड केयर सेंटर में एक साथ 13 पॉजिटिव मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। इनमें से 2 मरीज बीते 18 दिन से ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।
राजस्व मंत्री चौधरी ने कोरोना से जंग जीतने वाले लोगों के साहस की सराहना की। उन्होनें कहा कि डिस्चार्ज होने के बाद भी अभी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होनें कहा कि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित परेशानी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें। उन्होनें मेडिकल स्टाफ की तारीफ कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होनें कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के संबंध में फीडबैक लिया तथा चिकित्सकों को मरीजों का नियमित रूप से चैक अप करने को कहा। उन्होनें कोविड केयर सेंटर्स में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की तथा उनके विवेकपूर्ण उपयोग के निर्देश दिए।
इसके पश्चात उन्होनें गिडा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत संतरा, रिडिया तालर, खारापार एवं लापुंदरा में ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों के साथ संवाद कर ग्राम स्तर पर कोविड रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए।
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मोबाइल वैन के माध्यम से गांव-गांव एवं ढाणी-ढाणी कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु विधिक जागरूकता

बाड़मेर, 25 मई। आमजन को कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु मोबाइल वैन के माध्यम से गांव-गांव एवं ढाणी ढाणी जागरूकता प्रदान की जा रही है।

तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सेशन न्यायाधीश बालोतरा के निर्देशों की पालना में 21 से 26 मई तक कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु जागरूकता गतिविधियां संचालित जा रही है। इस दौरान मोबाईल वैन के माध्यम से बाड़मेर एवं चौहटन उपखण्ड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम तथा नालसा एवं रालसा की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विधिक जानकारी प्रदान की गई है।
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स्वयं सेवकों को मास्क, सेनेटाईजर एवं छाछ वितरित

बाड़मेर, 25 मई। जिले में कोरोना संक्रमण की द्वितीय लहर के दौरान तैनात गृह रक्षा एवं सीमा गृह रक्षा दल के स्वयं सेवकों के स्वास्थ्य की रक्षार्थ मंगलवार को समादेष्टा राजेन्द्र कुमार जांगिड द्वारा मास्क, सेनेटाईजर तथा गर्मी के मौसम में मद्देनजर छाछ का वितरण किया गया।

गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र एवं सीमा गृह रक्षा दल बाड़मेर के समादेष्टा राजेन्द्र कुमार जांगीड ने बताया कि महानिदेशक एवं महासमादेष्टा गृह रक्षा राजस्थान उत्कल रंजन साहु के निर्देशन में मंगलवार को जिले में कोविड संक्रमण की विषम परिस्थितियों में तैनात गृह रक्षा एवं सीमा गृह रक्षा दल के स्वयं सेवकों को मास्क, सेनेटाईजर एवं छाछ का वितरण किया गया। उन्होनें बताया कि स्वयं सेवकों को ड्यूटी के दौरान डबल मास्क पहनने, हाथों में ग्लब्ज का उपयोग करने तथा दो गज दूरी बनाए रखने तथा आमजन को भी कोविड गाइडलाईन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान कम्पनी कमाण्डर महेन्द्र सिंह भाटी, हमीर ंिसह भाटी एवं प्लाटून कमाण्डर भोम सिंह राठौड़  ने ड्यूटी में तैनात जवानों से स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनका मनोबल बढ़ाया। इस मौके पर मुख्य आरक्षी चुन्नी लाल, कनिष्ठ सहायक रवि मन्सुरिया, अशोक सिंह, पदमराज, गोपाल सिंह एवं उतम सिंह उपस्थित रहे।
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राजस्व मंत्री चौधरी ने कि ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के कार्यो की समीक्षा

बाड़मेर, 25 मई। राजस्व मंत्री चौधरी ने मंगलवार को बायतु विधानसभा क्षेत्र में बायतु भोपजी, बायतू भीमजी, वीरेन्द्र नगर, जोगासर, नगोणी धतरवालों की ढ़ाणी, बायतू पनजी तथा लीलाला ग्राम पंचायतों में ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों के साथ संवाद कर उनके कार्य की समीक्षा की तथा कोविड प्रबंधन में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

राजस्व मंत्री चौधरी ने ग्राम स्तरीय कोर कमेटी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सवांद कर कहा कि आईएलआई लोगों के चयन के लिए सर्वे का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। संक्रमण की रोकथाम एवं लोगों के उचित उपचार के लिए समय पर ईलाज प्रारम्भ करना जरूरी है। उन्होनें कहा कि सर्दी जुकाम बदन दर्द, बुखार, श्वास तकलीफ समेत तमाम लक्षण वाले अधिकांश कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे है। जिसे गम्भीरता से लेते हुए तत्काल नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लिया जाए। तमाम आईएलआई वाले मरीजों में कई तरह की भ्रांतियां है, उन्हे दूर कर अस्पताल या कोविड सेंटर जाए और अपना समय पर इलाज करवाए। ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव जाने। उन्होनें आपसी सामन्वय के साथ कोविड रोकथाम के प्रयास पर बल देने को कहा। उन्होनें कहा कि कोविड के साथ-साथ ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों का भी चयन किया जाए, ताकि उचित समय पर इसका इलाज प्रारम्भ किया जा सके।
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संभागीय आयुक्त ने की कोरोना स्थिति की समीक्षा

जिला कलक्टर ने दी कोविड प्रबंधन की जानकारी, हालत में लगातार हो रहा सुधार

तीसरी लहर से निपटने को पुख्ता प्रबंध, बच्चों के लिए डेडिकेटेड कोविड वार्ड
बाड़मेर, 25 मई। संभागीय आयुक्त राजेश शर्मा ने मंगलवार को वीसी के जरिए बैठक लेकर कोविड संक्रमण रोकथाम के लिए कि गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिला कलक्टर लोक बंधु ने जिले में कोविड प्रबंधों के बारे जानकारी दी।
इस मौके पर जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि जिले में कोरोना की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है तथा प्रतिदिन एक्टिव रोगियों की संख्या में कमी हो रही हैं एवं रोज 30-40 बेड खाली हो रहे है। उन्होंने बताया कि जिले में सेम्पलिंग भी ज्यादा की जा रही हैं एवं रैपिड एंटीजन टेस्ट शुरू होने के बाद प्रतिदिन तीन चार हजार सैम्पल लिए जा रहे है, इसके बावजूद पॉजीटिविटी रेट कम हो रही हैं।
जिला कलक्टर ने बताया कि तीसरी संभावित लहर से बचाव को जिले में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं एवं जिले में बच्चों के लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाए जा रहे है। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालय में एक कोविड डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है, इसमें 24 आक्सीजन सपोर्टेड बेड एवं 9 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जिले में तीसरा डोर-टू-डोर सर्वे पूरा हो चुका है एवं इसमें ब्लैक फंगस की भी स्क्रीनिंग की जा रहीं है।
इस दौरान जिला कलक्टर ने जिले में संक्रमण की स्थिति, सक्रिय केस, डोर-टू-डोर सर्वे, मेडिकल किट वितरण, वैक्सीनेशन इत्यादि की जानकारी दी। उन्होने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे द्वारा चिन्हित सभी आईएलआई लक्षण वाले लोगों का चयन किया गया है, सभी को मेडिकल किट का वितरण किया जाकर सभी को होम आईसोलेट किया गया है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। उन्होनें कहा कि जिले में राज्य सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन की कड़ाई से पालना करवाई जा रही है। बेवजह घूमने वाले लोगों को संस्थागत क्वारेंटाईन करने की कार्यवाही निरंतर जारी है। उन्होनें बताया कि जिले में शादी समारोह के आयोजन पर ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजस्व मंत्री चौधरी स्वयं पहुचे आईएलआई चयनित के घर, स्वास्थ्य संबंधी ली जानकारी

 राजस्व मंत्री का नवाचार

आईएलआई सर्वे के दौरान बायतु पनजी एवं लीलाला के 11 राजस्व गांवों में बीपी, सूगर, टेम्परेचर एवं ऑक्सीजन लेवल की होगी जांच
बाड़मेर, 25 मई। राजस्व मंत्री चौधरी ने मंगलवार को बायतु पनजी ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम देरोमोणियों की ढ़ाणी में डोर-टू-डोर सर्वे के तहत चयनित आईएलआई लक्षण वाले मरीजों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होनें मेडिकल किट वितरण एवं होम आईसोलशन की पालना का वैरिफिकेशन भी किया।
इस दौरान राजस्व मंत्री चौधरी ने कहा कि कोविड संक्रमण के साथ-साथ ब्लैक फंगस के मरीजों की पहचान के लिए बीपी, सूगर, ऑक्सीजन लेवल तथा टेम्परेचर के मापन आवश्यक है। उन्होनें बताया कि मॉडल के रूप में ग्राम पंचायत बायतु पनजी एवं लीलाला के 11 राजस्व ग्रामों में घर-घर सर्वे के दौरान लोगों के बीपी, सूगर, ऑक्सीजन लेवल एवं टेम्परेचर मापन के लिए 11 उपकरणों के किट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पीईईओ सेक्टर में प्रत्येक घर में उक्त जांचे सुनिश्चित करेंगे। उन्होनें बताया कि आने वाले समय में यह मॉडल बायतु के समस्त राजस्व गांवों में लागू किया जाएगा।
राजस्व मंत्री चौधरी स्वयं देरोमोणियों की ढ़ाणी में आईएलआई लक्षण वाले घरो में गए तथा उन्हें मेडिकल किट वितरण इत्यादि की जानकारी ली। उन्होनें मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली तथा उनके परिजनों को समस्त ऐहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी। उन्होनें मरीजों को प्रोनिंग की क्रिया के बारे में भी जानकरी दी। उन्होने लोगों से आग्रह किया कि स्वास्थ्य संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर इसकी सूचना तुरंत गांव में कार्यरत महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा गांव की निगरानी समिति के सदस्यों को दें। साथ ही नजदीकी अस्पताल जाकर स्वास्थ्य की जांच कराएं ताकि समय पर उपचार किया जा सके।
राजस्व मंत्री चौधरी ने बायतू पनजी में ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर बायतू पनजी मॉडल को राजस्थान में सफल बनाने के लिए सक्रिय रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ ब्लैक फंगस के संबंध में भी पूरी सतर्कता बरती जाए। आमजन में इसके प्रति जागरूकता के हर संभव प्रयास किए जाए। उन्होनें कहा कि लोगों को कोविड तथा ब्लैक फंगस के लक्षणों, सावधानियां एवं उपचार संबंधित सभी प्रकार की जानकारी दी जाए। उन्होनें जनप्रतिनिधियों से उक्त कार्यो में ग्राम स्तरीय कोर कमेटी का पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया।
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सोमवार, 24 मई 2021

राजस्व मंत्री चौधरी ने बायतु कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण

मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सा कार्मिका का बढ़ाया हौसला

बाड़मेर, 24 मई। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने सोमवार सांय बायतु कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से मिलकर उनका मनोबल बढ़ाया।
राजस्व मंत्री चौधरी ने अपने नियमित निरीक्षण के तहत सोमवार को बायतु कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों से मिले। उन्होनें कार्मिकों से कोविड केयर सेंटर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की बात कही। उन्होनें प्रत्येक मरीज से मिलकर उनके स्वास्थ्य का फीडबैक लिया। उन्होनें मरीजों को मनोबल के साथ कोरोना से लड़ने को कहा। उन्होनें चिकित्सकों से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार के बारे में जानकारी ली। उन्होनें कोविड सेंटर में ऑक्सीजन, आवश्यक दवाईयों एवं उपकरणों की समीक्षा की। उन्होनें पूर्ण सतर्कता बरतते हुए संक्रमितों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने को कहा। उन्होनें स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए प्रतिदिन नियमित रूप से सेनेटाईजेशन की क्रिया करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि कोविड के दौरान मरीजों को बेहतर उपचार के साथ मनौवैज्ञानिक रूप से समझाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि राजस्व मंत्री चौधरी बायतु कोविड केयर सेंटर प्रारम्भ होने के बाद से नियमित रूप से चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हौसला बढाते है और वार्डों में जाकर मरीजों से मिल कर उनकी सेहत का जायजा लेते है।
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सर्वे के दौरान बच्चों में आईएलआई लक्षणों पर दें विशेष ध्यान - लोक बंधु

 कोविड प्रबंधों की समीक्षा बैठक

कोरोना से ठीक हुए लोगों में ब्लैक फंगस के लक्षणों पर भी निगरानी के निर्देश
बाड़मेर, 24 मई। कोरोना संक्रमण की ग्रामीण क्षेत्रों में रोकथाम के लिए पूर्ण सतर्कता बरतते हुए डोर टू डोर सर्वे पर विशेष फोकस किया जाए। सर्वे के तीसरे चरण के तहत ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्य घर-घर जाकर बच्चों में भी आईएलआई लक्षणों की पड़ताल करें। जिला कलक्टर लोकबंधु ने सोमवार सांय जिले में कोविड प्रबंधन के लिए आयोजित बैठक के दौरान ये बात कही।
इस दौरान उन्होनें कहा कि ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले कार्मिक किसी प्रकार की कौताही न बरते तथा पूर्ण सतर्कता से राज्य सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन की पालना सुनिश्चित करें। उन्होनें कहा कि ग्राम स्तरीय कोर कमेटी द्वारा किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे का रेण्डम वेरफिकेशन आवश्यक है। चयनित आईएलआई लक्षण वालें लोगों के दूरभाष नम्बर पर रेण्डमली संपर्क कर उनसे मेडिकल किट वितरण एवं होम आईसोलेशन के बारे में पूछा जाकर वेरिफिकेशन किया जाए। साथ ही उपखण्ड अधिकारी कमेटी के कार्यो का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें।
चिकित्सा उपकरणों का स्टॉक इंद्राज हो
जिला कलक्टर लोक बंधु ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर प्राप्त समस्त राहत सामग्री जैसे ऑक्सीजन सिलेण्डर, ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर एवं अन्य उपकरणों का स्टॉक इन्द्राज किया जाकर उन्हें पूर्ण सुरक्षित रखा जाए। उन्होने स्टॉक इन्द्राज कर जिला स्तर पर सूचित करने के निर्देश दिए है। उन्होनें कहा कोविड केयर सेंटर्स इत्यादि पर कोविड संक्रमण कम होने से उक्त उपकरणों का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है।
तीसरी लहर से बचाव के लिए पूर्व प्रबंध
जिला कलक्टर लोक बंधु ने कहा कि कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण फैलने की संभवना को देखते हुए अभी से इस संबंध में पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाए। उन्होनें कहा कि ग्राम स्तरीय कमेटी के सदस्य डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान बच्चों में कोरोना संबंधित लक्षणों की पडताल करें। उन्होनें बच्चों में लक्षण पाए जाने पर पूर्ण सतर्कता से उनके समय पर उपचार के प्रबध किए जाए। साथ ही कोरोना से रिकवर हो चुके लोगों मे ब्लैक फंगस के लक्षणों पर भी निगरानी रखें।
प्रशासनिक मशीनरी का पूरा उपयोग हो
जिला कलक्टर लोक बंधु ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तथा आमजन में जागरूकता के लिए प्रशासनिक मशीनरी का विवेकपूर्ण प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होनें कहा कि ग्राम स्तरीय कोर कमेटी के सदस्यों के अलावा आवश्यकता अनुसार अन्य कार्मिकों से काम लिया जा सकता है।
उन्होनें कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को इकठ्ठा न होनें दिया जाए। लोगों को स्व अनुशासन के लिए प्रेरित किया जाए। उन्हानेें कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को आवश्यक रूप से क्वारेंटाईन किया जाए। उन्होनें आरटीपीसीआर जांच के लिए सैम्पलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि जहां-जहां कन्टेन्मेंट जॉन घोषित किए गए है, वहां के लोगों के लिए दैनिक आवश्यक सामग्री आपूर्ति के लिए वॉलेंटियर्स का सहयोग लिया जाए। उन्होनें पूर्ण सतर्कता बरतते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन की पालना सुनिश्ति करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही सभी उपखंड अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने वीसी के जरिए मौजूद रहे।
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लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...