शुक्रवार, 19 जुलाई 2019

कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य मंे साइकिल रैली शनिवार को

बाड़मेर, 19 जुलाई। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य मंे सीमा सुरक्षा बल की ओर से शनिवार को जिला मुख्यालय पर साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा।
सीमा सुरक्षा बल के उप कमांडेंट अरूण शर्मा ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल की ओर से कारगिल विजय दिवस के बारे मंे आमजन को जानकारी देने के लिए विभिन्न गतिविधियांे का आयोजन किया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि इसके तहत शनिवार को प्रातः 7 बजे भगवान महावीर टाउन हाल से साइकिल रैली का आयोजन होगा। साइकिल रैली टाउन हाल से रेलवे स्टेशन, चौहटन चौराहा, सदर पुलिस स्टेशन से होते हुए सिणधरी चौराहा, सर्किट हाउस , कलेक्ट्रेट से होते हुए भगवान महावीर टाउन मंे संपन्न होगी। उन्हांेने आमजन से साइकिल रैली मंे शामिल होने की अपील की है।

चुनाव डयूटी मंे मृत्यु होने पर कार्मिकांे के आश्रितांे को 20-20 लाख की अनुग्रह सहायता स्वीकृत

बाड़मेर, 19 जुलाई। लोकसभा चुनाव के दौरान बाड़मेर जिले के तीन कार्मिकांे की सड़क हादसे मंे मृत्यु होने पर उनके आश्रितांे को 20-20 लाख की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। पूर्व मंे इनको 10-10 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि का अब भुगतान किया जाएगा।
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि लोकसभा चुनाव मंे डयूटी निर्वहन करते समय सड़क हादसे मंे सहायक प्रशासनिक अधिकारी किशनलाल डाबी, वरिष्ठ सहायक चन्द्रप्रकाश सोनी एवं वाहन चालक ओमप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। तत्कालीन प्रावधान के तहत इनके आश्रितांे को 10-10 लाख रूपए अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान किया गया था। इसके उपरांत राज्य सरकार ने चुनाव डयूटी मंे किसी कार्मिक की मृत्यु होने पर अनुग्रह अनुदान राशि बढ़ाकर बीस लाख रूपए कर दी। उन्हांेने बताया कि इन कार्मिकांे के आश्रितों को 20-20 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि देने की संशोधित स्वीकृति जारी की गई है। इसमंे से 10-10 लाख रूपए की राशि का भुगतान पूर्व मंे किया जा चुका है।

श्मशान और कब्रिस्तान से अवैध कब्जे हटाए जाएंगेः चौधरी

बाड़मेर, 19 जुलाई। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि रामगंज मण्डी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में श्मशान घाट या कब्रिस्तान की भूमि पर यदि अवैध रूप से कब्जे किये गये है तो उन्हें प्राथमिकता से हटवाया जाएगा। 
राजस्व मंत्री चौधरी ने शून्यकाल में विधायक मदन दिलावर के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि रामगंज मण्डी के गांवों में कुम्हारों को मिट्टी उपलब्ध कराने के लिए खान विभाग के साथ मिलकर प्रशासनिक तौर पर परीक्षण कर इस संबंध में भूमि आरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही गांवों में मृत पशुओं को डालने के लिए कोई आरक्षित भूमि नहीं होने के कारण शहरों की तर्ज पर ही मृत जानवरों को उठवाने की व्यवस्था करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्मशान और कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटन के लिए प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्राथमिकता से कार्यवाही की जाएगी तथा राजस्व अभियान में भी ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

39 पशुधन सहायकों की नियुक्ति को मिली मंजूरीःकटारिया

बाड़मेर, 19 जुलाई। राज्य सरकार ने 18 जुलाई को पशुधन सहायकों के 39 पदों की नियुक्ति के आदेश को मंजूरी दे दी है, जल्दी ही प्रदेश के पशु चिकित्सालयों में इन्हें निुयक्ति दे दी जाएगी। 
कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को विधानसभा में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुधन सहायकों के पदों का प्रकरण न्यायालय में लंबित था। इसका फैसला अब हुआ है तथा जल्द ही इनसे रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। इससे पहले विधायक अमीन खां के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए कटारिया ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 35 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, 785 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय तथा 1710 पशु चिकित्सालय स्वीकृत हैं। उन्होंने इन पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों के रिक्त पदों का जिलेवार संख्या विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि जिला बाड़मेर में 181 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र स्वीकृत हैं, जबकि जिला जैसलमेर में 59 उपकेन्द्र स्वीकृत हैं। उन्होंने इनका तहसीलवार विवरण सदन की मेज पर रखा। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को उपलब्धता अनुसार भरा जाता है।

फसली ऋण पोर्टल पर आवेदन की हुई शुरुआत


पैक्स के नए सदस्य किसान भी फसली ऋण के लिए कर सकेंगे आवेदन

बाड़मेर, 19 जुलाई। अनुरुप सहकार फसली ऋण ऑनलाइन आवेदन एवं वितरण योजना के तहत ग्राम सेवा सहकारी समितियों के नये सदस्य किसानों को फसली ऋण के लिए आवेदन की शुरुआत कर दी गई है। 
सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि राज्य सरकार की स्पष्ट सोच है कि जिन सदस्य किसानों को अभी तक फसली ऋण नहीं मिला है,उन्हें भी फसली ऋण प्रदान किया जाए। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 11 जुलाई को ऑनलाइन फसली ऋण वितरण के राज्य स्तरीय समारोह में नये सदस्य किसानों को भी फसली ऋण से जोड़ने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में फसली ऋण पोर्टल पर नए सदस्य किसानों से आवेदन प्राप्त करना प्रारंभ कर दिया गया है। फसली ऋण से राज्य के 10 लाख नये सदस्य किसानों को भी जोड़ा जाएगा। उन्हांेने बताया कि पैक्स एवं लैम्पस् का कोई भी सदस्य किसान, जिसको अभी तक फसली ऋण नहीं मिल पाया है वह निर्धारित प्रारुप में ई-मित्र केन्द्र या पैक्स या लैम्पस् पर जाकर फसली ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। उनके मुताबिक 3 जून, 2019 को पूर्व में फसली ऋण का लाभ ले रहे सदस्य किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई थी। इसे आगे बढ़ाते हुए अब नए सदस्य किसानों को भी फसली ऋण से जोड़ने के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 में सदस्य किसानों को 16000 करोड़ रुपए का फसली ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमंे से 10000 करोड़ का फसली ऋण खरीफ सीजन में सदस्य किसानों को वितरित किया जा रहा है तथा 6000 करोड़ रुपए का फसली ऋण रबी सीजन में सदस्य किसानों को वितरित किया जाएगा। उन्होंने सदस्य किसानों का आव्हान किया कि वे सरकार की इस योजना का लाभ लें तथा समय रहते ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि शीघ्र ही उनका फसली ऋण स्वीकृत किया जा सके।

चौहटन तहसील क्षेत्र में निःशुल्क आयुर्वेद चल चिकित्सा शिविर होगे आयोजित

बाड़मेर, 19 जुलाई। जिले की चौहटन तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसुचित जाति के व्यक्तियों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दृष्टि से निःशुल्क आयुर्वेद चल चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयुपर के उप निदेशक प्रशासन ने बताया कि चौहटन तहसील क्षेत्र में 23 जुलाई को गोहड का तला, 24 को मीठडाऊ, 25 को नवातला जेतमाल, 26 को देदूसर तथा 27 जुलाई को बूठ राठौडान में निःशुल्क आयुर्वेद चल चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
 

आपातकालीन चिकित्सा उपकरणांे के लिए 9.5 लाख का सहयोग

बाड़मेर, 19 जुलाई। बालोतरा के राजकीय नाहटा चिकित्सालय मंे आपातकालीन चिकित्सा उपकरण क्रय करने के लिए जेएसडब्ल्यू एनर्जी बाड़मेर लिमिटेड ने सीएसआर कार्यक्रम के तहत 9.5 लाख की सहयोग राशि का चैक जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता को सौंपा।
जेएसडब्ल्यू एनर्जी बाड़मेर लिमिटेड के सयंत्र प्रमुख वीरेश देवरामानी ने शुक्रवार को जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता को आपातकालीन उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चैक सौंपा। उन्हांेने जिले मंे आवश्यक चिकित्सा सुविधाआंे मंे यथासंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया। जसोल दुखांतिका के उपरांत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी बाड़मेर लिमिटेड से आपातकालीन चिकित्सा उपकरण क्रय करने के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया था।


तीन वर्ष से बंद सामाजिक सुरक्षा पेंशन बायोमैट्रिक सत्यापन से होगी शुरू

बाड़मेर, 19 जुलाई। वार्षिक सत्यापन के अभाव मंे तीन वर्ष से बंद सामाजिक सुरक्षा पेंशन बायोमैट्रिक सत्यापन से शुरू हो जाएगी। इसके लिए ई-मित्र पर जाकर बायो मैट्रिक सत्यापन करवाना होगा।
कोषाधिकारी दिनेश बारहठ ने बताया कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था, विधवा, परित्यकता एवं तलाकशुदा पेंशन के ऐसे प्रकरण जिनमें किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशनर की पेंशन वार्षिक सत्यापन के अभाव में रूकी हुई है, वे ई-मित्र कियोस्क या राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर आधार आधारित भामाशाह प्लेटफॉर्म के माध्यम से बायोमैट्रिक सत्यापन कराये जाने पर उसे जीवित होने का प्रमाण-पत्र मानते हुए सत्यापन की तिथि को देय तीन वर्ष तक की अवधि की बकाया पेंशन राशि का भुगतान पोर्टल द्वारा स्वतः ही देय हो जायेगा। बारहठ ने बताया कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बंद पेंशन प्रकरण के संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से नियमों में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से अधिक अवधि के पात्र प्रकरण जिला कलक्टर की अनुशंषा के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जयुपर को प्रेषित किए जाएगें तथा अनुमति प्राप्त होने पर बकाया राशि का भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से ऐसे लाभार्थी जिनको भामाशाह प्लेटफॉर्म से बायोमैट्रिक सत्यापन उपरान्त लाभ हस्तान्तरित किये जा रहे है। यदि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के ऐसे लाभार्थी द्वारा जो वर्ष में एक बार भी यदि राशन की दुकान पर स्वयं के बायोमैट्रिक सत्यापन उपरान्त राशन प्राप्त करता है, को जीवितता प्रमाण-पत्र के लिए अलग से बायोमैट्रिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। 

गुरुवार, 18 जुलाई 2019

कगाऊ में जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल स्थगित


                बाड़मेर, 18 जुलाई। सांजटा कलस्टर की ग्राम पंचायत कगाऊ में 19 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।

गौरव सेनानियों के लिए कल्याणपुर में समस्या समाधान शिविर 19 जुलाई को


                बाड़मेर, 18 जुलाई। पंचायत समिति परिसर कल्याणपुर में 19 जुलाई को सुबह 11 बजे से गौरव सेनानियों एवं आश्रितों के लिए समस्या समाधन शिविर को आयोजन किया जाएगा।
                जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार ने बताया कि इस शिविर में पूर्व सैनिकों की पेंशन समस्या समाधान, राज्य एवं केन्द्र सरकार की ओर से जारी नए आदेशों की जानकारी, पूर्व सैनिकों के बच्चों के भाग दो आदेश, पी.पी.ओ. में पत्नी के नामांकन, पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृति, योजना रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाने संबंधित कार्य संपादित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए गौरव सेनानियों एवं उनके आश्रितों को अपनी डिस्चार्ज बुक, बैंक पास बुक, पीपीओ, आधार कार्ड की फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है।

स्वाधीनता दिवस समारोह संबंधित बैठक 22 को


                बाड़मेर, 18 जुलाई। स्वाधीनता दिवस पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के कार्यक्रम निर्धारण करने के लिए जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में 22 जुलाई को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेन्स हॉल में बैठक आयोजित होगी।
                अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियां को अपने विभाग से संबंधित कार्यक्रमों के प्रस्ताव के साथ आवश्यक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।

फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई


                बाड़मेर, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए कृषि विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
                कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने बताया कि बाड़मेर जिले में मुख्य रूप से बोई जाने वाली फसलां बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, ज्वार, मूंगफली, तिल को इस योजना में शामिल किया गया है। यह तहसीलवार, पटवार सर्किलवार अलग-अलग हो सकती है। उन्हांने बताया कि खरीफ फसलां में किसानां को बीमित राशि का मात्र दो प्रतिशत ही प्रीमियम देना है, शेष राज्य एवं केन्द्र सरकार की ओर से देय होगा। उनके मुताबिक फसल बीमा ऋणी कृषकां का अनिवार्य एवं अऋणी कृषकां का स्वेच्छानुसार है। अऋणी कृषक किसी भी ई मित्र पर आवश्यक अभिलेख आधार कार्ड की प्रति, नवीन गिरदावरी की सत्यापित प्रतिलिपि, बैंक खाते की पासबुक की प्रति जिसमें आईएफएससी कोड एवं खाता संख्या, फसल बुवाई प्रमाण पत्र, यदि जमीन बटाई पर ली गई है जो बटाई के प्रमाण पत्र के साथ फसल बीमा करवा सकते है। उप निदेशक वर्मा ने बताया कि मूंगफली में 30 जून, मूंग एवं तिल में 5 अगस्त, ज्वार, मोंठ, ग्वार में 15 अगस्त तक बोई गई फसल बीमा में कवर हो सकेगी। उनके मुताबिक जिले में फसल बीमा के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड अधिसूचित की गई है। इसकी अधिसूचना 17 जुलाई को जारी की गई है। उन्हांने बताया कि बाड़मेर जिले में किसानां को फसल बीमा करवाने के लिए प्रीमियम के तौर पर प्रति हैक्टेयर बाजरा में 280, ग्वार में 340, ज्वार में 400, मूंग, मोंठ एवं तिल में 290, मूंगफली में 750 रूपए की राशि जमा करानी होगी।

बालोतरा एवं सिणधरी में औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर आयोजित होंगे


                बाड़मेर, 18 जुलाई। जिले में औद्योगिक विकास एवं उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए पंचायत समिति स्तरीय औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर 23 जुलाई को बालोतरा एवं 30 जुलाई को सिणधरी में प्रातः 11 बजे से सांय 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
                जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक ने बताया कि राजस्थान वित निगम बैंकर्स एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से उक्त एक दिवसीय औद्योगिक शिविर आयोजित किए जा रहे है। उन्हांने बताया कि शिविर में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के आवेदन पत्रों की जानकारी, दस्तकारों के शिल्पी पहचान-पत्र, प्रधानमंत्री बुनकर मुद्रा आवेदन पत्र एवं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 की ऑनलाइन की जानकारी कराई जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

जन कल्याणकारी योजनाओं की उचित मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिवों को दिशा-निर्देश

बाड़मेर, 18 जुलाई। राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में चल रही जन कल्याणकारी योजनाओं की उचित एवं सतत मॉनिटरिंग के लिए जिला प्रभारी सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव को उनके मुख्य कार्यों के संबंध में निर्देश प्रदान किए हैं।
जिलों के प्रभारी सचिव एवं अन्य प्रभारी अधिकारी राज्य सरकार द्वारा जिलों में चल रहे विभिन्न विभागीय कार्यक्रम, योजनाएं एवं महत्वपूर्ण विकास कार्यों की मॉनिटरिंग प्रभार वाले जिले में, संबंधित प्रभार वाले जिले में, जिला स्तर पर राज्य सरकार के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करेंगे। यह प्रभारी अधिकारी जिला स्तर पर विभागीय कार्यक्रम, विकास कार्य, योजनाओं, विभिन्न शिविरों, विशेष कार्यक्रमों आदि से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। कार्य प्रभार वाले जिले के लिए बजट घोषणाओें, मुख्यमंत्री घोषणाएं एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की क्रियान्विति एवं समीक्षा भी इन प्रभारी सचिवों द्वारा की जाएगी साथ ही  प्रभार वाले जिले से संबंधित “जन घोषणा पत्र” के बिन्दुओं की क्रियान्विति एवं समीक्षा भी प्रभारी सचिव करेंगे। 
राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी जिलों के प्रभारी सचिवों द्वारा प्रभावकारी ढंग से पानी, बिजली, सड़क, आवास एवं खाद्य सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल  ¼Critical Health Care½की समीक्षा कर प्रभावकारी पर्यवेक्षण किया जाएगा। जिला प्रभारी सचिव अपने संबंधित जिलों में पुलिस प्रशासन, कानून व्यवस्था, राजस्व विभाग, अवैध खनन एवं पर्यावरण से सम्बन्धित मुद्दों पर विशेष ध्यान देते हुए सम्बन्धित विभागों एवं राज्य सरकार के निर्देशों का त्वरित अनुपालन एवं समस्याओं का निराकरण करेंगे।
जिला प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिले में  RGDPS एवं RTH Act  की अनुपालना में की जा रही कार्यवाही की एवं उपखण्ड अधिकारी स्तर  की जन सुनवाइयों की भी समीक्षा करेंगे। प्रभारी सचिव जिले में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों द्वारा किये गये दौरे एवं रात्रि विश्राम की मापदण्डों के विरूद्ध की गई प्रगति की समीक्षा तथा उनके द्वारा उनके विभागों की अधीनस्थ कार्यालयों में किये गये निरीक्षणों की समीक्षा एवं पालना एवं क्रियान्वति रिपोर्ट का आकंलन करेंगे। समस्त जिला प्रभारी सचिव उन कार्यों की समीक्षा भी करेंगे जिनके बारे में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदत्त विशेष निर्देश किये जाते हैं।
समस्त जिला प्रभारी सचिवों को राज्य सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रभार वाले जिले में प्रत्येक माह में कम से कम दो अथवा तीन दिवसीय यात्रा या दौरे करना सुनिश्चित करें। वे अपनी यात्रा, दौरे यथा संभव जिले के प्रभारी मंत्री के साथ सम्पादित भी करेंगे। समस्त जिला प्रभारी सचिव, प्रभार वाले जिले की यात्रा के संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर को आवश्यक रूप से सूचना देंगें ताकि विभिन्न योजनाओं को समुचित गति मिले एवं सार्थक परिणाम प्राप्त हो सके। समस्त जिला प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिले की यात्रा के उपरान्त मुख्य सचिव महोदय को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे एवं राजस्थान सम्पर्क पोर्टल Tour Module के  में दर्ज करेंगे। उक्त रिपोर्ट की प्रति प्रशासनिक सुधार विभाग की मेल आईडी cmv@rajasthan.gov.in पर भी आवश्यक रूप से प्रेषित करेंगे।

विभागीय कार्मिक हाई अलर्ट,1822 हैक्टेयर में कीटनाशक का छिड़काव


अतिरिक्त जिला कलक्टर ने टिड्डी नियंत्रण गतिविधियां की जानकारी दी

                बाड़मेर, 18 जुलाई। बाड़मेर जिले में टिड्डी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन के साथ विभागीय कार्मिक हाई अलर्ट पर है। अब तक बाड़मेर जिले के 27 गांवां के 1822 हैक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने गुरूवार को पत्रकारां से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।
                अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में टिड्डी प्रभावित क्षेत्र मुख्यत गडरारोड़,रामसर, गुड़ामालानी एवं शिव पंचायत समिति क्षेत्र में निरोधात्मक गतिविधियां जारी है। उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी एवं अन्य कार्मिकां के साथ कृषि विभाग तथा टिड्डी चेतावनी संगठन के कार्मिक हाई अलर्ट पर है। इनको आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए है। उन्हांने बताया कि भारत-पाक के मध्य भी नियमित रूप से बैठकां का आयोजन करने के साथ टिड्डी नियंत्रण संबंधित जानकारी साझा की जा रही है। शर्मा के मुताबिक बाड़मेर जिले में टिड्डी पूर्ण रूप से नियंत्रण में है एवं फसलां तथा वनस्पति को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्हांने बताया कि टिड्डी नियंत्रण के लिए वाहन एवं अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रदेश के अन्य जिलां से कृषि विभाग के अधिकारियां को टिड्डी नियंत्रण के लिए लगाया गया है। उन्हांने बताया कि टिड्डी दल संबंधित जानकारी नियंत्रण कक्ष पर दी जा सकती है। कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने टिड्डी से प्रभावित क्षेत्रां का विवरण देते हुए बताया कि कृषि विभाग के कार्मिकां की ओर से नियमित रूप से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी मंडल कार्यालय बाड़मेर के वनस्पति संरक्षण अधिकारी के.वी.चौधरी ने टिड्डी नियंत्रण के लिए विभागीय गतिविधियां, टिड्डी के प्रजनन, पाकिस्तान से आगमन की स्थिति, नियंत्रण के तरीकां तथा सर्वेक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हांने बताया कि टिड्डी के अंडे देने के बाद करीब एक माह तक उसका फाका उड़ने की स्थिति में नहीं होता। ऐसे में जमीन से पूरा फाका निकलने के बाद निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है। इस दौरान सहायक निदेशक पदमसिंह भाटी ने टिडडी के प्रको एवं अवस्थाआें के बारे में कंप्यूटर में पावर प्वाइंट प्रजेटेशन के जरिए जानकारी दी। इस दौरान जार में टिड्डियां को प्रदर्शित किया गया।



सुगम मतदान के लिए दिव्यांगां को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराएंगेः शर्मा


जिला मुख्यालय पर सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की बैठक आयोजित

                बाड़मेर, 18 जुलाई। सुगम मतदान के लिए दिव्यांग मतदाताआें को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। बाड़मेर जिले में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के दौरान इस दिशा में किए गए प्रयासां के उत्साहजनक नतीजे सामने आए है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने सुगम मतदान के लिए जिला मुख्यालय पर आयोजित डीएमसीएई की बैठक के दौरान यह बात कही।
                उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने सुगम मतदान के लिए कमेटी सदस्यां से सुझाव देने का अनुरोध करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि कोई भी मतदाता मतदान करने से वंचित नहीं रहे। उन्हांने कहा कि जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उनको राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवाया जाएगा। उन्हांने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केन्द्रां पर छाया, पानी की बेहतरीन व्यवस्था करवाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावां में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांग मतदाताआें के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग मतदान केंद्र तक पहुंच कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशां की पालना सुनिश्चित करवाते हुए सुगम मतदान सुनिश्चित करवाया जाएगा। उन्हांने सुगम मतदान के लिए सुझाव भी दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सुरेन्द्रप्रतापसिंह ने दिव्यांग मतदाताआें को मुहैया कराई गई सुविधाआें के बारे में जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. कमलेश चौधरी ने गर्भवती महिलाआें को मतदान करने में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। कल्लाराम विश्नोई ने चुनाव से पहले गंभीर दिव्यांगां का सर्वे करने के साथ मतदान के दौरान उसको विशेष सहयोग उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इस दौरान श्योर संस्थान की लता कच्छवाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी डालूराम चौधरी, अधीक्षण अभियंता हरिकृष्ण समेत कमेटी सदस्यां एवं विभागीय अधिकारियां ने सुगम मतदान के संबंध में सुझाव दिए।


बुधवार, 17 जुलाई 2019

आमजन से जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान


केन्द्रीय दल ने बुधवार को परंपरागत जल स्त्रोतांे, वृक्षारोपण, अनार की खेती का अवलोकन किया

                बाड़मेर, 17 जुलाई। जल शक्ति अभियान के केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव की अगुवाई मंे केन्द्रीय दल ने तीसरे दिन बुधवार को बाड़मेर जिले मंे विभिन्न इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण कार्याें एवं अनार की खेती का अवलोकन किया। उन्हांेने ग्रामीणांे, जन प्रतिनिधियांे एवं विद्यार्थियांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान किया।
                धोरीमन्ना पंचायत समिति मुख्यालय पर आयोजित समारोह के दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने कहा कि जल शक्ति अभियान जन प्रतिनिधियों एवं आमजन के सहयोग से सफल होगा। उन्हांेने कहा कि सभी लोगांे को इस अभियान से जोड़े, ताकि अधिकाधिक जल संरक्षण हो सके। उन्हांेने जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान करते हुए कहा कि जन प्रतिनिधि अपने-अपने गांव में जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें। इसके तहत सितंबर माह तक विशेष प्लान बनाकर जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाएं। ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण हो सके। उन्हांेने कहा कि पौधारोपण करने के साथ जन प्रतिनिधि अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जल शक्ति अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण मौजूदा समय की महत्ती जरूरत है। इस दौरान धोरीमन्ना प्रधान ताजाराम, अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह चौधरी, विकास अधिकारी नरेन्द्र सोउ, समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। केन्द्रीय दल मंे शामिल सदस्यांे ने बालोतरा,शिव एवं धनाउ समेत विभिन्न स्थानांे पर ग्रामीणांे एवं विद्यार्थियांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान किया। केन्द्रीय दल मंे गृह विभाग के सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक निरंजनलाल, उदयन वरूण समेत विभिन्न अधिकारी शामिल है। इन्हांेने विभिन्न इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्याें, अनार की खेती का अवलोकन किया। केन्द्रीय दल के सदस्यांे ने पौधारोपण करते हुए आमजन को अधिकाधिक पौधारोपण करने का संदेश दिया।






टिड्डी पूर्ण नियंत्रण में, 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र उपचारित - कटारिया


                बाड़मेर, 17 जुलाई। सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है और फसलों में कोई नुकसान नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी जिला प्रशासन और टिड्डी चेतावनी संगठन से समन्वय रखते हुए कीटनाशक छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण में लगे हुए हैं। अब तक प्रदेश में टिड्डी प्रभावित 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है।
                कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार पूरी सजगता के साथ टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रयास कर रही है। वह स्वयं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट लेकर समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर के नेतृत्व में जिलों में स्थित टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों के कार्मिकों की ओर से 413 स्थानों पर 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र में मेलाथियॉन 96 प्रतिशत यूएलवी से नियंत्रण किया जा चुका है तथा अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले में 21 मई से 16 जुलाई तक 14 हजार 204 हैक्टेयर प्रभावित क्षेत्र उपचारित किया गया है। इसी तरह बाड़मेर जिले में 1762, जालौर में 402, जोधपुर में 593 एवं बीकानेर जिले में 1225 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है। समाचार पत्रों सहित अन्य माध्यमों से टिड्डी की सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर उपचार की कार्यवाही कर रही है।  कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रभावित जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी, सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 11 टीमों का गठन किया जा चुका है जिनके जरिए टिड्डी प्रभावित एवं संभावित जिलों में भ्रमण किया जा रहा है। अधिकारी-कार्मिकों का पदस्थापन किया गया है। कार्यव्यवस्था के लिए संबंधित संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार खण्ड को कार्मिकों के पदस्थापन के लिए अधिकृत किया जा चुका है। अन्य स्थानों से भी उप निदेशक एवं संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 77 वाहनों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं तथा टिड्डी के समेकित प्रबंधन पर तकनीकी साहित्य वितरित किया जा रहा है। कटारिया ने बताया कि टिड्डी प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए बुधवार को भारत एवं पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों की खोखरापार, पाकिस्तान में बैठक आयोजित की गई ।

पश्चिमी राजस्थान में आगे बढ़ेगा तेल-गैस खोज का काम


केयर्न ऑयल एंड गैस ने खोज अभियान के लिए करार पर हस्ताक्षर किए
बाड़मेर के खोज अनुभव पर आधारित होगी ऊर्जा स्वावलंबन की नई यात्रा

                बाड़मेर, 17 जुलाई। केंद्र सरकार की देश को पेट्रोलियम के मामले में स्वावलंबी बनाने और घरेलू तेल भंडारों के समुचित दोहन के उद्देश्य से जारी नई पालिसी के तहत अब राजस्थान में तेल और गैस खोज को आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी दिनांे मंे बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर कर चुनिंदा क्षेत्रों में सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के जरिए यह काम आगे बढ़ेगा।
                केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड को दिए गए नए एक्सप्लोरेशन ब्लॉक्स के लिए अनुबंध हस्ताक्षरण को आधिकारिक बनाया। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी ओएएलपी राउंड-2 और 3 ऑक्शन के हिस्से के तौर पर सरकार ने नीलाम हुए 32 ऑयल ब्लॉक्स में से 10 केयर्न को आवंटित किए हैं, जो राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात और ओडिसा में हैं। केयर्न को मिले 10 नए ब्लॉक्स से इसके पोर्टफोलियो में दस हज़ार वर्ग किलोमीटर का नया क्षेत्र जुड़ जाएगा। इस संकलन से केयर्न देश में सबसे बड़े निजी एकरेज धारकों में से एक बन जाएगा। इसके कुल 58 ब्लॉक्स में सी. 5,000 वर्ग किमी के मौजूदा, उत्पादन ब्लॉक्स का एकरेज दस गुणा से अधिक के उछाल के साथ सी. 65,000 वर्ग किमी पहुंच जाएगा। इस अवसर पर वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम ओएएलपी के तहत नीलामी के तीसरे राउंड्स के सफलतापूर्वक पूरा होने पर सरकार को बधाई देते हैं। इस सरकार का प्रगतिवादी दृष्टिकोण भारत में हाइड्रोकार्बन उद्योग के विकास के लिए प्रमुख है और उन्होंने हम पर जो भरोसा जताया है, उसकी प्रशंसा करते हैं। ब्लॉक्स के बड़े एवं विविधीकृत पोर्टफोलियो के साथ, केयर्न भारत के घरेलू कच्चे तेल का 50 प्रतिशत उत्पादन करने के अपने प्रयासों को तेजी देगा। हमें भारत के हाइड्रोकार्बन सामथर््य में पूरा भरोसा है और यह देश को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बढ़ाने में मददगार साबित होगा।केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड के सीईओ अजय कुमार दीक्षित ने कहा, “हम नए ब्लॉक्स में अपना एक्स्प्लोरेशन प्रोग्राम शुरू करने के लिए तत्पर हैं और हमारा मकसद घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। अब हमें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पार्टनर मिल गया है और कई अन्य साझेदारियों पर बात चल रही है,ऐसे में हम इन ब्लॉक्स में नई खोजों को आक्रामकता से अंजाम देंगे। सरकार ने प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए कई प्रमुख नीतिगत सुधार किये हैं और हम नई खनिज नीति में की गई घोषणा के अनुसार साल सालों में खनिज क्षेत्र का उत्पादन तिगुना करने के सरकार के सपने में हिस्से लेने और इसे पूरा करने के लिए तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि केयर्न ने मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों में अगले तीन से चार वर्षों में 3.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जिसमें से 2.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ठेके मिल चुके हैं, ताकि तेज एक्सप्लोरेशन,विस्तृत ऑयल रिकवरी और विकास परियोजनाओं के माध्यम से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ सके। अपने नये क्षेत्रों में, केयर्न की शुरुआती कार्ययोजना के अनुसार अभी 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता है, जो खोज के मामले में कई गुना बढ़ जाएगा। नये फील्ड से भारत के कच्चे तेल के उत्पादन में 50 प्रतिशत योगदान करने की केयर्न की महत्वाकांक्षा मजबूत होगी। वर्तमान में भारत के कच्चे तेल के उत्पादन में केयर्न की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।



कगाऊ में होने वाली रात्रि चौपाल स्थगित


                बाड़मेर, 17 जुलाई। सांजटा कलस्टर की ग्राम पंचायत कगाऊ में 19 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।

लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...