शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

स्वास्थ्य नियमों के उल्लंघन पर सख्ती जारी शुक्रवार को 3400 रूपये का जुर्माना वसूला

 बाड़मेर, 23 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को जिले में 21 व्यक्तियों से 3400 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में शुक्रवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र शिव में 7 लोगों से 900, गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200, गुडामालानी में 3 लोगों से 400 तथा सिवाना में 10 लोगों से 1900 को मिलाकर कुल 21 लोगों से 3400 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।
उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7382 लोगों से कुल 13,80,000 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।
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बाड़मेर जिला अस्पताल में पोस्ट कोविड वार्ड बनेगा

 जिला कलक्टर ने दिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश

बाड़मेर, 23 अक्टूबर। कोविड-19 की रोकथाम व बचाव को लेकर राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे प्रभावी कदमों में एक और निर्णय लिया गया है, जिसके मुताबिक अब जिला मुख्यालय पर पोस्ट कोविड वार्ड स्थापित किया जाएंगा।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में इस सबध में आवश्यक तैयारी को कहा है। जिला कलक्टर ने अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एल.मंसुरिया को पोस्ट कोविड वार्ड स्थापित करने तथा उसमें सुबह नौ से शाम सात बजे तक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। पोस्ट कोविड वार्ड में हर समय एक एमडी मेडिसिन, एक काउंसलर और आयुष चिकित्सक (जिसे रेसिपरेटरी एक्सरसाइज और योग के माध्यम से चिकित्सा करने का ज्ञान हो) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जिला कलक्टर ने पृथक से स्थापित पोस्ट कोविड वार्ड में पर भर्ती मरीजों की चिकित्सा के लिए मल्टी डिसिप्लेनरी स्पेशलिस्ट डॉक्टर को नियुक्त करने के निर्देश दिए। पोस्ट कोविड वार्ड/आईसीयू में यदि किसी मरीज को भर्ती करना पड़ा तो इसका निर्णय कोविड-नॉन कोविड क्लीनिक हॉस्पिटल में गठित मल्टी डिसिप्लेनरी स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की टीम अथवा उस समय उपलब्ध कोविड डेडिकेटेड वार्ड में नियुक्त ड्यूटी डॉक्टर द्वारा किया जा सकेगा।
181 हैल्पलाइन पर कॉल की सुविधा
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार पोस्ट कोविड उपचार के लिए मुख्यमंत्री 181 हैल्पलाइन का उपयोग कोविड हॉस्पिटल में बैड दिलवाने की सुविधा तथा होम आइसोलेशन में काउंसलिंग करवाने की प्रक्रिया की तरह ही किया जाएगा। उक्त हैल्पलाइन नं. पर कोविड-19 से ठीक हुए मरीज पोस्ट कोविड कंसलटैशन, स्ट्रेस के ट्रिटमेंट से संबंधित काउंसलिंग तथा परामर्श के लिए कॉल कर सकेंगे। इस प्रकार की कॉल प्राप्त होने पर राज्य स्तरीय परामर्श केन्द्र से उचित परामर्श दिया जाएगा अथवा जरूर पड़ने पर जिला स्तर पर स्थापित पोस्ट कोविड वार्ड क्लीनिक पर संपर्क करने की सलाह दी जाएगी।
पोस्ट कोविड पेशेंट के द्वारा मुख्यमंत्री 181 हैल्पलाइन पर कॉल कर के स्वयं चिकित्सकीय दृष्टि से अस्वस्थ होने की जानकारी दिए जाने पर समस्या की जानकारी जिले के कोविड हॉस्पिटल में स्थापित वॉर रूम को उपलब्ध करवाई जाएगी, जहां पर तत्काल एम्बुलेंस/रैफरल ट्रांसपोर्ट से वार्ड/आईसीयू की व्यवस्था करवाते हुए उक्त व्यक्ति को पोस्ट कोविड वार्ड/आईसीयू अथवा चिन्हित किए गए बैड पर भर्ती करवाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
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शुद्ध के लिए युद्ध अभियान 26 अक्टूबर से

 जिला कलक्टर ने ली जिला स्तरीय प्रबंधन समिति की बैठक

बाड़मेर, 23 अक्टूबर। जिले में मिलावटखोरों की धरपकड़ एवं त्योहारों के मौके पर आमजन व उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ मुहैया कराने के लिए 26 अक्टूबर से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जाएगा। जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने शुक्रवार को अभियान की तैयारियो की विस्तृत समीक्षा की।
      इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने बताया कि त्यौहारों का समय आने पर खाद्य पदार्थों में मिलावट होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए इस समय मुख्यमंत्री ने इस मामले में और अधिक सतर्कता बरतने व खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए 26 अक्टूबर से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शुरू किए जा रहे अभियान शुद्ध के लिए युद्ध के तहत जिले में भी जिला स्तरीय प्रबंधन समिति की बैठक शुक्रवार को हुई।      
उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के तहत दूध, मावा, पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों, आटा बेसन, खाद्य तेल और घी की जांच, सूखे मेवे तथा मसालों तथा बाट एवं माप की सघन जांच करवाई जाए। जिले में ऐसे खाद्य पदार्थ उत्पादक, बड़े थोक विक्रेता और खुदरा विक्रेताओं के चिन्हिकरण का कार्य तत्काल कर लिया जाए, जहां मिलावट की संभावना हो।
जिला कलक्टर ने बताया कि 26 अक्टूबर से 14 नवम्बर तक चलने वाले शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत उपखण्ड स्तर पर संयुक्त जांच दल कार्य करेगा। उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार तथा विकास अधिकारी के निर्देशन में काम करने वाले इस जांच दल में संबंधित क्षेत्र का पुलिस उधीक्षक या निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी या प्रवर्तन निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान अधिकारी तथा डेयरी का प्रतिनिधि शामिल होगा। उक्त जांच दलों द्वारा खाद्य पदार्थ और सामग्री बेचने वाले संस्थानों के यहां निरीक्षण कर नमूने लिए जाएंगे और फूड टैस्टिंग लैब में इन नमूनों की जांच करवाए जाने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म के विरूद्ध विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
जांच दलों द्वारा प्रतिदिन कार्रवाई की रिपोर्ट निर्धारित फॉरमेट में अभियान के नोडल अधिकारी व अतिरिक्त जिला कलक्टर व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देनी होगी। जिला कलक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जांच दलों द्वारा दुकानों पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के साथ-साथ पैकेजिंग फूड के रैपर पर मैन्युफेक्चिरिंग डेट की भी जांच की जाए। यदि कोई भी दुकानदार एक्सपायरी डेट की किसी भी प्रकार की पैकेज्ड खाद्य सामग्री विक्रय करता पाया जाए तो उसके विरूद्ध भी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। मीणा ने बैठक के दौरान जिला विधिक माप विज्ञान अधिकारी को अभियान के पहले दिन पांच कार्रवाई करने का लक्ष्य दिया।
इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने कहा कि त्यौहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले शुद्ध के लिए युद्ध अभियान को हर स्तर पर सफल बनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम का पूरा सहयोग करेगी।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई ने शुद्ध के युद्ध अभियान की पूरी रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी एल विश्नओई ने भी अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की बात कही। बैठक में उपखण्ड अधिकारी रोहित चौहान, पुलिस उप अधीक्षक महावीर शर्मा मौजूद रहे। इससे पूर्व जिला कलेल्टर ने सभी उपखण्ड अधिकारियो से अभियान की ऑन लाइन समीक्षा की।
मिलावट की सूचना पर 51 हजार  का पुरस्कार
जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत इस बार खाद्य सामग्री में निर्माता द्वारा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित और जीवन को संकट में डालने वाला मिलावटी पदार्थ डाले जाने की सूचना देने वालों को सूचना सही पाए जाने पर 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। इस राशि का वितरण जिला कलक्टर द्वारा फूड टेस्टिंग लैब की जांच के उपरान्त निष्कर्ष प्रमाणित करते हुए सूचना देने वाले की पहचान को गोपनीय रखते हुए किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए राशि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुहैया करवाई जाएगी।
मिलावट की सूचना यहाँ देनी होगी
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई ने बताया कि मिलावट की सूचना जिले के कंट्रोल रूम के दूरभाष 02982-222226 पर दी जा सकती हैं। वही इसे 8005577828 पर व्हाट्सएप किया जा सकेगा। मिलावट की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
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गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

त्योहारों के सीजन में एमआरपी से अधिक पर वसूली न हों: मीणा

 जिला उपभोक्ता संरक्षण की बैठक आयोजित

बाड़मेर, 22 अक्टूबर। त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं से एमआरपी से अधिक की वसूली करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाए तथा उपभोक्ताआंे को उनके अधिकारांे की जानकारी देकर जागरूक किया जाए। ताकि उनके अधिकारांे का हनन नहीं हो। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने गुरूवार को आयोजित जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक के दौरान यह बात कही।
इस अवसर पर जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने कहा कि उपभोक्ताआंेेे को उनके अधिकारांे के प्रति जागरूक करने मंे विभागांे की महत्वपूर्ण भूमिका है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ताआंे के कई अधिकार है। लेकिन इसकी जानकारी के अभाव मंे उपभोक्ताआंे को उनके अधिकार नहीं मिल पाते है। उन्हांेने कहा कि समय-समय पर विभिन्न गतिविधियांे के जरिए बाजार मंे उपभोक्ताआंे के साथ होने वाली धोखाधड़ी, मिलावटी सामान, कम नाप-तौल, गारंटी के बाद सेवाएं नहीं मिलने के बारे मंे उपभोक्ताआंे को जागरूक करने का प्रयास किया जाए। उन्हांेने विभागीय अधिकारियांे को खाने-पीने की वस्तुआंे, पेट्रोल मंे मिलावट के बारे मंे आमजन को सहज एवं सरल तरीके अवगत कराने के निर्देश दिए। ताकि आम आदमी आसानी से गलत एवं सही की पहचान कर सके।
उन्होनें कहा कि मेडिकल स्टोरों पर दवाईयों की रेट सूची का प्रदर्शन एवं निःशुल्क दवाईयों की उपभोक्ताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होनें त्योहारों एवं समय-समय पर मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की सैम्पलिंग एवं मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होनें उपभोक्ताओं के हितों में झोलोझाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि उपभोक्ताआंे को जागरूक किया जाए कि वे उपभोक्ता खरीदे गए माल अथवा सेवा का बिल आवश्यक रूप से लें। बिल मंे माल की प्रकृति, मात्रा, दर, गुणवत्ता का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। बिल लेते समय यह ध्यान रखें कि बिल मंे व्यापारी का नाम, जीएसटी एवं बिल नंबर, दिनांक, माल का विवरण सही-सही लिखा हो।
इस अवसर पर जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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शुद्ध के लिये युद्ध अभियान अभियान की क्रियान्विति को बैठक शुक्रवार 23 अक्टूबर को

 बाडमेर, 22 अक्टूबर। जिले में शुद्ध के लिये युद्ध अभियान आयोजित किये जाने के संबंध में जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शुक्रवार 23 अक्टूबर को प्रातः 11.30 बजे जिला कलक्टर कार्यालय में बैठक का आयोजन किया जाएगा।

संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
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बैंको से सामाजिक क्षेत्र को प्राथमिकता के निर्देश

 बाडमेर, 22 अक्टूबर। बैंकों से कोविड से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वाणिज्यिक दृष्टिकोण अपनाकर व्यवसाय करने की बजाय सामाजिक क्षेत्र में भी अपने दायित्वों के पालन पर जोर देते हुए जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने उन्हें समाज के विभिन्न वर्गो के कल्याण के लिए कार्य करने के निर्देश दिए है। वे गुरुवार सायं कलेक्टर सभागार में जिला स्तरीय बैंकिग समीक्षा समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर जिला कलेक्टर मीणा ने कहा कि अधिकांश बैंकों की सरकार द्वारा प्रेरित योजनाओं में उपलब्धि असन्तोष जनक है तथा वे आवंटित लक्ष्यों को हासिल करने में बहुत पीछे रह गये है। उन्होने कहा कि विभिन्न बैकों को सरकार प्रेरित योजनाओं में ऋण या अनुदान वितरण के लक्ष्य वितीय वर्ष के प्रारम्भ मे ही आवंटित कर दिये जाते है तथा समय समय पर उन्हें विभिन्न योजनाओं के आवेदन प्रेषित किये जाते है लेकिन बैंके उन्हें निर्धारित समय पर ऋण वितरण की बजाय वितीय वर्ष की समाप्ति पर उपलब्धि अर्जित करने का बहाना बताती है जो कि अपने आप में गम्भीर है। उन्होने जिले की स्थानीय जमाओं के अनुरूप साठ प्रतिशत ऋण स्थानीय क्षेत्र में ही वितरित करने को बैंकों को प्राथमिकता देने को कहा।
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र
मीणा ने बैकों को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार अपनी कुल ऋणओं का 40 फीसदी हिस्सा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को देने को कहा। उन्होनेें बैंको की उदासीनता पर चिन्ता जताते हुए इसमें तत्परता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोविड की परीस्थित में प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन एवं मुख्यमंत्री लघु प्रोतसाहन  योजना के लक्ष्यों तथा अर्जित उपलब्धियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले बैको को अगले माह तक उन्हें आवटित लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने बैंकों की ऋण वितरण नीति में खामी बताते हुए इसे स्वयं सहायता समूहों एवं कृषक समूहों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उन्हें प्राथमिकता देने को कहा। उन्होने कहा कि इससे जिले की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था के सुदृढीकरण में मदद मिलेगी जिससे बैंकों की सूक्ष्य ऋण की नीति भी कारगर होगी। साथ ही बैंकों को कृषि क्षेत्र, लघुउद्योग, जाति व जनजाति, महिलाओं एवं अल्पसंख्यक समुदाय को ऋण विवरण में वरीयता देनी चाहिए। इससे पूर्व अग्रणी बैंक अधिकारी राजकुमार ने बैठक का एजेन्डा प्रस्तुत किया।
बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधंक, कृषि उपनिदेशक जे आर भाखर समेंत जिले की सभी वाणिज्यिक तथा ग्रामीण बैंकों के नोडल अधिकारी मौजूद थें। इससे पूर्व जिला कलेक्टर ने किसान संघ के साथ बैंक के विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।
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बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

महामारी अध्यादेश के उल्लंघन पर सख्ती

बुधवार को 1800 रूपये का जुर्माना वसूला


बाड़मेर, 21 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान बुधवार को जिले में 11 व्यक्तियों से 1800 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में बुधवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200, रामसर में 9 लोगों से 1400 तथा बालोतरा में 1 व्यक्ति से 200 को मिलाकर कुल 11 लोगों से 1800 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।

उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7360 लोगों से कुल 13,76,400 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।

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जिला युवा कार्यक्रम सलाहकार समिति की बैठक 27 को

बाडमेर, 21 अक्टूबर। जिला युवा कार्यक्रम सलाहकार समिति की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी।

नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक सचिन पाटोदिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध किया है।

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चिकित्सक शिक्षकों के लिए सीआईएसपी द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

नया पाठ्यक्रम एमबीबीएस के छात्रों के लिए कुशल चिकित्सक बनाने में मददगार साबित होगा


बाड़मेर, 21 अक्टूबर। राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय बाड़मेर में सोमवार एवं मंगलवार को महाविद्यालय के चिकित्सक शिक्षकों के लिए सी.आई.एस.पी.-द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण एम.सी.आई. द्वारा लागू किये गए नए कॉम्पीटेंसी बेस्ड पाठ्यक्रम के लिए चिकित्सक शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने हेतु आयोजित कराया गया। जिसमें विभिन्न संकायों के 29 चिकित्सक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। 

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ आर के आसेरी ने बताया कि राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, बाड़मेर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष प्रारंभ होने के मद्देनजर यह प्रशिक्षण अति आवश्यक था। उन्होने बताया कि कार्यक्रम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रमुखस्वामी मेडिकल कॉलेज, करमसाद ने की जोकि राजस्थान के अधिकांश चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए नोडल सेंटर है। पूरा कार्यक्रम नियमानुसार सोशल डिस्टेनसिंग की पालना करते हुए किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. आर. के. आसेरी ने सम्मिलित हुए चिकित्सक शिक्षकों को एम. सी. आई. द्वारा जारी किए गए नए काँपीटेंसी बेस्ड पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा डॉ पुष्पावती जैन (आचार्य, फार्माकोलॉजी), डॉ प्रकाश हुन्डेकर (आचार्य, बायोकेमिस्ट्री), डॉ भूपेंद्र पटेल (प्रभारी, शैक्षणिक शाखा), डॉ दिनेश परमार (सह आचार्य मेडिसिन), डॉ कमला वर्मा (सह आचार्य, प्रसूति विज्ञान), डॉ गिरीश चंद्र (सहायक आचार्य, मनोरोग), डॉ मोतीलाल खत्री (सहायक आचार्य, माइक्रोबायोलॉजी), डॉ दीपक तंवर (सहायक आचार्य, पी एस एम), डॉ मदन सोलंकी (सहायक आचार्य, पैथोलॉजी) ने भी चिकित्सक शिक्षकों को इस नए पाठ्यक्रम की बारीकियों के बारे में बताया। वर्ष 2019 से एमबीबीएस के छात्रों को इस नए पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाया जा रहा है। यह नया पाठ्यक्रम एमबीबीएस के छात्रों को भविष्य में कुशल चिकित्सक बनाने में मददगार साबित होगा।

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आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा

त्यौहारी सीजन के मध्येनजर हैल्थ प्रोटोकोल पर सख्ती की हिदायत


बाड़मेर, 21 अक्टूबर। जिले में नवरात्र, दशहरा, दीवाली एवं बारावफात के त्यौहारी सीजन के मद्देनजर कोरोना वायरस के संक्रमण में तेजी की संभावना से बचाव के लिए हेल्थ प्रोटोकोल की सख्ती से पालना को सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए संबंधित विभागों को जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने कार्य करने की हिदायत दी है।

      कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिले में पानी, बिजली तथा चिकित्सा सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान उन्होंने यह निर्देश दिए। इस दौरान जिले में पानी, बिजली, चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं की समीक्षा की गई।

इस मौके पर जिला कलेक्टर ने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में भीड़भाड़ के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जाए एवं मास्क नहीं पहनने वाले के विरुद्ध जुर्माना लगा कर हेल्थ प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करवाई जाए।

  उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले बढे हैं, ऐसे में अत्यंत सतर्कता एवं सावधानी की आवश्यकता है। उन्होंने जिला मुख्यालय के बाजार निर्धारित समय 7.00 बजे के पश्चात बंद करवाने एवं दुकानदारों से कोरोना गाइड लाइन की पालना कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उपखंड अधिकारी बाड़मेर को सायं काल में अपने समकक्ष पुलिस अधिकारी को साथ लेकर प्रतिदिन भ्रमण करने एवं हेल्थ प्रोटोकॉल  की सख्ती के निर्देश दिए।

  जिला कलेक्टर ने कोरोना जागरूकता जनआंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वार्डों के लिए गठित दलों को सुबह शाम वार्ड में भ्रमण कर जागरूकता कार्य करने, प्रत्येक घर के आगे स्टीकर लगवाने एवं मास्क वितरण के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य के लिए नियुक्त पर्यवेक्षण अधिकारियों से मौके पर जाकर दलों की जांच करने को कहा। साथ ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर को इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

    जिला कलेक्टर ने जिले में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में पेयजल स्रोतों पर बिजली अबाध रखी जाए। साथ ही बार बार के व्यवधानों को कम करने के निर्देश दिए एवं फाल्ट तथा जले ट्रांसफार्मर को तेजी से बदलने को कहा।

  उन्होंने जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन की कमी नहीं आने देने को कहा तथा आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक में रखने को कहा। उन्होंने यहां संचालित हेल्पलाइन 181 को 24 घंटे प्रभावी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी मेडिकल स्टोर पर जेनेरिक दवाइयों के लिए अलग से कंपार्टमेंट रखने के निर्देश दिए।

      इस मौके पर मीणा ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज बकाया प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि हर हाल में 30 दिन से पूर्व किसी भी शिकायत का निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के 30 से 45, 45 से 60 दिनों के बीच बकाया प्रकरणों को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल के बकाया प्रकरणों पर गंभीरता से कार्य न करने पर सहायक निदेशक बीमा तथा सहायक श्रम आयुक्त को आरोप पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए।

    बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रत्नू तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई भी मौजूद थे। सहायक निदेशक लोक सेवाएं के. के. गोयल ने बकाया सम्पर्क प्रकरणों की विस्तार से जानकारी दी।

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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में 30 सीटें बढ़ी

बाड़मेर, 20 अक्टूबर। राजकीय मेडिकल कॉलेज बाड़मेर में सत्र 2020-21 से एमबीबीएस में 30 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। अब इस कॉलेज में 130 मेडिकल विद्यार्थियों को प्रवेश मिल पाएगा।

प्राचार्य डॉ आर के आसेरी ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमिशन ने सत्र 2020- 21 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बाड़मेर 35 सीट की बढ़ोतरी कर इसे 100 से 130 कर दिया है।  उन्होंने बताया कि अब आगामी सत्र में 130 विद्यार्थी एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 30 सीटों की बढ़ोतरी से सीमावर्ती जिले में चिकित्सा सुविधाओं का अधिक विकास होगा तथा लोगों को और अधिक सुविधाएं मिलेगी।
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बालोतरा में कोरोना जागरूकता रैली निकली घर घर पहुंचा कोरोना जागरूकता जनांदोलन

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिले में कोरोना जागरूकता जन आंदोलन अब घर-घर तक पहुंचने लगा है।

     जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले के दोनों बड़े शहरों बाड़मेर एवं बालोतरा में प्रत्येक घर, प्रत्येक गली तथा प्रत्येक मोहल्ले तक कोरोना जागरूकता की अलख जगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि घर घर मास्क बांटे जा रहे हैं एवं गली गली रैली निकालकर आमजन को कोरोना वायरस से बचने को जागरूक किया जा रहा है।
  कोरोना महामारी के संक्रमण की रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए चलाए जा रहे कोरोना जागरूकता कार्यक्रम के तहत मंगलवार को उपखण्ड मुख्यालय बालोतरा पर कोरोना जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जागरूकता रैली को उपखण्ड अधिकारी रोहित कुमार ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बालोतरा उपखण्ड कार्यालय से प्रारम्भ हुई जागरूकता रैली में विभिन्न विभागीय अघिकारियों, नर्सिग कर्मियों, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जागरूकता रैली द्वारा विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए कोरोना जागरूकता से जुडे़ नारों एवं तख्तियों पर लिखे स्लोगन के जरिये आमजन को मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने, सैनेटाइजर का उपयोग करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के प्रति जाग्रत किया गया। इस दौरान नो मास्क नो एन्ट्री थीम के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के एहतियाती उपायों के प्रति सावचेत किया गया। साथ ही लोगों को कोरोना को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने हेतु जाग्रत किया गया।
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जिला कलक्टर मीणा ने खाद्य सामग्री वितरण वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने मंगलवार प्रातः कलक्ट्रेट परिसर से समाज कार्य एवं अनुसंधान केन्द्र तिलानिया (अजमेर) शाखा धनाऊ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण हेतु सूखी खाद्य सामग्री किट के वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, महिला अधिकारिता विभाग उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित भी उपस्थित थे।

समाज कार्य एवं अनुसंधान केन्द्र के रामेश्वरलाल ने बताया कि संस्थान द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में लगभग 1000 विधवा, एकल महिलाओं, बीपीएल परिवारों, सिलिकोसिस पीड़ितों, मांगनियार कलाकारों एवं जरूरतमंद परिवारों को आगामी दस दिनों तक सूखी खाद्य सामग्री के किट वितरण किए जाएंगे। उन्हांेने बताया कि प्रत्येक खाद्य सामग्री किट में 20किलो. गेहॅू का आटा, 2किलो. चना दाल, 1किलो. मूंग दाल, 250ग्राम मिर्ची पाउडर, 100 ग्राम हल्दी पाउडर,1लीटर खाद्य तेल, 1किलो. नमक, 1नग साबुन एवं 1.250 ग्राम अमृत चूर्ण शामिल है।
उन्होने बताया कि मंगलवार को फोगेरा, बालेवा, देदडियार और चूली ग्राम में जरूरतमंद परिवारों को 70 खाद्य सामग्री किट का वितरण किया गया।
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सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को छात्रवृति

वर्ष 2019-20 में 189 छात्र/छात्राओं को 349650 रूपये छात्रवृति का भुगतान

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिले में माध्यमिक एवं प्रारम्भिक शिक्षा में अध्ययनरत सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को नियमित रूप से छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा मूलाराम चौधरी ने बताया कि सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को देय छात्रवृति के तहत वर्ष 2009-10 में 740 छात्र/छात्राओं को 1369000 रूपये, 2010-11 में 1056 छात्र/छात्राओं को 1953600 रूपये, 2011-12 में 1011 छात्र/छात्राओं को 1870350 रूपये, 2012-13 में 1079 छात्र/छात्राओं को 1609868 रूपये, 2013-14 में 798 छात्र/छात्राओं को 1476300 रूपये, 2014-15 में 630 छात्र/छात्राओं को 1165500 रूपये, 2015-16 में 562 छात्र/छात्राओं को 1039700 रूपये, 2016-17 में 621 छात्र/छात्राओं को 1148850 रूपये, 2017-18 में 323 छात्र/छात्राओं को 595800 रूपये एवं 2019-20 में 189 छात्र/छात्राओं को 349650 रूपये छात्रवृति का भुगतान किया गया है।
उन्होने बताया कि सत्र 2019-20 से पूर्व प्रतिवर्ष 1850 रूपये एवं सत्र 2019-20 से प्रतिवर्ष 3000 रूपये छात्रवृति दिये जाने का प्रावधान है। सत्र 2020-21 के आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है एवं अधिनस्थ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अध्यनरत सफाई से जुडे और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए छात्रवृति के अधिक से अधिक आवेदन भरने के निर्देश प्रदान किये गये है।
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सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

जिला कलक्टर मीणा 22 को करेंगे जन सुनवाई में प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा

बाडमेर, 19 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा द्वारा 22 अक्टूबर को प्रातः 11 से दोपहर 1 बजे तक कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में संभागीय आयुक्त की जनसुनवाई में प्राप्त शेष लम्बित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

जिला कलक्टर मीणा ने संबंधित अधिकारियों को संभागीय आयुक्त द्वारा 11 सितम्बर की जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों में संबंध में की गई कार्यवाही की ठोस पालना रिपोर्ट के साथ उक्त बैठक में निर्धारित समय पर स्वयं उपस्थित होने के निर्देश दिए है। उन्होने बताया कि समस्त जिला स्तरीय अधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में तथा संबंधित उपखण्ड स्तरीय अधिकारीगण अपने-अपने उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति कार्यालय के वी.सी. रूम से बैठक में संबंधित परिवाद एवं की गई कार्यवाही की रिपोर्ट सहित उपस्थित होंगे। बाडमेर उपखण्ड क्षेत्र के समस्त अधिकारी पंचायत समिति कार्यालय बाडमेर के वी.सी. रूम से बैठक में उपस्थित होंगे। समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभाग के सम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का शत प्रतिशत निस्तारण कराते हुए निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर वी.सी. के माध्यम से समीक्षा बैठक में उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे।
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अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों पर अत्याचार निवारण संबंधी बैठक 26 को

बाडमेर, 19 अक्टूबर। अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों पर अत्याचार निवारण संबंधी समिति की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे जिला कलक्टर कार्यालय में आयोजित की जाएगी।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई ने बताया कि उक्त बैठक के पश्चात् महिलाओं पर अत्याचार निवारण संबंधी त्रैमासिक बैठक, पुलिस एवं अभियोजन के मध्य समन्वय संबंधी त्रैमासिक बैठक तथा जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी। उन्होने संबंधित अधिकारियों को उक्त बैठक से संबंधित सूचनाएं 20 अक्टूबर तक भिजवाने तथा निर्धारित दिनांक एवं समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है।
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अधिकाधिक परिवारों को 100 दिन का रोजगार मुहैया कराए - मीणा

जिला कलक्टर ने की जिला परिषद द्वारा संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा

बाड़मेर, 19 अक्टूबर। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित हुई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने महात्मा गांधी नरेगा योजना, सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न विकास योजनाओं के तहत वर्षवार स्वीकृत, प्रगतिरत एवं बकाया कार्यो की संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा पश्चात् मनरेगा योजनान्तर्गत अधिकाधिक परिवारों को 100 दिन का रोजगार प्राथमिकता से मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यो के शीध मस्ट्रोल जारी करने तथा महिला मेट की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने पुर्नगठित/नवसृजित पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों हेतु भूमि आवंटन एवं भवन निर्माण की प्रगति समीक्षा के दौरान भूमि आवंटन प्रस्ताव प्राथमिकता से भिजवाने तथा प्रति सप्ताह मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। महात्मा गांधी नरेगा योजना की प्रगति समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने मनरेगा के तहत श्रम नियोजन में प्रगति लाने तथा अधिकाधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि आगामी पखवाड़े में न्यूनतम 100 श्रमिक प्रति ग्राम पंचायत नियोजित हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में नरेगा कार्यो में मशीन का उपयोग नही किया जाए ताकि अधिकाधिक लोगों को रोजगार मुहैया हो सकें। जिला कलक्टर ने हर संभव औसत मजदूरी बढ़ाने के प्रयास करने निर्देश दिए। उन्होने वितीय वर्ष 2017-18 के कार्य आगामी 15 दिन में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में तकनीकी एवं कार्यपूर्णता के संबंध में एईएन की भी रैकिंग तय करने के निर्देश दिए।  
जिला कलक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति समीक्षा के दौरान विकास अधिकारियों को वर्ष 2016-17 से 2018-19 के बकाया कायों की नियमित मॉनिटरिंग कर 15 नवम्बर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2020-21 के कार्यो की स्वीकृतियां शीध्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने माह में दो बार एईएन, जेटीए, ग्राम सेवकों की बैठक लेकर बकाया कार्यो की प्रभावी मॉनिटरिंग कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने एईएन सिणधरी को बैठक में अनुपस्थित रहने, नरेगा भुगतान एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्यो में धीमी प्रगति पर चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने बीएडीपी में शामिल बकाया कार्यो की वर्षवार प्रगति समीक्षा पश्चात् बकाया कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करवाकर यूसी/सीसी भिजवाने के निर्देश दिए। उन्हंोने विशेष रूप से कमजोर प्रगति वाले विभागों को फोकस करते हुए बकाया कार्यो को निर्धारित टाइम लाइन के अनुरूप हर हाल में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।  
जिला कलक्टर मीणा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के कार्य 31 अक्टूबर तथा सामुदायिक शौचालय निर्माण के कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होने राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत शीध्र तकनीकी स्वीकृतियां जारी करने तथा जन सूचना पोर्टल पर ऑनलाईन एन्ट्री कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में विकास योजनाओं की ब्लॉकवाईज रैंकिंग के दौरान विकास अधिकारी पाटोदी, बालोतरा एवं चौहटन को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रैंकिंग पर बधाई दी गई वहीं विकास अधिकारी शिव, सेड़वा, गुडामालानी एवं सिणधरी को प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता जलग्रहण बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियन्ता राजेन्द्रसिंह, विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित छात्रवृति योजना में पात्रता मानदण्डों में छूट

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। वर्ष 2020-21 हेतु अल्पसंख्यक समुदाय के लिए तीन छात्रवृति योजनाओं प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स स्कीम के तहत वर्तमान वर्ष के लिए न्यूनतम पचास प्रतिशत अंकों की पात्रता मानदण्ड में छूट दी गई है और पिछली योजना के तहत उत्तीर्ण उम्मीदवार को इन योजनाओं के तहत नवीनीकरण छात्रवृति के लिए पात्र माना जाएगा।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बाड़मेर ने बताया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर raj.minocell@gmail.com पर ई-मेल द्वारा सूचित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2020-21 हेतु अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन) बाबत संचालित केन्द्रीय प्रवर्तित पोस्ट मैट्रिक व मैरिट कम मीन्स छात्रवृति विद्यार्थियों के द्वारा ऑनलाईन आवेदन करने हेतु शिक्षण संस्थाओं का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीयन होना अनिवार्य है।
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महामारी अध्यादेश के उल्लंघन पर सख्ती जारी शुक्रवार को 34 लोगों पर कार्यवाही कर 5900 का जुर्माना वसूला

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को जिले में 34 व्यक्तियों से 5900 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में शुक्रवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र चौहटन में 15 लोगों से 3000, शिव में 18 लोगों से 2700 तथा गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200 को मिलाकर कुल 34 लोगों से 5900 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।
उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7345 लोगों से कुल 13,73,800 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।
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चुनाव ड्यूटी के दौरान कोविड-19 से कर्मचारी की मृत्यु पर मिलेगा 30 लाख रुपए का आनुग्रहिक अनुदान

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 75(2) में संशोधन कर चुनाव ड्यूटी के दौरान कार्मिक की कोविड-19 से मृत्यु होने पर 30 लाख रुपए आनुग्रहिक अनुदान (एक्स ग्रेशिया ग्रांट) स्वीकृत किए जाने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह प्रावधान राज्य में लागू होने के बाद पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के साथ ही भविष्य में होने वाले चुनावों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की कोविड-19 से मृत्यु होने पर यह राशि उनके परिवार को दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं (पंच एवं सरपंच) के आम चुनाव में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की कोविड-19 से मृत्यु होने की दशा में 30 लाख रुपए का आनुग्रहिक अनुदान दिए जाने के प्रावधान को राज्य में लागू किए जाने के संबंध में प्रस्ताव भेजा था।
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राज्य में 59 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन को मिली मंजूरी, बाड़मेर में तीन नई समितियां बनेगी

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। राज्य में 59 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की स्वीकृति जारी कर दी गई है।    

रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि 17 जिलों की 59 ग्राम पंचायतों में इन नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इससे करीब 30 हजार किसान इन सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों से जुड़ चुके है। उन्होनें बताया कि राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 1 ग्राम सेवा सहकारी समिति हो, इस लक्ष्य की ओर विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे है। इन नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन से किसानों को उनकी ग्राम पंचायत में ही ऋण सुविधा, खाद बीज, ई-मित्र की सुविधा जैसी अन्य सुविधाएं मिलेगी।
      रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में 8, बांसवाड़ा एवं जयपुर जिले में 7-7, चूरू में 6, टोंक में 5, सिरोही एवं बूंदी में 4-4, बाड़मेर,राजसमंद एवं नागौर में 3-3, बीकानेर एवं चितौडगढ़ में 2-2, सीकर, जालोर, अजमेर, अलवर तथा झुंझुनूं जिलों में 1-1 नई ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है।
     अग्रवाल ने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के बन जाने से ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारिता के ढांचे का विस्तार होगा। आम लोगों को सहकारी समिति द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का फायदा मिलेगा। साथ ही सहकारिता समिति से जुड़े सदस्य किसानों को समिति द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
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नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के नामांकन के लिए 5 नवम्बर तक लिए जाएंगे आवेदन

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर से नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में 12 अभ्यर्थियों का नामांकन किया जाना है। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन 5 नवम्बर को दोपहर 3 बजे तक नागरिक सुरक्षा कार्यालय बाड़मेर में प्रस्तुत कर सकते है।

नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक ओम प्रकाश विश्नोई ने बताया कि निदेशालय नागरिक सुरक्षा द्वारा आवंटित लक्ष्य में उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर से 12 अभ्यर्थियों का नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में नामांकन किया जाना है। उन्होंने उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर में रहने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित आवेदन पत्र 5 नवम्बर 2020 को दोपहर 3 बजे तक नागरिक सुरक्षा कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
आवश्यक दस्तावेज
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, अन्य दक्षता या अनुभव प्रमाण पत्र जैसे ड्राईविंग लाईसेंस या कम्प्यूटर तथा आवेदनकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला शपथ पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे।
इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
उन्होंने बताया कि तैराक, गौताखोर, भारी वाहन चालक, हिन्दी कम्प्यूटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, अग्निशमन डिप्लोगा प्रशिक्षित, नर्सिंग डिप्लोमा, एनसीसी, स्काउट्स, राजकीय शारीरिक शिक्षक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, सेवानिवृत सैनिक, आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी इत्यादि को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् किसी भी अभ्यर्थी का आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर नियमानुसार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में नामांकन किया जायेगा जिसके पश्चात 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसका किसी प्रकार का कोई भता अथवा भुगतान नहीें किया जाएगा।
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नवरात्रों में मंदिरों में नहीं होंगे धार्मिक आयोजन घरों पर ही कर सकेंगे पूजा अर्चना

 कोरोना संक्रमण रोकने को पुख्ता प्रबंध


बाड़मेर, 16 अक्टूबर। जिले में आगामी त्योहारों पर कोरोना संक्रमण रोकने के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। नवरात्र के दौरान जिले में मंदिर बंद रहेंगे तथा वहां किसी प्रकार का धार्मिक आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।
      जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में पिछले माह के दौरान कोरोना संक्रमण में लगातार कमी आ रही है एवं यह आगे भी कायम रहे इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनलॉक 5 के दौरान जिले मे राज्य सरकार ने 31 अकटुबर तक सभी प्रकार के धार्मिक आयोजनों को प्रतिबंधित किया है। इसी तरह जिले के सभी धार्मिक संस्थानों एवं मंदिरों के प्रतिनिधियों की गत बैठक के दौरान जिले में 31 अक्टूबर तक सभी मंदिर बंद रखने का निर्णय किया गया था। ऐसे में शनिवार से प्रारंभ हो रहे नवरात्र तथा इसके बाद विभिन्न त्योहारों के दौरान जिले के सभी मंदिर बंद रहेंगे तथा वहां किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों में पूजा अर्चना कर सकेंगे तथा त्योहारों के दौरान खरीदारी के दौरान मास्क लगाकर बाहर निकलना अनिवार्य होगा एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी होगी। उन्होंने जिले के सभी कार्यपालक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियो से कोरोना गाईडलाइन की अक्षरशः पालना सुनिशित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने जिले के आमजन से अपील की है कि वह खुद भी कोरोना से बचे  हैं एवं औरों को भी संक्रमण से बचाएं।
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प्रत्येक राजस्व अधिकारी प्रतिदिन एक घण्टे करें जनसुनवाई - मीणा

 जिला कलक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित

बाड़मेर, 16 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कांफेंन्स हॉल में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लम्बित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की तथा बकाया प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर राजस्व प्रशासन को चुस्त एवं दुरस्त करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने जिले के राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण कर पानी, बिजली, सडक तथा चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाओं को परखने के निर्देश दिए ताकि धरातल पर जन समस्याओं से रूबरू होकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकें। उन्होंने सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर बल देने की बात कहीं। उन्होनें कहा कि पटवारी राजस्व प्रशासन की धुरी है, उन्हें ग्रामीणों के प्रति अपनी भूमिका को अधिक प्रासंगिक और जवाबदेह बनाना होगा। उन्होंने कृर्षि भूमि पर अकृषि प्रयोजनार्थ किए जा रहे कार्यो पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने समस्त राजस्व अधिकारियों को प्रतिदिन एक घण्टे तक जन सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि आमजन की समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही की जा सकें। उन्होंने राजस्व प्रशासन को चुस्त एवं दुरस्त करने की बात कही। उन्होंने बालोतरा, सिवाना, समदडी एवं अन्य स्थानों पर अवैध धुलाई केन्द्रों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होने उपखण्ड स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर पानी, बिजली, चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होनें उपखण्ड अधिकारियों को अपने ब्लॉक के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर उपस्थिति की जांच के निर्देश दिए ताकि प्रशासनिक सुधार किया जा सके। उन्होने अवैध खनन की रोकथाम के लिए राजस्व अधिकारियों को मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि राजकीय भूमि का अवैध खनन होने पर खनन विभाग के साथ साथ राजस्व प्रशासन भी अपनी कार्यवाही अमल में लाए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई, सहायक निदेशक लोक सेवाएं के.के. गोयल समेत जिले के राजस्व अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक 22 को

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद् एवं जिला स्तरीय सतर्कता समिति (पीडीएस) की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।

जिला रसद अधिकारी एवं सदस्य सचिव ने बताया कि उक्त बैठक में संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियो को उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
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समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद

ऑनलाइन पंजीयन 20 अक्टूबर से होगा प्रारम्भ

850 से अधिक केन्द्रों पर होगी खरीद

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिये ऑनलाइन पंजीकरण मंगलवार, 20 अक्टूबर से शुरू किया जा रहा है। 850 से अधिक खरीद केन्द्रों पर मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की 1 नवम्बर से तथा 18 नवम्बर से मूंगफली खरीद की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने बताया मूंग के लिए 365, उड़द के लिए 161, मूंगफली के 266 एवं सोयबीन के लिए 79 खरीद केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्ष की तुलना में इस वर्ष 500 से अधिक खरीद केन्द्र खोले गये है। श्री आंजना ने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों पर प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक की गई है।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार को मूंग की 3.57 लाख मीट्रिक टन, उडद 71.55 हजार, सोयाबीन 2.92 लाख तथा मूंगफली 3.74 लाख मीट्रिक टन की खरीद  के लक्ष्य की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। पंजीकरण के अभाव में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं होगी।
श्री आंजना ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए मूंग के लिए 7196 रुपये एवं उड़द के लिए 6000 रुपये, मूंगफली के लिए 5275 रुपये एवं सोयाबीन के लिए 3880 रुपये प्रति क्विंटल प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार तौल-कांटें लगाये जायेंगे एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्री कुंजीलाल मीणा ने बताया कि किसान को  जनआधार कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी की प्रति एवं बैंक पासबुक की प्रति पंजीयन फार्म के साथ अपलोड़ करनी होगी। जिस किसान द्वारा बिना गिरदावरी के अपना पंजीयन करवाया जायेगा, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये मान्य नहीं होगा। यदि ई-मित्र द्वारा गलत पंजीयन किये जाते या तहसील के बाहर पंजीकरण किये जाते है तो ऐसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि किसान एक जनआधार कार्ड में अंकित नाम में से जिसके नाम गिरदावरी होगी उसके नाम से एक पंजीयन करवा सकेगा। किसान इस बात का विशेष ध्यान रखे कि जिस तहसील में कृषि भूमि में उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केन्द्र पर उपज बेचान हेतु पंजीकरण करावें। दूसरी तहसील में यदि पंजीकरण कराया जाता है तो पंजीकरण मान्य नही होगा।
प्रबंध निदेशक राजफैड श्रीमती सुषमा अरोडा ने बताया कि किसान पंजीयन कराते समय यह सुनिश्चित कर ले कि पंजीकृत मोबाईल नम्बर, से जनआधार कार्ड से लिंक हो जिससे समय पर तुलाई दिनांक की सूचना मिल सके। किसान प्रचलित बैंक खाता संख्या सही दे ताकि ऑनलाइन भुगतान के समय किसी प्रकार की परेशानी किसान को नहीं हो। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 भी 20 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाएगा।
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सातवीं आर्थिक गणना-2019 जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार 16 अक्टूबर को

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। सातवीं आर्थिक गणना-2019 को सुव्यवस्थित एवं निर्धारित समयावधि में सम्पादित करने के लिए गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शुक्रवार 16 अक्टूबर को सांय 4.30 बजे कलेक्ट्रेट कॉन्फेंस हॉल में आयोजित की जाएगी।

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक एवं सदस्य सचिव जसवन्त कुमार गौड़ ने बताया कि उक्त जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
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पहला राजस्व दिवस समारोह मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की सेवाओं का ई-लोकार्पण किया

‘ग्रामीणों को राजस्व कार्यालयों में चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा’

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्व विभाग की आम लोगों के जीवन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण एक क्रान्तिकारी पहल है। भू-नामान्तरण, गिरदावरी रिपोर्ट, पंजीयन जैसे कामों के ऑनलाइन हो जाने से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राजस्व विभाग के कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाने के परिश्रम से छुटकारा मिलेगा।
श्री गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के पहले राजस्व दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग की अपना खाता, ई-गिरदावरी, कृषि ऋण रहन पोर्टल, ई-पंजीयन आदि सेवाओं का ई-लोकार्पण किया। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की सोच को आगे बढ़ाते हुए 15 अक्टूबर 1955 को राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 लागू कर खेतीहर किसानों को भू-स्वामी घोषित करने के ऐतिहासिक दिन को प्रथम राजस्व दिवस के रूप में मनाया गया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि आज से शुरू हो रहा राजस्व दिवस इस विभाग के कैलेण्डर में एक महत्वपूर्ण दिन होगा। अब हर वर्ष इस मौके पर राजस्व विभाग अपनी वर्षभर की उपलब्धियों और चुनौतियों का आकलन करेगा तथा भविष्य की गतिविधियों की योजनाबद्ध रूपरेखा तैयार कर उस पर काम करेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सूचना तकनीक के दौर में विभाग की सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण होने से पटवारी तथा गिरदावर स्तर के अधिकारियों के राजस्व और विशेषकर खेती से जुडे़ छोटे-छोटे कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे और इन अधिकारियों पर काम का बोझ भी घटेगा।
श्री गहलोत ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सेवाओं का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कम्प्यूटरीकरण किया गया है, उनको जल्द से जल्द से पूरे प्रदेश के लिए ऑनलाइन किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े कई कानूनों को सरलीकरण करने का काम भी शुरू किया गया है। इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के भू-मालिकों को अपनी जमीनों के अधिकार प्राप्त करने और उनके बंटवारे तथा प्रबंधन में आसानी होगी।
राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने कहा कि बीते डेढ साल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णयों में बदलाव से आखिरी पंक्ति में खड़े आम आदमी के कल्याण के लिए बेहतर वातावरण बना है। राजस्व के कई तरह के रिकॉर्ड की कम्प्यूटर प्रति को ही सत्यप्रति मानने तथा ई-हस्ताक्षर को कानूनी वैधता मिलने से करोड़ों किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की सेवाओं के ऑनलाइन होने पर विभाग के अधिकारियों के काम में दक्षता और सटीकता आई है।
राजस्व राज्यमंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने प्रदेश में पहली बार राजस्व दिवस मनाने पर मुख्यमंत्री श्री गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की कुल 338 तहसीलों में से 244 तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गया है और 31 मार्च 2021 तक समस्त तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भू-राजस्व से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण के काम में गति आएगी।
मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप ने कहा कि भू-राजस्व का प्रबंधन जमीन से जुड़ी प्रदेश की 75 प्रतिशत जनसंख्या के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग भी राज्य प्रशासन का सबसे मजबूत अंग है और इसकी पहुंच प्रदेश के अंतिम छोर तक है। राजस्व से जुड़े कार्यों में दक्षता आने से करोड़ों लोगों का जीवन सहूलियत भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भूमि रिकॉर्ड तथा सेवाओं के कम्प्यूटरीकरण के बाद भी विभाग के अधिकारियों की चुनौतियां बनी रहेंगी। अब पटवारी से लेकर तहसीलदार तथा कलक्टर तक राजस्व अधिकारियों को प्रकरणों के निस्तारण में और अधिक तत्परता दिखानी होगी।  
राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं के ऑनलाइन होने के बाद उच्च अधिकारी से लेकर पंचायत स्तर के पटवारी तक सभी की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। कानूनों के सरलीकरण से राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रकरणों के निस्तारण में देरी न हो। उन्होंने कहा कि पटवारी स्तर तक विभाग के सभी अधिकारियों को ग्रामीण लोगों के प्रति अपनी भूमिका को अधिक प्रासंगिक और जवाबदेह बनाना होगा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बाड़मेर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, उदयपुर, भरतपुर में संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, पटवारी स्तर तक के अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर राजस्थान राजस्व बोर्ड की पत्रिका ‘राविरा’ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विभाग की सेवाओं के कम्प्यूटरीकरण और कार्यप्रणाली में आए बदलाव से जुड़ी लघु फिल्म दिखाई गई।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री आनन्द कुमार, भू-प्रबन्ध आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, निबन्धक राजस्व मण्डल श्रीमती नम्रता वृष्णि, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, राजस्व विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, गिरदावर एवं पटवारी स्तर तक के कार्मिकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
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प्रथम राजस्व दिवस समारोहपूर्वक मनाया जिला स्तरीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट राजस्व कार्मिक सम्मानित

बाडमेर, 15 अक्टूबर। प्रथम राजस्व दिवस गुरुवार को समारोह पूर्वक मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्व विभाग की ऑनलाईन योजनाओं के शुभारंभ के पश्चात उत्कृष्ट राजस्व कार्मिकों को सम्मानित किया गया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से राजस्व कार्मिको से संवाद भी किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर विश्राम मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई, उपखंड अधिकारी सूरजभान विश्नोई, तहसीलदार प्रेम सिंह चौधरी समेत जिले के सम्मानित राजस्व कार्मिकों ने भाग लिया। वहीं उपखंड मुख्यालय पर वीसी के माध्यम से सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व कार्मिक उपस्थित रहे।
    राजस्व दिवस के समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की ऑनलाइन योजनाओ के शुभारंभ के पश्चात विभिन्न जिलों के राजस्व  कार्मिकों से वीसी के जरिए संवाद किया। इस दौरान बाड़मेर जिले के सिणधरी के उपखंड अधिकारी वीरमा राम से मुख्यमंत्री ने संवाद कर राजस्व कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस पर उपखंड अधिकारी विरमा राम ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की प्रक्रियाओ की जानकारी दी तथा विभिन्न नवाचारो के लिए राज्य सरकार की सराहना की। इस मौके पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, राजस्व राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, राजस्व मंडल के अध्यक्ष आर. वेकंटेश्वरन समेत राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
  इसके पश्चात जिला कलेक्टर मीणा ने सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले राजस्व कार्मिकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर प्रथम बार राजस्व दिवस मनाने की बधाई देते हुए राजस्व कार्मिकों को आमजन तथा किसानों के कार्यों के लिए तत्पर रहने का आवाहन किया।
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बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा, जनसेवाओं वाले विभागों को परिवेदना निस्तारण में त्वरित कार्यवाही की हिदायत

बाड़मेर, 14 अक्टूबर। जिले में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज परिवेदनाओ का त्वरित निस्तारण किया जाएगा ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस सम्बन्ध में सहायक निदेशक, लोकसेवाएं के के गोयल ने बुधवार को विस्तृत समीक्षा की।

  गोयल ने जिले में आवश्यक सेवाओं की सतत आपूर्ति के लिए अधिकारियो को ततपरता के साथ कार्य करने की भी हिदायत दी है। कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिले में पानी, बिजली तथा चिकित्सा सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जनसेवाओ की अदायगी वाले विभागो का शिकायतो के निस्तारण का मेकेनिज्म त्वरित होना चाहिए। इस दौरान जिले में पानी, बिजली, चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं की समीक्षा की गई।
  गोयल ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज बकाया प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनसेवाओं से जुड़े विभागों से संबंधित कार्यो की पोर्टल पर शिकायतों की अधिकता इनकी कार्य पद्धति को प्रदर्शित करती है। हर हाल में 30 दिन से पूर्व किसी भी शिकायत का निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के 30 से 45, 45 से 60 दिनों के बीच बकाया प्रकरणों को गंभीरता से लिया एवं 180 दिन से अधिक बकाया मामलो में जिम्मेदारी तय कर संबंधित को आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नए ट्यूबवैल एवं हैंड पंप के खुदाई के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा नए ट्यूबवेल के कार्य को तुरंत पूर्ण करवाने को कहा तथा खोदे गय टयूबवेल को कमिंशण्ड करने को कहा। गोयल ने पेयजल स्रोतों पर नियमित बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए ताकि पानी की आपूर्ति बिजली के अभाव में बाधित नहीं हो। उन्होंने पेयजल विभाग के बकाया 39 कनेक्शनों पर अतिशीघ्र विधुत कनेक्शन जारी करने के भी निर्देश दिए।
      बैठक में विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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राजस्व दिवस गुरूवार को , जिला स्तरीय कार्यक्रम कांफ्रेन्स में होगा राजस्व कार्मिकों का सम्मान

बाडमेर, 14 अक्टूबर। राजस्व दिवस 15 अक्टूबर के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व विभाग की ऑनलाईन योजनाओं का गुरूवार प्रातः 11 बजे शुभारम्भ किया जाएगा। साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद भी किया जाएगा।

जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि बाडमेर जिले का जिला स्तरीय कार्यक्रम गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित किया जाएगा जिसमें जिला मुख्यालय के उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, भू.अ. निरीक्षक, पटवारी एवं जिला स्तर पर सम्मानित होने वाले राजस्व कार्मिक प्रातः 10.30 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे तथा जिला मुख्यालय के अलावा अन्य उपखण्ड, तहसील मुख्यालय के राजस्व अधिकारी/कार्मिक अपने मुख्यालय के विडियो कांफ्रेसिंग कक्ष में प्रातः 10.30 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक उपस्थित रहेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से संवाद हेतु चयनित अधिकारी, कार्मिक अपने मुख्यालय के विडियो कांफ्रेसिंग कक्ष से जुड़ेगे।
उन्होंने बताया कि समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में कोविड-19 के मध्यनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों की पूर्ण पालना की जाना सुनिश्चित की जाए एवं निर्धारित सामाजिक दूरी, मास्क एवं अन्य प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित करते हुए 15 अक्टूबर को राजस्व दिवस मनाने के दौरान उपरोक्तानुसार विडियो कांफ्रेन्स में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे।
इन राजस्व अधिकारियों/कार्मिकों का होगा सम्मान
जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि 15 अक्टूबर को राजस्व दिवस पर जिले के जिला कार्यालय, उपखण्ड एवं तहसील कार्यालयों में राजस्व प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले राजस्व अधिकारियों/कार्मिकों को जिला स्तर पर सम्मानित करने हेतु चयनित किया गया है। इनमें बाडमेर उपखण्ड अन्तर्गत तहसील बाडमेर के पटवारी भाडखा नन्दराम, उपखण्ड अधिकारी कार्यालय बाडमेर के वरिष्ठ सहायक जसपालसिंह, शिव उपखण्ड अन्तर्गत शिव तहसील के भू.अ. निरीक्षक गूंगा नखतसिंह एवं तहसील कार्यालय शिव के कनिष्ट सहायक अशोकसिंह राजपुरोहित, गुडामालानी उपखण्ड अन्तर्गत गुडामालानी तहसील के पटवारी नगर गिरधारीराम, तहसील कार्यालय गुडामालानी के वरिष्ठ सहायक जोगाराम चौधरी, बालोतरा उपखण्ड अन्तर्गत पचपदरा तहसील के पटवारी बालोतरा बेसराराम, उपखण्ड अधिकारी कार्यालय बालोतरा के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी लधाराम पंवार, सेड़वा उपखण्ड अन्तर्गत सेडवा तहसील के भू.अ. निरीक्षक बुरहान का तला भाखराराम, तहसील कार्यालय सेड़वा के वरिष्ठ सहायक रामनारायण विश्नोई, धोरीमना उपखण्ड अन्तर्गत धोरीमना तहसील के पटवारी एलआरसी श्रीमती प्रमिला विश्नोई एवं उपखण्ड अधिकारी कार्यालय धोरीमना के वरिष्ठ सहायक गोरधन गोसांई, बायतु उपखण्ड अन्तर्गत बायतु तहसील के भू.अ. निरीक्षक बायतु ऊर्जाराम, उपखण्ड कार्यालय बायतु के वरिष्ठ सहायक किशोर चौधरी एवं गिड़ा तहसील के पटवारी एलआरसी पेमाराम, सिणधरी उपखण्ड अन्तर्गत सिणधरी तहसील के पटवारी एलआरसी चेतनप्रकाश एवं उपखण्ड अधिकारी कार्यालय सिणधरी के वरिष्ठ सहायक सांगसिंह, चौहटन उपखण्ड अन्तर्गत चौहटन तहसील के पटवारी तारातरा मठ जोगाराम एवं तहसील कार्यालय चौहटन के कनिष्ट सहायक गेनाराम, रामसर उपखण्ड अन्तर्गत रामसर तहसील के भू.अ. निरीक्षक खड़ीन डाऊराम गर्ग एवं तहसील कार्यालय रामसर के कनिष्ट सहायक जोगाराम सुथार, सिवाना उपखण्ड अन्तर्गत सिवाना तहसील के पटवारी एलआरसी तिलोक चन्द दुबे, उपखण्ड अधिकारी कार्यालय सिवाना के सहायक प्रशासनिक अधिकारी लक्ष्मीनारायण एवं समदड़ी तहसील के पटवारी एलआरसी जितेन्द्र माली तथा जिला कार्यालय के वाद शाखा के सहायक प्रशासनिक अधिकारी आम्बाराम बोसिया एवं सूचना सहायक राजन जोशी तथा राजस्व शाखा के सहायक प्रशासनिक अधिकारी टीलसिंह महेचा एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरपतसिंह शामिल है।
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फरार अपराधी को बन्दी करवाने पर पांच हजार का नकद ईनाम घोषित

बाड़मेर, 14 अक्टूबर। फरार अपराधी पपुसिंह उर्फ पपसा पुत्र जुगतसिंह राजपुत निवासी बीजराड़ को बन्दी करवाने पर जिला पुलिस अधीक्षक बाड़मेर द्वारा पांच हजार रूपये का नकद ईनाम घोषित किया गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा ने बताया कि प्रकरण संख्या 41 दिनांक 14 मई, 2020 धारा 450, 376 भादस एवं 3/4 पोक्सो एक्ट एवं 3(1) (ब) (2), 3(2) (5) एससी/एसटी एक्ट पुलिस थाना बीजराड़ में वांछित अपराधी पपुसिंह उर्फ पपसा पुत्र जुगतसिंह जाति राजपुत निवासी बीजराड़ पुलिस थाना बीजराड़ जिला बाडमेर उक्त प्रकरण में फरार चल रहा है जो बावजूद प्रयासों के आज दिन तक गिरफतार नहीं हुआ है।
उन्होने बताया कि उक्त फरार अपराधी को बन्दी करवाने, बन्दी करने, बंदी बनाने या उसके द्वारा बंदीकरण पर विरोध किये जाने पर विधि सम्मत आवश्यक शक्ति का प्रयोग कर बन्दी बनायेगा या बंदी कराने के लिए सही सूचना देगा या बंदी करेगा या करायेगा, उसे जिला पुलिस अधीक्षक बाडमेर द्वारा पांच हजार रूपये का नकद ईनाम दिया जाएगा तथा अपराधी के संबंध में सूचना देने वाले का नाम पता गोपनीय रखा जाएगा।
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जिला परिषद द्वारा संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक 19 को

बाडमेर, 14 अक्टूबर। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार 19 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली उक्त बैठक में बीएडीपी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री बीपीएल आवास, महात्मा गांधी नरेगा, राजीव गांधी जल संचय योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। उन्होने संबंधित अधिकारियों को वांछित सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है।
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बुधवार को 2400 रूपये का जुर्माना वसूला

बाड़मेर, 14 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान बुधवार को जिले में 12 व्यक्तियों से 2400 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में बुधवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र चौहटन में 5 व्यक्तियों से 1000, गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200, गुडामालानी में 1 व्यक्ति से 200 तथा सिवाना में 5 व्यक्तियों से 1000 को मिलाकर कुल 12 लोगों से 2400 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।
उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7295 लोगों से कुल 13,64,700 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।
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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2020

विभागों में उपस्थिति की सघन जॉच जिले में 188 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए

बाडमेर, 13 अक्टूबर। प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु सरकारी कार्यालयों में समय की पाबन्दी एवं कार्यस्थलों पर कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को विभिन्न विभागों में किये गये औचक निरीक्षण के दौरान जिले में कुल एक सौ इठियासी कार्मिक अनुपस्थित पाए गए।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई द्वारा 55 कार्यालयों में किये गये औचक निरीक्षण के दौरान 42 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू द्वारा 3 कार्यालयों में निरीक्षण के दौरान 14 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी बाडमेर के निरीक्षण में 2 कार्यालयों में 7 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी रामसर के निरीक्षण में 5 कार्यालयों में 2 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी सिणधरी के निरीक्षण में 5 कार्यालयों में 9 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी धोरीमना के निरीक्षण में 2 कार्यालयों में 7 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी गुडामालानी के निरीक्षण में 7 कार्यालयों में 2 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी शिव के निरीक्षण में 2 कार्यालयों में 16 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी बालोतरा के निरीक्षण में 11 कार्यालयों में 12 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी सिवाना के निरीक्षण में 5 कार्यालयों में 15 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी चौहटन के निरीक्षण में 5 कार्यालयों में 16 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी गडरारोड के निरीक्षण में 6 कार्यालयों में 18 कार्मिक, उपखण्ड अधिकारी बायतु के निरीक्षण में 4 कार्यालयों में एक कार्मिक, सहायक निदेशक सांख्यिकी जसवन्त गौड़ के निरीक्षण में 9 कार्यालयों में 25 कार्मिक एवं उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग प्रहलादसिंह राजपुरोहित के निरीक्षण में 7 कार्यालयों में 2 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए।
ये कार्मिक मिले अनुपस्थित
उन्होने बताया कि अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई द्वारा किये गये औचक निरीक्षण के दौरान आयुर्वेद विभाग में विनय मिश्रा, राज्य बीमा एवं प्रा.नि. विभाग में संजीवदास, रामयधन मीणा, मूलचन्द मीणा, अखिलेख मीणा, रामकरण मीणा तथा इन्द्राज मीणा, अधिशाषी अभियन्ता सानिवि राउमा बाडमेर में जे.पी. सुथार, अनोपसिंह एवं लखसिंह, सीबीईओ बाडमेर में चन्द्रवीरसिंह राव, संतोष कुमार तथा जुगताराम चौधरी, पंचायत समिति बाडमेर में रामलाल जैन, विक्रम जांगिड़, मेहताबसिंह तथा गीता, आबकारी निरोधक दल बाडमेर में देवीसिंह, गोरधनराम, सोहनलाल, जीवराजसिंह, हरचन्दराम, जगदीश प्रसाद तथा हुकमसिंह, समग्र शिक्षा अभियान में सत्यदेव सोनी, गुमनाराम जाखड़, भंवरदान, नरेश कुमार, आईदानराम विश्नोई तथा कपिल आचार्य, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा पं.स. बाडमेर में सीमा कुमारी, राजेश सारण, भानी तथा भगवती, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पं.स. बाडमेर में चनणी कुमारी, अधीक्षण अभियन्ता वाटरशेड सेल कम डाटा सेन्टर में बलवीरसिंह चौधरी, सुरेशचन्द्र गोलेच्छा तथा डूंगरचन्द गोयल, कृषि उपज मण्डी बाडमेर में कुशलसिंह, अमराराम, हेमराज बाकोलिया, पदमाराम चौधरी तथा जयेश कुमार जोशी, कृषि उपज मण्डी समिति बाडमेर में गोमाराम फुलवारिया, पारूराम वाघेला, दमाराम, गजेन्द्रसिंह तथा सुरेश, नर्सिंग अधीक्षक मेडिकल कॉलेज में भगाराम सारण, जयसिंह, दुर्जनसिंह, श्रवण कुमार, अब्दुल कादिर, मोहनलाल, बालाराम, रविशंकर, भंवराराम, भूगड़ाराम, अनाराम तथा दीपक, अधीक्षण अभियन्ता सानिवि सर्किल बाडमेर में मोमताराम, जिला रोजगार कार्यालय में भवानी प्रताप चारण तथा जिला रसद कार्यालय में पृथ्वीराज एवं पूजा कुमारी अनुपस्थित पाए गए।
इसी प्रकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू द्वारा किये गये निरीक्षण में अधीक्षण अभियन्ता डिस्कॉम बाडमेर में गोकलाराम, बादामी, प्रमिला, तीर्थमल, लिखमाराम, सुरजकुमार तथा अंकुर वर्मा, लेखाधिकारी डिस्कॉम कार्यालय में अमित कुमार, गिरीश कुमार मीणा तथा मांगू खां, अधिशाषी अभियन्ता डिस्कॉम में रामचन्द्र तथा राणाराम एवं सहायक अभियन्ता डिस्कॉम ग्रामीण में मुकेश कुमार तथा पैम्पोदेवी, उपखण्ड अधिकारी बाडमेर सूरजभान विश्नोई द्वारा किये गये निरीक्षण में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में बंशीलाल फुलवारिया, ओमप्रकाश तथा जोगाराम एवं नगर परिषद बाडमेर में दिलीप कुमार, हरखाराम, नरेश एवं राणमल, उपखण्ड अधिकारी रामसर प्रभजोतसिंह गिल द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान सीएचसी रामसर में गुमनाराम तथा हुकमीचन्द, उपखण्ड अधिकारी सिणधरी वीरमाराम द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान सहायक अभियन्ता सानिवि सिणधरी में जीयोदेवी, सहायक अभियन्ता डिस्कॉम में लालाराम एवं अंजली गोदारा, महात्मा गांधी बालिका उमावि में चुतराराम एवं प्रवीण कुमार, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जेठाराम तथा ग्राम पंचायत कार्यालय सिणधरी चौसीरा में कृष्णसिंह, तनुजा तथा ममता सोनगरा, उपखण्ड अधिकारी धोरीमना वीरेन्द्रसिंह द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान राउमावि लोहारवा में धर्मराम मीणा, रायचन्द गोदारा, निर्मलसिंह, नरसिंगाराम एवं खेताराम चौधरी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहारवा में तुलछी एवं कमला विश्नोई, उपखण्ड अधिकारी गुडामालानी सुनील कुमार द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान पंचायत समिति गुडामालानी नरेगा में गिरीराज मीणा तथा मालाराम, उपखण्ड अधिकारी शिव महावीरसिंह जोधा द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान राराविप्रनिलि 132 केवी में संदीप पटेल, अमित कुमार, जयप्रकाश, सोहनसिंह, वेनसिंह, जसवन्तसिंह, मनोहरसिंह, भीखसिंह, विक्रमसिंह, उदाराम, प्रतापसिंह, धनपालसिंह, पृथ्वीसिंह, मोहनसिंह, मुकेश तथा मदन खान, उपखण्ड अधिकारी बालोतरा रोहित कुमार द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बालोतरा में नगेन्द्रराज पुरोहित, राबाउमावि बालोतरा में शारदा, राउमावि गांधीपुरा में मूलाराम, हंसा वर्मा तथा राधा, राउमावि बालोतरा में विदूषी चौहान, नरपतसिंह महेचा, मुन्नीदेवी तथा उदाराम, राउमावि बालोतरा में रामलाल चौहान एवं शैतानसिंह तथा राप्रसंवि बालोतरा में अभिषेक महेश्वरी, उपखण्ड अधिकारी सिवाना कुसुमलता चौहान द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान सहायक अभियन्ता पवस सिवाना में वेलसिंह, मोहनलाल, सुरेश कुमार, शैतानसिंह, नेमीचन्द प्रजापत, उम्मेदपुरी, गोविन्दसिंह, अमृतलाल, जामताराम, चन्द्राराम, बाबुलाल, टीकमाराम एवं भगवती तथा ग्राम पंचायत सिवाना में नरपतसिंह देवड़ा एवं कैलाशी मीणा, उपखण्ड अधिकारी चौहटन भवानीसिंह द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान के दौरान सहायक अभियन्ता डिस्कॉम चौहटन में राजेन्द्रसिंह, अमोल मावर, प्रधानलाल मीणा, मेघाराम, रमेश कुमार, रणजीतसिंह, हिमांषु एवं मुकेश यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौहटन में द्वारकादास, राउमावि कापराऊ में कैलाशचन्द्र छाजेड़, कानाराम चौधरी, अंजना सिंघल, ठाकराराम चौधरी एवं गवरी विर्ट, उप स्वास्थ्य केन्द्र कापराऊ में सती एवं बाबु विश्नोई, ग्राम पंचायत कापराऊ में अमराराम चौधरी, सरिता एवं जुगताराम, उपखण्ड अधिकारी गडरारोड राकेश कुमार न्योल द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गडरारोड में सोहनलाल सारण, श्री तेजूराम स्वतन्त्रता सैनानी राउमावि गडरारोड में दीपाराम, मगदान, चन्द्रा चौघरी एवं गेमराराम, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गडरारोड में रिडमलसिंह, टीकमाराम एवं कैलाश कुमार परिहार, पंचायत समिति गडरारोड में गणपतराम, मासिंगदान, हेदरअली, मेवालाल, देवीलाल, भाखरसिंह, चन्द्र कंवर, जुगताराम एवं मानाराम तथा पंचायत समिति मनरेगा गडरारोड में हस्तीमल, उपखण्ड अघिकारी बायतु विवेक व्यास द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान सहायक अभियन्ता पवस बायतु में विनय कुमार अनुपस्थित पाये गये।
सहायक निदेशक सांख्यिकी जसवन्त गौड़ द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बाडमेर में ईश्वर जाखड, वासूदेव पालीवाल, सुनील बाना एवं हेमाराम, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक में जेतमालसिंह राठौड, अशोक कुमार शर्मा, अमृतलाल धनदे, हिम्मतसिंह, दुर्जनसिंह, सवाईसिंह, रघुवीर एवं रमेश, बहुउद्धेशीय पशु चिकित्सालय बाडमेर में राजेश शर्मा, रतनलाल गौड़, छगनलाल, देदाराम, विजयकुमार, महेन्द्र कुमार एवं मनोज कुमार, डाईट बाडमेर में किरताराम चौधरी, कृष्णपालसिंह एवं सुनिल कुमार वासु, सहायक अभियन्ता भू जल विभाग में राकेश कुमार मीणा एवं भगवानदास तथा अधि. अभि. भूजल विभाग में अमराराम तथा उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग प्रहलादसिंह राजपुरोहित द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान राउमावि दूदाबेरी में राहुल कुमार मीणा एवं राउप्रावि भीये की ढाणी हाथमा में टीकमाराम पूनड़ अनुपस्थित पाए गए तथा आंगनवाडी केन्द्र बसरा व जायडू बन्द पाये गये।
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अनुप्रति योजना के तहत आवेदन पत्र आमन्त्रित

 बाडमेर, 13 अक्टूबर। राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल आवेदकों को उनका उत्साह बढाने के लिए प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने जाने के संबंध में अल्पसंख्यक समुदाय के बालक-बालिकाओं से अनुप्रति योजना के ऑनलाईन आवेदन पत्र आमन्त्रित किये गये है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नन्दराम जयपाल ने बताया कि अल्पसंख्यक बालक-बालिकाएं जिन्होने 10+2 with 60%, IIT, AIIMS’s & Higher Education और  IAS/RAS परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे अपना आवेदन पत्र ऑनलाईन भर सकते है। विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाईन आवेदन हेतु एसएसओ आई.डी. के लिए https://sso.rajasthan.gov.in लॉगिन कर भामाशाह कार्ड के द्वारा पंजीयन किया जाना अनिवार्य है। एसएसओ आईडी प्रार्थी द्वारा केवल एक बार ही पंजीयन होगी, यदि प्रार्थी का नाम भामाशाह कार्ड में अंकित नहीं है तो प्रार्थी सर्वप्रथम ई मित्र से भामाशाह कार्ड में स्वयं का नाम जुडवाना जाना सुनिश्चित करें। पंजीयन करने पर विद्यार्थी को प्राप्त एसएसओ आईडी के माध्यम से पार्टल को लॉगिन करना होगा, तदनुपरान्त स्कॉलरशिप विकल्प का चयन करना है, तत्पश्चात् विद्यार्थी को पोर्टल पर अपना प्रोफाईल अपडेट करना है जिसके अन्तर्गत छात्र-छात्राओं को सामान्य सूचना के अतिरिक्त बैंक से संबंधित सूचना प्रदर्शित होगी। उन्होने बताया कि अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ आय के संबंध में घोषणा पत्र, शैक्षणिक योग्यता अंक तालिकाएं/प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रति, प्रतियोगी प्रारम्भिक, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार उतीर्ण करने का प्रमाण पत्र, पूर्व में योजना का लाभ लेने/नहीं लेने, राजकीय सेवा में होने/न होने संबंधी विवरण तथा योजनान्तर्गत स्वीकृत राशि का उपयोग सिविल सेवा परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी हेतु ही किया जाएगा, संबंधी अभ्यर्थी का शपथ पत्र इत्यादि अपलोड करना अनिवार्य है। 
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उदयपुर सेना भर्ती रैली ऑनलाईन रजिस्टेªशन 24 अक्टूबर तक

 बाडमेर, 13 अक्टूबर उदयपुर सेना भर्ती रैली हेतु ऑनलाईन रजिस्टेªशन 24 अक्टूबर तक www.joinindianarmy.nic.in र किया जा सकेगा। 

अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई ने बताया कि उदयपुर सेना भर्ती रैली में राजस्थान के डंूगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, उदयपुर, प्रतापगढ़, पाली, जालोर, बाडमेर, जोधपुर, जैसलमेर एवं नागौर जिले के अभ्यर्थियों के लिए सेना में भर्ती 22 नवम्बर 2020 से 31 मार्च, 2021 के बीच हो सकती है, जगह और सही तारीख बाद में बताई जाएगी। सेना भर्ती सैनिक (सामान्य डयूटी), सैनिक (टैक्निकल), सैनिक क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी/इनवेटरी मैनेजमेंट, सैनिक टेªडस्मैन (10 वीं), सैनिक ट्रेडस्मैन (8वीं) हाऊस कीपर मैस कीपर) पदों के लिए होगी।
सैनिक (सामान्य डयूटी) के लिए आयु साढे सतरह वर्ष से 21 वर्ष तक, न्यूनतम शारीरिक योग्यताएं ऊचाई 170 सेमी, वजन 50 किलो. एवं सीना 77 सेमी.($5से.मी.फुलाव) तथा शैक्षिक योग्यता 10वी/मैट्रिक में कुल मिलाकर 45 प्रतिशत अंक और प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक। अगर अभ्यर्थी ग्रेडिंग प्रणाली से पास है तो उनको कम से कम डी ग्रेड (33-40) प्रत्येक विषय में चाहिए और वह ग्रेड जिसमें 33 प्रतिशत अंक और उनका कुल मिलाकर सी 2 ग्रेड होना चाहिए।
इसी प्रकार सैनिक (टैक्निकल) के लिए आयु साढे सतरह वर्ष से 23 वर्ष तक ऊचाई 170 सेमी, वजन 50 किलो. एवं सीना 77 सेमी.($5से.मी.फुलाव) तथा शैक्षिक योग्यता भौतिक रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के साथ 10$2/इन्टरमीडिएट परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों सहित पास और प्रत्येक विषय में 40 प्रतिशत अंक, सैनिक क्लर्क/स्टोर कीपर/तकनीकी इनवेटरी मैनेजमेंट के लिए आयु साढे सतरह वर्ष से 23 वर्ष तक ऊचाई 162 सेमी, वजन 50 किलो. एवं सीना 77 सेमी.($5से.मी.फुलाव) तथा शैक्षिक योग्यता 10$2/इन्टरमीडिएट परीक्षा किसी भी शाखा (आर्टस, कामर्स, विज्ञान) से कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ और प्रत्येक विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। 12 वीं कक्षा में अंग्रेजी और गणित या लेखा शास्त्र/बुककिपिंग विषय पढ़े हो और इन विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल किए हो। सैनिक ट्रेडस्मैन (10वीं) के लिए आयु साढे सतरह वर्ष से 23 वर्ष तक ऊचाई 170 सेमी, वजन 48 किलो. एवं सीना 76 सेमी.($5से.मी.फुलाव) तथा शैक्षिक योग्यता 10वीं पास, प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक हासिल किए हो तथा सैनिक ट्रेडस्मैन (8वीं) हाउस कीपर, मैस कीपर के लिए आयु साढे सतरह वर्ष से 23 वर्ष तक ऊचाई 170 सेमी, वजन 48 किलो. एवं सीना 76 सेमी.($5से.मी.फुलाव) तथा शैक्षिक योग्यता 8 वीं पास, प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक हासिल किए होने चाहिए। भर्ती के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की उम्र 01 अक्टूबर 2020 तक मानी जाएगी। सभी उम्मीदवारों को दस रूपये के स्टाम्प पेपर पर नये फारमेट के मुताबिक शपथ पत्र बनाकर लाने होंगे। नया फारमेट www.joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है।
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गरीब कल्याण रोजगार योजना में सर्वाधिक राशि खर्च करने वाले जिलों में बाड़मेर शुमार

 बाड़मेर, 13 अक्टुबर। कोरोना की आपदा में राहत पहुंचाने के लिए आरंभ गरीब कल्याण रोजगार योजना में सर्वाधिक राशि खर्च करने वाले जिलों में बाड़मेर शुमार हो गया है। जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने योजना के सभी घटकों में बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

      कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते हजारों की तादाद में घर लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए गरीब कल्याण रोजगार योजना जीवन यापन का जरिया बनी है। योजनान्तर्गत प्रवासी मजदूरों को गांव मे ही रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में जिला कलक्टर ने अधिक बेहतर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार योजना के विभिन्न घटकों डीएमएफटी, बीएडीपी, पीएमएवाई, एसपीआरएम मे निर्धारित लक्ष्यों को समय पर अर्जित कर कार्य पूरे किए जाएं ताकि इन योजनाओं में अधिकाधिक रोजगार सृजन हो सके। इन सभी योजनाओं में रोजगार सृजिन में प्रवासियों का विशेष ध्यान रखा जाए।
  जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में सामाजिक आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए केंद्र तथा राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान चालू योजनाओं के अंतर्गत अधिकतम प्रवासी लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाएं। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विकास योजना में दिए जा रहे रोजगार के अंतर्गत प्रवासी तथा स्थानीय दोनों प्रकार के रोजगार सृजन के आंकड़े प्रतिदिन दिए जाए तथा इसमें प्रवासियों के रोजगार में क्रमिक बढ़ोतरी की जाए।
    जिला कलेक्टर ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में अधिकतम प्रवासियों को रोजगार देने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रुप ऑफ एक्टिविटी के अंतर्गत विभिन्न कार्य यथा कृषि, पशुपालन, जल संरक्षण, चारागाह का विकास आदि में प्रवासियों का नियोजन बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह के दौरान सभी योजनाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवासियों को रोजगार मुहैया कराए जाए।
    इससे पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू ने योजनावार रोजगार के आंकड़ों से अवगत कराया। बैठक मे विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

सोमवार को 3200 रूपये का जुर्माना वसूला

बाड़मेर, 12 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान सोमवार को जिले में 17 व्यक्तियों से 3200 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में सोमवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र चौहटन में 10 लोगों से 2000, गडरारोड़ में 5 लोगों से 1000 तथा गुडामालानी में 2 लोगों से 200 को मिलाकर कुल 17 लोगों से 3200 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।
उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7273 लोगों से कुल 13,60,500 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।
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सड़क हादसों में पीड़ितों को पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

बाड़मेर, 12 अक्टूबर। विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने तथा उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 व्यक्तियों को कुल पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

जिला कलक्टर आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विश्राम मीणा ने बताया कि बायतु तहसील क्षेत्र में हेमजी का तला निवासी स्व. मोटाराम पुत्र भींयाराम जाट, सिणधरी तहसील क्षेत्र में हेमे की ढाणी निवासी स्व. नेनू देवी पत्नी हरदानराम प्रजापत, सिवना तहसील क्षेत्र में थापन निवासी स्व. हेमाराम पुत्र गेपाराम देवासी एवं मूठली निवासी स्व. ढलाराम पुत्र पदमाराम भील तथा बाडमेर तहसील द्वोत्र में महाबार पीथल निवासी स्व.हाकमाराम पुत्र मासिंगाराम भील की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण उनके परिवार जनों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।  
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नवजीवन योजना की क्रियान्विति को विस्तृत कार्य योजना बनेगी

बाड़मेर, 12 अक्टूबर। जिले में नवजीवन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वह सोमवार को अपने कक्ष में योजना की समीक्षा कर रहे थे।

इस मौके पर जिला कलेक्टर ने कहा कि नवजीवन योजना का मूल उद्देश्य अवैध शराब निर्माण में लगे परिवारों का पुनर्वास तथा पुनरुद्धार करना है। इसके जरिए इन परिवारों को आजीविका एवं संसाधन मुहैया कराए जाते हैं। साथ ही इन परिवारों से संबंधित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन के लिए जिले में अवैध शराब के निर्माण से जुड़े परिवारों का 31 अक्टूबर तक सर्वे करने के निर्देश दिए।
मीणा ने नवजीवन योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आई.ई.सी. प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र परिवारों के पुनद्धार के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण देने को कहा ताकि ऐसे लोगों को रोजगार के साधन मुहैया हो सके एवं आवश्यकता अनुसार ऋण भी उपलब्ध कराए जा सके। इस मौके पर जिला कलेक्टर ने बकाया दिव्यांगजन प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने के लिए सप्ताह में प्रत्येक शुक्रवार को शिविर का आयोजन निर्धारित करने के लिए चिकित्सा विभाग से समन्वय के निर्देश दिए।
इससे पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक पुखराज सारण ने नवजीवन योजना के उद्देश्य एवं लक्षण से अवगत कराया।
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लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...