बुधवार, 17 जुलाई 2019

आमजन से जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान


केन्द्रीय दल ने बुधवार को परंपरागत जल स्त्रोतांे, वृक्षारोपण, अनार की खेती का अवलोकन किया

                बाड़मेर, 17 जुलाई। जल शक्ति अभियान के केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव की अगुवाई मंे केन्द्रीय दल ने तीसरे दिन बुधवार को बाड़मेर जिले मंे विभिन्न इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण कार्याें एवं अनार की खेती का अवलोकन किया। उन्हांेने ग्रामीणांे, जन प्रतिनिधियांे एवं विद्यार्थियांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान किया।
                धोरीमन्ना पंचायत समिति मुख्यालय पर आयोजित समारोह के दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने कहा कि जल शक्ति अभियान जन प्रतिनिधियों एवं आमजन के सहयोग से सफल होगा। उन्हांेने कहा कि सभी लोगांे को इस अभियान से जोड़े, ताकि अधिकाधिक जल संरक्षण हो सके। उन्हांेने जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान करते हुए कहा कि जन प्रतिनिधि अपने-अपने गांव में जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें। इसके तहत सितंबर माह तक विशेष प्लान बनाकर जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाएं। ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण हो सके। उन्हांेने कहा कि पौधारोपण करने के साथ जन प्रतिनिधि अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जल शक्ति अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण मौजूदा समय की महत्ती जरूरत है। इस दौरान धोरीमन्ना प्रधान ताजाराम, अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह चौधरी, विकास अधिकारी नरेन्द्र सोउ, समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। केन्द्रीय दल मंे शामिल सदस्यांे ने बालोतरा,शिव एवं धनाउ समेत विभिन्न स्थानांे पर ग्रामीणांे एवं विद्यार्थियांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान किया। केन्द्रीय दल मंे गृह विभाग के सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक निरंजनलाल, उदयन वरूण समेत विभिन्न अधिकारी शामिल है। इन्हांेने विभिन्न इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्याें, अनार की खेती का अवलोकन किया। केन्द्रीय दल के सदस्यांे ने पौधारोपण करते हुए आमजन को अधिकाधिक पौधारोपण करने का संदेश दिया।






टिड्डी पूर्ण नियंत्रण में, 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र उपचारित - कटारिया


                बाड़मेर, 17 जुलाई। सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है और फसलों में कोई नुकसान नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी जिला प्रशासन और टिड्डी चेतावनी संगठन से समन्वय रखते हुए कीटनाशक छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण में लगे हुए हैं। अब तक प्रदेश में टिड्डी प्रभावित 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है।
                कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार पूरी सजगता के साथ टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रयास कर रही है। वह स्वयं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट लेकर समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर के नेतृत्व में जिलों में स्थित टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों के कार्मिकों की ओर से 413 स्थानों पर 18 हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र में मेलाथियॉन 96 प्रतिशत यूएलवी से नियंत्रण किया जा चुका है तथा अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले में 21 मई से 16 जुलाई तक 14 हजार 204 हैक्टेयर प्रभावित क्षेत्र उपचारित किया गया है। इसी तरह बाड़मेर जिले में 1762, जालौर में 402, जोधपुर में 593 एवं बीकानेर जिले में 1225 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है। समाचार पत्रों सहित अन्य माध्यमों से टिड्डी की सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर उपचार की कार्यवाही कर रही है।  कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रभावित जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी, सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 11 टीमों का गठन किया जा चुका है जिनके जरिए टिड्डी प्रभावित एवं संभावित जिलों में भ्रमण किया जा रहा है। अधिकारी-कार्मिकों का पदस्थापन किया गया है। कार्यव्यवस्था के लिए संबंधित संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार खण्ड को कार्मिकों के पदस्थापन के लिए अधिकृत किया जा चुका है। अन्य स्थानों से भी उप निदेशक एवं संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 77 वाहनों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं तथा टिड्डी के समेकित प्रबंधन पर तकनीकी साहित्य वितरित किया जा रहा है। कटारिया ने बताया कि टिड्डी प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए बुधवार को भारत एवं पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों की खोखरापार, पाकिस्तान में बैठक आयोजित की गई ।

पश्चिमी राजस्थान में आगे बढ़ेगा तेल-गैस खोज का काम


केयर्न ऑयल एंड गैस ने खोज अभियान के लिए करार पर हस्ताक्षर किए
बाड़मेर के खोज अनुभव पर आधारित होगी ऊर्जा स्वावलंबन की नई यात्रा

                बाड़मेर, 17 जुलाई। केंद्र सरकार की देश को पेट्रोलियम के मामले में स्वावलंबी बनाने और घरेलू तेल भंडारों के समुचित दोहन के उद्देश्य से जारी नई पालिसी के तहत अब राजस्थान में तेल और गैस खोज को आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी दिनांे मंे बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर कर चुनिंदा क्षेत्रों में सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के जरिए यह काम आगे बढ़ेगा।
                केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड को दिए गए नए एक्सप्लोरेशन ब्लॉक्स के लिए अनुबंध हस्ताक्षरण को आधिकारिक बनाया। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी ओएएलपी राउंड-2 और 3 ऑक्शन के हिस्से के तौर पर सरकार ने नीलाम हुए 32 ऑयल ब्लॉक्स में से 10 केयर्न को आवंटित किए हैं, जो राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात और ओडिसा में हैं। केयर्न को मिले 10 नए ब्लॉक्स से इसके पोर्टफोलियो में दस हज़ार वर्ग किलोमीटर का नया क्षेत्र जुड़ जाएगा। इस संकलन से केयर्न देश में सबसे बड़े निजी एकरेज धारकों में से एक बन जाएगा। इसके कुल 58 ब्लॉक्स में सी. 5,000 वर्ग किमी के मौजूदा, उत्पादन ब्लॉक्स का एकरेज दस गुणा से अधिक के उछाल के साथ सी. 65,000 वर्ग किमी पहुंच जाएगा। इस अवसर पर वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम ओएएलपी के तहत नीलामी के तीसरे राउंड्स के सफलतापूर्वक पूरा होने पर सरकार को बधाई देते हैं। इस सरकार का प्रगतिवादी दृष्टिकोण भारत में हाइड्रोकार्बन उद्योग के विकास के लिए प्रमुख है और उन्होंने हम पर जो भरोसा जताया है, उसकी प्रशंसा करते हैं। ब्लॉक्स के बड़े एवं विविधीकृत पोर्टफोलियो के साथ, केयर्न भारत के घरेलू कच्चे तेल का 50 प्रतिशत उत्पादन करने के अपने प्रयासों को तेजी देगा। हमें भारत के हाइड्रोकार्बन सामथर््य में पूरा भरोसा है और यह देश को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बढ़ाने में मददगार साबित होगा।केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड के सीईओ अजय कुमार दीक्षित ने कहा, “हम नए ब्लॉक्स में अपना एक्स्प्लोरेशन प्रोग्राम शुरू करने के लिए तत्पर हैं और हमारा मकसद घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। अब हमें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पार्टनर मिल गया है और कई अन्य साझेदारियों पर बात चल रही है,ऐसे में हम इन ब्लॉक्स में नई खोजों को आक्रामकता से अंजाम देंगे। सरकार ने प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए कई प्रमुख नीतिगत सुधार किये हैं और हम नई खनिज नीति में की गई घोषणा के अनुसार साल सालों में खनिज क्षेत्र का उत्पादन तिगुना करने के सरकार के सपने में हिस्से लेने और इसे पूरा करने के लिए तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि केयर्न ने मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों में अगले तीन से चार वर्षों में 3.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जिसमें से 2.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ठेके मिल चुके हैं, ताकि तेज एक्सप्लोरेशन,विस्तृत ऑयल रिकवरी और विकास परियोजनाओं के माध्यम से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ सके। अपने नये क्षेत्रों में, केयर्न की शुरुआती कार्ययोजना के अनुसार अभी 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता है, जो खोज के मामले में कई गुना बढ़ जाएगा। नये फील्ड से भारत के कच्चे तेल के उत्पादन में 50 प्रतिशत योगदान करने की केयर्न की महत्वाकांक्षा मजबूत होगी। वर्तमान में भारत के कच्चे तेल के उत्पादन में केयर्न की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।



कगाऊ में होने वाली रात्रि चौपाल स्थगित


                बाड़मेर, 17 जुलाई। सांजटा कलस्टर की ग्राम पंचायत कगाऊ में 19 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।

सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की बैठक गुरूवार को


                बाड़मेर,17 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की बैठक गुरूवार को प्रातः 11.30 बजे उप जिला निर्वाचन अधिकारी के चेम्बर मंे आयोजित होगी।
                उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक मंे विभागीय अधिकारियांे एवं सदस्यांे को आवश्यक सूचनाआंे के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

राहत गतिविधियांे अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई


                बाड़मेर,17 जुलाई। बाड़मेर समेत अभावग्रस्त जिलांे संचालित राहत गतिविधियांे की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।
                जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने अभावग्रस्त जिलांे मंे लघु एवं सीमांत कृषकांे के पशुआंे के संरक्षण के लिए संचालित राहत गतिविधियांे पशु शिविर, चारा डिपो एवं जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से अभावग्रस्त इलाकांे मंे कराए जा रहे पेयजल परिवहन की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। उन्हांेने बताया कि गोपालन विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को उपलब्ध करवाई गई राशि से अभावग्रस्त जिलों मंे लघु एवं सीमांत कृषकांे के अतिरिक्त अन्य पशुपालकांे तथा भूमिहीन किसानांे के गौवंश के संरक्षण के लिए संचालित राहत गतिविधियांे यथा पशु शिविरांे की अवधि भी तुरंत प्रभाव से 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर मानसून की वर्षा नहीं होने के कारण सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए अभाव अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई थी।

जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक स्थगित


                बाड़मेर,17 जुलाई। जिला यातायात प्रबंधन समिति की गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे आयोजित होने वाली बैठक अपरिहार्य कारणांे से स्थगित कर दी गई है। यह जानकारी जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम पूनड़ ने दी।

मंगलवार, 16 जुलाई 2019

जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक 18 को

बाड़मेर, 16 जुलाई। जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक 18 जुलाई को अपराह्न 3 बजे जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों कों आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है। 

गौरव सेनानियों के लिए कल्याणपुर में समस्या समाधान शिविर 19 को

बाड़मेर, 16 जुलाई। पंचायत समिति परिसर कल्याणपुर में 19 जुलाई को सुबह 11 बजे से गौरव सेनानियों एवं आश्रितों के लिए समस्या समाधन शिविर को आयोजन किया जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार ने बताया कि इस शिविर में पूर्व सैनिकों की पेंशन समस्या समाधान, राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा जारी नये आदेशों की जानकारी, पूर्व सैनिकों के बच्चों के भाग दो आदेश, पी.पी.ओ. में पत्नि का नामांकन, पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृति, योजना रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाने संबंधित कार्य संपादित किये जाएंगे। उन्होने बतया कि इसके लिए गौरव सेनानियों एवं उनके आश्रितों को अपनी डिस्चार्ज बुक, बैंक पास बुक, पीपीओ, आधार कार्ड की फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है। 

जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक 25 को

बाड़मेर, 16 जुलाई। जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में 25 जुलाई को सांय 5 बजे उनके बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इस बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है। 

जल शक्ति अभियान से अधिकाधिक लोगांे को जोड़ेः यादव

बाड़मेर,16 जुलाई। जल शक्ति अभियान मंे अधिकाधिक लोगांे को जोड़ते हुए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए। जल संरक्षण के इस अभियान मंे आमजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। गडरारोड़ पंचायत समिति मुख्यालय पर सरपंचांे एवं अन्य जन प्रतिनिधियांे की बैठक के दौरान केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने यह बात कही।
इस दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने कहा कि बाड़मेर जिले मंे पानी को सहेजने की परंपरा सदियांे से रही है। इसको बरकरार रखते हुए जल संरक्षण गतिविधियांे के साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण करने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि जन प्रतिनिधि इस अभियान मंे आमजन को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे जानकारी देते हुए जन प्रतिनिधियांे से इसमंे अपेक्षित सहयोग करने का अनुरोध किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम विश्नोई, विकास अधिकारी गणपतलाल सुथार समेत विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव एवं केन्द्रीय टीम के अन्य सदस्यांे ने मुनाबाव रेलवे स्टेशन ,कांफ्रेस हाल ,तारबंदी का अवलोकन करने के साथ सुरक्षा प्रबंधन के बारे मंे जानकारी ली। उन्हांेने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियांे के साथ जल संरक्षण एवं पौधारोपण के बारे मंे चर्चा करते हुए इस अभियान मंे सहयोग का अनुरोध किया। इसके उपरांत देताणी ग्राम पंचायत मंे तालाब एवं टांका निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।



केन्द्रीय टीम ने ग्रामीण इलाकांे मंे विकास कार्याें का किया अवलोकन

केन्द्रीय टीम ने ग्रामीणांे से जल शक्ति अभियान मंे भागीदारी का आहवान किया


बाड़मेर,16 जुलाई। जल शक्ति अभियान के लिए केन्द्रीय नोडल अधिकारी भानुप्रताप यादव की अगुवाई मंे आई केन्द्रीय दल ने दूसरे दिन मंगलवार को ग्रामीण इलाकांे मंे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, कृषि तथा वन विभाग के कार्याें का अवलोकन किया। उन्हांेने रामसर एवं गडरारोड़ मंे परंपरागत जल स्त्रोत बेरियांे के जीर्णाेद्धार का निरीक्षण करने के साथ इसको जल संरक्षण के लिहाज से अनूठी पहल बताया।
केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने रामसर का पार, बबुगुलेरिया एवं गडरारोड़ इलाके मंे जल संरक्षण कार्याें का अवलोकन किया। उन्हांेने बेरियांे को देखने के साथ इसमंे पानी की आवक तथा जीर्णाेद्धार के कार्य की विस्तार से जानकारी ली। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल संरक्षण के लिए बेरियांे के जीर्णाेद्धार के साथ टांका निर्माण तथा अन्य जल संरक्षण गतिविधियांे के बारे मंे जानकारी दी। संयुक्त सचिव यादव ने विभिन्न स्थानांे पर ग्रामीणांे से रूबरू होने के साथ जल संरक्षण के लिए जल शक्ति अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम बिश्नोई, विकास अधिकारी बाबूसिंह राजपुरोहित, गणपतलाल सुथार समेत अन्य विभागीय अधिकारी तथा विभिन्न जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे। उन्हांेने इस दौरान पौधारोपण करते हुए आमजन से अधिकाधिक पौधारोपण करने एवं पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का अनुरोध किया। उन्हांेने खड़ीन, वृक्ष कुंज, सार्वजनिक टांका निर्माण एवं तालाब निर्माण कार्याें का अवलोकन किया। इसी तरह बालोतरा, सिवाना एवं समदड़ी पंचायत समिति की विभिन्न ग्राम पंचायतांे मंे केन्द्रीय टीम के सदस्यांे से जल संरक्षण कार्याें का अवलोकन करने के साथ जन प्रतिनिधियांे एवं ग्रामीणांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। इस दौरान विकास अधिकारी सांवलाराम एवं रामेश्वरलाल, अधिशाषी अभियंता तेजसिंह चौधरी ने जल संरक्षण गतिविधियांे के बारे मंे अवगत कराया। केन्द्रीय टीम मंे शामिल सदस्यांे ने किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को लेने के बारे मंे समझाइश की। उन्हांेने कहा कि बारिश के पानी का पूरा उपयोग करते हुए बून्द-बून्द सिंचाई को अधिकाधिक बढावा दें। उन्हांेने जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सबसे सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।  







सूखा ग्रस्त गांवांे मंे अभाव की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई

बाड़मेर,16 जुलाई। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर मानसून की वर्षा नहीं होने के कारण सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए अभाव की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि खरीफ फसल 2018 मंे सूखाग्रस्त गांवांे मंे अभाव घोषणा के संबंध मंे पूर्व मंे 19 नवंबर 2018 को जारी अधिसूचना की अवधि 17 मई तक प्रभारी थी, उसको सूखे की स्थिति को देखते हुए 15 जुलाई 2019 तक बढाया गया था। उन्हांेने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने मानसून की वर्षा नहीं होने एवं सूखे की गंभीर स्थिति के कारण इस अभाव अवधि को बढ़ाकर अब 31 जुलाई तक कर दिया है। इस दौरान राहत गतिविधियांे को यथावत संचालन होता रहेगा।

1649 हैक्टेयर मंे कीटनाशक का छिड़काव,विभागीय अधिकारी फील्ड मंे

टिड्डी नियंत्रण के लिए अन्य जिलांे से कृषि विभाग के कार्मिकांे को बाड़मेर भेजा


बाड़मेर,16 जुलाई। बाड़मेर जिले मंे टिड्डी नियंत्रण के लिए 1649 हैक्टेयर मंे कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। टिड्डी चेतावनी संगठन एवं कृषि विभाग के कार्मिकांे को फील्ड मंे रहकर टिड्डी दल संबंधित गतिविधियांे से अवगत कराने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि बाड़मेर जिले के रामसर, गुड़ामालानी, शिव एवं गडरारोड़ क्षेत्र टिड्डी नियंत्रण के लिए अब तक 1649 हैक्टेयर मंे मेलाथियान 96 यूएलबी कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। इसके अलावा माइक्रो नियर पौध संरक्षण यंत्रांे से उपचारित कर टिड्डी नियंत्रण किया गया है। उन्हांेने बताया कि विभागीय अधिकारियांे एवं कार्मिकांे को फील्ड मंे रहने के साथ टिड्डी नियंत्रण के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने बताया कि शिव तहसील की देवका ग्राम पंचायत की चतुरगिरी की ढाणी मंे पिछले दिनांे टिड्डी दल देखे जाने पर कीटनाशक किया गया था। अब टिड्डी के निम्फ देखे जाने पर टिड्डी चेतावनी संगठन को सूचित किया गया है। यहां निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्हांेने बताया कि टिड्डी नियंत्रण एवं सर्वेक्षण के लिए भरतपुर, अलवर से आए कृषि विभाग के अधिकारी 21 जुलाई तक बाड़मेर जिले के भ्रमण पर रहेंगे। उन्हांेने बताया कि टिड्डी चेतावनी संगठन के पास टिड्डी नियंत्रण के लिए एक माइक्रो नियर, 5 अलवा मस्त पौध संरक्षण यंत्र जो पावर आपरेटेड तथा पावर माउंटेड उपलब्ध है। इसके अलावा 10 माइक्रो अल्वा बैटरी चलित पंप भी उपलब्ध है, जो सीधे व्यक्ति संचालित किए जाते है। मौजूदा समय मंे टिड्डी चेतावनी संगठन के पास 6 वाहन टिड्डी नियंत्रण गतिविधियांे के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा अतिरिक्त आठ वाहनांे के जरिए फील्ड सर्वे किया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि वर्तमान मंे टिड्डी नियंत्रण मंे है। किसी भी फसल को कोई नुकसान नहीं है। उनके मुताबिक तामलोर ग्राम पंचायत मंे तामलोर, अमी का पार, पादरिया ग्राम पंचायत के जुम्मा फकीर की बस्ती, आदर्श छोटू ग्राम पंचायत के मूलाराम सरपंच की ढाणी तथा मजरांे मंे टिड्डी नियंत्रण एवं सर्वे का कार्य चल रहा है। वर्मा ने बताया कि संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जोधपुर ने दस कृषि पर्यवेक्षकांे को टिड्डी नियंत्रण के लिए बाड़मेर जिले मंे उपस्थिति देने के निर्देश दिए थे। इनको टिड्डी प्रभावित क्षेत्रांे मंे सर्वेक्षण एवं नियंत्रण कार्य के लिए भेजा गया है। इधर, संयुक्त निदेशक भरतपुर देशराजसिंह, उप निदेशक कृषि विस्तार अलवर पी.सी.मीणा, सहायक निदेशक कृषि विस्तार राजगढ़ ने टिडडी चेतावनी संगठन एवं कृषि विभाग बाड़मेर के कार्यालय मंे सपर्क कर टिडडी नियंत्रण गतिविधियांे के बारे मंे जानकारी ली। इसके उपरांत रामसर से होते हुए गडरारोड़ इलाके के भ्रमण पर गए। इस दौरान गडरारोड़ के समीप जुम्मा फकीर की बस्ती मंे प्रभावित इलाके का दौरा करने के साथ किसानांे से मिलकर टिडडी की गतिविधियांे के बारे मंे जानकारी ली। तामलोर मंे सीमा चौकी के आसपास टिडडी के निम्फ की गतिविधियां पाई गई। इस पर टिडडी चेतावनी संगठन के कार्मिकांे ने कीटनाशक का छिड़काव किया। यहां तामलोर सरपंच एवं ग्रामीणांे से संपर्क किया गया। टिडडी दल एवं निम्फ की गतिविधियां सरहदी इलाकांे मंे देखे जाने के बाद कृषि विभाग के कार्मिकांे को लगातार फील्ड मंे रहकर गतिविधियांे संबंधित सूचना नियमित रूप से विभाग तथा टिडडी चेतावनी संगठन को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।



बाड़मेर में 24 नवीन राजस्व गांवांे का गठन

बाड़मेर, 16 जुलाई। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर बाड़मेर में 24 नवीन राजस्व गांवों का गठन किया है। बाड़मेर की बायतु, सिणधरी, धोरीमन्ना, चौहटन, रामसर, गिडा एवं पचपदरा तहसील में नवीन राजस्व ग्रामों का गठन किया गया है। 
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बताया कि बायतु तहसील में खेमा बाबा नगर, जसनाथपुरा, रामदेव नगर, बैनिवालों की ढाणी तथा सिणधरी तहसील में आदर्श सडा, जेतेश्वर धाम नवीन राजस्व ग्राम का गठन किया गया है। इसी तरह धोरीमन्ना तहसील में नयी खरड, आथूणी भीलों की ढाणी, पदमाणियों का तला, रामदेवपुरा, देवनगरी, भीमनगर, विष्णुधाम, भाखड़ो की ढाणी, वांकलसर, विश्वकर्मा नगर तथा चौहटन तहसील में रामदेव नगर नवीन राजस्व ग्रामों का गठन किया गया है। राजस्व मंत्री चौधरी ने बताया कि बाड़मेर तहसील में श्रवणनगर, रामसर तहसील में छुट्टाणियों की बस्ती, कासमाणियों की बस्ती, पुराणियों की ढाणी, गिड़ा तहसील में डेलुओं की ढाणी, पचपदरा तहसील में देवनगर सुथारों की ढाणी एवं आदर्श सिंधियों की ढाणी नवीन राजस्व ग्राम का गठन किया गया है। चौधरी ने बताया कि नवीन राजस्व गांवांे के गठन से प्रभावित मूल एवं नवीन राजस्व ग्रामों के अभिलेखों के अलग- अलग संधारण के लिए इन गांवों की पृथक पृथक जमाबंदी, खसरा नंबर एवं नक्शे, अभिलेखों के परिशोधन  के लिए  जिला कलक्टर बाड़मेर को अधिकृत किया गया है। 

सोमवार, 15 जुलाई 2019

प्रभात फेरी निकालकर दिया जल संरक्षण का संदेश

बाड़मेर जिले में जल शक्ति अभियान के तहत हुए कई आयोजन


बाड़मेर,15 जुलाई। जल शक्ति अभियान के तहत बाड़मेर जिला मुख्यालय सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रभात फेरी निकालकर आमजन को जल संरक्षण का संदेश दिया।
जिला मुख्यालय पर भगवान महावीर टाउन हॉल से मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू ने प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रभात फेरी विवेकानंद सर्किल, स्टेशन रोड़, अहिंसा चौराहे से होते हुए वापिस भगवान महावीर टाऊन हॉल पहुंची। इसमें शामिल एनसीसी कैडेट्स, स्काउट - गाइड के साथ विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पानी को बचाने, वर्षा जल संचयन करने, पेड़ पौधे लगाने, पानी की रक्षा, देश की सुरक्षा। पानी है जीवन की आस,पानी को बचाने का करो प्रयास। बिना पानी जीवन बदहाली ,पानी से है हरियाली। पानी है जीवन, संरक्षण है भविष्य। जल है असली सोना इसे नहीं है कभी खोना, जैसी तख्तियां लेकर आमजन को जल संरक्षण एवं स्वच्छता को अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीर सिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम विश्नोई, मोहनलाल मीणा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला परियोजना समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह सोढा, अस्सिटेंट प्रोफेसर मुकेश पचौरी, उप निदेशक किशोरी लाल वर्मा, एनसीसी के प्रभारी अधिकारी आदर्श किशोर, सीओ स्काउट योगेन्द्र सिंह ,सहायक निदेशक एन सी चन्द्रोदय, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गुलाब सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी नखताराम समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए पानी को बचाने एवं संरक्षित करने का संदेश दिया। इससे पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू एवं अन्य विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं की ओर से बनाई गई रंगोली का अवलोकन किया।

जल शक्ति अभियान मंे आमजन सक्रिय भागीदारी निभाएंःयादव

राउमावि भाड़खा मंे 111 पौधारोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बाड़मेर, 15 जुलाई। बाड़मेर जिले मंे बारिश के पानी को सहेजने की परंपरा रही है। इसको बरकरार रखने के साथ जल शक्ति अभियान मंे आमजन सक्रिय भागीदारी निभाएं। जन भागीदारी के बिना किसी भी अभियान की क्रियान्विति नहीं की जा सकती। जल शक्ति अभियान के केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने सोमवार को राउमावि भाड़खा मंे जल शक्ति अभियान के तहत सघन पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणांे को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान विद्यालय परिसर मंे 111 पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर केन्द्रीय नोडल अधिकारी भानुप्रताप यादव ने कहा कि पानी सबके लिए जरूरी है। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्हांेने कहा कि मौजूदा समय मंे बड़े शहरांे मंे पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आगामी दिनांे मंे यह समस्या विकराल नहीं हो,इसके लिए आमजन को जागरूक होने के साथ वर्षा जल को संरक्षित करने की दिशा मंे प्रयास करने होंगे। उन्हांेने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत पौधारोपण मात्र उद्देश्य नही होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधांे के पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी की एक बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। इस दिशा में बच्चों को स्वयं जाग्रत होने के साथ ही अपने परिवार जनों को भी जाग्रत करने की पहल करनी होगी। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बाड़मेर जिले मंे जल संरक्षण के लिहाज से किए गए कार्याें के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियां काफी विकट है। उन्हांेने जल शक्ति अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधारोपण एवं जल संरक्षण की क्रियान्विति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान केन्द्रीय दल मंे शामिल गृह विभाग के सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक निरंजनलाल, उदयन वरूण, उप वन संरक्षक विक्रम प्रधान केसरी अतिथि के रूप मंे उपस्थित रहे। अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत मंे बाड़मेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी कैलाश चौधरी ने सबका आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन गोरधनराम ने किया। कार्यक्रम मंे सरपंच चंदना मेघवाल, प्रधानाचार्य किशोरसिंह, पंचायत प्रसार अधिकारी ओंकारदान समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। राउमावि परिसर मंे संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव की अगुवाई मंे केन्द्रीय दल मंे शामिल अधिकारियांे, जन प्रतिनिधियांे एवं ग्रामीणांे ने पौधारोपण किया। इसके उपरांत उन्हांेने भाड़खा की चांदन नाडी का अवलोकन किया। उन्हांेने नाडी परिसर मंे वृक्ष कुंज स्थापित करने के निर्देश दिए।




अतिरिक्त मुख्य सचिव ने टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए

बाड़मेर, 15 जुलाई। कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने विभागीय अधिकारियों को जिला प्रशासन तथा केन्द्र सरकार के संबंधित अधिकारियों से सतत् समन्वय रखते हुए प्रदेश के पश्चिमी सीमावर्ती जिलों में टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने बताया कि अधिकारियांे को निर्देशित किया गया है कि किसी क्षेत्र में टिड्डियों के आगमन की सूचना मिलने पर कृषि अधिकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का आंकलन करें। यदि टिड्डियों की संख्या ज्यादा पाई जाती है तो आवश्यकता अनुसार टिड्डी नियंत्रण के लिए छिड़काव एवं अन्य जरूरी कार्यवाही तत्काल करें। इस संबंध में किसानों और स्थानीय लोगों को भी आवश्यक जानकारी प्रदान करें और उनके संशयों का मौके पर ही निराकरण करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव गोयल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए बताया कि कि समाचार पत्रों में टिड्डी दल के आक्रमण के संबंध में समाचार प्रकाशित होता है तो आवश्यक कार्यवाही कर आमजन को वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने उप निदेशक, कृषि विस्तार को अपने जिले के संबंध में वस्तुस्थिति की दैनिक रिपोर्ट संबंधित संयुक्त निदेशक एवं आयुक्त कृषि के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जल शक्ति अभियान को जन अभियान बनाएंः यादव

जिला कोर ग्रुप की बैठक में केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने दिए दिशा-निर्देश

बाड़मेर, 15 जुलाई। जल शक्ति अभियान को जन अभियान बनाना होगा। आमजन को बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करें। तभी जल शक्ति अभियान की क्रियान्विति सुनिश्चित हो सकेगी। जल शक्ति अभियान के केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानु प्रताप यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे जल शक्ति अभियान के जिला कोर ग्रुप की बैठक के दौरान यह बात कही।
  इस अवसर पर संयुक्त सचिव भानु प्रताप यादव ने कहा कि जल शक्ति अभियान के जरिए पानी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता की जानकारी जन-जन तक पहुंचानी होगी। उन्हांेने कहा कि बाड़मेर जिले के प्रस्तुतिकरण को देखकर बेहद खुशी हुई कि यहां पर जल संरक्षण के लिहाज से बेहतरीन कार्य हुए है। उन्हांेने कहा कि इस दिशा मंे कार्य करते हुए वृहद स्तर पर जल शक्ति अभियान की क्रियान्विति के लिए समन्वित प्रयास किए जाए। यादव ने कहा कि जल शक्ति अभियान का मूल उद्देश्य जल संरक्षण के साथ सिंचाई एवं पीने के पानी के लिए इसका बेहत्तर उपयोग करना है। उन्हांेने कहा कि जल शक्ति अभियान मात्र सरकार का नहीं है, अपितु यह प्रत्येक नागरिक का हैं। इसलिए इस अभियान में अधिकाधिक लोगांे सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करने होंगे। उन्हांेने एनसीसी, स्काउट एवं स्वयंसेवी संगठनांे की भागीदारी के संबंध मंे आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान की प्रस्तावित कार्य योजना के बारे मंे जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत जल संरक्षण एवं वर्षा जल संग्रहण कार्य, पारंपरिक जल स्त्रोतों एवं टांकों का नवीनीकरण कर उपयोगी बनाने, जल का पुनः उपयोग, बोर वैलर रिचार्ज स्ट्रक्चर निर्माण कार्य, वाटरशेड विकास कार्य एवं सघन वृक्षारोपण जैसे कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीर सिंह ने जल शक्ति अभियान के लिए बनाई गई कार्य योजना तथा मुख्य मंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत जिले में हुए कार्यो की पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने अनार की खेती के बारे मंे बताया। वहीं विभिन्न पंचायत समितियांे के विकास अधिकारियांे ने जल शक्ति अभियान की बेहतरीन क्रियान्विति के लिए सुझाव दिए। इस दौरान केन्द्रीय दल मंे शामिल गृह विभाग के सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक निरंजनलाल, उदयन वरूण एवं उप वन संरक्षक विक्रम प्रधान केसरी, अधिशाषी अभियंता मनरेगा भेराराम विश्नोई, एनसीसी अधिकारी आदर्श किशोर, सीओ स्काउट योगेन्द्रसिंह समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



जन प्रतिनिधियांे एवं स्वयंसेवी संगठनांे से सक्रिय भागीदारी का आहवान

बाड़मेर,15 जुलाई। जन प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठन जल शक्ति अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाएं। आमजन को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने के साथ जल शक्ति अभियान की प्रत्येक गतिविधियांे मंे सहभागी बनें। जल शक्ति अभियान के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानु प्रताप यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेेस हाल मंे जन प्रतिनिधियांे एवं स्वयंसेवी संगठनांे के प्रतिनिधियांे से रूबरू होते हुए यह बात कही।
इस दौरान संयुक्त सचिव भानु प्रताप यादव ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य करवाएं जाएंगे। इसमंे प्रत्येक नागरिक की भागीदारी के लिए सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्हांेने कहा कि जन प्रतिनिधियांे एवं स्वयंसेवी संगठनांे का आमजन से सीधा ताल्लुकात होता है। उन्होनें बैठक में उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे जल शक्ति अभियान के तहत जिले में आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि एवं कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान की प्रस्तावित कार्य योजना के बारे मंे जानकारी देते हुए जन प्रतिनिधियांे एवं स्वयंसेवी संगठनांे के प्रतिनिधियांे से इसमंे अपनी भागीदारी निभाने का अनुरोध किया। इस दौरान केन्द्रीय दल मंे शामिल गृह विभाग के सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक निरंजनलाल, उदयन वरूण ने जल शक्ति अभियान की क्रियान्विति के बारे मंे जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे बताया। बैठक के दौरान विभिन्न पंचायत समितियांे से आए जन प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठनांे के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





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