बाड़मेर, 18 जुलाई। सांजटा कलस्टर की ग्राम पंचायत
कगाऊ में 19
जुलाई को आयोजित होने वाली जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल अपरिहार्य कारणों से
स्थगित कर दी गई है।
गुरुवार, 18 जुलाई 2019
गौरव सेनानियों के लिए कल्याणपुर में समस्या समाधान शिविर 19 जुलाई को
बाड़मेर, 18 जुलाई। पंचायत समिति परिसर कल्याणपुर
में 19
जुलाई को सुबह 11
बजे से गौरव सेनानियों एवं आश्रितों के लिए समस्या समाधन शिविर को आयोजन किया
जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल
पी.एस.गंगवार ने बताया कि इस शिविर में पूर्व सैनिकों की पेंशन समस्या समाधान,
राज्य एवं
केन्द्र सरकार की ओर से जारी नए आदेशों की जानकारी, पूर्व सैनिकों के बच्चों के भाग दो
आदेश, पी.पी.ओ.
में पत्नी के नामांकन, पूर्व
सैनिकों के बच्चों को छात्रवृति, योजना रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाने संबंधित कार्य
संपादित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए गौरव सेनानियों एवं उनके आश्रितों
को अपनी डिस्चार्ज बुक, बैंक
पास बुक, पीपीओ,
आधार कार्ड की
फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है।
स्वाधीनता दिवस समारोह संबंधित बैठक 22 को
बाड़मेर, 18 जुलाई। स्वाधीनता दिवस पर आयोजित होने
वाले मुख्य समारोह के कार्यक्रम निर्धारण करने के लिए जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता
की अध्यक्षता में 22
जुलाई को प्रातः 11
बजे कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेन्स हॉल में बैठक आयोजित होगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार
शर्मा ने बताया कि बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियां को अपने विभाग से संबंधित
कार्यक्रमों के प्रस्ताव के साथ आवश्यक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई
बाड़मेर, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
के लिए कृषि विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल
वर्मा ने बताया कि बाड़मेर जिले में मुख्य रूप से बोई जाने वाली फसलां बाजरा,
ग्वार, मूंग, मोठ, ज्वार, मूंगफली, तिल को इस योजना में शामिल किया गया
है। यह तहसीलवार, पटवार
सर्किलवार अलग-अलग हो सकती है। उन्हांने बताया कि खरीफ फसलां में किसानां को बीमित
राशि का मात्र दो प्रतिशत ही प्रीमियम देना है, शेष राज्य एवं केन्द्र सरकार की ओर से
देय होगा। उनके मुताबिक फसल बीमा ऋणी कृषकां का अनिवार्य एवं अऋणी कृषकां का
स्वेच्छानुसार है। अऋणी कृषक किसी भी ई मित्र पर आवश्यक अभिलेख आधार कार्ड की
प्रति, नवीन
गिरदावरी की सत्यापित प्रतिलिपि, बैंक खाते की पासबुक की प्रति जिसमें आईएफएससी
कोड एवं खाता संख्या, फसल
बुवाई प्रमाण पत्र, यदि
जमीन बटाई पर ली गई है जो बटाई के प्रमाण पत्र के साथ फसल बीमा करवा सकते है। उप
निदेशक वर्मा ने बताया कि मूंगफली में 30 जून, मूंग एवं तिल में 5 अगस्त, ज्वार, मोंठ, ग्वार में 15 अगस्त तक बोई गई फसल बीमा में कवर हो
सकेगी। उनके मुताबिक जिले में फसल बीमा के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी इंडिया
लिमिटेड अधिसूचित की गई है। इसकी अधिसूचना 17 जुलाई को जारी की गई है। उन्हांने
बताया कि बाड़मेर जिले में किसानां को फसल बीमा करवाने के लिए प्रीमियम के तौर पर
प्रति हैक्टेयर बाजरा में 280, ग्वार में 340, ज्वार में 400, मूंग, मोंठ एवं तिल में 290, मूंगफली में 750 रूपए की राशि जमा करानी होगी।
बालोतरा एवं सिणधरी में औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर आयोजित होंगे
बाड़मेर, 18 जुलाई। जिले में औद्योगिक विकास एवं
उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए पंचायत समिति स्तरीय औद्योगिक प्रोत्साहन
शिविर 23
जुलाई को बालोतरा एवं 30
जुलाई को सिणधरी में प्रातः 11 बजे से सांय 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक ने
बताया कि राजस्थान वित निगम बैंकर्स एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से उक्त एक
दिवसीय औद्योगिक शिविर आयोजित किए जा रहे है। उन्हांने बताया कि शिविर में शिक्षित
बेरोजगार युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के आवेदन पत्रों की
जानकारी, दस्तकारों
के शिल्पी पहचान-पत्र, प्रधानमंत्री
बुनकर मुद्रा आवेदन पत्र एवं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 की ऑनलाइन की जानकारी कराई जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
जन कल्याणकारी योजनाओं की उचित मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिवों को दिशा-निर्देश
बाड़मेर, 18 जुलाई। राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में चल रही जन कल्याणकारी योजनाओं की उचित एवं सतत मॉनिटरिंग के लिए जिला प्रभारी सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव को उनके मुख्य कार्यों के संबंध में निर्देश प्रदान किए हैं।
जिलों के प्रभारी सचिव एवं अन्य प्रभारी अधिकारी राज्य सरकार द्वारा जिलों में चल रहे विभिन्न विभागीय कार्यक्रम, योजनाएं एवं महत्वपूर्ण विकास कार्यों की मॉनिटरिंग प्रभार वाले जिले में, संबंधित प्रभार वाले जिले में, जिला स्तर पर राज्य सरकार के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करेंगे। यह प्रभारी अधिकारी जिला स्तर पर विभागीय कार्यक्रम, विकास कार्य, योजनाओं, विभिन्न शिविरों, विशेष कार्यक्रमों आदि से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। कार्य प्रभार वाले जिले के लिए बजट घोषणाओें, मुख्यमंत्री घोषणाएं एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की क्रियान्विति एवं समीक्षा भी इन प्रभारी सचिवों द्वारा की जाएगी साथ ही प्रभार वाले जिले से संबंधित “जन घोषणा पत्र” के बिन्दुओं की क्रियान्विति एवं समीक्षा भी प्रभारी सचिव करेंगे।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी जिलों के प्रभारी सचिवों द्वारा प्रभावकारी ढंग से पानी, बिजली, सड़क, आवास एवं खाद्य सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल ¼Critical Health Care½की समीक्षा कर प्रभावकारी पर्यवेक्षण किया जाएगा। जिला प्रभारी सचिव अपने संबंधित जिलों में पुलिस प्रशासन, कानून व्यवस्था, राजस्व विभाग, अवैध खनन एवं पर्यावरण से सम्बन्धित मुद्दों पर विशेष ध्यान देते हुए सम्बन्धित विभागों एवं राज्य सरकार के निर्देशों का त्वरित अनुपालन एवं समस्याओं का निराकरण करेंगे।
जिला प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिले में RGDPS एवं RTH Act की अनुपालना में की जा रही कार्यवाही की एवं उपखण्ड अधिकारी स्तर की जन सुनवाइयों की भी समीक्षा करेंगे। प्रभारी सचिव जिले में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों द्वारा किये गये दौरे एवं रात्रि विश्राम की मापदण्डों के विरूद्ध की गई प्रगति की समीक्षा तथा उनके द्वारा उनके विभागों की अधीनस्थ कार्यालयों में किये गये निरीक्षणों की समीक्षा एवं पालना एवं क्रियान्वति रिपोर्ट का आकंलन करेंगे। समस्त जिला प्रभारी सचिव उन कार्यों की समीक्षा भी करेंगे जिनके बारे में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदत्त विशेष निर्देश किये जाते हैं।
समस्त जिला प्रभारी सचिवों को राज्य सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रभार वाले जिले में प्रत्येक माह में कम से कम दो अथवा तीन दिवसीय यात्रा या दौरे करना सुनिश्चित करें। वे अपनी यात्रा, दौरे यथा संभव जिले के प्रभारी मंत्री के साथ सम्पादित भी करेंगे। समस्त जिला प्रभारी सचिव, प्रभार वाले जिले की यात्रा के संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर को आवश्यक रूप से सूचना देंगें ताकि विभिन्न योजनाओं को समुचित गति मिले एवं सार्थक परिणाम प्राप्त हो सके। समस्त जिला प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिले की यात्रा के उपरान्त मुख्य सचिव महोदय को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे एवं राजस्थान सम्पर्क पोर्टल Tour Module के में दर्ज करेंगे। उक्त रिपोर्ट की प्रति प्रशासनिक सुधार विभाग की मेल आईडी cmv@rajasthan.gov.in पर भी आवश्यक रूप से प्रेषित करेंगे।
विभागीय कार्मिक हाई अलर्ट,1822 हैक्टेयर में कीटनाशक का छिड़काव
अतिरिक्त
जिला कलक्टर ने टिड्डी नियंत्रण गतिविधियां की जानकारी दी
बाड़मेर, 18 जुलाई। बाड़मेर जिले में टिड्डी
नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन के साथ विभागीय कार्मिक हाई अलर्ट पर है। अब तक
बाड़मेर जिले के 27
गांवां के 1822
हैक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। अतिरिक्त
जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने गुरूवार को पत्रकारां से बातचीत के दौरान यह
जानकारी दी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार
शर्मा ने बताया कि जिले में टिड्डी प्रभावित क्षेत्र मुख्यत गडरारोड़,रामसर, गुड़ामालानी एवं शिव पंचायत समिति
क्षेत्र में निरोधात्मक गतिविधियां जारी है। उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी एवं अन्य कार्मिकां के साथ कृषि
विभाग तथा टिड्डी चेतावनी संगठन के कार्मिक हाई अलर्ट पर है। इनको आपसी समन्वय से
कार्य करने के निर्देश दिए गए है। उन्हांने बताया कि भारत-पाक के मध्य भी नियमित
रूप से बैठकां का आयोजन करने के साथ टिड्डी नियंत्रण संबंधित जानकारी साझा की जा
रही है। शर्मा के मुताबिक बाड़मेर जिले में टिड्डी पूर्ण रूप से नियंत्रण में है
एवं फसलां तथा वनस्पति को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्हांने बताया
कि टिड्डी नियंत्रण के लिए वाहन एवं अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
प्रदेश के अन्य जिलां से कृषि विभाग के अधिकारियां को टिड्डी नियंत्रण के लिए
लगाया गया है। उन्हांने बताया कि टिड्डी दल संबंधित जानकारी नियंत्रण कक्ष पर दी
जा सकती है। कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा ने टिड्डी से प्रभावित
क्षेत्रां का विवरण देते हुए बताया कि कृषि विभाग के कार्मिकां की ओर से नियमित
रूप से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी मंडल कार्यालय बाड़मेर के वनस्पति संरक्षण
अधिकारी के.वी.चौधरी ने टिड्डी नियंत्रण के लिए विभागीय गतिविधियां, टिड्डी के प्रजनन, पाकिस्तान से आगमन की स्थिति, नियंत्रण के तरीकां तथा सर्वेक्षण के
बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हांने बताया कि टिड्डी के अंडे देने के बाद
करीब एक माह तक उसका फाका उड़ने की स्थिति में नहीं होता। ऐसे में जमीन से पूरा
फाका निकलने के बाद निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है। इस दौरान सहायक निदेशक
पदमसिंह भाटी ने टिडडी के प्रको एवं अवस्थाआें के बारे में कंप्यूटर में पावर
प्वाइंट प्रजेटेशन के जरिए जानकारी दी। इस दौरान जार में टिड्डियां को प्रदर्शित
किया गया।
सुगम मतदान के लिए दिव्यांगां को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराएंगेः शर्मा
जिला
मुख्यालय पर सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की बैठक आयोजित
बाड़मेर, 18 जुलाई। सुगम मतदान के लिए दिव्यांग
मतदाताआें को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। बाड़मेर जिले में लोकसभा एवं
विधानसभा चुनाव के दौरान इस दिशा में किए गए प्रयासां के उत्साहजनक नतीजे सामने आए
है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने सुगम मतदान के लिए जिला
मुख्यालय पर आयोजित डीएमसीएई की बैठक के दौरान यह बात कही।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार
शर्मा ने सुगम मतदान के लिए कमेटी सदस्यां से सुझाव देने का अनुरोध करते हुए कहा
कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि कोई भी मतदाता मतदान करने से वंचित नहीं रहे।
उन्हांने कहा कि जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उनको राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवाया
जाएगा। उन्हांने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केन्द्रां पर छाया, पानी की बेहतरीन व्यवस्था करवाने के
लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आगामी
चुनावां में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांग मतदाताआें के लिए हर संभव
सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग
मतदान केंद्र तक पहुंच कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मुख्य कार्यकारी
अधिकारी मोहनदान रतनू ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशां की पालना सुनिश्चित
करवाते हुए सुगम मतदान सुनिश्चित करवाया जाएगा। उन्हांने सुगम मतदान के लिए सुझाव
भी दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सुरेन्द्रप्रतापसिंह
ने दिव्यांग मतदाताआें को मुहैया कराई गई सुविधाआें के बारे में जानकारी दी। मुख्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. कमलेश चौधरी ने गर्भवती महिलाआें को मतदान
करने में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। कल्लाराम विश्नोई ने चुनाव से पहले गंभीर
दिव्यांगां का सर्वे करने के साथ मतदान के दौरान उसको विशेष सहयोग उपलब्ध कराने का
सुझाव दिया। इस दौरान श्योर संस्थान की लता कच्छवाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी डालूराम चौधरी,
अधीक्षण अभियंता
हरिकृष्ण समेत कमेटी सदस्यां एवं विभागीय अधिकारियां ने सुगम मतदान के संबंध में
सुझाव दिए।
बुधवार, 17 जुलाई 2019
आमजन से जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान
केन्द्रीय दल ने बुधवार को परंपरागत जल
स्त्रोतांे, वृक्षारोपण, अनार की खेती का
अवलोकन किया
बाड़मेर,
17
जुलाई। जल शक्ति अभियान के केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप
यादव की अगुवाई मंे केन्द्रीय दल ने तीसरे दिन बुधवार को बाड़मेर जिले मंे विभिन्न
इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण कार्याें एवं अनार की खेती
का अवलोकन किया। उन्हांेने ग्रामीणांे, जन प्रतिनिधियांे एवं विद्यार्थियांे
से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान किया।
धोरीमन्ना
पंचायत समिति मुख्यालय पर आयोजित समारोह के दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने
कहा कि जल शक्ति अभियान जन प्रतिनिधियों एवं आमजन के सहयोग से सफल होगा। उन्हांेने
कहा कि सभी लोगांे को इस अभियान से जोड़े, ताकि अधिकाधिक जल संरक्षण हो सके।
उन्हांेने जल शक्ति अभियान मंे सकारात्मक भूमिका निभाने का आहवान करते हुए कहा कि
जन प्रतिनिधि अपने-अपने गांव में जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें। इसके तहत
सितंबर माह तक विशेष प्लान बनाकर जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाएं। ताकि आने
वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण हो सके। उन्हांेने कहा कि पौधारोपण करने के साथ जन
प्रतिनिधि अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जल शक्ति अभियान को घर-घर तक
पहुंचाने का कार्य करें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान
के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण मौजूदा समय की महत्ती
जरूरत है। इस दौरान धोरीमन्ना प्रधान ताजाराम, अधीक्षण अभियंता
बलवीरसिंह चौधरी, विकास अधिकारी नरेन्द्र सोउ, समेत
विभिन्न विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक
उपस्थित रहे। केन्द्रीय दल मंे शामिल सदस्यांे ने बालोतरा,शिव एवं धनाउ
समेत विभिन्न स्थानांे पर ग्रामीणांे एवं विद्यार्थियांे से रूबरू होकर जल शक्ति
अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान किया। केन्द्रीय दल मंे गृह विभाग के
सहायक सचिव देवेन्द्र कुमार, एस.के.मीणा, निदेशक
निरंजनलाल, उदयन वरूण समेत विभिन्न अधिकारी शामिल है।
इन्हांेने विभिन्न इलाकांे मंे परंपरागत जल स्त्रोतांे, जल संरक्षण एवं
वृक्षारोपण कार्याें, अनार की खेती का अवलोकन किया। केन्द्रीय दल के
सदस्यांे ने पौधारोपण करते हुए आमजन को अधिकाधिक पौधारोपण करने का संदेश दिया।
टिड्डी पूर्ण नियंत्रण में, 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र उपचारित - कटारिया
बाड़मेर,
17
जुलाई। सीमावर्ती जिलों में टिड्डी पूरे नियंत्रण में है और फसलों में कोई नुकसान
नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी जिला प्रशासन और टिड्डी चेतावनी संगठन से समन्वय
रखते हुए कीटनाशक छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण में लगे हुए हैं। अब तक प्रदेश में
टिड्डी प्रभावित 18 हजार 186 हैक्टेयर
क्षेत्र को उपचारित किया गया है।
कृषि
मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार पूरी सजगता के साथ टिड्डी नियंत्रण
के लिए प्रयास कर रही है। वह स्वयं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की
प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट लेकर समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देशित कर रहे
हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर के नेतृत्व में जिलों में
स्थित टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों के कार्मिकों की ओर से 413 स्थानों पर 18
हजार 186 हैक्टेयर क्षेत्र में मेलाथियॉन 96 प्रतिशत यूएलवी
से नियंत्रण किया जा चुका है तथा अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले में 21 मई से 16 जुलाई तक 14
हजार 204 हैक्टेयर प्रभावित क्षेत्र उपचारित किया गया है। इसी तरह बाड़मेर
जिले में 1762, जालौर में 402, जोधपुर में 593
एवं बीकानेर जिले में 1225 हैक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया
है। समाचार पत्रों सहित अन्य माध्यमों से टिड्डी की सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर
उपचार की कार्यवाही कर रही है। कृषि
मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रभावित जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी,
सर्वेक्षण
एवं नियंत्रण के लिए 11 टीमों का गठन किया जा चुका है जिनके जरिए
टिड्डी प्रभावित एवं संभावित जिलों में भ्रमण किया जा रहा है। अधिकारी-कार्मिकों
का पदस्थापन किया गया है। कार्यव्यवस्था के लिए संबंधित संयुक्त निदेशक, कृषि
विस्तार खण्ड को कार्मिकों के पदस्थापन के लिए अधिकृत किया जा चुका है। अन्य
स्थानों से भी उप निदेशक एवं संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को प्रभावित
क्षेत्रों में भेजा गया है। सर्वेक्षण एवं नियंत्रण के लिए 77
वाहनों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों में
जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं तथा टिड्डी के समेकित
प्रबंधन पर तकनीकी साहित्य वितरित किया जा रहा है। कटारिया ने बताया कि टिड्डी
प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए बुधवार को भारत एवं पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों
की खोखरापार, पाकिस्तान में बैठक आयोजित की गई ।
पश्चिमी राजस्थान में आगे बढ़ेगा तेल-गैस खोज का काम
केयर्न ऑयल एंड गैस ने खोज अभियान के लिए करार
पर हस्ताक्षर किए
बाड़मेर के खोज अनुभव पर आधारित होगी ऊर्जा
स्वावलंबन की नई यात्रा
बाड़मेर,
17 जुलाई।
केंद्र सरकार की देश को पेट्रोलियम के मामले में स्वावलंबी बनाने और घरेलू तेल
भंडारों के समुचित दोहन के उद्देश्य से जारी नई पालिसी के तहत अब राजस्थान में तेल
और गैस खोज को आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी दिनांे मंे बाड़मेर, जैसलमेर और
बीकानेर कर चुनिंदा क्षेत्रों में सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के जरिए यह काम आगे
बढ़ेगा।
केंद्रीय
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को
केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड को दिए गए नए एक्सप्लोरेशन
ब्लॉक्स के लिए अनुबंध हस्ताक्षरण को आधिकारिक बनाया। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी
ओएएलपी राउंड-2 और 3 ऑक्शन के हिस्से के तौर पर सरकार ने
नीलाम हुए 32 ऑयल ब्लॉक्स में से 10 केयर्न को
आवंटित किए हैं, जो राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, असम,
गुजरात
और ओडिसा में हैं। केयर्न को मिले 10 नए ब्लॉक्स से इसके पोर्टफोलियो में
दस हज़ार वर्ग किलोमीटर का नया क्षेत्र जुड़ जाएगा। इस संकलन से केयर्न देश में सबसे
बड़े निजी एकरेज धारकों में से एक बन जाएगा। इसके कुल 58 ब्लॉक्स में
सी. 5,000 वर्ग किमी के मौजूदा, उत्पादन ब्लॉक्स का एकरेज दस गुणा से
अधिक के उछाल के साथ सी. 65,000 वर्ग किमी पहुंच जाएगा। इस अवसर पर
वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम
ओएएलपी के तहत नीलामी के तीसरे राउंड्स के सफलतापूर्वक पूरा होने पर सरकार को बधाई
देते हैं। इस सरकार का प्रगतिवादी दृष्टिकोण भारत में हाइड्रोकार्बन उद्योग के
विकास के लिए प्रमुख है और उन्होंने हम पर जो भरोसा जताया है, उसकी
प्रशंसा करते हैं। ब्लॉक्स के बड़े एवं विविधीकृत पोर्टफोलियो के साथ, केयर्न
भारत के घरेलू कच्चे तेल का 50 प्रतिशत उत्पादन करने के अपने
प्रयासों को तेजी देगा। हमें भारत के हाइड्रोकार्बन सामथर््य में पूरा भरोसा है और
यह देश को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बढ़ाने में मददगार साबित होगा।” केयर्न
ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड के सीईओ अजय कुमार दीक्षित ने
कहा, “हम नए ब्लॉक्स में अपना एक्स्प्लोरेशन प्रोग्राम शुरू करने के लिए
तत्पर हैं और हमारा मकसद घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। अब हमें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
पार्टनर मिल गया है और कई अन्य साझेदारियों पर बात चल रही है,ऐसे
में हम इन ब्लॉक्स में नई खोजों को आक्रामकता से अंजाम देंगे। सरकार ने
प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए कई प्रमुख नीतिगत सुधार किये हैं और
हम नई खनिज नीति में की गई घोषणा के अनुसार साल सालों में खनिज क्षेत्र का उत्पादन
तिगुना करने के सरकार के सपने में हिस्से लेने और इसे पूरा करने के लिए तैयार हैं।
उल्लेखनीय है कि केयर्न ने मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों में अगले तीन से चार वर्षों
में 3.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जिसमें
से 2.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ठेके मिल चुके हैं, ताकि तेज
एक्सप्लोरेशन,विस्तृत ऑयल रिकवरी और विकास परियोजनाओं के
माध्यम से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ सके। अपने नये क्षेत्रों में, केयर्न
की शुरुआती कार्ययोजना के अनुसार अभी 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त
निवेश की आवश्यकता है, जो खोज के मामले में कई गुना बढ़ जाएगा। नये
फील्ड से भारत के कच्चे तेल के उत्पादन में 50 प्रतिशत योगदान
करने की केयर्न की महत्वाकांक्षा मजबूत होगी। वर्तमान में भारत के कच्चे तेल के
उत्पादन में केयर्न की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।
कगाऊ में होने वाली रात्रि चौपाल स्थगित
बाड़मेर,
17
जुलाई। सांजटा कलस्टर की ग्राम पंचायत कगाऊ में 19 जुलाई को
आयोजित होने वाली जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी
गई है।
सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की बैठक गुरूवार को
बाड़मेर,17
जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सुगम निर्वाचन के लिए डीएमसीएई की
बैठक गुरूवार को प्रातः 11.30 बजे उप जिला निर्वाचन अधिकारी के
चेम्बर मंे आयोजित होगी।
उप
जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक मंे विभागीय
अधिकारियांे एवं सदस्यांे को आवश्यक सूचनाआंे के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया
है।
राहत गतिविधियांे अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई
बाड़मेर,17
जुलाई। बाड़मेर समेत अभावग्रस्त जिलांे संचालित राहत गतिविधियांे की अवधि 31
जुलाई तक बढ़ा दी गई है।
जिला
कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं
नागरिक सुरक्षा विभाग ने अभावग्रस्त जिलांे मंे लघु एवं सीमांत कृषकांे के पशुआंे
के संरक्षण के लिए संचालित राहत गतिविधियांे पशु शिविर, चारा डिपो एवं
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से अभावग्रस्त इलाकांे मंे कराए जा रहे
पेयजल परिवहन की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। उन्हांेने बताया कि
गोपालन विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को
उपलब्ध करवाई गई राशि से अभावग्रस्त जिलों मंे लघु एवं सीमांत कृषकांे के अतिरिक्त
अन्य पशुपालकांे तथा भूमिहीन किसानांे के गौवंश के संरक्षण के लिए संचालित राहत
गतिविधियांे यथा पशु शिविरांे की अवधि भी तुरंत प्रभाव से 31 जुलाई तक बढ़ा
दी गई है। उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने
अधिसूचना जारी कर मानसून की वर्षा नहीं होने के कारण सूखे की गंभीर स्थिति को
देखते हुए अभाव अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई थी।
जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक स्थगित
बाड़मेर,17
जुलाई। जिला यातायात प्रबंधन समिति की गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे
आयोजित होने वाली बैठक अपरिहार्य कारणांे से स्थगित कर दी गई है। यह जानकारी जिला
परिवहन अधिकारी टीकूराम पूनड़ ने दी।
मंगलवार, 16 जुलाई 2019
जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक 18 को
बाड़मेर, 16 जुलाई। जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक 18 जुलाई को अपराह्न 3 बजे जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों कों आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला पैरोल सलाहकार समिति की मासिक बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों कों आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
गौरव सेनानियों के लिए कल्याणपुर में समस्या समाधान शिविर 19 को
बाड़मेर, 16 जुलाई। पंचायत समिति परिसर कल्याणपुर में 19 जुलाई को सुबह 11 बजे से गौरव सेनानियों एवं आश्रितों के लिए समस्या समाधन शिविर को आयोजन किया जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार ने बताया कि इस शिविर में पूर्व सैनिकों की पेंशन समस्या समाधान, राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा जारी नये आदेशों की जानकारी, पूर्व सैनिकों के बच्चों के भाग दो आदेश, पी.पी.ओ. में पत्नि का नामांकन, पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृति, योजना रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाने संबंधित कार्य संपादित किये जाएंगे। उन्होने बतया कि इसके लिए गौरव सेनानियों एवं उनके आश्रितों को अपनी डिस्चार्ज बुक, बैंक पास बुक, पीपीओ, आधार कार्ड की फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार ने बताया कि इस शिविर में पूर्व सैनिकों की पेंशन समस्या समाधान, राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा जारी नये आदेशों की जानकारी, पूर्व सैनिकों के बच्चों के भाग दो आदेश, पी.पी.ओ. में पत्नि का नामांकन, पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृति, योजना रिलेशन प्रमाण पत्र, परिचय पत्र बनाने संबंधित कार्य संपादित किये जाएंगे। उन्होने बतया कि इसके लिए गौरव सेनानियों एवं उनके आश्रितों को अपनी डिस्चार्ज बुक, बैंक पास बुक, पीपीओ, आधार कार्ड की फोटो प्रति एवं दो माह की बैंक से पेंशन पे स्लीप साथ लाना आवश्यक है।
जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक 25 को
बाड़मेर, 16 जुलाई। जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में 25 जुलाई को सांय 5 बजे उनके बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इस बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इस बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
जल शक्ति अभियान से अधिकाधिक लोगांे को जोड़ेः यादव
बाड़मेर,16 जुलाई। जल शक्ति अभियान मंे अधिकाधिक लोगांे को जोड़ते हुए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए। जल संरक्षण के इस अभियान मंे आमजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। गडरारोड़ पंचायत समिति मुख्यालय पर सरपंचांे एवं अन्य जन प्रतिनिधियांे की बैठक के दौरान केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने यह बात कही।
इस दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने कहा कि बाड़मेर जिले मंे पानी को सहेजने की परंपरा सदियांे से रही है। इसको बरकरार रखते हुए जल संरक्षण गतिविधियांे के साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण करने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि जन प्रतिनिधि इस अभियान मंे आमजन को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे जानकारी देते हुए जन प्रतिनिधियांे से इसमंे अपेक्षित सहयोग करने का अनुरोध किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम विश्नोई, विकास अधिकारी गणपतलाल सुथार समेत विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव एवं केन्द्रीय टीम के अन्य सदस्यांे ने मुनाबाव रेलवे स्टेशन ,कांफ्रेस हाल ,तारबंदी का अवलोकन करने के साथ सुरक्षा प्रबंधन के बारे मंे जानकारी ली। उन्हांेने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियांे के साथ जल संरक्षण एवं पौधारोपण के बारे मंे चर्चा करते हुए इस अभियान मंे सहयोग का अनुरोध किया। इसके उपरांत देताणी ग्राम पंचायत मंे तालाब एवं टांका निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
इस दौरान संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने कहा कि बाड़मेर जिले मंे पानी को सहेजने की परंपरा सदियांे से रही है। इसको बरकरार रखते हुए जल संरक्षण गतिविधियांे के साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण करने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि जन प्रतिनिधि इस अभियान मंे आमजन को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल शक्ति अभियान के बारे मंे जानकारी देते हुए जन प्रतिनिधियांे से इसमंे अपेक्षित सहयोग करने का अनुरोध किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम विश्नोई, विकास अधिकारी गणपतलाल सुथार समेत विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव एवं केन्द्रीय टीम के अन्य सदस्यांे ने मुनाबाव रेलवे स्टेशन ,कांफ्रेस हाल ,तारबंदी का अवलोकन करने के साथ सुरक्षा प्रबंधन के बारे मंे जानकारी ली। उन्हांेने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियांे के साथ जल संरक्षण एवं पौधारोपण के बारे मंे चर्चा करते हुए इस अभियान मंे सहयोग का अनुरोध किया। इसके उपरांत देताणी ग्राम पंचायत मंे तालाब एवं टांका निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
केन्द्रीय टीम ने ग्रामीण इलाकांे मंे विकास कार्याें का किया अवलोकन
केन्द्रीय टीम ने ग्रामीणांे से जल शक्ति अभियान मंे भागीदारी का आहवान किया
केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव भानुप्रताप यादव ने रामसर का पार, बबुगुलेरिया एवं गडरारोड़ इलाके मंे जल संरक्षण कार्याें का अवलोकन किया। उन्हांेने बेरियांे को देखने के साथ इसमंे पानी की आवक तथा जीर्णाेद्धार के कार्य की विस्तार से जानकारी ली। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने जल संरक्षण के लिए बेरियांे के जीर्णाेद्धार के साथ टांका निर्माण तथा अन्य जल संरक्षण गतिविधियांे के बारे मंे जानकारी दी। संयुक्त सचिव यादव ने विभिन्न स्थानांे पर ग्रामीणांे से रूबरू होने के साथ जल संरक्षण के लिए जल शक्ति अभियान मंे सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियंता भेराराम बिश्नोई, विकास अधिकारी बाबूसिंह राजपुरोहित, गणपतलाल सुथार समेत अन्य विभागीय अधिकारी तथा विभिन्न जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे। उन्हांेने इस दौरान पौधारोपण करते हुए आमजन से अधिकाधिक पौधारोपण करने एवं पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का अनुरोध किया। उन्हांेने खड़ीन, वृक्ष कुंज, सार्वजनिक टांका निर्माण एवं तालाब निर्माण कार्याें का अवलोकन किया। इसी तरह बालोतरा, सिवाना एवं समदड़ी पंचायत समिति की विभिन्न ग्राम पंचायतांे मंे केन्द्रीय टीम के सदस्यांे से जल संरक्षण कार्याें का अवलोकन करने के साथ जन प्रतिनिधियांे एवं ग्रामीणांे से रूबरू होकर जल शक्ति अभियान मंे अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। इस दौरान विकास अधिकारी सांवलाराम एवं रामेश्वरलाल, अधिशाषी अभियंता तेजसिंह चौधरी ने जल संरक्षण गतिविधियांे के बारे मंे अवगत कराया। केन्द्रीय टीम मंे शामिल सदस्यांे ने किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को लेने के बारे मंे समझाइश की। उन्हांेने कहा कि बारिश के पानी का पूरा उपयोग करते हुए बून्द-बून्द सिंचाई को अधिकाधिक बढावा दें। उन्हांेने जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सबसे सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।
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