मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में 30 सीटें बढ़ी

बाड़मेर, 20 अक्टूबर। राजकीय मेडिकल कॉलेज बाड़मेर में सत्र 2020-21 से एमबीबीएस में 30 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। अब इस कॉलेज में 130 मेडिकल विद्यार्थियों को प्रवेश मिल पाएगा।

प्राचार्य डॉ आर के आसेरी ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमिशन ने सत्र 2020- 21 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बाड़मेर 35 सीट की बढ़ोतरी कर इसे 100 से 130 कर दिया है।  उन्होंने बताया कि अब आगामी सत्र में 130 विद्यार्थी एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 30 सीटों की बढ़ोतरी से सीमावर्ती जिले में चिकित्सा सुविधाओं का अधिक विकास होगा तथा लोगों को और अधिक सुविधाएं मिलेगी।
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बालोतरा में कोरोना जागरूकता रैली निकली घर घर पहुंचा कोरोना जागरूकता जनांदोलन

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिले में कोरोना जागरूकता जन आंदोलन अब घर-घर तक पहुंचने लगा है।

     जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले के दोनों बड़े शहरों बाड़मेर एवं बालोतरा में प्रत्येक घर, प्रत्येक गली तथा प्रत्येक मोहल्ले तक कोरोना जागरूकता की अलख जगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि घर घर मास्क बांटे जा रहे हैं एवं गली गली रैली निकालकर आमजन को कोरोना वायरस से बचने को जागरूक किया जा रहा है।
  कोरोना महामारी के संक्रमण की रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए चलाए जा रहे कोरोना जागरूकता कार्यक्रम के तहत मंगलवार को उपखण्ड मुख्यालय बालोतरा पर कोरोना जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जागरूकता रैली को उपखण्ड अधिकारी रोहित कुमार ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बालोतरा उपखण्ड कार्यालय से प्रारम्भ हुई जागरूकता रैली में विभिन्न विभागीय अघिकारियों, नर्सिग कर्मियों, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जागरूकता रैली द्वारा विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए कोरोना जागरूकता से जुडे़ नारों एवं तख्तियों पर लिखे स्लोगन के जरिये आमजन को मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने, सैनेटाइजर का उपयोग करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के प्रति जाग्रत किया गया। इस दौरान नो मास्क नो एन्ट्री थीम के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के एहतियाती उपायों के प्रति सावचेत किया गया। साथ ही लोगों को कोरोना को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने हेतु जाग्रत किया गया।
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जिला कलक्टर मीणा ने खाद्य सामग्री वितरण वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने मंगलवार प्रातः कलक्ट्रेट परिसर से समाज कार्य एवं अनुसंधान केन्द्र तिलानिया (अजमेर) शाखा धनाऊ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण हेतु सूखी खाद्य सामग्री किट के वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, महिला अधिकारिता विभाग उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित भी उपस्थित थे।

समाज कार्य एवं अनुसंधान केन्द्र के रामेश्वरलाल ने बताया कि संस्थान द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में लगभग 1000 विधवा, एकल महिलाओं, बीपीएल परिवारों, सिलिकोसिस पीड़ितों, मांगनियार कलाकारों एवं जरूरतमंद परिवारों को आगामी दस दिनों तक सूखी खाद्य सामग्री के किट वितरण किए जाएंगे। उन्हांेने बताया कि प्रत्येक खाद्य सामग्री किट में 20किलो. गेहॅू का आटा, 2किलो. चना दाल, 1किलो. मूंग दाल, 250ग्राम मिर्ची पाउडर, 100 ग्राम हल्दी पाउडर,1लीटर खाद्य तेल, 1किलो. नमक, 1नग साबुन एवं 1.250 ग्राम अमृत चूर्ण शामिल है।
उन्होने बताया कि मंगलवार को फोगेरा, बालेवा, देदडियार और चूली ग्राम में जरूरतमंद परिवारों को 70 खाद्य सामग्री किट का वितरण किया गया।
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सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को छात्रवृति

वर्ष 2019-20 में 189 छात्र/छात्राओं को 349650 रूपये छात्रवृति का भुगतान

बाडमेर, 20 अक्टूबर। जिले में माध्यमिक एवं प्रारम्भिक शिक्षा में अध्ययनरत सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को नियमित रूप से छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा मूलाराम चौधरी ने बताया कि सफाई से जुड़े एवं जोखिम व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को देय छात्रवृति के तहत वर्ष 2009-10 में 740 छात्र/छात्राओं को 1369000 रूपये, 2010-11 में 1056 छात्र/छात्राओं को 1953600 रूपये, 2011-12 में 1011 छात्र/छात्राओं को 1870350 रूपये, 2012-13 में 1079 छात्र/छात्राओं को 1609868 रूपये, 2013-14 में 798 छात्र/छात्राओं को 1476300 रूपये, 2014-15 में 630 छात्र/छात्राओं को 1165500 रूपये, 2015-16 में 562 छात्र/छात्राओं को 1039700 रूपये, 2016-17 में 621 छात्र/छात्राओं को 1148850 रूपये, 2017-18 में 323 छात्र/छात्राओं को 595800 रूपये एवं 2019-20 में 189 छात्र/छात्राओं को 349650 रूपये छात्रवृति का भुगतान किया गया है।
उन्होने बताया कि सत्र 2019-20 से पूर्व प्रतिवर्ष 1850 रूपये एवं सत्र 2019-20 से प्रतिवर्ष 3000 रूपये छात्रवृति दिये जाने का प्रावधान है। सत्र 2020-21 के आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है एवं अधिनस्थ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अध्यनरत सफाई से जुडे और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए छात्रवृति के अधिक से अधिक आवेदन भरने के निर्देश प्रदान किये गये है।
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सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

जिला कलक्टर मीणा 22 को करेंगे जन सुनवाई में प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा

बाडमेर, 19 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा द्वारा 22 अक्टूबर को प्रातः 11 से दोपहर 1 बजे तक कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में संभागीय आयुक्त की जनसुनवाई में प्राप्त शेष लम्बित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

जिला कलक्टर मीणा ने संबंधित अधिकारियों को संभागीय आयुक्त द्वारा 11 सितम्बर की जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों में संबंध में की गई कार्यवाही की ठोस पालना रिपोर्ट के साथ उक्त बैठक में निर्धारित समय पर स्वयं उपस्थित होने के निर्देश दिए है। उन्होने बताया कि समस्त जिला स्तरीय अधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में तथा संबंधित उपखण्ड स्तरीय अधिकारीगण अपने-अपने उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति कार्यालय के वी.सी. रूम से बैठक में संबंधित परिवाद एवं की गई कार्यवाही की रिपोर्ट सहित उपस्थित होंगे। बाडमेर उपखण्ड क्षेत्र के समस्त अधिकारी पंचायत समिति कार्यालय बाडमेर के वी.सी. रूम से बैठक में उपस्थित होंगे। समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभाग के सम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का शत प्रतिशत निस्तारण कराते हुए निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर वी.सी. के माध्यम से समीक्षा बैठक में उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे।
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अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों पर अत्याचार निवारण संबंधी बैठक 26 को

बाडमेर, 19 अक्टूबर। अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों पर अत्याचार निवारण संबंधी समिति की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे जिला कलक्टर कार्यालय में आयोजित की जाएगी।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई ने बताया कि उक्त बैठक के पश्चात् महिलाओं पर अत्याचार निवारण संबंधी त्रैमासिक बैठक, पुलिस एवं अभियोजन के मध्य समन्वय संबंधी त्रैमासिक बैठक तथा जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी। उन्होने संबंधित अधिकारियों को उक्त बैठक से संबंधित सूचनाएं 20 अक्टूबर तक भिजवाने तथा निर्धारित दिनांक एवं समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है।
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अधिकाधिक परिवारों को 100 दिन का रोजगार मुहैया कराए - मीणा

जिला कलक्टर ने की जिला परिषद द्वारा संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा

बाड़मेर, 19 अक्टूबर। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित हुई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने महात्मा गांधी नरेगा योजना, सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न विकास योजनाओं के तहत वर्षवार स्वीकृत, प्रगतिरत एवं बकाया कार्यो की संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा पश्चात् मनरेगा योजनान्तर्गत अधिकाधिक परिवारों को 100 दिन का रोजगार प्राथमिकता से मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यो के शीध मस्ट्रोल जारी करने तथा महिला मेट की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने पुर्नगठित/नवसृजित पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों हेतु भूमि आवंटन एवं भवन निर्माण की प्रगति समीक्षा के दौरान भूमि आवंटन प्रस्ताव प्राथमिकता से भिजवाने तथा प्रति सप्ताह मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। महात्मा गांधी नरेगा योजना की प्रगति समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने मनरेगा के तहत श्रम नियोजन में प्रगति लाने तथा अधिकाधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि आगामी पखवाड़े में न्यूनतम 100 श्रमिक प्रति ग्राम पंचायत नियोजित हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में नरेगा कार्यो में मशीन का उपयोग नही किया जाए ताकि अधिकाधिक लोगों को रोजगार मुहैया हो सकें। जिला कलक्टर ने हर संभव औसत मजदूरी बढ़ाने के प्रयास करने निर्देश दिए। उन्होने वितीय वर्ष 2017-18 के कार्य आगामी 15 दिन में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में तकनीकी एवं कार्यपूर्णता के संबंध में एईएन की भी रैकिंग तय करने के निर्देश दिए।  
जिला कलक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति समीक्षा के दौरान विकास अधिकारियों को वर्ष 2016-17 से 2018-19 के बकाया कायों की नियमित मॉनिटरिंग कर 15 नवम्बर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2020-21 के कार्यो की स्वीकृतियां शीध्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने माह में दो बार एईएन, जेटीए, ग्राम सेवकों की बैठक लेकर बकाया कार्यो की प्रभावी मॉनिटरिंग कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने एईएन सिणधरी को बैठक में अनुपस्थित रहने, नरेगा भुगतान एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्यो में धीमी प्रगति पर चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने बीएडीपी में शामिल बकाया कार्यो की वर्षवार प्रगति समीक्षा पश्चात् बकाया कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करवाकर यूसी/सीसी भिजवाने के निर्देश दिए। उन्हंोने विशेष रूप से कमजोर प्रगति वाले विभागों को फोकस करते हुए बकाया कार्यो को निर्धारित टाइम लाइन के अनुरूप हर हाल में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।  
जिला कलक्टर मीणा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के कार्य 31 अक्टूबर तथा सामुदायिक शौचालय निर्माण के कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होने राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत शीध्र तकनीकी स्वीकृतियां जारी करने तथा जन सूचना पोर्टल पर ऑनलाईन एन्ट्री कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में विकास योजनाओं की ब्लॉकवाईज रैंकिंग के दौरान विकास अधिकारी पाटोदी, बालोतरा एवं चौहटन को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रैंकिंग पर बधाई दी गई वहीं विकास अधिकारी शिव, सेड़वा, गुडामालानी एवं सिणधरी को प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता जलग्रहण बलवीरसिंह, अधिशाषी अभियन्ता राजेन्द्रसिंह, विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित छात्रवृति योजना में पात्रता मानदण्डों में छूट

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। वर्ष 2020-21 हेतु अल्पसंख्यक समुदाय के लिए तीन छात्रवृति योजनाओं प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स स्कीम के तहत वर्तमान वर्ष के लिए न्यूनतम पचास प्रतिशत अंकों की पात्रता मानदण्ड में छूट दी गई है और पिछली योजना के तहत उत्तीर्ण उम्मीदवार को इन योजनाओं के तहत नवीनीकरण छात्रवृति के लिए पात्र माना जाएगा।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बाड़मेर ने बताया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर raj.minocell@gmail.com पर ई-मेल द्वारा सूचित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2020-21 हेतु अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन) बाबत संचालित केन्द्रीय प्रवर्तित पोस्ट मैट्रिक व मैरिट कम मीन्स छात्रवृति विद्यार्थियों के द्वारा ऑनलाईन आवेदन करने हेतु शिक्षण संस्थाओं का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीयन होना अनिवार्य है।
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महामारी अध्यादेश के उल्लंघन पर सख्ती जारी शुक्रवार को 34 लोगों पर कार्यवाही कर 5900 का जुर्माना वसूला

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के दिशा-निर्देश के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को जिले में 34 व्यक्तियों से 5900 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करते हुए राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 के तहत जुर्माना राशि वसूल की जा रही है। उन्हांेने बताया कि जिले में शुक्रवार को उक्त अधिनियम के उल्लंघन पर उपखण्ड क्षेत्र चौहटन में 15 लोगों से 3000, शिव में 18 लोगों से 2700 तथा गडरारोड़ में 1 व्यक्ति से 200 को मिलाकर कुल 34 लोगों से 5900 रूपये की जुर्माना राशि वसूली गई।
उन्होने बताया कि जिले में अब तक 7345 लोगों से कुल 13,73,800 रूपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होने आमजन को कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जारी नियमों एवं आदेशों की पालना करने की हिदायत दी है।
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चुनाव ड्यूटी के दौरान कोविड-19 से कर्मचारी की मृत्यु पर मिलेगा 30 लाख रुपए का आनुग्रहिक अनुदान

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 75(2) में संशोधन कर चुनाव ड्यूटी के दौरान कार्मिक की कोविड-19 से मृत्यु होने पर 30 लाख रुपए आनुग्रहिक अनुदान (एक्स ग्रेशिया ग्रांट) स्वीकृत किए जाने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह प्रावधान राज्य में लागू होने के बाद पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के साथ ही भविष्य में होने वाले चुनावों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की कोविड-19 से मृत्यु होने पर यह राशि उनके परिवार को दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं (पंच एवं सरपंच) के आम चुनाव में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की कोविड-19 से मृत्यु होने की दशा में 30 लाख रुपए का आनुग्रहिक अनुदान दिए जाने के प्रावधान को राज्य में लागू किए जाने के संबंध में प्रस्ताव भेजा था।
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राज्य में 59 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन को मिली मंजूरी, बाड़मेर में तीन नई समितियां बनेगी

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। राज्य में 59 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की स्वीकृति जारी कर दी गई है।    

रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि 17 जिलों की 59 ग्राम पंचायतों में इन नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इससे करीब 30 हजार किसान इन सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों से जुड़ चुके है। उन्होनें बताया कि राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 1 ग्राम सेवा सहकारी समिति हो, इस लक्ष्य की ओर विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे है। इन नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन से किसानों को उनकी ग्राम पंचायत में ही ऋण सुविधा, खाद बीज, ई-मित्र की सुविधा जैसी अन्य सुविधाएं मिलेगी।
      रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में 8, बांसवाड़ा एवं जयपुर जिले में 7-7, चूरू में 6, टोंक में 5, सिरोही एवं बूंदी में 4-4, बाड़मेर,राजसमंद एवं नागौर में 3-3, बीकानेर एवं चितौडगढ़ में 2-2, सीकर, जालोर, अजमेर, अलवर तथा झुंझुनूं जिलों में 1-1 नई ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है।
     अग्रवाल ने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के बन जाने से ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारिता के ढांचे का विस्तार होगा। आम लोगों को सहकारी समिति द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का फायदा मिलेगा। साथ ही सहकारिता समिति से जुड़े सदस्य किसानों को समिति द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
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नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के नामांकन के लिए 5 नवम्बर तक लिए जाएंगे आवेदन

 बाड़मेर, 16 अक्टूबर। उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर से नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में 12 अभ्यर्थियों का नामांकन किया जाना है। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन 5 नवम्बर को दोपहर 3 बजे तक नागरिक सुरक्षा कार्यालय बाड़मेर में प्रस्तुत कर सकते है।

नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक ओम प्रकाश विश्नोई ने बताया कि निदेशालय नागरिक सुरक्षा द्वारा आवंटित लक्ष्य में उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर से 12 अभ्यर्थियों का नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में नामांकन किया जाना है। उन्होंने उपखण्ड क्षेत्र बाड़मेर में रहने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित आवेदन पत्र 5 नवम्बर 2020 को दोपहर 3 बजे तक नागरिक सुरक्षा कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
आवश्यक दस्तावेज
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, अन्य दक्षता या अनुभव प्रमाण पत्र जैसे ड्राईविंग लाईसेंस या कम्प्यूटर तथा आवेदनकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला शपथ पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे।
इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
उन्होंने बताया कि तैराक, गौताखोर, भारी वाहन चालक, हिन्दी कम्प्यूटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, अग्निशमन डिप्लोगा प्रशिक्षित, नर्सिंग डिप्लोमा, एनसीसी, स्काउट्स, राजकीय शारीरिक शिक्षक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, सेवानिवृत सैनिक, आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी इत्यादि को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् किसी भी अभ्यर्थी का आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर नियमानुसार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में नामांकन किया जायेगा जिसके पश्चात 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसका किसी प्रकार का कोई भता अथवा भुगतान नहीें किया जाएगा।
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नवरात्रों में मंदिरों में नहीं होंगे धार्मिक आयोजन घरों पर ही कर सकेंगे पूजा अर्चना

 कोरोना संक्रमण रोकने को पुख्ता प्रबंध


बाड़मेर, 16 अक्टूबर। जिले में आगामी त्योहारों पर कोरोना संक्रमण रोकने के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। नवरात्र के दौरान जिले में मंदिर बंद रहेंगे तथा वहां किसी प्रकार का धार्मिक आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।
      जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में पिछले माह के दौरान कोरोना संक्रमण में लगातार कमी आ रही है एवं यह आगे भी कायम रहे इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनलॉक 5 के दौरान जिले मे राज्य सरकार ने 31 अकटुबर तक सभी प्रकार के धार्मिक आयोजनों को प्रतिबंधित किया है। इसी तरह जिले के सभी धार्मिक संस्थानों एवं मंदिरों के प्रतिनिधियों की गत बैठक के दौरान जिले में 31 अक्टूबर तक सभी मंदिर बंद रखने का निर्णय किया गया था। ऐसे में शनिवार से प्रारंभ हो रहे नवरात्र तथा इसके बाद विभिन्न त्योहारों के दौरान जिले के सभी मंदिर बंद रहेंगे तथा वहां किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों में पूजा अर्चना कर सकेंगे तथा त्योहारों के दौरान खरीदारी के दौरान मास्क लगाकर बाहर निकलना अनिवार्य होगा एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी होगी। उन्होंने जिले के सभी कार्यपालक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियो से कोरोना गाईडलाइन की अक्षरशः पालना सुनिशित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने जिले के आमजन से अपील की है कि वह खुद भी कोरोना से बचे  हैं एवं औरों को भी संक्रमण से बचाएं।
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प्रत्येक राजस्व अधिकारी प्रतिदिन एक घण्टे करें जनसुनवाई - मीणा

 जिला कलक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित

बाड़मेर, 16 अक्टूबर। जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कांफेंन्स हॉल में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लम्बित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की तथा बकाया प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर राजस्व प्रशासन को चुस्त एवं दुरस्त करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने जिले के राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण कर पानी, बिजली, सडक तथा चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाओं को परखने के निर्देश दिए ताकि धरातल पर जन समस्याओं से रूबरू होकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकें। उन्होंने सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर बल देने की बात कहीं। उन्होनें कहा कि पटवारी राजस्व प्रशासन की धुरी है, उन्हें ग्रामीणों के प्रति अपनी भूमिका को अधिक प्रासंगिक और जवाबदेह बनाना होगा। उन्होंने कृर्षि भूमि पर अकृषि प्रयोजनार्थ किए जा रहे कार्यो पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने समस्त राजस्व अधिकारियों को प्रतिदिन एक घण्टे तक जन सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि आमजन की समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही की जा सकें। उन्होंने राजस्व प्रशासन को चुस्त एवं दुरस्त करने की बात कही। उन्होंने बालोतरा, सिवाना, समदडी एवं अन्य स्थानों पर अवैध धुलाई केन्द्रों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होने उपखण्ड स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर पानी, बिजली, चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होनें उपखण्ड अधिकारियों को अपने ब्लॉक के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर उपस्थिति की जांच के निर्देश दिए ताकि प्रशासनिक सुधार किया जा सके। उन्होने अवैध खनन की रोकथाम के लिए राजस्व अधिकारियों को मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि राजकीय भूमि का अवैध खनन होने पर खनन विभाग के साथ साथ राजस्व प्रशासन भी अपनी कार्यवाही अमल में लाए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्नोई, सहायक निदेशक लोक सेवाएं के.के. गोयल समेत जिले के राजस्व अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक 22 को

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद् एवं जिला स्तरीय सतर्कता समिति (पीडीएस) की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।

जिला रसद अधिकारी एवं सदस्य सचिव ने बताया कि उक्त बैठक में संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियो को उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
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समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद

ऑनलाइन पंजीयन 20 अक्टूबर से होगा प्रारम्भ

850 से अधिक केन्द्रों पर होगी खरीद

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिये ऑनलाइन पंजीकरण मंगलवार, 20 अक्टूबर से शुरू किया जा रहा है। 850 से अधिक खरीद केन्द्रों पर मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की 1 नवम्बर से तथा 18 नवम्बर से मूंगफली खरीद की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने बताया मूंग के लिए 365, उड़द के लिए 161, मूंगफली के 266 एवं सोयबीन के लिए 79 खरीद केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्ष की तुलना में इस वर्ष 500 से अधिक खरीद केन्द्र खोले गये है। श्री आंजना ने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों पर प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक की गई है।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार को मूंग की 3.57 लाख मीट्रिक टन, उडद 71.55 हजार, सोयाबीन 2.92 लाख तथा मूंगफली 3.74 लाख मीट्रिक टन की खरीद  के लक्ष्य की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। पंजीकरण के अभाव में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं होगी।
श्री आंजना ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए मूंग के लिए 7196 रुपये एवं उड़द के लिए 6000 रुपये, मूंगफली के लिए 5275 रुपये एवं सोयाबीन के लिए 3880 रुपये प्रति क्विंटल प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार तौल-कांटें लगाये जायेंगे एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्री कुंजीलाल मीणा ने बताया कि किसान को  जनआधार कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी की प्रति एवं बैंक पासबुक की प्रति पंजीयन फार्म के साथ अपलोड़ करनी होगी। जिस किसान द्वारा बिना गिरदावरी के अपना पंजीयन करवाया जायेगा, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये मान्य नहीं होगा। यदि ई-मित्र द्वारा गलत पंजीयन किये जाते या तहसील के बाहर पंजीकरण किये जाते है तो ऐसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि किसान एक जनआधार कार्ड में अंकित नाम में से जिसके नाम गिरदावरी होगी उसके नाम से एक पंजीयन करवा सकेगा। किसान इस बात का विशेष ध्यान रखे कि जिस तहसील में कृषि भूमि में उसी तहसील के कार्यक्षेत्र वाले खरीद केन्द्र पर उपज बेचान हेतु पंजीकरण करावें। दूसरी तहसील में यदि पंजीकरण कराया जाता है तो पंजीकरण मान्य नही होगा।
प्रबंध निदेशक राजफैड श्रीमती सुषमा अरोडा ने बताया कि किसान पंजीयन कराते समय यह सुनिश्चित कर ले कि पंजीकृत मोबाईल नम्बर, से जनआधार कार्ड से लिंक हो जिससे समय पर तुलाई दिनांक की सूचना मिल सके। किसान प्रचलित बैंक खाता संख्या सही दे ताकि ऑनलाइन भुगतान के समय किसी प्रकार की परेशानी किसान को नहीं हो। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 भी 20 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाएगा।
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सातवीं आर्थिक गणना-2019 जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार 16 अक्टूबर को

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। सातवीं आर्थिक गणना-2019 को सुव्यवस्थित एवं निर्धारित समयावधि में सम्पादित करने के लिए गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शुक्रवार 16 अक्टूबर को सांय 4.30 बजे कलेक्ट्रेट कॉन्फेंस हॉल में आयोजित की जाएगी।

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक एवं सदस्य सचिव जसवन्त कुमार गौड़ ने बताया कि उक्त जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
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पहला राजस्व दिवस समारोह मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की सेवाओं का ई-लोकार्पण किया

‘ग्रामीणों को राजस्व कार्यालयों में चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा’

बाड़मेर, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्व विभाग की आम लोगों के जीवन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण एक क्रान्तिकारी पहल है। भू-नामान्तरण, गिरदावरी रिपोर्ट, पंजीयन जैसे कामों के ऑनलाइन हो जाने से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राजस्व विभाग के कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाने के परिश्रम से छुटकारा मिलेगा।
श्री गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के पहले राजस्व दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग की अपना खाता, ई-गिरदावरी, कृषि ऋण रहन पोर्टल, ई-पंजीयन आदि सेवाओं का ई-लोकार्पण किया। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की सोच को आगे बढ़ाते हुए 15 अक्टूबर 1955 को राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 लागू कर खेतीहर किसानों को भू-स्वामी घोषित करने के ऐतिहासिक दिन को प्रथम राजस्व दिवस के रूप में मनाया गया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि आज से शुरू हो रहा राजस्व दिवस इस विभाग के कैलेण्डर में एक महत्वपूर्ण दिन होगा। अब हर वर्ष इस मौके पर राजस्व विभाग अपनी वर्षभर की उपलब्धियों और चुनौतियों का आकलन करेगा तथा भविष्य की गतिविधियों की योजनाबद्ध रूपरेखा तैयार कर उस पर काम करेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सूचना तकनीक के दौर में विभाग की सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण होने से पटवारी तथा गिरदावर स्तर के अधिकारियों के राजस्व और विशेषकर खेती से जुडे़ छोटे-छोटे कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे और इन अधिकारियों पर काम का बोझ भी घटेगा।
श्री गहलोत ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सेवाओं का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कम्प्यूटरीकरण किया गया है, उनको जल्द से जल्द से पूरे प्रदेश के लिए ऑनलाइन किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े कई कानूनों को सरलीकरण करने का काम भी शुरू किया गया है। इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के भू-मालिकों को अपनी जमीनों के अधिकार प्राप्त करने और उनके बंटवारे तथा प्रबंधन में आसानी होगी।
राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने कहा कि बीते डेढ साल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णयों में बदलाव से आखिरी पंक्ति में खड़े आम आदमी के कल्याण के लिए बेहतर वातावरण बना है। राजस्व के कई तरह के रिकॉर्ड की कम्प्यूटर प्रति को ही सत्यप्रति मानने तथा ई-हस्ताक्षर को कानूनी वैधता मिलने से करोड़ों किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की सेवाओं के ऑनलाइन होने पर विभाग के अधिकारियों के काम में दक्षता और सटीकता आई है।
राजस्व राज्यमंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने प्रदेश में पहली बार राजस्व दिवस मनाने पर मुख्यमंत्री श्री गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की कुल 338 तहसीलों में से 244 तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गया है और 31 मार्च 2021 तक समस्त तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भू-राजस्व से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण के काम में गति आएगी।
मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप ने कहा कि भू-राजस्व का प्रबंधन जमीन से जुड़ी प्रदेश की 75 प्रतिशत जनसंख्या के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग भी राज्य प्रशासन का सबसे मजबूत अंग है और इसकी पहुंच प्रदेश के अंतिम छोर तक है। राजस्व से जुड़े कार्यों में दक्षता आने से करोड़ों लोगों का जीवन सहूलियत भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भूमि रिकॉर्ड तथा सेवाओं के कम्प्यूटरीकरण के बाद भी विभाग के अधिकारियों की चुनौतियां बनी रहेंगी। अब पटवारी से लेकर तहसीलदार तथा कलक्टर तक राजस्व अधिकारियों को प्रकरणों के निस्तारण में और अधिक तत्परता दिखानी होगी।  
राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं के ऑनलाइन होने के बाद उच्च अधिकारी से लेकर पंचायत स्तर के पटवारी तक सभी की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। कानूनों के सरलीकरण से राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रकरणों के निस्तारण में देरी न हो। उन्होंने कहा कि पटवारी स्तर तक विभाग के सभी अधिकारियों को ग्रामीण लोगों के प्रति अपनी भूमिका को अधिक प्रासंगिक और जवाबदेह बनाना होगा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बाड़मेर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, उदयपुर, भरतपुर में संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, पटवारी स्तर तक के अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर राजस्थान राजस्व बोर्ड की पत्रिका ‘राविरा’ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विभाग की सेवाओं के कम्प्यूटरीकरण और कार्यप्रणाली में आए बदलाव से जुड़ी लघु फिल्म दिखाई गई।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री आनन्द कुमार, भू-प्रबन्ध आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, निबन्धक राजस्व मण्डल श्रीमती नम्रता वृष्णि, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, राजस्व विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, गिरदावर एवं पटवारी स्तर तक के कार्मिकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
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प्रथम राजस्व दिवस समारोहपूर्वक मनाया जिला स्तरीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट राजस्व कार्मिक सम्मानित

बाडमेर, 15 अक्टूबर। प्रथम राजस्व दिवस गुरुवार को समारोह पूर्वक मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्व विभाग की ऑनलाईन योजनाओं के शुभारंभ के पश्चात उत्कृष्ट राजस्व कार्मिकों को सम्मानित किया गया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से राजस्व कार्मिको से संवाद भी किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर विश्राम मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई, उपखंड अधिकारी सूरजभान विश्नोई, तहसीलदार प्रेम सिंह चौधरी समेत जिले के सम्मानित राजस्व कार्मिकों ने भाग लिया। वहीं उपखंड मुख्यालय पर वीसी के माध्यम से सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व कार्मिक उपस्थित रहे।
    राजस्व दिवस के समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की ऑनलाइन योजनाओ के शुभारंभ के पश्चात विभिन्न जिलों के राजस्व  कार्मिकों से वीसी के जरिए संवाद किया। इस दौरान बाड़मेर जिले के सिणधरी के उपखंड अधिकारी वीरमा राम से मुख्यमंत्री ने संवाद कर राजस्व कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस पर उपखंड अधिकारी विरमा राम ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की प्रक्रियाओ की जानकारी दी तथा विभिन्न नवाचारो के लिए राज्य सरकार की सराहना की। इस मौके पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, राजस्व राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, राजस्व मंडल के अध्यक्ष आर. वेकंटेश्वरन समेत राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
  इसके पश्चात जिला कलेक्टर मीणा ने सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले राजस्व कार्मिकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर प्रथम बार राजस्व दिवस मनाने की बधाई देते हुए राजस्व कार्मिकों को आमजन तथा किसानों के कार्यों के लिए तत्पर रहने का आवाहन किया।
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बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा, जनसेवाओं वाले विभागों को परिवेदना निस्तारण में त्वरित कार्यवाही की हिदायत

बाड़मेर, 14 अक्टूबर। जिले में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज परिवेदनाओ का त्वरित निस्तारण किया जाएगा ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस सम्बन्ध में सहायक निदेशक, लोकसेवाएं के के गोयल ने बुधवार को विस्तृत समीक्षा की।

  गोयल ने जिले में आवश्यक सेवाओं की सतत आपूर्ति के लिए अधिकारियो को ततपरता के साथ कार्य करने की भी हिदायत दी है। कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिले में पानी, बिजली तथा चिकित्सा सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जनसेवाओ की अदायगी वाले विभागो का शिकायतो के निस्तारण का मेकेनिज्म त्वरित होना चाहिए। इस दौरान जिले में पानी, बिजली, चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं की समीक्षा की गई।
  गोयल ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज बकाया प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनसेवाओं से जुड़े विभागों से संबंधित कार्यो की पोर्टल पर शिकायतों की अधिकता इनकी कार्य पद्धति को प्रदर्शित करती है। हर हाल में 30 दिन से पूर्व किसी भी शिकायत का निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के 30 से 45, 45 से 60 दिनों के बीच बकाया प्रकरणों को गंभीरता से लिया एवं 180 दिन से अधिक बकाया मामलो में जिम्मेदारी तय कर संबंधित को आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नए ट्यूबवैल एवं हैंड पंप के खुदाई के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा नए ट्यूबवेल के कार्य को तुरंत पूर्ण करवाने को कहा तथा खोदे गय टयूबवेल को कमिंशण्ड करने को कहा। गोयल ने पेयजल स्रोतों पर नियमित बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए ताकि पानी की आपूर्ति बिजली के अभाव में बाधित नहीं हो। उन्होंने पेयजल विभाग के बकाया 39 कनेक्शनों पर अतिशीघ्र विधुत कनेक्शन जारी करने के भी निर्देश दिए।
      बैठक में विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...