मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

सड़क दुर्घटना मे मृत/घायल व्यक्तियों को आर्थिक सहायता स्वीकृत


बाडमेर, 18 फरवरी। जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
जिला कलक्टर आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा अंशदीप ने बताया कि सिणधरी तहसील क्षेत्र में खारडी बेरी आडेल निवासी थानाराम पुत्र दुर्गाराम जाट, शिव तहसील क्षेत्र में भंवरीसर निवासी मुख्तार खान पुत्र जानू खान मुसलमान, पचपदरा तहसील क्षेत्र में कल्याणपुरा निवासी जालाराम पुत्र पदमाराम चौधरी, बायतु तहसील क्षेत्र में छितर का पार निवासी संजय कुमार पुत्र गुलाबराम दिशान्तरी एवं बाडमेर तहसील क्षेत्र में सनावडा निवासी माया पत्नी श्रवण देशान्तरी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपये आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार सेडवा तहसील क्षेत्र में सडक दुर्घटना में घायल शेरपुरा निवासी चौथाराम पुत्र शेराराम कोली को बीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
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विद्यार्थी दुर्घटना बीमा दावा के तहत एक-एक लाख रूपये की राशि स्वीकृत


बाडमेर, 18 फरवरी। जिले मेे गुडामालानी क्षेत्र के धोरीमना रोड़ पर सड़क हादसे में विद्यार्थियों की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने से विद्यार्थी दुर्घटना बीमा दावा की एक-एक लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के सहायक निदेशक रविन्द्र पंवार ने बताया कि धोरीमना रोड़ पर सड़क दुर्घटना में विद्यार्थी पारस कुमारी पुत्री प्रभूराम, पुरों पुत्री सांवलाराम एवं गोरखाराम पुत्र बांकाराम की मृत्यु हो गई थी, जिनके परिजनों के बैंक खाते में एक-एक लाख रूपये की दावा राशि जमा हेतु बिल कोष कार्यालय में भिजवाया गया है।
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केंद्रीय अंतर मंत्रालयिक दल को दिया फ़ीड बैक


बाड़मेर,18 फरवरी। केंद्रीय अंतर मंत्रालयिक टीम का बायतु पहुंचने पर उपखण्ड अधिकारी विवेक व्यास ने जिला प्रशासन की तरफ  से स्वागत कर टिड्डी हमले का का प्रारंभिक फिड बेक दिया।
    जिला कलेक्टर अंशदीप के निर्देशानुसार टीम लीडर केंद्रीय दल डा. जे पी सिंह निदेशक व अन्य सदस्य अनिल ढिल्लन डी जी एम, मोतीराम सहायक आयुक्त का उपखंड अधिकारी बायतू विवेक व्यास ने स्वागत किया । उन्होंने इस दौरान बायतु के गिड़ा क्षेत्र में टिड्डी हमले की जानकारी दी एवं किसानों की मांगों से अवगत कराया।

अंतर मन्त्रालयिक केंद्रीय दल ने टिड्डी हमले के नुकसान पर चर्चा की


बाड़मेर, 18 फरवरी । अंतर मंत्रालयिक केन्द्रीय दल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल में  बैठक के दौरान बाड़मेर जिले मंे टिड्डी दल के हमले से फसलांे मंे हुए नुकसान के बारे मंे जानकारी ली। केन्द्रीय दल पौध संरक्षण संगरोध एवं भंडारण निदेशालय फरीदाबाद के संयुक्त निदेशक डॉ जे.पी.सिंह, भारतीय खाद्य निगम के उप महाप्रबंधक अनिल ढिल्लन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहायक आयुक्त मोतीराम शामिल थे।
इस दौरान जिला कलक्टर अंशदीप एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बाड़मेर जिले मंे टिड्डी दल का प्रथम आक्रमण 29 जून 2019 को हुआ था। इसके उपरांत लगातार टिडडी दल का हमला होता रहा। उन्हांेने बताया कि बाड़मेर जिले मंे इसकी वजह से अब तक की गिरदावरी रिपोर्ट के मुताबिक 43 हजार 466 हैक्टेयर मंे फसल मंे खराबा हुआ है। इसमंे गेहूं की 515 हैक्टेयर, चने की 2, अरंडी की 13, रायड़ा की 217, तारामीरा 465, जीरा 27129 एवं इसबगोल की 15126 हैक्टेयर मंे खड़ी फसल खराब हुई।
    बैठक मंे पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, बायतू उपखंड अधिकारी विवेक व्यास, कृषि विभाग के उप निदेशक किशोरीलाल वर्मा, जीवण राम भाखऱ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. कमलेश चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल ने लिया टिड्डी हमले से ख़राबे का जायजा


ग्रामीणों ने केंद्रीय दल को टिड्डी से हुए नुकसान से अवगत कराया

बाड़मेर, 18 फरवरी। अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल ने मंगलवार को बाड़मेर जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर टिड्डी हमले से फसल ख़राबे का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने टिड्डी से हुए नुकसान से अवगत कराया। उन्होंने केंद्रीय दल से अधिकाधिक राहत दिलाने का अनुरोध किया।
   अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय दल में शामिल पौध संरक्षण निदेशालय के सयुक्त निदेशक डॉ जे पी सिंह, एफसीआई के डीजीएम अनिल ढिल्लन, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहायक आयुक्त मोतीराम ने मंगलवार को  धोरीमन्ना तथा सेड़वा क्षेत्रो में टिड्डी हमले की स्थिति का जायजा लिया। केंद्रीय दल ने ग्रामीणों से व्यक्तिशः रूबरू होकर टिड्डी हमले से उत्पन्न स्थिति विशेषकर फसल ख़राबे का आंकलन किया तथा इससे निपटने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने विस्तार से टिड्डी हमले की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने केंद्रीय दल से प्रति हैक्टेयर मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देय प्रति हेक्टेयर मुआवजा राशि से कहीं अधिक बुआई की लागत आ जाती है। किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा दो हैक्टेयर तक मुआवजा दिया जाता है जबकि बाड़मेर जिले में जोत का आकार बड़ा हें। इसलिए केंद्र सरकार मुआवजा राशि के मानक बदले।
       धोरीमन्ना के कोजा पंचायत के बोला का डेर में किसान हनुमान राम ने बताया कि मकर सक्रांति के दिन सूरज के उत्तरायण में  आते ही उन पर टिडडी ने कहर बरपाया। एक माह पुरानी जीरे की फसल चट कर टिडडी उड़ गई। कुल 17 बीघा में फसल बर्बाद होने से हनुमान का पूरा परिवार सदमे में है। वही बोला का ढेर में ही महिला काश्तकार पीपों देवी ने केंद्रीय दल को बताया कि उसके 20 बीघा के खेत पर टिड्डी आठ दिन तक हमला करती रही एवं स्प्रे का कोई असर नही हुआ क्योंकि स्प्रे से टिड्डी मरती नही बल्कि उड़ती और लौट कर पुनः आ जाती। कुछ इसी प्रकार की व्यथा भलीसर के काश्तकार तुलछा राम तथा राणासर के मोटाराम ने भी केंद्रीय दल को कही तो सेड़वा के सदराम की बेरी के सुखराम भी टिड्डी हमले से दुःखी थे। यही पर भैरा राम ने  भी टिड्डी से भयंकर पीड़ा की दास्तान केंद्रीय दल को सुनाई।
     राणासर में केंद्रीय अध्ययन दल की तरफ से डॉ. जे पी सिंह ने किसानों से इस प्राकृतिक आपदा के प्रति पूरी सहानुभूति जताते हुए कहा कि वो केंद्र सरकार से अपनी विस्तृत रिपोर्ट में सभी पहलुओं को ब्यौरा देंगे। सेड़वा में पूर्व प्रधान गफूर अहमद ने टिड्डी हमले से हुए नुकसान से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि कई खेतों में टिड्डी हमला एक से अधिक बार हुआ। एक बार फसल चौपट हो जाने के बाद टिड्डी पीछे से दुबारा आ गई। खेतो में टिड्डो से जीरे की फसल को सर्वाधिक नुकसान पँहुचा । वही इसबगोल एवं अरण्डी भी टिड्डी हमले से साबुत नही रही तो गेंहू पर भी असर आया। किसानों ने तात्कालिक सहायता के रूप में बिजली के बिल माफ़ करने की मांग की।
          भृमण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार शर्मा, उपखण्ड अधिकारी कुसुम लता चौहान, विरमाराम एवं कृषि विभाग के सयुंक्त निदेशक वी आर सोंलकी, उपनिदेशक जीवणा राम भाखऱ, किशोरीलाल वर्मा समेत कृषि  एवं राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद थे।















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बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

जिला स्तरीय जन सुनवाई गुरूवार को

बाड़मेर, 12 फरवरी। आमजन की परिवेदनाआंे की सुनवाई एवं समस्याआंे के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय जन सुनवाई का आयोजन गुरूवार 13 फरवरी को प्रातः 11 बजे से जिला कलक्टर कार्यालय स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र मंे किया जाएगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिला स्तरीय जन सुनवाई मंे संबंधित अधिकारियांे को उपस्थित होकर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार परिवेदनाआंे एवं समस्याआंे का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सतर्कता समिति की बैठक स्थगित

बाड़मेर, 12 फरवरी। गुरूवार को आयोजित होने वाली जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक स्थगित कर दी गई है।
कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर नीरज मिश्र ने बताया कि विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक स्थगित की गई है।
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जिला टास्क फोर्स की बैठक गुरूवार को

बाडमेर, 12 फरवरी। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना के क्रियान्वयन एवं सूत्रण हेतु जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठक जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में गुरूवार 13 फरवरी को सायं 5 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।
महिला अधिकारिता विभाग उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित ने जिला टास्क फोर्स के सभी सदस्यों से निधारित समय पर बैठक में भाग लेने का आग्रह किया है।
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पीएम किसान निधि योजना

लाभार्थी किसानों को मिलेगा तीन लाख का केसीसी


बाड़मेर, 12 फरवरी । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रथम वर्षगांठ के मौके पर लाभार्थी  सभी किसानों को तीन लाख तक का किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जाएंगे।
       जिला कलेक्टर अंशदीप ने बताया कि 24 फरवरी 2020 को पीएम किसान योजना को एक वर्ष पूर्ण हो रहा है। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी 24 फरवरी तक अभियान चलाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थियों को तीन लाख लिमिट तक के किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जाएंगे।
        लीड बैंक अधिकारी राजकुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत किसानों को बिना किसी गारंटी के केसीसी के तहत एक लाख साठ हजार रूपए तक का ऋण स्वीकृत किया जा सकता है तथा ऋण की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है। उन्होने बताया कि अब बिना किसी गारंटी के ही ऋण प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही किसान यदि समय से ऋण चुकता कर देते है तो उन्हें तीन लाख रूपए तक का ऋण सिर्फ चार फीसदी ब्याज (ब्याज अनुदान सहित) पर मिल सकेगा। किसानों की आय दोगुना करने, साहुकारों के चंगुल से छुड़ाने के लिए गांव-गांव कैंप लगाकर केसीसी दिया जाएगा। जिसके लिये पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी अपने बैंक शाखा से संपर्क कर सकते है।  
        उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पहले से केसीसी बनवा रखा है परन्तु खाता अनएक्टिव हो चुका है वे भी अपना खाता एक्टिव करा सकते है साथ ही ऋण सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है।
अग्रणी बैंक अधिकारी ने बताया कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन व मत्स्य पालन के लिए भी केसीसी के तहत अतिरिक्त ऋण सीमा निर्धारित कर सकते है। इसके लिए एक पृष्ठ का सामान्य आवेदन पत्र तैयार कर सभी बैंकों की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा सभी पात्र किसान परिवारों को 24 फरवरी, 2020 तक केसीसी जारी करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें सभी बैंक इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए इस दौरान प्राप्त पूर्ण आवेदनों पर निस्तारण 14 दिवस के अंदर करेंगे।
       उन्होंने बताया कि इसके लिए 14 दिन का विशेष अभियान चला कर किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही इस अभियान के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति  बीमा योजना से भी किसानों को लाभान्वित किया जाएगा ।
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टिड्डी से प्रभावित काश्तकारों को सरकार हर संभव मदद करेगी

53 हजार काश्तकारों को 98 करोड़ का कृषि आदान अनुदान वितरित


बाड़मेर, 12 फरवरी। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री मास्टर भवंरलाल मेघवाल ने  बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि टिड्डी के आक्रमण से प्रभावित काश्तकारों को राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी।
मेघवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य राहत आपदा कोष के नियमों के तहत 75 प्रतिशत केन्द्र सरकार तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्तीय राशि आंवटित की जाती है। उन्होने कहा कि टिड्डी आक्रमण से प्रभावित 77 हजार 676 किसानों के लिए10 फरवरी तक 89 करोड़ रुपये जिलों से संबधित जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले 2 दिन में राशि बढ़ाकर 106 करोड़ 21 लाख कर दिए गए है, जिनमें जिला कलेक्टरों द्वारा 98 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि काश्तकारों के बैंक खाते में डाले जा चुके है तथा दिन प्रतिदिन काश्तकारों के खातों में राशि जमा करवाई जा रही है।
आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री ने कहा कि रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 49 काश्तकार टिड्डी आक्रमण से प्रभावित हुए है जिनके खातों में 4 लाख 56 हजार रुपये जमा करा दिए गए है। उन्होंने बताया कि जैसे ही विभाग को किसी भी प्रभावित काश्तकार की सूचना जिला कलक्टर से प्राप्त होती है, तत्काल विभाग द्वारा वित्तीय सहायता उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है।
मास्टर मेघवाल ने बताया कि टिड्डी आक्रमण से 8 जिलों के 77 हजार 676 प्रभावित किसानों में से 53 हजार 915 किसानों को 89.93 करोड़ रूपये का कृषि आदान अनुदान वितरित किया जा चुका  है।
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संस्कृत शिक्षा में किए गए नवाचार ऐतिहासिक

संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने को राज्य सरकार बेहद गम्भीर


बाड़मेर, 12 फरवरी।  संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए नवाचार ऐतिहासिक है।
डॉ गर्ग प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य में पहली बार संस्कृत शिक्षा के 69 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया है तथा 50 अतिरिक्त विद्यालय खोला जाना प्रकियाधीन है, जो कि एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्ष में शिक्षा के लिए जो कार्य किये उससे भी अधिक कार्य हमारी सरकार ने पिछले एक वर्ष में किए है। गत सरकार द्वारा एक भी संस्कृत का विद्यालय क्रमोन्नत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रिक्त पदों पर 350 संस्कृत के शिक्षक लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बेहद गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन संस्कृत विद्यालय का भवन नहीं है उनके लिए बजट आवंटन की प्रकिया जारी है। इसके अतिरिक्त बालोतरा में हाल ही में 8 संस्कृत के शिक्षक लगाए गए हैं।
इससे पहले विधायक श्री मदन प्रजापत के मूल प्रश्न के जवाब में डॉ. गर्ग ने संस्कृत शिक्षा को बढावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का विवरण तथा संस्कृत शिक्षा का विगत तीन वर्षों का बजट प्रावधान एवं व्यय का वर्षवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा के विभिन्न स्तर के 1 हजार 766 राजकीय संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने इन विद्यालयों में विभिन्न श्रेणीयों के स्वीकृत एवं पदों की स्थिति का श्रेणीवार, जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि प्राध्यापक विद्यालय के विभिन्न विषयों के 286 पदों के क्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा  264 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु विज्ञापन जारी कर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा चुके हैं। शेष 22 पदों की भर्ती हेतु कार्यवाही आयोग के स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 718 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा  प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाकर दिनांक 3 फरवरी 2020 से 6 फरवरी 2020 तक काउंसलिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक प्रवेशिका के 100 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग के स्तर पर विज्ञप्ति जारी किये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
डॉ गर्ग ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक के 177 पदों को भरने हेतु राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्तमान में 718 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् अर्थना भिजवाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक तृतीय ग्रेड के 60 पद, पुस्तकालयाध्यक्ष तृतीय ग्रेड के 31 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु अर्थना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भिजवाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अध्यापक के 226 पदों पर विभागीय स्तर पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा कनिष्ठ सहायकों के 131 पदों की अर्थना प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाई हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त पदों पर सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने पर अध्यापकों से रिक्त पदों को भरा जा सकेगा ।
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आगजनी से पीड़ित परिवारों को केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही राहत प्रदान

बाड़मेर, 12 फरवरी। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि आगजनी से पीड़ित परिवारों को केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही राज्य सरकार राहत प्रदान करती है।
मेघवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि आगजनी की घटनाओं में पटवारी तथा तहसीलदार द्वारा जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाती है जिस पर विभागीय अधिकारी स्वीकृति कर पीड़ित को वित्तीय राशि आंवटित करते है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में जांच से लेकर स्वीकृति एवं वित्तीय राशि का आवंटन सहित सभी कार्य ऑनलाइन प्रकिया के द्वारा किये जाते हैं। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार ही आगजनी की घटनाओं में राज्य सरकार राहत प्रदान करती हैं।
मेघवाल ने कहा कि एसडीआरएफ नोर्म्स के अनुसार प्राकृतिक आपदा घटित होने पर प्रभावितों द्वारा आवेदन की प्रक्रिया अब जनवरी 2020 से ऑनलाइन कर दी गई है। आवश्यक प्रक्रिया की पूर्ति करते ही जिला कलक्टर द्वारा विभाग से ऑनलाइन बजट प्राप्त कर तत्काल सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
उन्होने ने बताया कि प्राकृतिक आपदा घटित होने पर प्रभावितों को भारत सरकार के एसडीआरएफ नोमर्स 8 अप्रैल 2015 के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिनमें संशोधन भारत सरकार द्वारा ही किया जा सकता है।
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मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

अगस्त माह में रीट की परीक्षा कराना प्रस्तावित शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा

बाड़मेर,  11 फरवरी। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में शिक्षकों के रिक्त पदों को राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा तथा पदोन्नति के द्वारा शीघ्र भरा जाएगा।
डोटासरा प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा है कि शिक्षित बेरोजगारों को शीघ्र ही भर्ती का लाभ दिया जाए इसलिए राज्य सरकार द्वारा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 हजार पदों पर 2 अगस्त को रीट परीक्षा आयोजित करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा  कि गत सरकार द्वारा आनन - फानन में द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के 9 हजार पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अब हमारी सरकार द्वारा इन भर्तियों का अंतिम परिणाम जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी तथा गणित विषय के द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के रिक्त पदों को आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले भर दिया जाएगा। राजस्थान लोक सेवा आयोग में प्रकियाधीन भर्ती परीक्षा द्वारा तथा अप्रैल-मई माह में डीपीसी कर रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रथम बजट घोषणा के तहत 1200 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया है जिससे बालक- बालिका अधिक संख्या में पढ़ाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा एयरटेल से एमओयू किया गया था जो कि जल्द ही खत्म हो गया ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति से भरा जा रहा है। श्री डोटासरा ने सदन को आश्वस्त किया कि विद्यालयों में किसी भी कारण से बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
इससे पहले विधायक श्रीमती मीना कंवर के मूल प्रश्न के जवाब में श्री डोटासरा ने प्रदेश में शिक्षकों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का श्रेणीवार विवरण देेते हुए बताया कि राज्य में प्रधानाचार्य के 10 हजार 847 स्वीकृत पदों में से 685 रिक्त पद है तथा प्रधानाध्यापक एवं समकक्ष के 3650 स्वीकृत पदों में 967 रिक्त पद है। उन्होंने बताया कि व्याख्याता स्कूल शिक्षा एवं समकक्ष के राज्यभर में 52 हजार 699 स्वीकृत पदों में 10 हजार 965 रिक्त पद है तथा शारीरिक शिक्षा ग्रेड- प्रथम के 265 स्वीकृत पदों में 229 पद रिक्त है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि कोच एवं समकक्ष के 40 स्वीकृत पदों में 13 पद रिक्त तथा अध्यापक श्रेणी द्वितीय व वरिष्ठ अध्यापक के 91 हजार 150 स्वीकृत पदों में 21 हजार 755 पद रिक्त है। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक द्वितीय ग्रेड के 3 हजार 374 पदों में 654 पद तथा तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 एवं समकक्ष के 1 लाख 62 हजार 451 स्वीकृत पदों में 17 हजार 966 पद रिक्त है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने सदन में बताया कि तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-2 एवं समकक्ष के 1 लाख 5 हजार 130 स्वीकृत पदों में 13 हजार 527 रिक्त पद तथा शारीरिक शिक्षक तृतीय ग्रेड एवं समकक्ष के 19 हजार 639 स्वीकृत पदों में 4  हजार 232 पद रिक्त है। श्री डोटासरा ने बताया कि राज्य में शिक्षकों के कुल 4 लाख 49 हजार 245 स्वीकृत पद है जिनमें 70 हजार 993 पद रिक्त है।
डोटासरा ने गत पांच वर्षो में शिक्षकों की भर्ती हेतु जारी विज्ञापन, प्रदत्त नियुक्तियों का श्रेणीवार एवं वर्षवार संख्यात्मक विवरण प्रारम्भिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न श्रेणियों की प्रक्रियाधीन नियुक्तियों का श्रेणीवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। विधानसभा क्षेत्र शेरगढ में शिक्षा विभाग अन्तर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक एवं राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के रिक्त पदों का पंचायत समितिवार विवरण सदन के पटल रखा।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत रिक्त पदों को भरने की एक सतत् प्रक्रिया है। स्टाफिंग पैटर्न हेतु विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश 28 मई 2019 के अनुसार विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर शैक्षणिक कार्मिकों के पदों का निर्धारण व आवंटन किया जा चुका है, जिससे अधिशेष हुए अध्यापकों व कार्मिको को आवश्यकता वाले विद्यालयों के रिक्त पदों पर लगाये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। प्रारम्भिक शिक्षा विभाग अन्तर्गत उपलब्ध रिक्त पदों को समय-समय पर वित्त विभाग से प्राप्त स्वीकृतियों के अनुसार सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाता है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजस्थान लोक सेवा आयोग, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर एवं विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा चयनित पात्र आशार्थी उपलब्ध कराये जाने पर रिक्त पदों को भरा जाता है।
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प्रदेश में 400 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोलना प्रस्तावित

बाड़मेर, 11 फरवरी। पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि वर्ष 2019-20 में बजट घोषणा अन्तर्गत प्रदेश में 400 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले जाने प्रस्तावित हैं, जिसके तहत वर्तमान में 226 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र स्वीकृत किये जा चुके हैं।
कटारिया प्रश्नकाल में विधायक रामलाल शर्मा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि पशु उपकेन्द्र खोलने के लिए मानदण्ड निर्धारित है। उन्होंने पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोलने के मानदण्ड की जानकारी सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में नव स्वीकृत पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों के अक्रियाशील होने के कारण बजट आवंटन व्यय नहीं हुआ है।
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शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा मृत पशुओं को उठाने का दायित्व नगरीय निकायों का

बाड़मेर, 11 फरवरी। स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई तथा मृत पशुओं को उठाने का दायित्व नगरपालिकाओं का है। उन्होंने कहा कि इन कामों में आम आदमी को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को पाबंद किया जाएगा तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धारीवाल प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि नगरपालिकाओं के दायित्व स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं कि मृत पशुओं को उठाने अथवा इसी प्रकार के अन्य कार्यों को करने के लिए पूरी तरह से नगरपालिका उत्तरदायी है तथा इसके लिए किसी भी अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।
इससे पहले विधायक पानाचंद मेघवाल के मूल प्रश्न के जवाब में धारीवाल ने प्रदेश के नगरीय निकायों में अधिकारियों व कर्मचारियों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का जिलेवार विवरण, रिक्त पदों के विरूद्ध भर्ती के सम्बंध में विवरण तथा प्रदेश की नगरीय निकायों को विगत 05 वर्षों में आवंटित की गई राशि का योजनावार विवरण सदन के पटल पर रखा।  
उन्होंने बताया कि कतिपय नगरीय निकायों में कर्मचारियों के वेतन भत्तों का भुगतान समय पर नहीं हो पाता है, उनमें कुछ समय पश्चात चुंगी पुनर्भरण अनुदान मद से राशि का आवंटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा पंचम राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत दी गई अनुदान राशि में से पहली बार वर्ष 2019-20 से निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भत्तों का भुगतान किये जाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
धारीवाल ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए विभाग द्वारा किये गये प्रयासों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिये नियमों में व दिशा-निर्देशों में कई संशोधन एवं परिवर्तन किये गये हैं।
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मुख्यमंत्री ने दी ‘राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना’ में 10 करोड़ के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी

बाड़मेर, 11 फरवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 10 करोड़ रूपये के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अतिरिक्त बजट प्रावधान का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के लिए वर्ष 2019-20 में 18 करोड़ रूपये का मूल बजट प्रावधान किया था। इसके बाद 5 करोड़ रूपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया था। कुल 23 करोड़ के बजट में से अभी तक 22.77 करोड़ रूपये का व्यय हो चुका है। विभिन्न जिलों से पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत आए करीब 7 करोड़ रूपये भुगतान के आवेदन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास लंबित है। ऐसे में तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रूपये के अतिरिक्त प्रावधान को मंजूरी दी है।
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संत कबीर पुरूस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

बाड़मेर, 11 फरवरी। बुनकर सेवा केन्द्र जयपुर द्वारा हाथ करघा बुनकरों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, संत कबीर पुरस्कार एवं राष्ट्रीय मेरिट सर्टिफिकेट अवार्ड वर्ष 2018 के लिए 20 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए है।
जिला उद्योग केन्द्र बाड़मेर के महाप्रबंधक एस आर देवासी ने बताया कि उक्त प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक हाथ करघा बुनकर अपना आवेदन बायोडेटा, कलाकृतियां, प्रोपर डोक्यूमंेटेशन, फोटोग्राफी, प्रोसेसिंग विडियोग्राफी एवं मार्केटिंग सहित बुनकर सेवा केन्द्र सिविल लाईन्स, अजमेर रोड़, जयपुर में अंतिम तिथि 20 फरवरी से पूर्व जमा करवा सकते है। उन्होने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी ूूूण्ींदकसववउण्दपबण्पद पर उपलब्ध है।
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ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक 24 को

बाडमेर, 11 फरवरी। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया उक्त बैठक में बीएडीपी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
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सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना

बाड़मेर के संविदा कार्मिकों के भुगतान को बजट आवंटित


बाड़मेर, 10 फरवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोमवार को विधान सभा में कहा कि सरकार संविदाकर्मियों के प्रति पूर्णतया संवेदनशील है।
      चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाडमेर में 113 कार्मिकों का वित्तीय वर्ष 2018-19 का 30 लाख रुपए बकाया था, जिसका भुगतान इस वित्तीय वर्ष में किया गया, जिसके कारण इस वित्तीय वर्ष 2019-20 में सितम्बर 2019 से बाडमेर जिले के कार्मिकों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डूंगरपुर के अधीन 52 कार्मिकों का नवम्बर 2019 से, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर-द्वितीय के अधीन सांगानेर ब्लॉक के 39 कार्मिकों का अगस्त 2019 से एवं बालोतरा उप जिला चिकित्सालय में 5 कार्मिकों का जुलाई 2019 से वेतन बकाया है। उन्होंने बताया कि जिला बाड़मेर, जयपुर-द्वितीय एवं डूंगरपुर को आवश्यकता अनुसार बजट आंवटित कर दिया गया है। उक्त कार्मिकों का बकाया भुगतान अतिशीघ्र कर दिया जाएगा।
      डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झुन्झुनू में 149 कार्मिकों का अक्टूबर 2019 से, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीगंगानगर में 7 कार्मिकों का अप्रेल 2019 से एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी श्रीगंगानगर में  8 कार्मिकों का मार्च 2018 से मानदेय बकाया है। इसके लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा चुका है, जिससे कार्मिकों को बकाया राशि का भुगतान अतिशीघ्र कर दिया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि संविदाकर्मी और प्लेसमेन्ट एजेन्सी द्वारा कार्यरत व्यक्तियों में फर्क है। उन्होंने बताया कि संविदाकर्मियों को 1 साल के लिए 10 अंक, 2 साल के लिए 20 अंक और 3 साल के लिए 30 अंकों का लाभ नई भर्ती में देते हुए नियमित करने का काम किया गया है। इसके अलावा जो शेष रहे हैं उन संविदाकर्मियों के मानदेय में जो बढ़ोतरी की जा सकती  है उस पर मंत्रीमंडलीय समिति विचार कर रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में जो संविदाकर्मी लगे हुए हैं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 2019 में एक मंत्रीमंडलीय समिति का गठन किया गया था, जिसकी पांच बैठकें हो चुकी हैं। विभिन्न विभागों से संविदाकर्मियों के बारे में मिल रहे आंकड़ों और उनकी मांगों पर मंत्रीमंडलीय समिति लगातार विचार कर रही है। अभी इस बारे में सुझाव आ रहे हैं। एक-दो बैठकें होने के बाद कोई निर्णय पर पहुंच पाएंगे। इससे पहले विधायक श्री संदीप शर्मा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में विभाग में कुल 24303 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विगत पांच वर्षो में विभाग द्वारा किसी भी संविदा कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने एवं अन्य समस्याओं पर विचार के लिए राज्य सरकार द्वारा मंत्रीमंडलीय समिति गठित है।

पूर्व पॉलोटेक्निक छात्रों को डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक और अवसर

बाड़मेर, 10 फरवरी। राजकीय पॉलोटेक्निक महाविद्यालय के पूर्व के शिक्षा सत्र 2010-11 तथा 2011-12 में नामांकित छात्रों में से अपूर्ण डिप्लोमा वाले छात्रों को अपना डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक और अवसर प्रदान किया गया है।
प्राचार्य राजीव कुमार जयसवाल ने बताया कि राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बाड़मेर के प्राविधिक शिक्षा मण्डल राजस्थान जोधपुर के ऐसे समस्त विद्यार्थी जो कि शिक्षा सत्र 2010-11 व 2011-12 में प्रवेशित हो तथा सत्र 2012-13 में पार्श्व प्रवेशित विद्यार्थी जो मण्डल में नामांकित है तथा जिनका नामांकन चैक पाइण्ट 6.4 के अन्तर्गत निरस्त हुआ है ऐेसे विद्यार्थीयों को डिप्लोमा पूर्ण करने के लिए चालू सत्र की परीक्षा में विशिष्ट अवसर प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होने बताया कि विद्यार्थी के लिए सत्र 2020-21 वार्षिक पद्वति की इस परीक्षा में विशिष्ट प्रश्नपत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया है। प्रश्नपत्र में 30 अंकों के वस्तुनिष्ठ तथा 40 अंको के वर्णात्मक प्रश्न होंगे। सभी संबंधित छात्र उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी प्राविधिक शिक्षा मण्डल राजस्थान जोधपुर की वैबसाईट अथवा महाविद्यालय से प्राप्त कर सकते है।
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लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...