गुरुवार, 13 जून 2019

जिला स्तरीय जन सुनवाई एवं सतर्कता समिति की बैठक 14 जून को



बाड़मेर,13 जून। आमजन की परिवेदनाआंे की सुनवाई एवं समस्याआंे के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय जन सुनवाई का आयोजन इस माह के द्वितीय शुक्रवार 14 जून को प्रातः 11 बजे से जिला कलक्टर कार्यालय स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र मंे किया जाएगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिला स्तरीय जन सुनवाई मंे संबंधित अधिकारियांे को उपस्थित होकर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार परिवेदनाआंे एवं समस्याआंे का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक जिला स्तरीय जन सुनवाई के साथ भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंघी रविवार को नाकोड़ा आएंगे

बाड़मेर, 13 जून। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनिल सिंघी अपनी एक दिवसीय यात्रा पर रविवार को नाकोड़ा आएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंघी 15 जून को सायं 6 बजे अहमदाबाद से रवाना होकर रात्रि 12 बजे नाकोड़ा पहुंचेगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे। इसके उपरांत सिंघी  16 जून को अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बैठक मंे शामिल होने के साथ नाकोड़ा मंदिर में दर्शन एवं पूजा अर्चना करने के बाद नाकोड़ा से दोपहर 3 बजे अहमदाबाद के लिए प्रस्थान करेंगे।

क्षतिग्रस्त 2394 किमी ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण होगा

बाड़मेर,13 जून। सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रदेश में करीब 2 हजार 394 किलोमीटर लम्बी ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण कराएगा। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इन सड़क विकास कार्यों की निविदाएं शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रोत्साहन राशि स्वीकृति की जा चुकी है। प्रदेश की विभिन्न ग्रामीण सड़कों के इन विकास कार्यों के पूरा हो जाने बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी तथा सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।

छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 18 जून तक

महाविद्यालय स्तरीय कन्या छात्रावासों में 30 जून तक आवेदन कर सकेंगे


बाड़मेर, 13 जून। प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित 24 आवासीय विद्यालयों तथा राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों में प्रवेश के लिए 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं। राजकीय महाविद्यालय स्तरीय कन्या छात्रावासों में प्रवेश के लिए 30 जून 2019 तक आवेदन कर सकते हैं।
निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव सांवरमल वर्मा ने बताया कि राज्य में बालिकाओं के लिए 13 एवं बालकों के लिए संचालित 11 आवासीय विद्यालयों एवं राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों में 20 मई से ऑनलाईन प्रवेश प्रारंभ किए गए थे। इसके तहत 18 जून तक आवेदन किए जा सकते है। प्रवेश की प्रथम सूची 18 जून के पश्चात् जारी की जाएगी। उन्हांेने बताया कि छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में समाज के पिछड़े एवं अल्प आय वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। इससे संबधित समस्त जानकारी विभागीय वेबसाइट  www.sje.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है।

पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पदों पर उपचुनाव के लिए कार्यक्रम घोषित

बाड़मेर,13 जून। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पदाें पर उपचुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 9 जिला परिषद् सदस्य, 75 पंचायत समिति सदस्य, 50 सरपंच तथा 612 पंचों के रिक्त पदों पर उप चुनाव कराए जाएंगे। 
निर्वाचन आयोग के उपसचिव ने बताया कि जिला परिषद् तथा पंचायत समिति सदस्य के उपचुनाव के लिए 17 जून तक नियम 58 केे तहत निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी। नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख 19 जून होगी, इसका समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि 20 जून को सुबह 11.30 बजे से नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा होगी तथा नाम निर्देशन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 21 जून को दोपहर तीन बजे तक रहेगी। कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को 3 बजे बाद चुनाव चिन्हों का आंवटन तथा आवश्यक होने पर 30 जून को प्रातः 7 बजे से सांय 5 बजे तक मतदान किया जाएगा। दो जुलाई को प्रातः 8 बजे से मतगणना की जाएगी। 
उपसचिव ने बताया कि पंच एवं सरपंचो के उपचुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार 17 जून को नियम 23 के सपठित नियम 55, 56, 57 के अन्र्तगत लोक नोटिस जारी किया जाएगा। इसी तरह 25 जून को प्रातः 8 से 11 बजे तक नाम निर्देशन पत्रों की प्राप्ति, प्रातः11 बजे से नाम निर्देशन की संवीक्षा एवं दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापसी ली जा सकेगी। तीस जून को प्रातः 7 बजे से सांय 5 बजे तक आवश्यक होने पर मतदान किया जाएगा। तथा मतगणना 30 जून को मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात होगी। 
कार्यक्रम के अनुसार मतदान के लिए मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित अन्य वैकल्पिक फोटो दस्तावेज साथ लाने होंगे। उपचुनाव के लिए मतदान इलेक्ट्रॅानिक वोंटिग मशीन से कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं, जो उप चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेंगे।

उचित मूल्य दुकानदारों को गेहूं वितरण के लिए मिलेगा बढ़ा हुआ कमीशन

बाड़मेर,13 जून। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर राज्य सरकार ने प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं के वितरण के लिए उचित मूल्य दुकानदारों को बढ़ा हुआ कमीशन देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2018-19 की बजट घोषणा में इन दुकानदारों को पोस मशीन सहित गेहूं के वितरण पर देय कमीशन एक वर्ष के लिये 87 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किया गया था। अब इस बढ़ी हुई दर को वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी यथावत रखा जायेगा। 
खाद्य विभाग के अनुसार, नये वित्त वर्ष में बढ़ी हुई दर से कमीशन का भुगतान करने से राज्य सरकार पर कुल 87.92 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त वित्तीय भार आयेगा।

बुधवार, 12 जून 2019

द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बैठक आयोजित

बाड़मेर, 12 जून। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशांे की पालना में 13 जुलाई को आयोजित होने वाली द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत की पूर्व तैयारी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए बुधवार को तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-1 सुशील कुमार जैन की अध्यक्षता में अभिभाषक संघ के साथ बैठक आयोजित की गई। 
इस दौरान तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने कहा कि द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण के लिए एवं विस्तृत रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्हांेने कहा कि सबसे अपेक्षित सहयोग प्राप्त कर राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जाए। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रूपसिंह राठौड़ ने द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत के विस्तृत रूप से प्रचार-प्रसार करने एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण के लिए अभिभाशक संघ के पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिलाया। बैठक के अंत मंे तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष एवं अधिवक्ताआंे का धन्यवाद ज्ञापित किया।

जिला स्तरीय मेला समिति की बैठक 20 को

बाडमेर, 12 जून। बाड़मेर जिले में आयोजित होने वाले मेलों में आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जिला स्तरीय मेला समिति की बैठक जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में 20 जून को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को वांछित सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए है। 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंधी 16 को नाकोड़ा आएंगे

बाड़मेर, 12 जून। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनिल सिंधी अपनी एक दिवसीय यात्रा पर 16 जून को नाकोड़ा आएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंधी 15 जून को सायं 6 बजे अहमदाबाद से रवाना होकर रात्रि 12 बजे नाकोड़ा पहुंचेगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे। इसके उपरांत सिंधी  16 जून को अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बैठक मंे शामिल होने के साथ नाकोड़ा मंदिर में दर्शन एवं पूजा अर्चना करने के बाद नाकोड़ा से दोपहर 3 बजे अहमदाबाद के लिए प्रस्थान करेंगे।

को ऑपरेटिव बैंक का फसली ऋण ऑनलाईन रजिस्टेशन प्रारंभ

 बाड़मेर, 12 जून। दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ग्राम सेवा सहकारी समिति के कृषक सदस्यो को शीघ्र ऋण वितरण करेगा। फसली ऋण के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हो चुका है।
प्रबन्ध निदेशक हरिराम पूनिया ने बताया कि खरीफ फसली ऋण वितरण के लिए जिले में ऑन लाईन रजिस्टेªशन 3 जून से प्रारम्भ कर दिया गया हैं। ऑनलाईन रजिस्टेªशन के लिए समिति ,बैंक बीसी ई-मित्र केन्द्रो को अधिकृत किया गया हैं। सहकारी खरीफ फसली ऋण, 2019 प्राप्त करने के लिए सहकारी समिति के सदस्य अपने नजदीकी बैंक बीसी,समिति,ई-मित्र पर सम्पर्क कर ऑनलाईन रजिस्टेªशन पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं। उन्हांेने बताया कि ऑनलाईन रजिस्टेªशन फार्म बैंक की शाखाओ, समितियों तथा अधिकृत ई-मित्र केन्द्रो पर निःशुल्क उपलब्ध हैं। किसान अपना रजिस्ट्रेशन फार्म पूर्ण कर संबंधित समिति अथवा अधिकृत ई-मित्र केन्द्र पर 25 रूपए शुल्क देकर पंजीयन करवा सकता हैं। पंजीयन के पश्चात् ही अग्रिम कार्यवाही करते हुए ऋण वितरण किया जावेगा। उन्हांेने बताया कि पंजीयन के अभाव में अल्पकालीन फसली ऋण वितरण कराना सम्भव नहीं होगा। उन्हांेने जिले के समस्त किसानों से अपील हैं कि वे अतिशीघ्र खरीफ ऋण ,2019 के लिए अपना पंजीयन समिति अथवा अधिकृत ई-मित्र केन्द्र पर करवाएं।

भाडखा में नाडी के नवीनीकरण की शुरूआत


बाड़मेर, 12 जून। ग्राम भाडखा की सुथारो की ढाणी में ग्राम बैठक का आयोजन बायफ केयर्न उन्नति परियोजना के अन्तर्गत किया गया। इस दौरान नाडी के नवीनीकरण कार्य की शुरूआत की गई।
इस दौरान केयर्न कम्पनी के सीएसआर मैनेजर भानुप्रताप सिंह ने कहा कि केयर्न की ओर से किसानांे के कल्याणार्थ कई कार्य किए जा रहे है। इसके तहत सुथारांे की ढाणी में पानी की समस्या को देखते हुए नाडी नवीनीकरण के कार्य की शुरूआत की गई है। इसमंे नाडी में से मिटटी खुदाई कार्य किया जा रहा है। उन्हांेने नाडी की उपर की मिटटी का महत्व समझाते हुए कहा कि इसमंे ऊपर की एक से दो फीट की मिटटी उपजाऊ होती है,इसको ग्रामीण अपने खेतो में ले जाकर अधिकाधिक उपयोग करें। इससे फसल का उत्पादन बढ़ने के साथ आमदनी मंे वृद्वि होगी। उन्हांेने कहा कि कम्पनी बायफ संस्था के माध्यम से कार्य कराती हैं। उन्हांेने कहा कि ग्रामीणांे की कार्य संपादित करवाने मंे महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण अपाने अनुभव के आधार पर वर्षा का पानी कहां से जाता है और कहां बहकर निकल जाता है। इनको ध्यान में रखकर नाडी का अच्छा काम करवाएं। सीएसआर प्रभारी अर्णव ने बताया कि नाडी सुधार का कार्य अच्छी तरह से जिम्मेदारी से करवाएं। इससे बारिश का पानी संग्रहित होने के साथ आमजन को खासी सहुलियत होगी। बायफ से परियोजना अधिकारी नगीन पटेल ने किसानो को केयर्न की ओर से संचालित परियोजना के बारे में बताया। उन्हांेने वाडी, खडीन निर्माण, नाडी नवीनीकरण, किसान प्रशिक्षण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना किसानो के लिए आजीविका का अच्छा साधन है। नाडी नवीनीकरण के कार्य मंे गांव के 5 से 7 सदस्यो की जिम्मेदारी तय की गई है। जिसको समय-समय पर जाकर कार्य की निगरानी करनी है। इस दौरान राजस्थान मरूधरा ग्रमीण बैंक भाडखा के मेनेजर एवं बायफ से संकुल प्रभारी विजय कुमार, मेहराब खान हरखा राम, साले मोहम्मद समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



बीएसएफ की पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का आगाज

सीमा सुरक्षा बल के जवानांे को व्यक्तिशःसौंपी जाएगी पौधांे की देखभाल की जिम्मेदारी

बाड़मेर, 12 जून। सीमा सुरक्षा बल सेक्टर मुख्यालय बाड़मेर मंे बुधवार को कार्यवाहक उप महानिरीक्षक शाम कपूर ने पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का आगाज करते हुए पौधारोपण किया। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियांे एवं जवानांे ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सीमा सुरक्षा बल सेक्टर मुख्यालय परिसर मंे कार्यवाहक उप महानिरीक्षक एवं कमांडेंट शाम कपूर, द्वितीय कमान अधिकारी सुमन कुमार एवं उप कमाडेंट एन.के.तिवारी की अगुवाई मंे जवानांे ने सैकड़ांे पौधे लगाए। पौधारोपण कार्यक्रम की शुरूआत कमाडेंट शाम कपूर ने पौधारोपण के साथ की। इस दौरान कपूर ने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण से पर्यावरण को हो रहे खतरनाक प्रभाव से बचाने के लिए बीएसएफ की ओर से वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि बीएसएफ सरहद की हिफाजत करने के देश, समाज एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। इसी कड़ी मंे सेक्टर मुख्यालय मंे पौधारोपण किया गया है। उन्हांेने बताया कि आगामी दिनांे मंे सेक्टर मुख्यालय के साथ बोर्डर एवं बाड़मेर शहर मंे अधिकाधिक पौधे लगाकर बाड़मेर को हरा भरा बनाएंगे। उन्हांेने बताया कि बीएसएफ के जवानांे से पौधारोपण करवाने के साथ उनको व्यक्तिशः देखभाल की जिम्मेदारी दी जाएगी। ताकि वह समय-समय पर उस पौधे की देखभाल कर सके। जवानांे के स्थानांतरण पर संबंधित पौधांे की देखभाल की जिम्मेदारी अन्य जवान को हस्तातंरित की जाएगी। इससे पश्चिमी राजस्थान खुशहाल एवं हरा भरा होगा। पौधारोपण मंे लॉयन्स क्लब के अध्यक्ष रमेश छाजेड़, सुबोध शर्मा, दिनेश लुनिया, शेखर जैन, बंशीधर, ललित छाजेड़ का सक्रिय योगदान रहा। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियांे के साथ सैकड़ांे जवान उपस्थित रहे।

प्रथम चरण मंे होगा 64 बेरियांे का जीर्णोद्वार, 52 लाख की स्वीकृति जारी

बाड़मेर जिला प्रशासन की पहल, बेरियों का होगा जीर्णाेद्वार


बाड़मेर, 12 जून। बाड़मेर जिले की रामसर पंचायत समिति की चार ग्राम पंचायतांे मंे प्रथम चरण के तहत 64 बेरियांे का जीर्णाेद्वार होगा। इसके लिए 52.06 लाख की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने अनूठी पहल करते हुए बेरियांे का सर्वे करवाने के साथ इनके जीर्णाेद्वार की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे।
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि रामसर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सजन का पार मंे 36, बबुगुलेरिया मंे 12, देरासर मंे 1, रामसर मंे 15 बेरियांे के जीर्णाेद्वार के लिए 52.06 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्हांेने बताया कि बाड़मेर जिले मंे जिला कलक्टर के निर्देशानुसार 1790 बेरियांे को चिन्हित किया गया हैं। इसमंे से 432 बेरियांे का इस्तेमाल ग्रामीणांे की ओर से जल स्त्रोत के रूप मंे किया जा रहा हैं।  मनरेगा मंे परंपरागत जलस्त्रोत बेरियांे के जीर्णोद्वार की विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। उन्हांेने बताया कि जीर्णाेद्वार के तहत इन बेरियांे मंे जमा हो चुकी मिटटी यथा गाद निकालने का कार्य करवाया जाएगा। इनके ऊपर बेसमंेट का निर्माण कराने के साथ घिरनी लगाई जाएगी। ताकि ग्रामीणांे को बाल्टी से पानी निकालने मंे सहुलियत हो। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले की शिव, गडरारोड़, सेड़वा, धनाउ समेत कुछ अन्य पंचायत समितियांे के कई गांवांे मंे ग्रामीण पानी के लिए परंपरागत जल स्त्रोतांे बेरियांे पर निर्भर है। आमतौर पर इसमंे भूमिगत जल नहीं होता, लेकिन रिस-रिसकर सेजे का पानी का एकत्रित होता है। इसमंे कई बेरियांे मंे 15 से 20 मटकी तो कुछ मंे इससे अधिक मात्रा मंे पानी उपलब्ध हो जाता है। इसमंे पानी समाप्त होने के 3-4 घंटे बाद वापिस सेजे का पानी रिसकर एकत्रित हो जाता है।

मंगलवार, 11 जून 2019

एन्टोंमोलोजिस्ट सर्विलेन्स की कार्यशाला का आयोजन हुआ: सीएमएचओ

बाड़मेर, 11 जून। स्वास्थ्य भवन बाड़मेर में एन्टोंमोलोजिस्ट सर्विलेन्स की कार्यशाला का आयोजन सीएमएचओ डॉ कमलेश चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। डॉ चौधरी ने बताया की इस कार्यशाला में  प्रशिक्षण डॉ झुन्झाराम चौधरी द्वारा दिया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी मलेरिया निरीक्षक को मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के लार्वा की पहचान किस प्रकार की जाती है तथा इन्हें नष्ट करने का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ चौधरी ने बताया की अतिरिक्त निदेशक (ग्रा.स्वा.) के निर्देशानुसार प्रशिक्षण के पश्चात एन्टोमोलोजिकल सर्विलेन्स की रिपोर्ट प्रतिदिन भिजवाना सुनिश्चित किया जाए। एएमओ कुन्दन मल सोनी ने इस कार्यशाला का संचालन किया। इस बैठक में जिले के सभी मलेरिया निरीक्षक व हेल्थ मेनेजर नरेन्द्र कुमार खत्री उपस्थित रहे।

पशुपालन विभाग ने दी मवेशियांे को गर्मी से बचाने के लिए सलाह

बाड़मेर, 11 जून। बाड़मेर जिले मंे पशुधन को भीषण गर्मी, लू एवं तापमान के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालकों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डा.नारायणसिंह सोलंकी ने बताया कि बाड़मेर जिले मंे गर्मी का प्रभाव तीव्र होने तथा वातावरण के तापमान में निरंतर बढ़ोतरी के साथ-साथ लू के कारण पशुधन की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐेस मंे डिहाइड्रेशन, तापघात, बुखार, दस्त एवं गर्भपात इत्यादि से पशुधन की हानि के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से विभिन्न संक्रामक रोग होने की आशंका है। उन्हांेने बताया कि तापघात से बचाने के लिए पशुओं को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक छायादार स्थान यथा पेड़ों के नीचे अथवा पशु बाड़ों में रखा जाए। उनके मुताबिक पशुबाड़ों में हवा का पर्याप्त प्रवाह हो तथा विचरण के लिए पर्याप्त स्थान की उपलब्धता होनी चाहिए। अत्यधिक गर्मी की स्थिति में विशेषकर संकर जाति एवं उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले पशुओं के बाड़ों के दरवाजों-खिड़कियों पर पाल,टाटी लगाकर दोपहर के समय पानी का छिड़काव कराने से राहत मिलती है। भैसवंशीय पशुओं को शाम के समय नहलाना, तालाब में छोड़ना लाभदायक होता है। पशुओं को दिन में कम से कम दो बार ठण्डा, शुद्ध एवम् पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्हांेने बताया कि पशुआंे को सूखे चारे के साथ-साथ कुछ मात्रा हरे चारे की भी दी जाए, ताकि उनमें कब्जी अथवा अन्य पाचन संबंधित व्याधियां उत्पन्न नहीं हो। भारवाहक पशुओं को यथासम्भव प्रातः एवं सायंकाल में काम में लिया जाए तथा दोपहर के समय इन्हें आराम दिलाना जाए। उन्हांेने बताया कि पशुओं में लू अथवा तापघात के लक्षण तेज बुखार होना, पशु का सुस्त होना, खाना-पीना बन्द कर देना, पशु की श्वसन गति का तेज होना, कभी-कभी नाक से खून बहना, धीरे-धीरे पशु की श्वसन गति कम होना तथा चक्कर खाकर पशु का बेहोश हो जाना है। पशुओं में तापघात की स्थिति होने पर तत्काल उन्हें छायादार स्थान पर रखने के साथ यथाशीघ्र पशु चिकित्सक से उपचार करवाएं। उन्हांेने बताया कि पशु चिकित्सक की सलाह पर आवश्यक रोग प्रतिरोधक टीके लगवाए जाए। अगर पशु चारा खाना बन्द करें अथवा सुस्त-बीमार दिखाई दें तो बिना देरी समीपवर्ती पशु चिकित्सालय से सम्पर्क स्थापित कर परामर्श एवं पर्याप्त उपचार करवाएं।

पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

बाड़मेर, 11 जून। पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी की अध्यक्षता मंे स्वास्थ्य भवन मंे आयोजित हुई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी ने बताया कि बैठक में प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 के तहत पंजीकरण के लिए विभिन्न संस्थाओं से तीन आवेदन प्राप्त हुए। जबकि एक पूर्व में पंजीकृत संस्थान के मालिक की मृत्यु हो जाने के कारण प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 में रजिस्ट्रेशन को स्थाई तौर पर समाप्त करने की अनुशंषा की गई। विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त आवेदनों को पंजीकरण करने के लिए जिला सलाहकार समिति के सदस्यों ने अनुशंषा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. चौधरी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए हर संस्थान को आईईसी,निजी एवं सरकारी अस्पताल में काउंसलिंग के माध्यम से आमजन मंे जागरूकता लाई जाए। उन्हांेने बताया कि प्रबंध निदेशक एनएचएम डॉ समित शर्मा के निर्देशानुसार अब प्रसव पूर्व निदान तकनीक के गलत उपयोग की शिकायत व्हाट्सएप्प नंबर 9799997795 पर की जा सकती है। शिकायत-कर्ता की पहचान गोपनिय रखी जाएगी। इस बैठक में अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ सत्ताराम भाखर ,सहायक अभियोजन निदेशक दिनेश तिवारी ,शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ महेन्द्र चौधरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी मदन बारुपाल,हैल्थ मेनेजर नरेन्द्र कुमार खत्री एवं पीसीपीएनडीटी समन्वयक अजय कुमार कल्याण उपस्थित रहे।


सरपंच संघ ने जताया आभार,आवारा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था का अनुरोध

सरपंच संघ ने बताया कि बाड़मेर जिले मंे पशु शिविर एवं चारा डिपो विधिवत संचालित हो रहे है

बाड़मेर, 11 जून। बाड़मेर जिले मंे पशुधन संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतांे के सहयोग से 248 पशु शिविर एव 412 चारा डिपो संचालित किए जा रहे हैं। इसको लेकर सरपंच संघ ने अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पशुधन संरक्षण के लिए आभार जताते हुए आवारा पशुआंे के लिए चारे की व्यवस्था करवाने का अनुरोध किया।
सरपंच संघ के अध्यक्ष उगमसिंह राणीगांव समेत अन्य सरपंचांे के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन मंे बताया कि बाड़मेर जिले मंे राज्य सरकार के निर्देशानुसार लघु एवं सीमांत कृषकांे के पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था शिविरांे एवं डिपो के माध्यम से की गई है। जिले मंे पशु शिविर एवं चारा डिपो विधिवत तथा सुचारू रूप से संचालित करके पशुधन संरक्षण किया जा रहा है। जिला स्तर से इसकी प्रभावी मोनेटरिंग की जा रही है। ज्ञापन मंे बताया कि आवारा, घुमक्कड़ एवं बिना दूध देने वाले पशु भी चारा डिपो एवं पशु शिविरांे मंे आ रहे है। इनके लिए चारा देने का कोई प्रावधान नहीं होने से दिक्कत हो रही है। ज्ञापन मंे मुख्यमंत्री से इन पशुआंे के लिए चारे की व्यवस्था करवाने संबंधित आदेश करवाने के अनुरोध किया गया। सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू को बताया कि हालांकि व्यवहारिक तौर पर शिविरांे मंे पहुंचने वाले सभी मवेशियांे को अपने स्तर पर जनसहयोग से चारा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है तथा किसी भी गौ वंश को चारे के अभाव में। मरने नहीं दिया जा रहा हैं।अतिरिक्त जिला कलक्टर शर्मा ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि ज्ञापन मंे उल्लेखित मांग के संबंध मंे राज्य सरकार को अवगत कराते हुए आवारा पशुआंे के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्हांेने बताया कि बाड़मेर जिले मंे गाइड लाइन के अनुसार ग्राम पंचायतांे के माध्यम से पशु शिविर एवं चारा डिपो संचालित किए जा रहे हैं। बाड़मेर प्रवास के दौरान विभिन्न मंत्रीगणांे को भी स्थानीय जन प्रतिनिधियांे तथा जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध मंे अवगत कराते हुए एनडीआरएफ नियमांे मंे उल्लेखित प्रावधानांे मंे शिथिलता दिलाने का अनुरोध किया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि बाड़मेर जिले मंे 11 अप्रैल को आपदा राहत प्रबंधन विभाग की ओर से स्वीकृति मिलने के साथ ही अगले दिन ही 250 चारा डिपो प्रारंभ कर दिए गए थे। जहां पर अनुदानित दरांे पर पशुपालकांे को चारा उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा 248 स्थानांे पर पशु शिविर संचालित है। पशुधन संरक्षण के लिए राज्य सरकार के अलावा विभिन्न संस्थाआंे एवं दानदाताआंे का भी अपेक्षित सहयोग मिला है। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने पशु शिविर एवं चारा डिपो सुचारू डिपो से संचालित करने के लिए सरपंच संघ का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अनुरोध किया कि इसको निरंतर जारी करते हुए पशुधन संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास जारी रखे जाए। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल मंे सरपंच संघ अध्यक्ष उगमसिंह राणीगांव, हाथीतला सरपंच मगराज गोदारा,गालाबेरी सरपंच अचलाराम सियोल समेत कई सरपंच शामिल थे।


जिला स्तरीय जन सुनवाई एवं सतर्कता समिति की बैठक 14 को

बाड़मेर,11 जून। आमजन की परिवेदनाआंे की सुनवाई एवं समस्याआंे के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय जन सुनवाई का आयोजन इस माह के द्वितीय शुक्रवार 14 जून को प्रातः 11 बजे से जिला कलक्टर कार्यालय स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र मंे किया जाएगा। 
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिला स्तरीय जन सुनवाई मंे संबंधित अधिकारियांे को उपस्थित होकर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार परिवेदनाआंे एवं समस्याआंे का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक जिला स्तरीय जन सुनवाई के साथ भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आयोजित की जाएगी। 

खरीफ मंे उन्नत तकनीक के उपयोग के विविध पहलूआंे से रूबरू कराया


बाड़मेर, 11 जून। फसल की उत्पादकता को बढ़ाकर किसानों की आय में वद्धि करना एक आवश्यक एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है। कृषि उत्पादन में बढोतरी हुई है, लेकिन इस दिशा मंे काफी काम करने की जरूरत है। कृषि विज्ञान केन्द्र के उद्यानिकी विशेषज्ञ बुद्वाराम मोरवाल ने मंगलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से धारासर गांव मंे आयोजित खरीफ किसान गोष्ठी के दौरान यह बात कही। कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से 25 मई से विभिन्न गांवांे मंे खरीफ किसान गोष्ठी कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इस दौरान उद्यानिकी विशेषज्ञ मोरवाल ने विभिन खरीफ फसलों के उन्नत बीजों के किस्मों की विशेषताआंे के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसानांे को कम बारिश एवं कम समय में पकने वाले किस्मों का चयन करना चाहिए। वैज्ञानिकों की ओर बताई गई उन्नत कृषि तकनीक को अपनाने के साथ समय रहते मानसून पूर्व बीज की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्हांेने कहा कि किसानांे को स्वयं की ओर से उत्पादित फसल में से स्वस्थ पौधों का चयन कर घरेलू बीज तैयार करना चाहिए। ताकि समय रहते बीज की उपलब्धता एवं बाजार में लीज पर होने वाले महंगे खर्च से बचा जा सके। मोरवाल ने उद्यानिकी फसलों एवं सब्जी उत्पादन की जरूरत जताते हुए देशी बेर में कलिकायन के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी। केन्द्र के पशुपालन विशेषज्ञ भैरूलाल डांगी ने गर्मी एवं बारिश के मौसम में पशुओं की देखभाल की जानकारी देते हुए कहा कि पशुओं का समय पर टीकाकरण एवं डीफर्मिग करवाए, ताकि पशुओं को अकाल मौत से बचाया जा सकें। उन्हांेने कहा कि खेत में चारा उत्पादन किया जाए, ताकि पशुओं में पोषक तत्वों की भी कमी नहीं हों। कार्यक्रम सहायक सुनील कुमार ने बताया कि धारासर गांव मंे आयोजित खरीफ किसान गोष्ठी मंे आसपास के गांवों के 45 किसानों ने भाग लिया।

सोमवार, 10 जून 2019

केन्द्रीय राज्य मंत्री चौधरी ने मंदिरांे मंे धोक लगाकर मांगी खुशहाली की मन्नत

बाड़मेर,10 जून। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने सोमवार को बाड़मेर जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न मंदिरांे मंे धोक लगाकर देश मंे खुशहाली की मन्नत मांगी। इस दौरान  चौधरी का विभिन्न स्थानांे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने सोमवार को मनणावास गांव में हीरानंद सरस्वती आश्रम पहुंच कर महंत से आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत चौधरी ने ब्रह्मधाम आसोतरा में ब्रह्मजी के मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना की। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट मंडल की ओर से चौधरी का स्वागत किया गया। बालोतरा प्रवास के दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री चौधरी ने जसोल मंे माता राणी भटियाणी मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की। जसोल ग्राम पंचायत परिसर मंे आयोजित समारोह के दौरान चौधरी का स्वागत किया गया। केन्द्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने नाकोड़ा जैन तीर्थ मंे भगवान नाकोड़ा भैरव, भगवान पार्श्वनाथ, काला एवं गोरा भैरू एवं लूम्बनाथ महाराज के धूणे के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उन्हांेने भैरूजी के मंदिर में तेल चढ़ाने के साथ डमरू की डूगडूगी बजाकर देश मंे खुशहाली की कामना की। इस दौरान नाकोड़ा ट्रस्ट मंडल की ओर से केन्द्रीय मंत्री का स्वागत किया गया।




लोकसभा आम चुनाव को लेकर 24 से 26 अप्रैल तक सूखा दिवस घोषित

बाड़मेर, 26 मार्च। आबकारी विभाग के संयुक्त शासन सचिव के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2024 के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण बाड़मेर व बालोतरा जिले म...