शनिवार, 22 अप्रैल 2023

महंगाई राहत कैंप के दौरान निःशुल्क करवाए पशुधन का बीमा

बाड़मेर, 22 अप्रैल। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आजीविका में भी पशुपालन का अत्यधिक महत्व है, किंतु गत वर्ष देश के कई राज्यों के साथ ही राजस्थान में भी पशुपालकों को लम्पी रोग के प्रकोप का सामना करना पड़ा, जिसमें हजारों गोवंश की मृत्यु हुई थी। इसी के दृष्टिगत बजट घोषणा वर्ष 2023-24 में किसानों तथा पशुपालकों को दुधारू गौ वंशीय पशुधन की अकाल मृत्यु के कारण सम्भावित नुकसान से सुरक्षा मुहैया कराये जाने की दृष्टि से प्रदेश में यूनिवर्सल कवरेज करते हुए प्रत्येक परिवार हेतु दो-दो दुधारू गौ वंशीय पशुओं का अधिकतम 40 हजार रूपये तक प्रति पशु बीमा करने के लिए मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना शुरू की गई है। योजनान्तर्गत राशि रूपये 750 करोड़ का वार्षिक व्यय कर 20 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित किया जायेगा।

जिला पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विनय मोहन खत्री ने बताया कि पशुपालक का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होने के साथ पशुपालक के पास दुधारू गौवंशीय पशु होना आवश्यक है। पशुपालक को राजस्थान राज्य के मूल निवासी होने सम्बन्धी प्रमाण पत्र एवं जनाधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा। योजना के तहत केवल दुधारू गौवंशीय पशुओं का बीमा किया जायेगा । योजना के तहत प्रत्येक परिवार के अधिकतम दो दुधारू गौवंशीय पशुओं पर ही लाभ देय है। दुधारू गौवंशीय पशु का मूल्य निर्धारण दूध उत्पादन के आधार पर अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति पशु होगा। पशु बीमा के लिए निर्धारित पशुधन मूल्य पर 45 प्रतिशत की दर से गणना उपरान्त प्रीमियम राशि पर 18 प्रतिशत की दर से जी.एस.टी. अलग से देय होगा । योजनान्तर्गत 8 लाख रूपये तक की वार्षिक आय वाले पशुपालकों के अधिकतम दो दुधारू गौवंशीय पशुओं के जी.एस.टी. सहित बीमा प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा, अर्थात पशु बीमा निःशुल्क किया जायेगा। 8 लाख रूपये से अधिक की वार्षिक आय वाले पशुपालकों को अधिकतम दो दुधारू गौवंशीय पशुओं का बीमा कराये जाने पर मात्र 200 रूपये प्रति पशु प्रति वर्ष की दर से भुगतान करना होगा। पशु बीमा कराये जाने हेतु आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किये जाने के लिए भारतीय / राजस्थान राज्य पशु चिकित्सा परिषद से पंजीकृत पशु चिकित्सक को 75 रूपये प्रति पशु की दर से मानदेय देय होगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। बीमित पशु की मृत्यु हो जाने की स्थिति में राजकीय सेवा में कार्यरत पशु चिकित्साधिकारी द्वारा शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) कर रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने पर 150 रूपये प्रति पशु की दर से मानदेय देय होगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत केवल दुधारू गौवंशीय पशुओं का बीमा किया जाएगा। जिसमें एक परिवार के अधिकतम दो दुधारू गौवंशीय पशुओं पर बीमा कवर मिलेगा। दुधारू गौवंशीय पशु की मृत्यु पर अधिकतम रू. 40000 प्रति पशु का बीमा कवर दिया जाएगा। आठ लाख रूपये तक की वार्षिक आय वाले पशुपालकों के दुधारू गौवंशीय पशुओं का बीमा निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। आठ लाख रूपये से अधिक की वार्षिक आय वाले पशुपालकों को दुधारू गौवंशीय पशुओं का बीमा कराये जाने पर मात्र 200 रूपयें प्रति पशु की दर से भुगतान करना होगा। इस योजना के तहत 20 लाख पशुपालकों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने महंगाई राहत कैंप के दौरान अधिक से अधिक पशुपालकों को इस कार्यक्रम में आने तथा पंजीयन करवाने की अपील की।
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